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नोटबंदी – यह देश की संगठित लूट और वैध लूट का मामला है : डॉ. मनमोहन सिंह

नोटबंदी – यह देश की संगठित लूट और वैध लूट का मामला है : डॉ. मनमोहन सिंह
नोटबंदी से आम लोगों को नुकसान, जीडीपी 2 फीसदी घटेगी : डॉ. मनमोहन सिंह
Demonetisation debate: Note ban a case of organised loot and legalised plunder, says Manmohan Singh
नई दिल्ली, 24 नवंबर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह संगठित लूट और वैध लूट का मामला है। नोटबंदी से आम आदमी और छोटे कारोबारियों को कठिनाई हो रही है और देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दो फीसदी तक लुढ़क सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले के क्रियान्वयन में भारी कुप्रबंधन हुआ है।

राज्यसभा में नोटबंदी पर चर्चा में भाग लेते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा,

“मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहता हूं कि वह किसी ऐसे देश का नाम बताएं, जहां लोगों ने बैंक में अपने पैसा जमा कराए हैं लेकिन वे उसे निकाल नहीं सकते।”

सिंह ने कहा,

“नोटबंदी के क्रियान्वयन में भारी कुप्रबंधन हुआ है। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए व्यावहारिक तरीके ढूंढने में मदद करेंगे। इस दौरान 60 से 65 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है।”

उन्होंने कहा,

“यह जो कुछ भी हुआ है उससे देश की जीडीपी में लगभग दो फीसदी की गिरावट आएगी। यह आंकड़ा अनुमान से अधिक नहीं बल्कि कम ही है। सरकार के इस फैसले से हमारे देश के लोगों का मुद्रा और बैंकिंग प्रणाली में विश्वास कम हुआ है।”

उन्होंने कहा कि नोटबंदी से जो क्षेत्र अत्यधिक प्रभावित हुए हैं वे छोटे कारोबारी, खेती और सहकारी बैंकिंग है।

राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के भाषण की खास बातें

इसके उद्देश्यों को लेकर असहमत नहीं हूं, लेकिन इसके बाद बहुत बड़ा कुप्रबंधन देखने को मिला, जिसे लेकर पूरे देश में कोई दो राय नहीं.
मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कहता हूं कि हम इसके अंतिम नतीजों को नहीं जानते.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा 50 दिन रुक जाइये, यह छोटी अवधि है, लेकिन गरीबों और वंचितों के लिए ये 50 दिन काफी विनाशकारी प्रभाव वाले हैं.
लोगों ने बैंकों में अपने पैसे जमा कराए, लेकिन उसे निकाल नहीं सकते… जो हो रहा है उसकी निंदा के लिए इतना ही काफी है.
आम लोगों को हो रही परेशानियां दूर करने के लिए प्रधानमंत्री को इस योजना के क्रियान्वयन के लिए रचनात्मक प्रस्ताव पेश करना चाहिए.
नियमों में हर दिन हो रहा बदलाव प्रधानमंत्री कार्यालय और भारतीय रिजर्व बैंक की खराब छवि दर्शाता है.
मुझे बहुत खेद है कि भारतीय रिजर्व बैंक की इस तरह से आलोचना हो रही है, लेकिन यह जायज़ है.
इस योजना को जिस तरह से लागू किया गया, वह प्रबंधन के स्तर पर बहुत बड़ी विफलता है.
यह संगठित लूट और वैध लूट का मामला है.
मुझे पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री पीड़ितों को राहत देने के लिए व्यावहारिक कदम निकालेंगे.

Demonetisation is a monumental management failure: Dr Manmohan Singh in Rajya Sabha#MmsExposesModiLoot pic.twitter.com/DEfrdehD9M
— INC India (@INCIndia) November 24, 2016

WATCH: Dr Manmohan Singh’s Rajya Sabha speech—Monumental mismanagement of #Demonetization; could lower GDP by 2% https://t.co/MzDnJQGdLP pic.twitter.com/LySF5AVJRh
— National Herald (@NH_India) November 24, 2016

In the process of Demonetisation monumental mismanagement has taken place.#MmsExposesModiLoot pic.twitter.com/nOiEGh8IdW
— INC India (@INCIndia) November 24, 2016

Fmr PM, Dr Manmohan Singh’s speech on Demonetisation in Rajya Sabhahttps://t.co/PpzSOTYeKT
— INC India (@INCIndia) November 24, 2016

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