Home » बढ़ाया दर्द बिना हाथों वाली बेटी ने..

बढ़ाया दर्द बिना हाथों वाली बेटी ने..

दिनेश शाक्य
इटावा। बेटियों को बचाने की दिशा में तमाम सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन इसके बावजूद कुदरत की मार से इस योजना में कभी-कभी पतीला लग ही जाता है। उत्तर प्रदेश के इटावा में पैदा हुई एक लड़की को इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण माना जा सकता है जहां लडटकी के दोनों हाथ ही नहीं है। कुदरत की इस मार के आगे बेबस गरीब इस विकृत बेटी का भरण पोषण करने के लिए तैयार है फिर उसे सरकार से मदद की बड़ी दरकार है।

इटावा मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के महिला वार्ड मे इटावा शहर के कटरा बल सिंह मुहाल की रहने वाली हसीना नाम की महिला ने एक बेटी को जन्म दिया तो उसके दोनो हाथ ना देख करके उसके परिजन सन्न रह गये। हसीना के परिजनों ने सपने में भी नही सोचा होगा कि उसके साथ कुदरत ऐसा मजाक करेगी। बिना हाथों वाली बेटी देखने के बाद हसीना के परिजनो का रो-रो कर बुरा हाल है फिर भी वे कुदरत के इस नजराने को अपने और बच्चों की तरह पालने के लिए तैयार हैं। हसीना बेहद गरीब है। उसका पति एक मामूली से कैंटीन पर काम करके अपना गुजारा करता है। हसीना के आंसू देखने के बाद अस्पताल मे मौजूद कई अन्य महिलाए भी हसीना के साथ हुए अन्याय पर आंसू बहाने लगती है। हसीना की जेठानी नाजरीन का कहना है कि जब हसीना को अस्पताल में लाया गया उसके बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया पहले तो उन्हें डॉक्टरों ने इस बात की जानकारी बेटी के हाथों के ना होने की दी लेकिन जब उन्होंने बेटी को दिखाया तो हम सबके सब सन्न रह गये। उन्हें सपने में भी उम्मीद नहीं थी कि कुदरत उनके साथ ऐसा मजाक करेगी।

भले ही नवजात बेटी के दोनों हाथ ना हो उसके बाद हसीना के परिजन अपने दो अन्य बेटे और बेटी की ही तरह इसको भी पालने की बात कहते हैं। उनका दर्द इस बाबत छलक करके सामने आ जाता है कि अभी तो मासूम बेटी का ख्याल माँ-बाप रख लेंगे लेकिन जब वो बड़ी होगी तब उसका कौन ख्याल रखेगा? क्यों कि बड़ी होने पर उसके सामने कठिनाई दर दर कठिनाईयां ही आयेंगी।

अस्पताल में मौजूद कई अन्य दूसरी महिलाओ में से एक श्रीमती विनीता भदौरिया का कहना है कि सरकार को चाहिए कि इस बेटी के माँ-बाप को मदद दे ताकि वे अपनी इस बेटी का लालन पालन सही और सुचारू ढंग से कर सकें।

डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय सयुंक्त चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ का कहना है कि इस तरह के मामले हजार में एक निकल करके सामने आते हैं। जाहिर है इस तरह के मामले परिवार वालों को काफी वेदना देते हैं। आम तौर पर जब कोई महिला गर्भवती होती उसके बाद से ही उसका परीक्षण होना शुरू हो जाता है। ऐसे में गर्भ में पल रहे बच्चे के बारे में सारी जानकारी अल्ट्रासांउड के जरिये खुद वा खुद सामने आती रहती हैं। हसीना नाम की महिला को जो बेटी पैदा हुई है उसके दोनो हाथ नहीं। है लगता यही है कि महिला का परीक्षण ना हो सका हो। इसी कारण यह बात बच्चे के बारे में साफ नही हो सकी कि उसके दोनों हाथ शरीर के साथ नहीं हैं।

जनादेश न्यूज़ नेटवर्क

About हस्तक्षेप

Check Also

भारत में 25 साल में दोगुने हो गए पक्षाघात और दिल की बीमारियों के मरीज

25 वर्षों में 50 फीसदी बढ़ गईं पक्षाघात और दिल की बीमांरियां. कुल मौतों में से 17.8 प्रतिशत हृदय रोग और 7.1 प्रतिशत पक्षाघात के कारण. Cardiovascular diseases, paralysis, heart beams, heart disease,

Bharatendu Harishchandra

अपने समय से बहुत ही आगे थे भारतेंदु, साहित्य में भी और राजनीतिक विचार में भी

विशेष आलेख गुलामी की पीड़ा : भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रासंगिकता मनोज कुमार झा/वीणा भाटिया “आवहु …

राष्ट्रीय संस्थाओं पर कब्जा: चिंतन प्रक्रिया पर हावी होने की साजिश

राष्ट्रीय संस्थाओं पर कब्जा : चिंतन प्रक्रिया पर हावी होने की साजिश Occupy national institutions : …

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

अच्छे नहीं, अंधेरे दिनों की आहट

मोदी सरकार के सत्ता में आते ही संघ परिवार बड़ी मुस्तैदी से अपने उन एजेंडों के साथ सामने आ रहा है, जो काफी विवादित रहे हैं, इनका सम्बन्ध इतिहास, संस्कृति, नृतत्वशास्त्र, धर्मनिरपेक्षता तथा अकादमिक जगत में खास विचारधारा से लैस लोगों की तैनाती से है।

National News

ऐसे हुई पहाड़ की एक नदी की मौत

शिप्रा नदी : पहाड़ के परम्परागत जलस्रोत ख़त्म हो रहे हैं और जंगल की कटाई के साथ अंधाधुंध निर्माण इसकी बड़ी वजह है। इस वजह से छोटी नदियों पर खतरा मंडरा रहा है।

Ganga

गंगा-एक कारपोरेट एजेंडा

जल वस्तु है, तो फिर गंगा मां कैसे हो सकती है ? गंगा रही होगी कभी स्वर्ग में ले जाने वाली धारा, साझी संस्कृति, अस्मिता और समृद्धि की प्रतीक, भारतीय पानी-पर्यावरण की नियंता, मां, वगैरह, वगैरह। ये शब्द अब पुराने पड़ चुके। गंगा, अब सिर्फ बिजली पैदा करने और पानी सेवा उद्योग का कच्चा माल है। मैला ढोने वाली मालगाड़ी है। कॉमन कमोडिटी मात्र !!

Entertainment news

Veda BF (वेडा बीएफ) पूर्ण वीडियो | Prem Kahani – Full Video

प्रेम कहानी - पूर्ण वीडियो | वेदा BF | अल्ताफ शेख, सोनम कांबले, तनवीर पटेल और दत्ता धर्मे. Prem Kahani - Full Video | Veda BF | Altaf Shaikh, Sonam Kamble, Tanveer Patel & Datta Dharme

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: