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जो गरजते हैं, वो बरसते नहीं-मायावती

अभी तक मुजफ्फरनगर जाने का समय न निकाल पायीं मायावती ने वहाँ हुयी हिंसा का जिक्र करते हुये कहा कि सपा और कांग्रेस मिलकर वहाँ सियासी रोटियाँ सेंक रही हैं
लखनऊ।  2002 के गुजरात जनसंहार के बाद नरेंद्र मोदी के लिये प्रचार करने वाली और तीन बार भाजपा की कृपा से उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बन चुकी बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने मोदी पर प्रहार करते हुये कहा है, “जो गरजते हैं, वो बरसते नहीं।”
बुधवार को अपने 58वें जन्मदिन के मौके पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुये कहा कि जो गुजरात नहीं सम्भाल पाया वह पूरे देश में एकता और भाइचारा कैसे कायम करेगा। करीब सवा घंटे तक चले अपने लंबे भाषण के दौरान मायावती ने नरेन्द्र मोदी के खिलाफ काफी कड़ा रुख अख्तयार किया।
मायावती ने कहा, “भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अपने गुजरात में गोधरा काण्ड होने से नहीं रोक पाए। जो व्यक्ति 6 करोड़ की आबादी वाले गुजरात में एकता और भाइचारा कायम नहीं कर पाया वह देश कैसे चलायेगा।” उन्होंने कहा कि मोदी उप्र में कई सभाएँ कर चुके हैं और हर जनसभा में उन्होंने यहाँ के युवकों, महिलाओं, व्यापारियों और अन्य लोगों से काफी लोकलुभावन वादे किये हैं। मायावती ने कहा, “मोदी जो दावे और वादे कर रहे हैं, वह भाजपा ने केन्द्र में अपने छह साल के शासन के दौरान क्यों नहीं पूरे किये। सवाल यह भी है कि देश में भाजपा शासित राज्यों में भी उनके ये वादे कहीं पूरे होते नहीं दिखाई दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि गुजरात में हुये गोधरा काण्ड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि पूरे देश में गुजरात की पैटर्न पर ही काम किया जायेगा। मायावती ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी)की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में हर तीसरा बच्चा कुपोषण का शिकार है। वहाँ दलितों एवं पिछड़ों की हालत काफी दयनीय है। मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी, सरदार बल्लभ भाई पटेल के नाम पर स्टेचू ऑफ यूनिटी का निर्माण करवा रहे हैं और रन फॉर यूनिटी करवा रहे हैं। इस तरह के कार्यक्रम राजनीति से प्रेरित हैं जो महज वोट बैंक की लालच में किया जा रहा है।
मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहाँ मुजफ्फरनगर में लोगों को राहत नहीं मिल रही है और ठण्ड से बच्चों की लागातार मौतें हो रही हैं वहीं दूसरी ओर मुलायम और अखिलेश सैफई में सरकारी पैसे को पानी की तरह बहा रहे हैं। बॉलीवुड कलाकार सलमान खान का नाम लेते हुये मायावती ने अपील की कि इस तरह के किसी भी कार्यक्रमों में जाने से पहले सूबे की परिस्थतियों और माहौल को भी ध्यान में रखेंगे तो ज्यादा बेहतर होगा।
अभी तक मुजफ्फरनगर न जा पायीं मायावती ने वहाँ हुई हिंसा का जिक्र करते हुये कहा कि सपा और कांग्रेस मिलकर वहाँ सियासी रोटियाँ सेंक रही हैं। सपा की सरकार बनने के बाद से ही उप्र में दंगों की बाढ़ आ गयी है। पूरा राज्य दंगों की मार झेल रहा है। कांग्रेस पर आरोप लगाते हुये उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। सांप्रदायिक दंगों के बाद वहाँ रह रहे लोगों को सपा ने षडयंत्रकारी बताया तो कांग्रेस ने राहत शिविरों में आईएसआई घुसपैठ की बात कर सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश की। मायावती ने कहा कि सही मायने में कांग्रेस को दंगे के तुरन्त बाद ही वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए था, जिससे वहां सांप्रदायिक सौहार्द कायम हो सके।

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