Home » समाचार » गुरु गोलवलकर पर्व पर भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के वीडियो के साथ तेलयुद्ध में फड़फड़ाता ओबामा

गुरु गोलवलकर पर्व पर भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के वीडियो के साथ तेलयुद्ध में फड़फड़ाता ओबामा

पलाश विश्वास
भारत को इस्‍लामिक राज्‍य बनाने के 55 मिनट के वीडियो से सरकार सन्‍न, अलर्ट जारी

सबसे तेज आजतक की आज की ब्रेकिंग न्यूज यह है। दूसरी ओर, आईएसआईएस द्वारा अमेरिकी पत्रकार स्टीवन सोटलॉफ के सिर कलम करने के वीडियो पर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा आखिरकार प्रतिक्रिया दी।

भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने वाला वीडियो और बाराक हुसैन ओबामा को वीडियो साथ-साथ देखें तो कुछ अनसुलझी गुत्थियां भी सुलझ सकती है। शाही खजाना का नक्शा कोड में होता है हमेशा और उसके साथ अमूमन कुछ अबूझ पहेलियां भी होती हैं। खासतौर पर शाही वक्त पर पहेली विशेषज्ञ होना भी मांगता है।

संदर्भ और प्रसंग के लिए परिदृश्य कुछ ऐसा हैः

इस्लामिक आतंकियों ने लीबिया में 11 कमर्शियल प्लेन चुरा लिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि आतंकी,  इन विमानों के जरिए 9/11 जैसा हमला कर सकते हैं।

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ये विमान लीबिया के त्रिपोली एयरपोर्ट से गायब हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि लीबियाई डॉन विद्रोहियों के हमले के दौरान इन्हें चुराया गया है।

वॉशिंगटन फ्री बीकन के अनुसार, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को 9/11 हमले की 13वीं बरसी पर ऐसा ही हमला किए जाने की सूचना मिली है। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लीबिया में इस्लामिक आतंकियों द्वारा चुराए गए इन विमानों का इस्तेमाल आतंक फैलाने में किया जा सकता है।

खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “लीबिया से कई कमर्शियल प्लेन लापता हैं। 11 सितंबर की घटना के बाद से हमें मालूम है कि हाईजैक किए गए विमानों से क्या किया जा सकता है।”

मोरक्को स्थित मिलिट्री एक्सपर्ट अब्दर्रहमान मेक्कोई ने अल-जजीरा न्यूज को बताया कि लापता विमानों को ‘मास्क्ड मैन ब्रिगेड’ ने चुराया है। बताया जा रहा है कि इस आतंकी संगठन का संबंध अल कायदा और अंसार अल शरिया से है।

अमेरिका पर इतनी बड़ी विपदा आन पड़ी तो उसकी गूंज भारत में भी हो रही है।

गुरु गलवलकर पर्व पर प्रधान सव्यसेवक के भावी पीढ़ियों को संबोधन के आसन्न इतिहास से पहले इसका भी आशय समझ लें तो शायद आपके शुगर, रक्तचाप और दूसरी दैहिक मानसिक बीमारियों में कफ पित्त दोष का निदान हो जाये।

मसलन अमरीका ने पुष्टि की है कि दूसरे अमरीकी पत्रकार का सिर कलम करने वाला वीडियो असली है। अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को आतंकवादी गिरोह इस्लामिक स्टेट को दंडित करने पर जोर देते हुए कहा कि अमरीका को धमकाया नहीं जा सकता। इस्तोनिया की राजधानी टाल्लिन्न में बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में ओबामा ने कहा कि जिन लोगों ने अमरीकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की गलती की है वे याद रखें कि हम कभी नहीं भूलते। हमारी पहुंच दूर तक है और न्याय होगा ही। हमारा लक्ष्य बिलकुल साफ है। वह है उनको (आईएस) तबाह करना ताकि यह खतरा ज्यादा समय तक बना नहीं रहे।

रोजाना नई नई खोज के बावजूद किस कारण से आखिर कोइ पुरातात्विक अन्वेषण पूरा नहीं होता जबकि अंतरिक्ष का भूगोल भी अब रहस्य रहा नहीं रहा है। आखिर रहस्य बनाये रखने से हित किनके सधते हैं, सवाल यह भी है।

सीबीआई गुरिल्ला हमलों से तृणमूल की किलेबंदी तहस नहस हो रही है और अब तो दीदी के चुनाव क्षेत्र में शारदा समूह द्वारा एक मुश्त सत्ताइस क्लबों के वित्तीय पोषण का खुलासा हुआ है।

इस बीच जैसे विदेश मंत्री स्वदेश देख रही हैं और राजनय वाया पीएमओ है, शिक्षा मंत्रालय नागपुरमध्ये है और रक्षा मंत्रालय वित्त मत्रालय के हवाले, योजना सुधार लेजिस्लेशन पालिसी मेकिंग इत्यादि कारपोरेट मध्ये हैं जैसे मनुष्य की तमाम प्रजातियां बाजार मध्ये हैं और प्रकृति कयामत मध्ये है, उसी तरह राजकाज का तामझाम संघ मध्ये है और राज्य सरकारों का केसरियाकरण अभूतपूर्व है क्योंकि गाजा पट्टी के मुख्यमंत्री के राज्य में भी मुठभेड़ संस्कृति और दंगा उत्सव के साथ गुरु गोलवलकर पर्व नत्थी हो गया।

