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पूर्वांचल में मोदी को कड़ी चुनौती दी मुलायम ने !

बसपा को भाजपा से बड़ा नुकसान पहुँच रहा है
आशुतोष सिंह
वाराणसी। पूर्वांचल के विभिन्न हिस्सों से मिल रही खबर से लग रहा है कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को मुलायम सिंह ने कड़ी चुनौती दी है। इससे भाजपा की भारी बढ़त रुक सकती है। दरअसल पूर्वांचल में अंतिम समय में काफी उलट फेर की ख़बरें आ रही हैं। आजमगढ़, गाजीपुर, से लेकर मिर्जापुर, सोनभद्र, इलाहाबाद जैसी कई जगहों पर समाजवादी पार्टी कड़ी चुनौती दे रही है। इस बार बसपा को भाजपा से बड़ा नुकसान पहुँच रहा है जिसके चलते अंतिम समय में बड़ा उलटफेर हो सकता है। वाराणसी में समाजवादी पार्टी का बड़ा वोट कांग्रेस के अजय राय की तरफ गया है क्योंकि सपा उम्मीदवार मुख्य मुकाबले से बाहर था। देवरिया में भी बसपा को अंतिम समय पर झटका लगने से माना जा रहा है कि भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर हुई है। भाजपा का वोट तो ठीक ठाक बढ़ा है पर यह सीटों में सब जगह बदल पायेगा यह मुमकिन नहीं लगता।
वरिष्ठ पत्रकार और राजनैतिक विश्लेषक मनमोहन के मुताबिक भाजपा बढ़ तो रही है क्योंकि मोदी ने पार्टी में जान फूंक दी है पर यह तीस पैंतीस से आगे बढती फिलहाल तो नहीं दिख रही। भाजपा का मुकाबला सपा से ही है क्योंकि बसपा के वोट बैंक में भाजपा ने कई सीटों पर सेंध लगा दी है इसलिए समाजवादी पार्टी अगर कुछ बेहतर कर जाए तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने आज मतदान समाप्त होने के बाद दावा किया कि सिर्फ पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी को बीस से ज्यादा सीटें मिलने जा रही है। जिसके साथ उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और मोदी का दिल्ली का सपना भी इसी प्रदेश में टूटेगा।
पिछले एक महीने से लगातार चुनावी दौरा कर रहे पत्रकार राधे कृष्ण का मानना है कि समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी और उसके बाद भाजपा का नंबर होगा। हो सकता है इसमें कुछ परिवर्तन हो जाए पर दोनों के बीच ही कड़ा मुकाबला है। बसपा और कांग्रेस को ज्यादा नुकसान हो रहा है। भाजपा को मिर्जापुर में तो अपनों से ही नुकसान हुआ जिसका फायदा सपा ले सकती है। इसी तरह पूर्वांचल में भाजपा का पूर्वानुमान अब कुछ बदल सकता है। सपा को डुमरियागंज में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तो गोरखपुर में भाजपा आगे है।
दरअसल जिस जगह भाजपा का असर रहा वहां ही उसे मोदी का फायदा मिला है। जहाँ पर भाजपा का संगठन कमजोर रहा या विधान सभा चुनाव में वह मुकाबले से बाहर रही है वहां उसका सिर्फ वोट बढ़ रहा है सीट नहीं मिल पा रही है। पर जिस भी संसदीय सीट पर भाजपा ने बसपा के वोटों में सेंध लगा दी है वहां मोदी की जनसभा के बाद पार्टी को काफी फायदा हुआ है। बसपा के दलित वोटों के बंटवारे से समाजवादी पार्टी भी आशंकित हुई क्योंकि इससे भाजपा कई जगह मुकाबले में आ गई। यही वजह है कि मुलायम सिंह ने अंतिम दौर से पहले मायावती पर हमला कर उन्हें आक्रामक होने के लिए उकसाया भी। मायावती ने पिछले दस दिन में तीन बार प्रेस कांफ्रेंस कर दलित वोटों को इसे लेकर सतर्क भी किया। इससे बसपा की चिंता को समझा जा सकता है। पर अंतिम दो चरण में हुए इस उलटफेर में सीधे मुकाबले की वजह से समाजवादी पार्टी को फायदा मिलता दिख रहा है।
जनादेश न्यूज़ नेटवर्क

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