Home » समाचार » आज ही तय हो जाएगा बंगाल का नया रंग, इसीलिए व्यापक हिंसा!

आज ही तय हो जाएगा बंगाल का नया रंग, इसीलिए व्यापक हिंसा!

दो बज गये हैं और जो होना था,  हो चुका है।
अनुब्रत के इंतजाम मुताबिक जो होना है, दस बजे तक हो गया वरना उत्तर बंगाल में 78 सीटों में 7 या 8 सीटों से ज्यादा दीदी के खाते में जाने के आसार नहीं!
सत्ता पक्ष में खलबली और वोट लुटेरों का कच्चा चिट्ठा खोल दिया रेज्जाक मोल्ला ने कैसे चुनाव आयोग और केंद्रीयवाहिनी को जेब में रखकर बंगाल जीतने का इंतजाम है
और कितना भयंकर है वोट लुटेरों का गिरोह, भूतों का नाच!
वाम कांग्रेस के हक में बीरभूम के बाहर सत्तर फीसद तक मतदान का अंदेशा,
एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
कोलकाता (हस्तक्षेप)। आज ही तय हो जाएगा बंगाल का नया रंग, इसीलिए व्यापक हिंसा दूसरे चरण के मतदान में अपरिहार्य है। कांटे की टक्कर में वाम कांग्रेस तृणमूल पर भारी है तो दीदी के लिए सबसे बड़ा सरदर्द अब संघ परिवार है। बेदखली के खतरे से जूझ रही सत्ता के लिए इकलौता द्वीप बीरभूम है, जहां सिपाहसालार नजर बंद हैं लेकिन ढाक के बोल पर चमड़ी उतर जाने की चेतावनी है और घरों में सफेद थान भेजे जा रहे हैं हुक्मउदुली रोकने के लिए।
हालात के मुताबिक अनुब्रत के इंतजाम मुताबिक जो होना है, दस बजे तक हो गया वरना उत्तर बंगाल में 78 सीटों में 7 या 8 सीटों से ज्यादा दीदी के खाते में जाने के आसार कतई नहीं है। सत्तापक्ष की जीत की जिद इसलिए हिंसक है कि इस चरण के चिन्ह जब दक्षिण बंगाल में संक्रमित होगें तो कितना अटूट रहेगा उनका किला, अभी से कहना मु्शिकल है। पूर्व वाममंत्री रेज्जाक मोल्ला ने वोटलुटेरों गिरोह का गोरखधंधा खुल्ला बताकर दीदी की मुश्किवलें और बढ़ा दी हैं।
रेज्जाक ने बीरभूम में अनुब्रत, मनिरुल इस्लाम के अलावा उत्तर 24 परगना में अपने चुनाव क्षेत्र में उनके लिए भयंकर प्रतिद्वंद्वी अराबुल इस्लाम की वोट मशीनरी का खुलासा कर दिया है।
आनंद बाजार में उनकी कथा व्यथा आज ही छपी है जिसमें उनने कहा है कि भयंकर लोगों के भरोसे हैं दीदी की सत्ता। चुनाव आयोग और केंद्रीय वाहिनी को जेब में डालकर वोट लूटने की पूरी तैयारी है।
वाम पक्ष छोड़कर दीदी के टिकट पर भांगड़ में दोबारा रास्ता बना रहे रेज्जाक के मुकाबले दीदी के खास सिपाहसालार अराबुल तैनात हैं और चक्रव्यूह में फंसे रेज्जाक सरे हाट कच्चा चिठ्ठा खोलकर बैठ गये हैं। यह दीदी के लिए नया सरदर्द है। अब अगर अनुब्रत का मिशन फेल हो गया और भूतों का आंगन ही टेढ़ा हो गया तो कोलकाता के भरोसे नबान्न में दखलदारी असंभव है।
इसलिए सारा दारोमदार है बीरभूम पर। वहीं तय होना है आज कि बंगाल के कुरुक्षेत्र में आखिर वीरगति किसकी हो रही है।
अनुब्रत के इंतजाम मुताबिक जो होना है, दस बजे तक हो गया वरना उत्तर बंगाल में 78 सीटों में 7 या 8 सीटों से ज्यादा दीदी के खाते में जाने के आसार नहीं हैं कतई।
बीरभूम में दुर्गा पूजा के मौके पर शारदोत्सव के मौसम में जो ढाक के बोल पर धुनुची नाचते हैं श्रद्धालु, इस लू से दहतकती लाल माटी के देस बीरभूम में वसंती पूजा के मौके का फायदा उठाते हुए भोर तड़के से वे ही मीठे बोल हुक्म उदुली करने पर वोटरों के खाल उधेड़ने का संदेश जारी कर रहे हैं
चुनाव आयोग के फतवे की धज्जियां उड़ाते हुए नजरबंदी का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन करते हुए खासमखास सिपाहसालार चुनाव आयोग को समर्पित गीत हेथाय तोरे मानाइछे ना गाते हुए बाकायदा मजिस्ट्रेट और केंद्रीयवाहिनी के काफिले के साथ बोलपुर में ही समीमाबद्ध हो जाने का आदेश लागू करने से पहले सभी ग्यारह सीटों पर फतह का पुख्ता इंतजाम कर आये।
उनका बहुचर्चित गुड़ जल का मतलब है कि पहले प्यार से मीठा मीठा समझाओ। समझें तो बेहतर वरना फिर जल का इंतजाम यानी दहशत ऐसा फैलाओ कि हग मूत दें, लेकिन बूथ पर जायें तो वोट सही जगह दें वरना उधर रुख ही न करें।
अनुब्रत के दस सर आजाद हैं और उन्हें सिहासालार की चेतावनी है कि लीड चाहिए। सारी सीटें चाहिए। सरकार तृणमूल की ही बनेगी। सीट बनी रही तो थाना पुलिस आईन कानून बिजनेस सिंडिकेड सब बहाल रहेंगे, साड्ढे नाल मौज करोगे वरना समझ जाओ।
इसी तर्ज पर दीदी ने खुद सूर्यकांत मिश्र के चुनाव क्षेत्र में फतवा जारी किया था कि हर हाल में सूर्यकांत को हराओ, सूर्यकांत को हराओगे तो जो चाहोगे वैसा ही मिलेगा।
बताया जाता है कि अनुब्रत का अंतिम हथियार है बतासा यानी जो विपक्ष में हो, उसे बम मारकर उड़ा दो। रास्ते में जो आये, उसे बम से उड़ा दो। वैनिश करदेने का मतलब यही है।
बीरभूम में लगातार सत्ता वर्चचस्व का राज यही है।
बीरभूम में नजरबंद हो जाने से पहले भूत ब्रिगेड को सिपाहसालार का फतवा है, सुबह दस बजे तक जीत तय हो जानी चाहिए। जो करना है, वह सुबह दस बजे के बीतर कर दो। अनुब्रत बूथों पर निशाना साधे नहीं हैं, वहां तो परिंदा भी पर ना मार सकें, ऐसा उनका इंतजाम है और केंद्रीय वाहिनी उन्हीं बूथों की रखवाली कर रहे हैं।
बताया जाता है अनुब्रत के दसों सिर वोटरों की रखवाली कर रहे हैं। उनके घरों, खेतो और खलिहानों और आवाजाही उनके नजरबंद हैं भले ही वे खुद नजरबंदी हैं।
वाम कांग्रेस को पहले ही चुनाव आयोग के इंतजामात पर भरोसा न था, हालात देख संघ परिवार में भी खलबली मची है और भाजपा के नेता कोलकाता और नई दिल्ली में सुबह से ही त्राहिमाम कर रहे हैं।
दो बज गये हैं और जो होना था,  हो चुका है।
बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में रविवार को 56 सीटों पर बंपर वोटिंग चल रही है,  लेकिन बंगाल में कई जगह हिंसा की खबरें भी आई हैं। बीरभूम में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में झड़प होने से 8 लोग घायल हो गए तो मालदा में सीपीएम और टीएमसी कार्यकर्ता भिड़ गए. मालदा में चुनावी हिंसा में 7 लोग घायल हुए हैं। बंगाल में अलीपुर द्वार,  जलपाईगुड़ी,  दार्जिलिंग,  उत्तर दिनाजपुर,  दक्षिण दिनाजपुर,  मालदा और बीरभूम में मतदान शुरू हो गया। कुल 56 विधानसभाओं के लिए वोटिंग चल रही है।

55.94 % voter turnout recorded till 1pm in second phase of #westbengalpolls
— ANI (@ANI_news) April 17, 2016

Trinamool Congress leader Anubrata Mondal casts his vote in Birbhum for second phase #WestBengalpolls pic.twitter.com/KGpswb90rr

— ANI (@ANI_news) April 17, 2016

#WATCH: Clash between CPI(M) and TMC workers outside a polling booth in West Bengal’s Malda, two injuredhttps://t.co/KyVPBgtvMY
— ANI (@ANI_news) April 17, 2016

About हस्तक्षेप

Check Also

media

82 हजार अखबार व 300 चैनल फिर भी मीडिया से दलित गायब!

मीडिया के लिये भी बने कानून- उर्मिलेश 82 thousand newspapers and 300 channels, yet Dalit …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: