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“आजमगढ़” को “आतंकवाद का अड्डा” कहने पर अमित शाह के खिलाफ रिहाई मंच ने चुनाव आयोग से की शिकायत

फर्जी मुठभेड़ मामले में जमानत पर रिहा अमित शाह के आपराधिक गतिविधियों का संज्ञान लेते हुए उनकी जमानत रद्द करे माननीय न्यायालय- रिहाई मंच
लखनऊ, 5 मई 2014। रिहाई मंच ने मुख्य चुनाव आयुक्त से भाजपा नेता अमित शाह द्वारा आजमगढ़ को आतंकवाद का अड्डा कहने पर शिकायत करते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

रिहाई मंच के प्रवक्ता राजीव यादव द्वारा चुनाव आयोग को भेजी शिकायत में कहा है ‘भाजपा नेता अमित शाह द्वारा आजमगढ़ को आतंकवाद का अड्डा वाले भाषण को सुनकर मैं स्तब्ध रह गया और मेरी भावनाओं को इससे गहरी चोट पहुंची। आजमगढ़ की छवि आतंकवाद के अड्डे के बतौर जिस तरह से भाजपा नेता ने प्रचारित किया है, उससे जनपद की छवि खराब हुई है और लोगों में भय व्याप्त हो गया है। जिससे आजमगढ़ जनपद और उसके बाहर रह रहे आजमगढ़ के लोगों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है कि ऐसे दुष्प्रचार करने वाली भाजपा और उसके आनुषांगिक संगठन के लोग उन पर हमला कर सकते हैं। अमित शाह का यह भाषण न केवल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है बल्कि अंर्तगत धारा 153 ए और धारा 125 लोक प्रतिनिधित्व कानून के अंर्तगत एक दंडनीय अपराध है’।

रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने कहा कि जमानत पर रिहा चल रहे गुजरात के सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले के आरोपी भाजपा नेता अमित शाह द्वारा आजमगढ़ को आतंकवाद का अड्डा कहा जाना एक खतरनाक साजिश है। जिस तरह 2002 में गुजरात और 2013 में अमित शाह के यूपी के भाजपा प्रभारी बनने के बाद भाजपा नेता संगीत सोम समेत विभिन्न नेताओं ने मुजफ्फरनगर व आस-पास के जनपदों में सांप्रदायिक हिंसा करवाई वैसे ही मानवता विरोधी षडयंत्र को वह अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में दोहराने की फिराक में हैं। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ का नाम आतंकवाद से जोड़ने वाली भाजपा को खुद पर नजर डालनी चाहिए कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर ऐसे तमाम नेता हैं जिनके आतंकवाद के आरेाप में बंद प्रज्ञा ठाकुर, असीमानंद के साथ फोटो मीडिया के जरिए सामने आ चुके हैं।

आजमगढ़ रिहाई मंच के प्रभारी मसीहुद्दीन संजरी ने कहा कि जमानत पर रिहा भाजपा नेता अमित शाह जिस तरह से लगातार पूरे चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषड़ दे रहे हैं, ऐसे में माननीय न्यायालय को उनकी जमानत खारिज कर जेल की सीखचों के पीछे भेज देना चाहिए, जिसके वह हकदार है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अमित शाह और उनके हाई कमान नरेन्द्र मोदी को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनका राज्य एक ऐसा राज्य है जहां दर्जनों आईपीएस बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों जिनकी उन्होंने मोदी पर हमले के नाम हत्या करवा दी थी, वह जेल की सैर कर रहे हैं और खुद अमित शाह भी सैर कर चुके हैं। अमित शाह शायद उनके साथ भाजपा मंत्रिमंडल में रह चुकी माया कोडनानी और बाबू बजरंगी को भूल गए हैं, जिनपर 2002 में गुजरात में जनसंहार का आरोप साबित हो चुका है, और यह सभी भाजपा से जुड़े हैं। ऐसे में गुजरात की जेलों में भाजपा नेताओं और उनके सिपहसलार वंजरा, सिंघल, नरेन्दर अमीन, पीसी पाण्डे और अभय चुड़ारूस्मा जैसे आईपीएस अधिकारियों की भीड़ साफ कर देती है कि आतंकवाद कहां है और उनके मुजरिम कौन हैं।

