Home » उन्हें कैसे वोट दें दीदी, जिन्हें आप पहले जानतीं तो टिकट ही नहीं देतीं?

उन्हें कैसे वोट दें दीदी, जिन्हें आप पहले जानतीं तो टिकट ही नहीं देतीं?

आडवाणी की झोली में अब दीदी की किस्मत कैद है
झोली से कब बिल्ली बाहर निकलकर दही मछली खा जायेगी, कुछ अता पता नहीं है
दीदी अब वोटरों से कह रही हैं कि नारदकथा पहले जान रही होती तो उन्हें टिकट ही नहीं देती तो वोटर असमंजस में हैं कि जिन्हें दीदी खुद खारिज कर रही हैं तो उन्हें वोट कैसे दें
एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
कोलकाता (हस्तक्षेप)। यह रपट पढ़ने से पहले किंवदंती गायिका फिरदौसी रहमान की आवाज में मशहूर बांग्ला गीत जरूर सुन लें। चाहे तो भारत बांग्लादेश में समान लोकप्रिय गीत को मुक्तबाजार के परिदृश्य में देख सुन लें। दोनों वीडियो लिंक दे रहे हैं। हार के मुहाने पर खड़ी हमारे समय की सबसे लड़ाकू और लोकप्रिय नेता की त्रासदी समझने के लिए यह गीत बेहद मददगार है।
इस पर पता चला है कि नोटिस का जवाब पहले सरकार की तरफ से देने वाली तृणमूल सुप्रीमो पर प्रधानमंत्री के सीधे प्रहार के बाद अब चुनाव आयोग ने भी दीदी के जवाब से नाखुशी जतायी है और अब यह देखने की बात है कि अनुब्रत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद दीदी के खिलाफ आयोग क्या कार्रवाई कर सकता है।
आडवाणी की झोली में अब दीदी की किस्मत कैद हैं। झोली से कब बिल्ली बाहर निकलकर दही मछली खा जायेगी, कुछ अता पता नहीं है। दीदी अब वोटरों से कह रही है कि नारदकथा पहले जान रही होती तो उन्हें टिकट ही नहीं देती तो वोटर असमंजस में हैं कि जिन्हें दीदी खुद खारिज कर रही हैं तो उन्हें वोट कैसे दें और दीदी के इस बयान से घूसखोरी में फंसे भाइयों की हवा खराब है कि कभी भी सर पर लटकती तलवार की धार वार कर सकती है।
कृष्णनगर और कोलकाता के शहीद मानर में नरेंद्र मोदी ने नारद स्टिंग को तुरुप के पत्ते के हिसाब से इस्तेमाल किया है तो उत्तर बंगाल में सफाये के बाद कोलकाता और दक्षिण बंगाल में भाजपा और संघ परिवार की ज़िंदगी के लिए जल्द से जल्द नारद स्टिंग के सच का खुलासा और कार्रवाई जरूरी है।
संघ परिवार दोबारा मतदान कराकर नतीजे बदल नहीं सकता, लेकिन आडवाणी की झोली में घात लगाकर बैठी बिल्ली को खुल्ला छोड़ दें तो भाजपा को बंगाल में फिर नई जिंदगी मिल सकती है और ऐसा बहुत संभव है।
इसी के मद्देनजर दीदी का आक्रामक तेवर अचानक रसगुल्ला की तरह रसीला और नरम गरम हो गया है और मशहूर गीत आगे जानले तोर भांगा नौकाय चोड़ताम ना, पहले से जानती तो इस टूटहे नाव पर सवार मंझदार में ना फंसती, के तर्ज पर दीदी ने कहा हैः जानले टिकिट दिताम ना। मतलब कि नारद स्टिंग के बारे में पहले जान रही होती तो दागियों को टिकट ही नहीं देती।
अपना पाक दामन बचाने के फेर में दीदी ने जाने अनजाने दक्षिण बंगाल में सत्तादल के तमाम उम्मीदवारों को दांव पर लगा दिया है और एक झटके से मोदी के आरोपों को उनने वैधता देकर अपने ही किले को दावानल के हवाले कर दिया है।
इसीपर आज के बांग्ला अखबारों ने लीड बनायी है कि भाईदेर पथे बसालेन दीदी। यानी दीदी ने अपने शागिर्दों को दिवालिया कर दिया।
गौरतलब है कि दूसरे चरम के मतदान से पहले तक दीदी पूरे जेहादी तेवर में थीं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को तृणमूल कांग्रेस के ‘पीछे लगाने’ के प्रयास करने का आरोप लगाया, क्योंकि वह उनके खिलाफ बोलती हैं।
ममता दीदी ने बारंबार आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर कार्य कर रहा है।