परंतु किंतु दीदी की नाराजगी की खास वजह है और उनका दुस्समय ऐसा कि खासमखास मुकुल राय ने भी शारदा सहयोगे रेलवे के भारत तीर्थ की जिम्मेदारी दीदी के मत्थे से अपना तो क्या दिनेश बाबू तक को स्थानांतरित करने से साफ मना कर दिया।

जाहिर है कि पार्टीमध्ये इतने मारात्मक बवालिया माहौल प्रधानमंत्री के क्लास रूम लायक नहीं है।

टीवी अभी देखना नहीं हुआ है। कल ओबामा की धमकी, त्रिपोली से गायब ग्यारह विमानों के आतंकवादियों के हाथों बेदखल होने और अमेरिकी पत्रकारों के शिरच्छेद प्रकरण पर देर रात तक अपडेट करता रहा।

फिक्र की बात है ही चूंकि गोवा के चुनांचे कि डालर से हमारी किस्मत जुड़ी हुई है और डालर भारी संकट में है।

सारा परमार्थ तो बेकार रहेगा ही और कृषिहत्या उपरांते, उद्योगों के आवासीय परिसरों और रंग बिरंगे हबे, मालों में तब्दील हो जाने के बाद दसो दिशाओं में जो विनिवेश, विनियंत्रन,विनियमन का अधिकतम प्रशासन है, सेवा क्षेत्रे जो रोजगार और आजीविका ठेकामध्ये तात्कालिक है, उसकी नींव ढह जाने से जापानी पूंजी से बनने वाले स्मार्ट सिटियों में या हीरक चतुर्दिक में हमारा अवस्थान कहां होगा, यह तय करना मुश्किल है।

उससे बड़ा सवाल कि अंततः हमारा कोई वजूद बचा रहेगा या नहीं।

खाली पीली फिक्र में नींद खलल करने की मंशा जिनकी नहीं है, उनके लिए गर्म लिहाफ और धारीदार सुगंधित विकास सूत्र का इस्तेमाल कहीं भी, कभी भी करने का मौका मुक्त बाजार है।

अतंतः गंगा जो दो सौ साले में साफ हो नहीं सकती, उसमें और सारी पवित्र बेदखल नदियों में पवित्र स्नान से मोक्ष का रास्ता डालर के बदले मिलेगा या येन के बदले, वृद्धि दर रेटिंग से कितनी संबद्ध रहेगी और रिजर्व बैंक की मौद्रिक कवायद का क्या होने वाला है, नकदी प्रवाह के बावजूद मंहगाई और मुद्रास्फीति का हाल क्या होगा, कहना बेहद मुश्किल है।

और बेदखल हवाओं में हमारी सांसें आखिर कहां से आयातित होंगी इस मृत्यु उपत्यतका में, इसकी चिंता बहुत सताने लगी है। जबकि हम सारे के सारे भारतीय जनगण हिंदू क्या विधर्मी म्लेच्छ से अस्पृश्य क्या, संघ परिवार के सपनों के वाशिंदे भी नहीं हैं।

विकास गाथा के सरदर्द का सबब यही है जो अश्वेत प्रथम राष्ट्रपति माननीय बाराक ओबामा का तैलशुद्धित आतंक नियोजित हश्र है, उसके मद्देनजर क्या होंगे वैश्विक इशारे और गुलों की ज ताजा बहार होगी, उसे कौन कौन भंवरे कली कली चूमने के हकदार होंगे और वे आखिरकार हमारे साथ सलूक क्या करेंगे।

नस्ली भेदभाव के इतिहास को पीछे छोड़कर बाराक हुसैन ओबामा जो लगातार दो-दो कार्यकाल अमेरिका के प्रधानमत्री बने रहे तेलयुद्ध से विश्व को छुटकारा देने के वायदे के साथ, उनका गुर्राता हुआ चेहरा काफी डरावना है।

और व्हाइट हाउस के डिंब में ज्वालामुखी सुलग रहा है, उसका बहता हुआ लावा वैश्विक हुआ तो बाजार की जिन ताकतों को सेनसेक्स, निफ्टी की सेहत और विदेशी निवेशकों की अटल आस्था से अपने रचे जनादेश के वैभव से इतराने की फुरसत नहीं है, सर धुनते रह जाने की हालत होगी उनकी।

और नमो महाराज का जो इतिहास बोध है, जो वैज्ञानिक दृष्टि है, जो प्रधान स्वयंसेवक मोड है, जो ओबामाई ओबीसी दलित आदिवासी रूपांतरण संघी है, उसका भी हश्र ओबामा हश्र से भिन्न होगा, इसमें संदेह है।

-0-0-0-0-0-

आपदा प्रबंधन,सटीक मौसम भविष्यवाणी , जापान रणनीतिक साझेदार, भारत में अलकायदा की शाखा पर प्रतिक्रिया, आतंकवादी गिरोह , भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के वीडियो, गुरु गोलवलकर पर्व, ओबामा, तेल युद्ध,तेल युद्ध में फड़फड़ाता ओबामा,Disaster management, accurate weather forecasting, strategic partner Japan, India branch of Al-Qaeda in response to the terrorist group, the Islamic State of India to the video, Guru Golwalkar gala, Obama, oil wars,Video of the Islamic nation India

About the author

पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं। आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना। पलाश जी हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

About हस्तक्षेप

Check Also

media

82 हजार अखबार व 300 चैनल फिर भी मीडिया से दलित गायब!

मीडिया के लिये भी बने कानून- उर्मिलेश 82 thousand newspapers and 300 channels, yet Dalit …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: