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पश्चिम बंगाल में भी यू पी की तर्ज पर जयराम रमेश का निरीक्षण शुरू

शेष नारायण सिंह 

नई दिल्ली, २१ जनवरी .लगता है कि कांग्रेस ने ममता बनर्जी को औकात बनाने का मन बना लिया है . पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के काम करने के तरीके से कांग्रेस में सर्वोच्च स्तर पर बहुत ही असुविधा होती बतायी जा  रही है. वैसे भी जिस तरह से लगभग हर हफ्ते पश्चिम बंगाल सरकार की नकारात्मक पब्लिसिटी हो रही है उसके चलते कांग्रेस ममता बनर्जी के  खराब काम में अपने आप को शामिल नहीं दिखाना चाहती . अस्पतालों के खस्ता प्रबंध की जो खबरें आजकल मीडिया में छाई हुई  हैं उसके चलते कांग्रेस  आलाकमान में ममता से राजनीतिक  दोस्ती रखने के खिलाफ माहौल बन रहा है . 

सोमवार  को ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश कोलकाता जा रहे हैं  और वहां जाकर वे २४ परगना, बांकुरा और पुरुलिया जिलों में अपने मंत्रालय के सौजन्य से चल रही स्कीमों की समीक्षा करेगें .इसके पहले ममता बनर्जी ने कई बार कांग्रेस के नेताओं को अहसास करवाया है केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार अपने अस्तित्व के लिए ममता बनर्जी की कृपा पर बहुत ज्यादा निर्भर है .पिछले दिनों  उन्होंने कांग्रेस के पश्चिम बंगाल के कार्यकर्ताओं और राज्य स्तर के नेताओं को भी धमकाने की योजना पर काम शुरू कर दिया . पश्चिम बंगाल में उन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाया है लेकिन अपनी ही सरकार में काम कर रहे कांग्रेसी मंत्रियों को बिलकुल जीरो पर बैठा दिया है . एक मंत्री  को तो इतना परेशान  कर दिया कि उसने इस्तीफ़ा देने में ही भलाई समझी. . नई दिल्ली में  राजनीतिक मौसम के  जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में चुनावों के बाद यू पी ए  में मुलायम सिंह यादव की पार्टी के शामिल होने की बिसात बिछ  चुकी है. जिसके बाद सोनिया गाँधी ममता बनर्जी को यू पी ए छोड़ने का विकल्प दे  देगीं. इसका मतलब यह हुआ कि वे ममता  को साफ़ बता देगीं कि अगर सरकार में रहना है तो कांग्रेस के साथ शिष्टाचार की सीमा में ही रहना पडेगा. उत्तर प्रदेश  की मायावती सरकार को घेरने के पहले भी वहां जयराम रमेश ने जांच का काम शुरू किया था और कई जिलों में मनरेगा में हो रही घूसखोरी को राजनीतिक  बहस के दायरे में ला दिया था . इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस जयराम रमेश के  निरीक्षण के ज़रिये ममता से दूरी बनाने के अपने प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुकी  है  .

जयराम रमेश का  पश्चिम बंगाल का दौरा बिलकुल सरकारी है. २३ जनवरी को वे कोलकाता में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगें.उसके बाद वे २४ परगना जिले के डोंगरिया कस्बे के लिए रवाना हो जायेगें जहां अफसरों से वे बातचीत करेगें और ग्रामीण विकास की केंद्रीय   स्कीमों की समीक्षा करेगें .२४ जनवरी को जयराम रमेश बांकुरा जायेगें जहां वे पुरंदरपुर ब्लाक में पानी की जांच की  प्रयोगशाला, सैनिटरी  मार्ट और वाटर हार्वेस्टिंग स्कीमों के बारे में जानकारी लेगें  .अगले दिन बुधवार को वे पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर ब्लाक में प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना और वाटर ट्रीटमेंट प्लान का निरीक्षण करेगें . बुधवार को वे नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाक़ात करेगें . जयराम रमेश के सरकारी कार्यक्रम से बिलकुल साफ़ नज़र आ रहा है कि ममता बनर्जी को भी कांग्रेस वही सम्मान और रुतबा देने वाली है जो विधान सभा चुनावों की प्रक्रिया शुरू होने के पहले उसने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री, मायावती को दिया था .

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