Home » बस्तर के जल जंगल जमीन और संस्कृति बचाने की लड़ाई लड़ रही हूँ- सोनी सोरी

बस्तर के जल जंगल जमीन और संस्कृति बचाने की लड़ाई लड़ रही हूँ- सोनी सोरी

बस्तर। जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, बस्तर में चुनावी सक्रियता बढ़ती जा रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फर्क भी बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर शहरी क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस ने झंडे और पोस्टरों से पूरा बाज़ार पाट दिया है, वहीँ दूसरी और आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में सोनी सोरी के अलावा सीपीआई, भाकपा माले और अन्य दलों के उम्मीदवार छोटी-छोटी सभाओं और घर घर मुलाक़ातों के मार्फ़त अभियान में हैं।
जन आंदोलनों के साथी को चुनाव में मदद पहुंचाने के उद्देश्य से बनी चुनाव अभियान समिति के सदस्य और किसान संघर्ष समिति मध्य प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय ( एनएपीएम ) के म प्र संयोजक डाक्टर सुनीलम ने दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सोनी सोरी का सघन प्रचार किया। इस दौरान सोनी सोरी भी साथ रहीं और कई महत्वपूर्ण जगहों पर छोटी बड़ी जन सभाओं का आयोजन हुवा। दिन भर हुए नुक्कड़ सभाओं में सैकड़ों लोगों कि उपस्थिति में सोनी सोरी से आम मतदाताओं ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जिस पर सोनी सोरी ने कहा कि वे संघर्ष पर विश्वास रखती हैं, तथा चुनाव का नतीज़ा चाहे जो भी हो, लौट कर वे फिर सभी के साथ मिल कर समस्याओं को हल कराने का प्रयास करेंगी। नुक्कड़ सभाओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम बस्तर वासी देश में सबसे अमीर हैं, लेकिन हमारे जल जंगल जमीन को सरकारों ने कंपनियों के हवाले कर दिया है। इस लूट के खिलाफ जो भी आवाज़ उठाता है उसकी आवाज़ को माओवादी बता कर कुचल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हम आदिवासियों को कागज़ों पर तथा बार बार वायदे कर कभी पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि मै बस्तर के जल जंगल जमीन और संस्कृति बचाने की लड़ाई लड़ रही हूँ। उन्होंने आगे कहा कि मैं शहीद गुण्डाधुर के सपनो को साकार करना चाहती हूँ।
 आगे चल कर डॉक्टर सुनीलम ने बैलाडिला में सोनी सोरी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया। दिन भर चले कई नुक्कड़ सभाओं के दौरान उन्होंने सोनी सोरी के पक्ष में ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की और कहा कि सोनी सॉरी को दुनिया राज्य के दमनकारी स्वरुप के खिलाफ संघर्ष करने वाली नेत्री के बतौर जानती है, तथा देश कि निगाह चुनाव नतीजो पर टिकी है।
इन सभाओं को सम्बोधित करते हुए आप चुनाव अभियान समिति के प्रमुख साथी एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के प्रचार प्रभारी रजनीश अवस्थी ने कहा कि बहुत कम समय में पार्टी ने अपने नेता अरविन्द केजरीवाल द्वारा चलाई गयी दिल्ली सरकार तथा दृढ इच्छा शक्ति एवं साफ़ नीयत के चलते राजनीति में ऐसा स्थान बनाया है जिससे मतदाता पार्टी को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
   वहीँ दूसरी ओर कोंडागाव विधान सभा क्षेत्र में सोनी सोरी के लिए कार्यकर्ताओं की दूसरी टीम ने भी सघन जन संपर्क किया और बाफना, मुलमुला, अमरावती औरे बीजापुर आदि गॉव का दौरा कर सोनी सॉरी के समर्थन में वोट मांगे। इन सभाओं में बोलते हुए किसान आदिवासी विस्थापित एकता मंच की सदस्य एकता ने इस चुनाव में आदिवासी अस्मिता, पर्यावरण और वन्य जन जीवन की सुरक्षा के पक्ष में मतदान की गुहार लगाई।
सोनी सोरी के पक्ष में चित्रकोट आदि विधानसभाओं में भी प्रचार अभियान जारी है।
जनादेश न्यूज़ नेटवर्क।

About हस्तक्षेप

Check Also

भारत में 25 साल में दोगुने हो गए पक्षाघात और दिल की बीमारियों के मरीज

25 वर्षों में 50 फीसदी बढ़ गईं पक्षाघात और दिल की बीमांरियां. कुल मौतों में से 17.8 प्रतिशत हृदय रोग और 7.1 प्रतिशत पक्षाघात के कारण. Cardiovascular diseases, paralysis, heart beams, heart disease,

Bharatendu Harishchandra

अपने समय से बहुत ही आगे थे भारतेंदु, साहित्य में भी और राजनीतिक विचार में भी

विशेष आलेख गुलामी की पीड़ा : भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रासंगिकता मनोज कुमार झा/वीणा भाटिया “आवहु …

राष्ट्रीय संस्थाओं पर कब्जा: चिंतन प्रक्रिया पर हावी होने की साजिश

राष्ट्रीय संस्थाओं पर कब्जा : चिंतन प्रक्रिया पर हावी होने की साजिश Occupy national institutions : …

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

अच्छे नहीं, अंधेरे दिनों की आहट

मोदी सरकार के सत्ता में आते ही संघ परिवार बड़ी मुस्तैदी से अपने उन एजेंडों के साथ सामने आ रहा है, जो काफी विवादित रहे हैं, इनका सम्बन्ध इतिहास, संस्कृति, नृतत्वशास्त्र, धर्मनिरपेक्षता तथा अकादमिक जगत में खास विचारधारा से लैस लोगों की तैनाती से है।

National News

ऐसे हुई पहाड़ की एक नदी की मौत

शिप्रा नदी : पहाड़ के परम्परागत जलस्रोत ख़त्म हो रहे हैं और जंगल की कटाई के साथ अंधाधुंध निर्माण इसकी बड़ी वजह है। इस वजह से छोटी नदियों पर खतरा मंडरा रहा है।

Ganga

गंगा-एक कारपोरेट एजेंडा

जल वस्तु है, तो फिर गंगा मां कैसे हो सकती है ? गंगा रही होगी कभी स्वर्ग में ले जाने वाली धारा, साझी संस्कृति, अस्मिता और समृद्धि की प्रतीक, भारतीय पानी-पर्यावरण की नियंता, मां, वगैरह, वगैरह। ये शब्द अब पुराने पड़ चुके। गंगा, अब सिर्फ बिजली पैदा करने और पानी सेवा उद्योग का कच्चा माल है। मैला ढोने वाली मालगाड़ी है। कॉमन कमोडिटी मात्र !!

Entertainment news

Veda BF (वेडा बीएफ) पूर्ण वीडियो | Prem Kahani – Full Video

प्रेम कहानी - पूर्ण वीडियो | वेदा BF | अल्ताफ शेख, सोनम कांबले, तनवीर पटेल और दत्ता धर्मे. Prem Kahani - Full Video | Veda BF | Altaf Shaikh, Sonam Kamble, Tanveer Patel & Datta Dharme

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: