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“अराजक” ऑपरेशन चुनाव शुरू आप का

शेष नारायण सिंह

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविन्द केजरीवाल ने प्लान बी पर काम करना शुरू कर दिया है। मिशन लोकसभा 2014 के तहत उनको उम्मीद थी कि जब वे काँग्रेस के नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करेंगे तो काँग्रेस उनकी सरकार से समर्थन वापस ले लेगी और वे लोकसभा चुनावों के लिये शहीद मुद्रा में आ जायेंगे लेकिन सारे घटनाक्रम के बावजूद काँग्रेस ने समर्थन वापस नहीं लिया तो आज वे गृहमन्त्री के दफ्तर की तरफ चल पड़े और मीडिया के पूरे कवरेज के साथ धरने पर बैठ गये।

अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली में संसद के पास रेल भवन के सामने धरने पर बैठे हैं, उन्होंने अपने आपको अराजकतावादी कहा है और ईमानदार पुलिस वालों से अपील की है कि वे एक दिन की छुट्टी ले लें और उनके साथ धरने में शामिल हों। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सरकार को बर्खास्त करवाने की पूरी कोशिश शुरू कर दिया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री का यह धरना पूरी तैयारी के साथ शुरू हुआ है, शहरों में उनकी मौजूदगी साबित हो चुकी है और अब गाँवों के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिये उन्होंने मुद्दे के रूप पुलिस को चुना है। पिछले हफ्ते जिस खूबी से भाजपा और काँग्रेस के बड़े नेताओं ने लोकसभा चुनाव 2014 के लिये अपनी योजना बताई थी और अपने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया था, उसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि झाडू वाली पार्टी भी कुछ करेगी, इस पार्टी के पास कार्यकर्ता नहीं हैं, इनकी सारी ताकत वालंटियरों के सहारे चलती है, इसलिए इनको कोई ऐसा मुद्दा चुनना था जो भारत के गाँवों में भी बहुत ही लोकप्रिय लगता, दिल्ली में रहने वालों को अंदाज नहीं है, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, आदि राज्यों में जनता पुलिस से कितना घबराती है, पुलिस और आतंक में चोली दामन का साथ होता है, हर पार्टी का मुकामी नेता किस तरह से पुलिस का इस्तेमाल अपना दबदबा बनाने के लिये करता है और किस तरह से वह जमीन आदि पर कब्जा करने के लिये पुलिस का इस्तेमाल कारता है, अरविन्द केजरीवाल की टीम को मालूम है कि अगर प्रभावी तरीके से यह साबित कर दिया जाये कि आम आदमी पार्टी पुलिस के आतंक को रोक सकती है तो ग्रामीण इलाकों में उनको बड़ा समर्थन मिल जायेगा। आज का धरना झाडू वाली पार्टी के नेताओं ने पुलिस की मनमानी के खिलाफ जनता को लामबंद करने के लिये डिजाइन किया है।

आम आदमी पार्टी के नेता, योगेन्द्र यादव और संजय सिंह ने एक प्रेस काँफ्रेंन्स करके इस बात का ऐलान किया कि पुलिस को वे बाकायदा  निशाने पर लेंगे और पूरे देश में आम आदमी को पुलिस के जोर जबरदस्ती के राज से छूट दिलायेंगे, इस बीच धरने के दौरान ही दिल्ली विधानसभा के एक विधायक की पुलिस के हाथों हुयी पिटाई की खबर को अरविन्द केजरीवाल ने अपने टि्वटर पर डाला है और यह सन्देश देने की कोशिश की है कि वे पुलिस ज्यादती के खिलाफ आन्दोलन के लिये किसी भी हद तक जा सकते हैं। बहरहाल इस बात में दो राय नहीं है कि अरविन्द केजरीवाल अब अपनी पार्टी के अभियान को गाँवों में ले जाने के लिये पुलिस के आतंक के खिलाफ माहौल बनाने के लिये कुछ भी कर सकते हैं।

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