Home » आजमगढ़ में मुलायम की धूम

आजमगढ़ में मुलायम की धूम

भाजपा उम्मीदवार रमाकांत यादव कई सहयोगी सपा नेताओं के संपर्क में
राधे कृष्ण
आजमगढ़, 20 मार्च। जिले के किसी भी गांव, कस्बे या बाजार में आप चले जाइए, चारों तरफ सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की धूम है। पूरा आजमगढ़ मुलायममय हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में देश भर में अपनी लहर होने की बात कह रही है लेकिन यहां स्थिति ठीक इसके उलट है। मुलायम सिंह यादव की उम्मीदवारी के ऐलान के बाद जिले में भारतीय जनता पार्टी में भगदड़ मच गयी है। भाजपा के कई नेता पार्टी से नाता तोड़कर सपा का दामन थाम चुके हैं। वैसे तो यहां पर मतदान छठे चरण में 12 मई को होना है लेकिन नतीजे का अनुमान आप आज ही बहुत आसानी से लगा सकते हैं। आजमगढ़ की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर को देखकर साफ-साफ कहा जा सकता है कि यहां पर मुलायम सिंह यादव के पक्ष में एकतरफा चुनाव होगा।
सपा प्रमुख की आजमगढ़ से उम्मीदवारी का ऐलान हुए महज तीन दिन हुए हैं लेकिन इन तीन दिनों में पूरी राजनीतिक फिजां बदल गयी है। चुनाव में मुलायम सिंह यादव के मुकाबले दूसरी पार्टियों के उम्मीदवार दूर-दूर तक कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार रमाकांत यादव अपने कुछ समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं लेकिन अब पहले जैसी बात नहीं है। खबर है कि रमाकांत यादव के कई सहयोगी समाजवादी पार्टी के नेताओं के सम्पर्क में हैं और जल्द ही सपा में शामिल हो जाएंगे।

आप किसी से भी बात कीजिए तो उसका यही कहना होता है कि जिले के विकास के लिए मुलायम सिंह यादव को यहां से चुनाव जीतना चाहिए। ऐतिहासिक शिबली नेशनल कॉलेज की छात्रा हुमा खान से लोकसभा चुनाव को लेकर सवाल करने पर बिना किसी लाग-लपेट के उनका जवाब होता है कि हमारे लिए तो यह बहुत फख़्र की बात है कि मुलायम सिंह यादव यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। मुलायम सिंह यादव देश के बड़े नेता हैं। अगर वे यहां से सांसद बनेंगे तो आजमगढ़ का विकास होगा। हमारा जिला विकास के मामले में बहुत पिछड़ा हुआ है। मुलायम सिंह ने इटावा, मैनपुरी और कन्नौज में विकास के बहुत काम करवाए हैं। आपको हमारे जिले में विकास के जो भी काम दिखाई दे रहे हैं उनमें से ज्यादातर मुलायम सिंह यादव ने करवाए हैं। इसके साथ ही वह शिकायत भी करती हैं कि शिबली नेशनल कॉलेज आजमगढ़ ही नहीं बल्कि पूर्वांचल की पहचान है। लेकिन किसी ने भी शिबली नेशनल कॉलेज की हालत पर कोई ध्यान नहीं दिया। हम चाहते हैं कि हमारा कॉलेज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तरह यूनिवर्सिटी बने। चलते-चलते वह कहती हैं कि हम जानते हैं कि अगर मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ से सांसद बने तो शिबली नेशनल कॉलेज यूनिवर्सिटी बन जाएगा।

सिबली नेशनल कॉलेज के छात्र आबिद खान कहते हैं, समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अल्पसंख्यकों के हित में बहुत काम किए हैं। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे मुलायम सिंह यादव के पक्ष में खड़े हों। आजमगढ़ के लोग बहुत मेहनती होते हैं, लेकिन यहां कोई रोजगार और उद्योग-धंधे न होने के चलते वे मुंबई और दूसरे शहरों की ओर चले जाते हैं। पिछले कुछ सालों में आजमगढ़ पर कई बदनुमा दाग लगे हैं। यह हम लोगों के लिए बहुत दुखद है। मुझे लगता है कि मुलायम सिंह के यहां से सांसद बनने के बाद आजमगढ़ के नाम पर जो दाग लगे हैं, वे धुलेंगे।

शिबली नेशनल कॉलेज के एक अन्य छात्र रेहान से बात होने पर वे कहते हैं, आजमगढ़ के लोगों के सामने इस बार लोकसभा चुनाव में एक बहुत बड़ा मौका है। मुझे नहीं लगता कि लोग इस मौके को खाली जाने देंगे। मुलायम सिंह यादव यहां से सांसद बनेंगे तो निश्चित रूप से जिले का विकास होगा। आजमगढ़ में चारों तरफ आपको समस्याएं ही मिलेंगी। यहां के विकास के लिए कोई काम नहीं हुआ है। शहर की सड़कें टूटी-फूटी हैं, बिजली, पानी और सीवर की समस्या बहुत गंभीर हो चुकी है लेकिन इनकी तरफ देखने के लिए किसी के पास फुर्सत नहीं है।