उनके तीखे तेवर का नमूनाःतृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता के सत्यनारायण पार्क में आयोजित पार्टी की एक रैली में कहा, ‘मोदी, भाजपा, कांग्रेस और माकपा भी यदि हाथ मिला लें फिर भी मैं उनसे भयभीत नहीं। आप चाहें तो सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को (हमारे पीछे) छोड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग को ‘धमकाने’ के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि राजनीतिक पार्टियों से मुकाबले के बजाय वह आयोग से लड़ने में व्यस्त हैं, क्योंकि उन्होंने और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने पहले ही हार मान ली है।
जंगल महल में एकतरफा वोट नहीं पड़े। इसी वजह से सौ फीसद वोट वाले बूथों में भी दोबारा मतदान की मांग विरोधियों ने नहीं की है। जंगल महल में माओवादी दीदी के साथ थे नंदीग्राम सिंगुर विद्रोह काल से। अब वे दीदी के खिलाफ हैं। भूतों का वहां मुकाबला माओवादियों से हुआ है।
बीरभूम के सात विधानसभाई इलाकों में माओवादियों का जंगल महल जितना न हो तो कमोबेश असर है। अनुब्रत के दावों के बावजूद बीरभूम में भी एकतरफा वोट नहीं पड़े।
खास अनुब्रत के इलाके में तृणमूल के एजेंट लापता थे तो नानुर में बागी काजल शेख ने खेल खराब कर दिया।
गौरतलब है कि काग्रेस या वाम दलों ने बीरभूम में भी दोबारा मतगणना की मांग नहीं की है।
बवाल भाजपाई अभिनेत्री ने मनुस्मृति की तर्ज पर जबर्दस्त सिनेमाई अभिनय के साथ किया है क्योंकि पिछले चुनावों में बीरभूम में बड़ी शक्ति बनकर उभरी भाजपा का सफाया हो गया है। इसीलिए चुनाव आयोग से बीरभूम की सभी नौ सीटों पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है भाजपा ने।
बारी उत्तर बंगाल में छिटपुट हिंसा के बावजूद अस्सी फीसद से ज्यादा वोट पड़े। कालियाचक केंद्रित हिंदुत्व भूचाल और भाजपा की पूरी ताकत झोंकने के बावजूद सत्ताविरोधी वोट बंटे नहीं हैं।
ताजा चुनाव सर्वेक्षण में वामदलों को 106 सीटें मिलने की बात कही गयी है तो भाजपा को चार सीटों की उम्मीद बतायी गयी है। वे सीटें कहीं बनती नजर नहीं आ रही है।
कांग्रेस को सिर्फ आठ फीसद वोट के साथ 21 सीटें मिलने की बात कही गयी हैं, जो उत्तर बंगाल में उनकी ताकत के हिसाब से और वामदलों के साथ कांग्रेस के गठबंधन के समीकरण के मुताबिक कमसक डबल होनी चाहिएं।
दूसरे चरण के बाद अभी डेढ़ सौ सीटों के आसपास हैं वाम कांग्रेस गठबंधन 294 सीटों वाले बंगाल में। पांच चरण के मतदान अभी बाकी है और अनुब्रत मणिरुल की बीरभूम में नहीं चली, जंगल महल से लेकर उत्तर बंगाल तक कड़ा मुकाबला किया गठबंधन ने, हार रहे संघ परिवार तिलमिलाकर आल आउट अटैक कर रहा है और नारद स्टिंग के गुल कभी भी खिलखिलाकर किया कराया गुड़गोबर कर सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में जारी विधान सभा चुनावों के मद्देनजर रविवार को नादिया जिले के कृष्णनगर में एक रैली को संबोधित किया और अपने पूरे भाषण में पीएम मोदी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमलावर रहे। पीएम मोदी ने चुनाव आयोग पर की गई ममता बनर्जी की टिप्पणी पर उनसे जवाब मांगे। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया था।
मोदी ने कहा,
‘ममता जी आपका काम था अपनी बात बताना लेकिन उसकी बजाय आप कहती हैं कि 19 तारीख के बाद मैं देख लूंगी। ‘
জবাবে সন্তুষ্ট নয় কমিশন , ব্যবস্থা কি মমতার বিরুদ্ধে
জবাবে সন্তুষ্ট নয় কমিশন , ব্যবস্থা কি মমতার বিরুদ্ধে
আদর্শ আচরণবিধি ভাঙার জন্য মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের বিরুদ্ধে কি ব্যবস্থা নিতে চলে…
Age Janle Tor Bhanga Noukay Chortham Na

