ताड़मेटला कांड : ‘मानवद्रोही’ भाजपा सरकार हो बर्खास्त ​ — माकपा

ताड़मेटला कांड : ‘मानवद्रोही’ भाजपा सरकार हो बर्खास्त — माकपा
रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि सीबीआई द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेश चार्जशीट से साफ़ हो गया है कि मार्च 2011 में सुकमा जिले के ताड़मेटला, तिम्मापुर तथा मोरपल्ली गांवों में आगजनी, बलात्कार तथा हिंसा की घटनाएं राज्य प्रायोजित हिंसा और मानवाधिकार हनन का हिस्सा थी और आदिवासियों के खिलाफ किये गए इन आपराधिक कृत्यों के लिए भाजपा सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए.

पार्टी ने कहा है कि जिस भाजपा सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी नागरिकों को उनके गांव-घरों में सुरक्षा देना था, उसी के संरक्षण में घृणित ‘मानवद्रोही’ कार्य किया गया गया है. बस्तर में आदिवासियों का राजकीय दमन और मानवाधिकारों का बड़े पैमाने पर हनन हो रहा है और ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है.
माकपा ने आईजी कल्लूरी पर भी आपराधिक प्रकरण कायम कर उनकी गिरफ़्तारी की मांग की है.
आज यहां जारी एक बयान में माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने कहा कि इस चार्जशीट से बस्तर पुलिस प्रशासन, भाजपा सरकार और प्रतिबंधित सलवा-जुडूम नेताओं द्वारा फैलाए गए झूठ का भी पर्दाफाश हो गया है. लेकिन राजकीय दमन और आतंक के खिलाफ जो लोग आवाज़ उठा रहे हैं, उन्हें आज भी तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है, ताकि बस्तर की वास्तविक सच्चाई को सामने आने से रोका जा सके और प्राकृतिक संसाधनों की लूट को सुनिश्चित किया जा सके. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी सरकार और पुलिस के संरक्षण में सामाजिक एकता मंच और अग्नि जैसे कई ‘असामाजिक’ संगठनों को पैदा किया गया है, जो  उच्चतम न्यायालय के निर्णयों की स्पष्ट अवहेलना है.

इस चार्जशीट की रोशनी में पार्टी ने स्पष्ट मांग की है कि छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद उन सभी घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, जिनमे नक्सलियों और पुलिस द्वारा आदिवासियों पर अत्याचार तथा मानवाधिकार हनन के आरोप लगे हैं और मानवाधिकार आयोग सहित अन्य जांच एजेंसियों ने इसके प्रथम दृष्ट्या साक्ष्य पाए हैं, ताकि ऐसा आपराधिक कृत्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को उचित सजा दिलाई जा सके.

माकपा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा है कि भाजपा सरकार को आदिवासियों के खिलाफ अपनी ‘बहादुरी’ दिखाने वाले तत्कालीन एसएसपी और वर्त्तमान आईजी एसआरपी कल्लूरी को राज्य के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार से नवाजा जाना चाहिए.