शिबली नेशनल कॉलेज के प्रिंसिपल अफसर अली से उनके दफ्तर में मुलाकात होती है। वे राजनीति पर बातें करने से मना कर देते हैं। जब उनको बताता हूं कि आपके कॉलेज के कुछ छात्र-छात्राओं की यह मांग है कि इस कॉलेज को यूनिवर्सिटी बनाया जाए और साथ ही नया कैम्पस खोला जाए तो वे कहते हैं कि बिल्कुल…सिबली नेशनल कॉलेज को यूनिवर्सिटी बनाया जाना चाहिए। और यह काम कोई बड़े दिलवाला ही कर सकता है। जब उनसे यह पूछा जाता है कि बड़े दिलवाले से क्या उनका आशय मुलायम सिंह यादव से है तो कोई जवाब देने के बजाय कहते हैं कि आप समझदार हैं। मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है।

प्रिंसिपल के साथ हमारी बातचीत जारी रहती है तभी सपा के आजमगढ़ जिलाध्यक्ष हवलदार यादव वहां आ जाते हैं। सपा ने पहले हवलदार यादव को टिकट दिया था, अब उनकी जगह पर मुलायम सिंह यादव चुनाव मैदान में हैं। हवलदार यादव कहते हैं कि यह आजमगढ़ के लोगों का सौभाग्य है कि यहां से मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ रहे हैं। मुलायम सिंह के मुकाबले में दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा है। नेताजी की उम्मीदवारी का ऐलान होने के बाद आजमगढ़ के विकास के लिए भाजपा समेत कई दलों के राजनेता सपा में लगातार शामिल हो रहे हैं। राम दर्शन यादव, बब्बन राजभर और कल्पनाथ नेताजी के सम्मान में सपा में आए हैं। कुछ और लोग भी जल्द ही समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे।

हवलदार यादव से जब आजमगढ़ के पिछड़ेपन के बारे में पूछा जाता है तो वह सारा दोष सूबे की पिछली मायावती सरकार पर डाल देते हैं। वे कहते हैं, आजमगढ़ में आपको विकास के जो भी काम दिखाई दे रहे हैं वे सब नेताजी की सरकार के शासनकाल में हुए थे। हमने आजमगढ़ के विकास के लिए कई योजनाओं का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा है। चुनाव के बाद इन विकास योजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा।
जनादेश न्यूज़ नेटवर्क

About हस्तक्षेप

Check Also

भारत में 25 साल में दोगुने हो गए पक्षाघात और दिल की बीमारियों के मरीज

25 वर्षों में 50 फीसदी बढ़ गईं पक्षाघात और दिल की बीमांरियां. कुल मौतों में से 17.8 प्रतिशत हृदय रोग और 7.1 प्रतिशत पक्षाघात के कारण. Cardiovascular diseases, paralysis, heart beams, heart disease,

Bharatendu Harishchandra

अपने समय से बहुत ही आगे थे भारतेंदु, साहित्य में भी और राजनीतिक विचार में भी

विशेष आलेख गुलामी की पीड़ा : भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रासंगिकता मनोज कुमार झा/वीणा भाटिया “आवहु …

राष्ट्रीय संस्थाओं पर कब्जा: चिंतन प्रक्रिया पर हावी होने की साजिश

राष्ट्रीय संस्थाओं पर कब्जा : चिंतन प्रक्रिया पर हावी होने की साजिश Occupy national institutions : …

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

अच्छे नहीं, अंधेरे दिनों की आहट

मोदी सरकार के सत्ता में आते ही संघ परिवार बड़ी मुस्तैदी से अपने उन एजेंडों के साथ सामने आ रहा है, जो काफी विवादित रहे हैं, इनका सम्बन्ध इतिहास, संस्कृति, नृतत्वशास्त्र, धर्मनिरपेक्षता तथा अकादमिक जगत में खास विचारधारा से लैस लोगों की तैनाती से है।

National News

ऐसे हुई पहाड़ की एक नदी की मौत

शिप्रा नदी : पहाड़ के परम्परागत जलस्रोत ख़त्म हो रहे हैं और जंगल की कटाई के साथ अंधाधुंध निर्माण इसकी बड़ी वजह है। इस वजह से छोटी नदियों पर खतरा मंडरा रहा है।

Ganga

गंगा-एक कारपोरेट एजेंडा

जल वस्तु है, तो फिर गंगा मां कैसे हो सकती है ? गंगा रही होगी कभी स्वर्ग में ले जाने वाली धारा, साझी संस्कृति, अस्मिता और समृद्धि की प्रतीक, भारतीय पानी-पर्यावरण की नियंता, मां, वगैरह, वगैरह। ये शब्द अब पुराने पड़ चुके। गंगा, अब सिर्फ बिजली पैदा करने और पानी सेवा उद्योग का कच्चा माल है। मैला ढोने वाली मालगाड़ी है। कॉमन कमोडिटी मात्र !!

Entertainment news

Veda BF (वेडा बीएफ) पूर्ण वीडियो | Prem Kahani – Full Video

प्रेम कहानी - पूर्ण वीडियो | वेदा BF | अल्ताफ शेख, सोनम कांबले, तनवीर पटेल और दत्ता धर्मे. Prem Kahani - Full Video | Veda BF | Altaf Shaikh, Sonam Kamble, Tanveer Patel & Datta Dharme

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: