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अखिलेश सरकार के 2 साल-काम के भरोसे मैदान जीतने का भरोसा!

उत्कर्ष सिन्हा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार के आज दो बरस पूरे  हो गये। चुनाव आचार संहिता के वजह से जश्न तो नहीं मना मगर पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सरकार के मुखिया अखिलेश यादव अपनी चिर परिचित मुस्कराहट के साथ मौजूद थे। उनकी बातों में उनका आत्मविश्वास झलक रहा था।
लोकसभा चुनावों में अखिलेश को स्वयं द्वारा किये गये कामों का भरोसा है। उन्हें लगता है कि उनकी सरकार की आलोचना करने वाले भी उनके कामो को सराहेंगे।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सपा को सूबे में सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी। अखिलेश ने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र के अधिकांश कामों को दो वर्ष में ही पूरा कर लिया है। यही काम हमको लोकसभा चुनाव में प्रदेश में सर्वाधिक सीट दिलाएंगे। हमारा घोषणा पत्र तो पांच वर्ष के लिये बना है, लेकिन हमने इसके अधिकांश काम को दो वर्ष में ही पूरा कर लिया है। सरकार की यही योजनाएं हमको जनता में लोकप्रिय बना रही हैं। लखनऊ में मेट्रो पर उनका फोकस है और लक्ष्य है कि वे इस काम को भी समय से पहले पूरा कर लें। उन्होंने कहा कि हमने आइटी पार्क के लिये जमीन प्रदान कर युवाओं के लिये रोजगार के अवसर खोले हैं। सरकार जनता से जुड़ी सभी योजनाओं को प्राथमिकता से पूरी कर रही है।
अखिलेश की सरकार इन दो सालों में कई तूफ़ानो से गुजरी है। कुंडा से ले कर मुजफ्फरनगर तक के कई घाव इस सरकार के बदन पर हैं।  बीच-बीच में पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह की नसीहतें भी मीडिया की सुर्खिया बनती रही हैं। मगर इन तूफ़ानों के बीच भी अखिलेश ने विकास की योजनाओं से अपना फोकस नहीं हटाया। युवा समाजवादी चिंतक योगेश यादव कहते हैं कि अखिलेश जी की योजनाओ से प्रदेश की दिशा बदलेगी मगर इसका असली चेहरा अगले दो सालो में दिखेगा। अभी विकास की बुनियाद पड़ रही है और इसकी इमारत आने वाले दिनों में दिखेगी।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ शफ़ीक़ अहमद कहते हैं कि दरअसल अखिलेश यादव ने अपना फोकस अगले विधान सभा चुनावों पर केंद्रित कर रखा है। लोकसभा का चुनाव मुलायम सिंह के निर्देशों पर हो रहा है और प्रदेश में होने वाली सांप्रदायिक घटनायें इस चुनाव के बाद थमेंगी। इनसे अखिलेश सरकार अपने रंग में दिखायी देगी और फिर आने वाले विधान सभा चुनावो में ही अखिलेश का एसिड टेस्ट होगा।
मीडिया से बात करते समय अखिलेश यादव ने टीवी चैनलों पर दिखाये जा रहे चुनावी सर्वे को हवा में उड़ा दिया। उन्होंने कहा ऐसे सर्वे के बारे में हम आप सब बहुत अच्छी तरह जानते हैं, उनकी पार्टी सर्वे के आधार पर चुनावी हार जीत का आकलन नहीं करती है और यह लडाई बूथों पर होती है। कुछ चैनलों द्वारा चुनावी सर्वे में समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में 13 या 15 सीटे मिलने की संभावनाएं जतायी हैं, पर मुख्यमंत्री का कहना है कि सर्वे में इटावा, कन्नौज, मैनपुरी जैसे कई जनपदों को शामिल ही नहीं है तो सर्वे सच कैसे माने जा सकते हैं और सर्वे के सैम्पल कैसे लिये जाते हैं यह भी सब जानते हैं।
बहरहाल, अखिलेश की इस मुस्कराहट और आत्मविश्वास की परीक्षा का रिजल्ट तो प्रदेश के मतदाता ही देंगे।
जनादेश न्यूज़ नेटवर्क

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