रिहाई मंच नेता हरे राम मिश्र और गुफरान सिद्दीकी ने कहा कि जिस तरीके से फैजाबाद में भाजपा ने चुनावी रैली में भगवान श्री राम के चित्र का इस्तेमाल कर वोट मांग रहे हैं, उससे साबित हो जाता है कि भाजपा अपने सांप्रदायिक एजेंडे को पूरा करने के लिए धर्म का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि अवध की साझी शहादत और साझी विरासत की फैजाबाद नगरी को फिर से भाजपा महज वोटों के लिए बलि देना चाहती है। भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह जिनके समर्थन में नरेन्द्र मोदी फैजाबाद आए थे वो खुद बाबरी मस्जिद विध्वंस के गुनहगारों में शामिल हैं। उन्होंने फैजाबाद जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने किस आधार पर भगवान श्री राम और भाजपा के प्रस्तावित राम मंदिर का चित्र भाजपा के मंच पर लगाने की अनुमति दी, जबकि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में तत्काल जिला निर्वाचन अधिकारी को निलंबित किया जाए।

रिहाई मंच प्रवक्ताओं ने बताया कि घोसी लोकसभा क्षेत्र से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्याशी अतुल कुमार अंजान के समर्थन में रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुएब ने रौजा, मुदनपुरा, श्याम मार्केट, सदर चैक, नियाज मोहम्मदपुरा और कोपागंज इलाके में दौरा किया। उनके साथ दौरे में अनिल आजमी, हाफिज इरशाद, पूर्व सभासद इकबाल हिंद, मौलवी मुनीर, मास्टर जियाउर्रहमान, मास्टर सेराज, प्रवीण सिंह, फिरोज अहमद और अनीस अहमद शामिल रहे।
रिहाई मंच द्वारा चुनाव आयोग को भेजी गई शिकायत निम्नवत् है
रजिस्टर्ड

 

प्रति,                                                                                                                                                  दिनांक- 05.05.2014

मुख्य चुनाव आयुक्त भारत

निवार्चन सदन

अशोक रोड, नई दिल्ली।

विषय- भाजपा नेता अमित शाह द्वारा आजमगढ़ को आतंकवाद का अड्डा कहने पर आहत हुई भावनाओं पर शिकायत दर्ज कराए जाने के संदर्भ में।

महोदय,

निवेदन करना है कि दिनांक 04 मई 2014 को, प्रार्थी एनडीटीवी का इंटरनेट संस्करण देख रहा था जिस पर भाजपा नेता अमित शाह को यह कहते हुए दिखाया गया है कि आजमगढ़ आतंकवाद का अड्डा है। जो अंग्रेजी मे’ Watch: Azamgarh a ‘Base of Terrorists’, Says Modi Aide Amit Shah.  लिखा है। उक्त वेबसाइट का वेब लिंक निम्नलिखित है- http://www.ndtv.com/video/player/news/watch-azamgarh-a-base-of-terrorists-says-modi-aide-amit-shah/319944?curl=1399288396 । सोलहवीं लोकसभा की चुनावी रैली में पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिए गए इस भाषण के अंश बेवसाइट पर मौजूद हैं। चूंकि मैं आजमगढ़ का निवासी हूं, भाजपा नेता अमित शाह द्वारा आजमगढ़ को आतंकवाद का अड्डा (ठंेम व िज्मततवतपेउ) वाले भाषण को सुनकर मैं स्तब्ध रह गया और मेरी भावनाओं को इससे गहरी चोट पहंुची। आजमगढ़ की छवि आतंकवाद के अड्डे के बतौर जिस तरह से भाजपा नेता ने प्रचारित किया है, उससे जनपद की छवि खराब हुई है और लोगों में भय व्याप्त हो गया है। जिससे आजमगढ़ जनपद और उसके बाहर रह रहे आजमगढ़ के लोगों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है कि ऐसे दुष्प्रचार करने वाली भाजपा और उसके आनुषांगिक संगठन के लोग उन पर हमला कर सकते हैं। अमित शाह का यह भाषण न केवल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है बल्कि अंर्तगत धारा 153 ए और धारा 125 लोक प्रतिनिधित्व कानून के अंर्तगत एक दंडनीय अपराध है। प्रार्थी जहां कहीं भी गया वहां उसने आजमगढ़ के लोगों को श्री शाह के उक्त भाषण पर अपनी भावनाएं आहत होने के कारण रोष पूर्वक बातें करते हुए सुना। श्री अमित शाह के इस भाषण का वीडियो एनडीटीवी चैनल द्वारा लगातार दिखाया गया है जिसे साक्ष्य के रूप में उक्त चैनल से हासिल किया जा सकता है। अतः आपसे आग्रह है कि इस संबंध में सुसंगत धाराओं के अंर्तगत मुकदमा दर्ज कराने का आदेश देने की कृपा करें।

प्रार्थी

राजीव कुमार यादव

प्रवक्ता रिहाई मंच

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