Ferdousi Rahman – O Amar Darodi Age Janle Tor Bhanga Noukai Chortam Na

 

About हस्तक्षेप

Check Also

भारत में 25 साल में दोगुने हो गए पक्षाघात और दिल की बीमारियों के मरीज

25 वर्षों में 50 फीसदी बढ़ गईं पक्षाघात और दिल की बीमांरियां. कुल मौतों में से 17.8 प्रतिशत हृदय रोग और 7.1 प्रतिशत पक्षाघात के कारण. Cardiovascular diseases, paralysis, heart beams, heart disease,

Bharatendu Harishchandra

अपने समय से बहुत ही आगे थे भारतेंदु, साहित्य में भी और राजनीतिक विचार में भी

विशेष आलेख गुलामी की पीड़ा : भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रासंगिकता मनोज कुमार झा/वीणा भाटिया “आवहु …

राष्ट्रीय संस्थाओं पर कब्जा: चिंतन प्रक्रिया पर हावी होने की साजिश

राष्ट्रीय संस्थाओं पर कब्जा : चिंतन प्रक्रिया पर हावी होने की साजिश Occupy national institutions : …

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

अच्छे नहीं, अंधेरे दिनों की आहट

मोदी सरकार के सत्ता में आते ही संघ परिवार बड़ी मुस्तैदी से अपने उन एजेंडों के साथ सामने आ रहा है, जो काफी विवादित रहे हैं, इनका सम्बन्ध इतिहास, संस्कृति, नृतत्वशास्त्र, धर्मनिरपेक्षता तथा अकादमिक जगत में खास विचारधारा से लैस लोगों की तैनाती से है।

National News

ऐसे हुई पहाड़ की एक नदी की मौत

शिप्रा नदी : पहाड़ के परम्परागत जलस्रोत ख़त्म हो रहे हैं और जंगल की कटाई के साथ अंधाधुंध निर्माण इसकी बड़ी वजह है। इस वजह से छोटी नदियों पर खतरा मंडरा रहा है।

Ganga

गंगा-एक कारपोरेट एजेंडा

जल वस्तु है, तो फिर गंगा मां कैसे हो सकती है ? गंगा रही होगी कभी स्वर्ग में ले जाने वाली धारा, साझी संस्कृति, अस्मिता और समृद्धि की प्रतीक, भारतीय पानी-पर्यावरण की नियंता, मां, वगैरह, वगैरह। ये शब्द अब पुराने पड़ चुके। गंगा, अब सिर्फ बिजली पैदा करने और पानी सेवा उद्योग का कच्चा माल है। मैला ढोने वाली मालगाड़ी है। कॉमन कमोडिटी मात्र !!

Entertainment news

Veda BF (वेडा बीएफ) पूर्ण वीडियो | Prem Kahani – Full Video

Veda BF – Official Movie Trailer | मराठी क़व्वाली, अल्ताफ राजा कव्वाली प्रेम कहानी – …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: