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दनकौर, नोएडा की पुलिस द्वारा दलित उत्पीड़न की शर्मनाक घटना के खिलाफ धरना

लखनऊ। “दलित शोषण मुक्ति मंच” ने दनकौर, नोएडा की पुलिस द्वारा दलित उत्पीड़न की शर्मनाक घटना के खिलाफ आज दिनांक 09/10/15 को शाम को चार बजे जीपीओ पर अम्बेडकर प्रतिमा पर धरना दिया एवं सभा की.

दलित शोषण मुक्ति मंच के कार्यकर्ता प्रेम कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश भर में दलितों के खिलाफ, अल्पसंख्यकों के खिलाफ, महिलाओं के खिलाफ जिस तरह की अमानवीय घटनाओं की बाढ़ सी आई हुयी है, उससे प्रदेश सरकार का और पुलिस का असली सामंती चेहरा खुल कर सामने आ गया है. पीड़ित परिवार की इस घटना की कहानी और पुलिस प्रशासन के द्वारा दी गयी कहानी में ज़मीन-आसमान का अंतर है.

जहाँ एक ओर पीड़ित परिवार का कहना है कि एक लूट की घटना पर वे ऍफ़.आई.आर दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गए पर दलित परिवार की रिपोर्ट दर्ज करने से पुलिस ने इनकार कर दिया। पीड़ित परिवार के द्वारा इसके विरोध में प्रदर्शन किये जाने पर पुलिस ने तीन महिलाओं सहित पूरे परिवार को निर्वस्त्र कर पीटा। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पीड़ित दलित परिवार स्वयं ही निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन कर रहा था, इसलिए सार्वजनिक स्थल पर अश्लील प्रदर्शन करने के कारण उन्हें गिरफ्तार कर सबको जेल भेज दिया गया।

जो नेता और पुलिस प्रशासन इस निंदनीय घटना को दलित परिवार का ड्रामा कह रहे हैं, निश्चित ही उनकी मानवीय संवेदना ख़त्म हो गयी है और वे मनुष्य कहलाने का दर्जा खो चुके हैं।

कोई परिवार अगर स्वयं भी भीड़ के सामने निर्वस्त्र हुआ तो कल्पना करिए कि वह किस मानसिक पीड़ा से गुजर रहा होगा। उसकी इस पीड़ा का जिम्मेदार कौन? इस घटना को ड्रामा करार देने वाले वाली पुलिस का ऐसी परिस्थितियों में क्या फ़र्ज़ था ?

उन्होंने आगे कहा कि दनकौर की घटना कोई अपवादिक घटना नहीं है। अभी भूले नहीं होंगे आप हिसार के उन दलितों का मामला जिसमें समाज और प्रशासन के निर्मम रवैये ने उन्हें धर्म परिवर्तन तक करने के लिए मजबूर कर दिया। समाज में व्याप्त सामंतवादी शोषण और असंवेदनशीलता के चलते जब दलित धर्मांतरण करते हैं तो उसे भी भगवा-ब्रिगेड विधर्मियों की साजिश बता कर सामज को तोड़ने की राजनीति करता है.

“दलित शोषण मुक्ति मंच” की ओर से ऐसी अमानवीय घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए पुलिस पर सख्त से सख्त कार्यवाही करने की और दोषी पुलिस वालों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की गयी.

सभा को भारत की नौजवान सभा से राधेश्याम, प्रवीण, प्रशांत राज, जनवादी महिला समिति से सीमा राना, अंजू रावत, स्टूडेंट फेडरशन ऑफ़ इंडिया के अनुपम और मेहँदी अब्बास रिज़वी, एस. के. पाण्डेय ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन नीतू रावत ने किया.

 

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