Home » हस्तक्षेप » आपकी नज़र » और कितने टोबा टेकसिंह ?
Saadat Hasan Manto was a Pakistani writer, playwright and author born in Ludhiana, British India. Writing mainly in the Urdu language, he produced 22 collections of short stories, a novel, five series of radio plays, three collections of essays and two collections of personal sketches.
Saadat Hasan Manto

और कितने टोबा टेकसिंह ?

और कितने टोबा टेकसिंह
”””””””””””””””’

ज़मीन बँट चुकी
मुल्क का बँटवारा पूरा हुआ
मंटो तुमनें लिखा
‘उधर खरदार तारों के पीछे हिंदुस्तान था
इधर वैसे ही तारों के पीछे पाकिस्तान
दरमियान में ज़मीन के उस टुकड़े पर जिसका कोई नाम नहीं था
टोबा टेक सिंह पड़ा था’

टोबा टेकसिंह याने बिशन सिंह
गाँव टोबा टेकसिंह का पागल किसान
पड़ा है आज भी वहीं
मुल्कों के दरमियाँ
नो मेन्स लेंड
ढूँढ रहा अपनी पहचान

सरहदों पार
देश और बँटे
सूबेदारो के इलाके
अपनी सरहदें अपने कानून
मजहबी सियासी बँटवारे
ढेरों नो मेन्स लेंड
कई और टोबा टेकसिंह
ढूँढ रहे अपनी अपनी बेटीयां
सब मर्दों की नज़र चढ़ी
रूपकौर अायशा
माई मुख्तार निर्भया
अपनी ज़मीन अपना आसमान
अजीबोग़रीब आवाज़ में बड़बडा रहे सब
‘औ पड़ दि गड़ गड़ अनैक्स दि बेध्यानां दि मुँग दि दाल आफ दी लालटेन’
‘हिंदुस्तान पाकिस्तान दुर फिटे मुंह’

‘टोबा’ तो सचमुच पागल था
ये राजनैतिक दिमाग़ी मरीज़
बाँहें उठा रहे
गड्डमड्ड आवाज़ों में चीखते
लहरा रहे परचम
मुल्क भर में चिल्ला रहे
‘औ पड़ दि गड़ गड़ अनैक्स दि बेध्यानां दि मुँग दी दाल आफ नफरत फ़िरक़ापरस्ती’

( टोबा टेकसिंह : साहित्य को गौरवान्वित करने वाली सआदत हसन मंटो की विशेष कहानी )
।।जसबीर चावला।।

About the author

// जसबीर चावला //

About हस्तक्षेप

Check Also

Ajit Pawar after oath as Deputy CM

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित किया

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: