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भागलपुर : दलितों पर पुलिस लाठीचार्ज, डीएम को निलंबित करने की माँग

भागलपुर : दलितों पर पुलिस लाठीचार्ज, डीएम को निलंबित करने की माँग
भागलपुर, 11 दिसंबर। यूँ तो बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार,सम्पूर्ण क्रांति के नायक जेपी के शिष्य हैं, लेकिन उनके ही राज में मानवाधिकार दिवस से ठीक एक दिन पहले भागलपुर में आलाधिकारियों के आदेश पर भागलपुर पुलिस ने निहत्थे महिला, बच्चों, वृद्धों पर बर्बर कार्रवाई कर मानवाधिकार का घोर उल्लंघन करते हुए मानवाधिकार की धज्जियां उड़ा दी। भागलपुर पुलिस के उक्त कृत्य को लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए, जिला विधिज्ञ संघ,भागलपुर ने पटना उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश, को पत्र लिखकर जिला अधिकारी भागलपुर आदेश तितरमारे सहित एस. डी. ओ. सदर भागलपुर अनुज कुमार, एस. एस. पी. भागलपुर मनोज कुमार सहित अन्य दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करते हुए उनके ऊपर ठोस कार्यवाही किए जाने तथा घायलों को पांच-पांच लाख रूपया मुआवजा देने की माँग की है।

जिला विधिज्ञ संघ,भागलपुर के महासचिव संजय कुमार मोदी का पत्र निम्नवत है।
सेवा में,
न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता,
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश,
बिहार, पटना।
विषय – भागलपुर(बिहार) के जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिसकर्मियों द्वारा शोषित दलित पीड़ित महिलाओं और बच्चों पर की गई बर्बर कार्यवाही के संबंध में
सविनय सूचित किया जाता है कि भूमिहीनों के जमीन बंदोबस्त करने एवं पर्चा देने की मांग को लेकर ‘जनसंसद’ (स्थानीय संगठन) के बैनर तले जिलाधिकारी के गेट समहरणालय के समक्ष 500 से अधिक लोग 5 दिसंबर से उपवास धरना पर बैठे थे, जिसमें अधिकांश गरीब, दलित, शोषित महिलाएं शामिल थी। लेकिन जिला अधिकारी भागलपुर द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा था। उनकी मांगों के सवालों पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया और उनके उपवास पर बैठे उनके प्रतिनिधियों से जिला अधिकारी मिलने से साफ इन्कार कर दिया इन कड़ाके की ठंड में उपवास पर बैठे लोगों का सब्र का बांध टूटने लगा तो धरना पर बैठे लोग जिसमें अधिकांश महिलाएं, बच्चे शामिल थे। जिला अधिकारी के मुख्य गेट के अंदर प्रवेश कर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रवेश कर गए जिला अधिकारी के वेश्म के पास पहुंच कर जिला अधिकारी से मिलने की मांग करने लगे।
कुछ ही देर में जिला अधिकारी के निर्देश पर एस. एस. पी. सहित कई थानों के पुलिस अधिकारी सहित सैंकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी पहुँच गए।
पहुंचते ही एस. डी. ओ. अनुज कुमार ने डंडा निकाल कर निहत्थे महिलाओं के ऊपर ताबड़तोड़ डंडा बरसाने लगे साथ ही उनके साथ आए सभी पुलिसकर्मी चारों ओर से घेर कर डंडे उन पर बरसाने लगे।उन्होंने बच्चे और वृद्धों को भी नहीं छोड़ा।
पुलिसकर्मियों ने लाठी, डंडे और लात घूसों से गंभीर रूप से जख्मी हो गए। यहाँ तक कि पुरूषों के अलावे बच्चों, वृद्धों व महिलाओं को दौड़ा-दौड़ा कर एक दर्जन महिला, बच्चे, बूढ़े एवं अन्य व्यक्तियों को पीट कर लहुलुहान कर दिया गया। पुलिस ने बच्चे तक को भी नहीं बख्शा एक बच्चा पुलिस की लाठी से बेहोश हो गया जिससे उसकी मां बदहवास होकर गोद में लेकर भागती नजर आई।
यहाँ तक कि महिलाएं मारपीट के क्रम में निर्वस्त्र तक हो गईं। कई महिलाएं जमीन पर गिर कर बेहोश हो गईं। पुलिस ने घसीटते हुए महिलाओं को वहाँ से घसीट कर बाहर निकाला।
पुलिसकर्मियों के लाठी डंडे और पत्थरबाजी से आधा दर्जन से भी अधिक महिलाओं को चोटें आई।
यहाँ तक कि वृद्ध को जिसका इलाज जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल भागलपुर में चल रहा है।
पुलिस तांडव से जख्मी जिसमें –

लखिया देवी उम्र 56 वर्ष, पति अकल मंडल दिलदारपुर नाथनगर भागलपुर।
सुशीला देवी उम्र 60 वर्ष, पति स्वर्गीय राम साह, भीखनपुर गुमटी नम्बर-2,जिला भागलपुर।

3.कमली देवी उम्र 40 वर्ष, पति सोहिल साह, गनगनिया सुल्तानगंज जिला भागलपुर।

सुखिया देवी उम्र 60 वर्ष, पति स्वर्गीय राम देव दास, घर भीखनपुर गुमटी नम्बर-2,जिला भागलपुर।
कैली देवी उम्र 40 वर्ष, पति राजेन्द्र कुमार, घर मिर्जापुर सुल्तानगंज जिला भागलपुर।

6.रामवती देवी उम्र 50 वर्ष, पति सहदेव हरिजन, घर नाथनगर, इसके अलावे बच्चे सहित दर्जन भर लोग जख्मी हो गए जो अपना इलाज अलग-अलग प्राइवेट अस्पताल में करा रहे हैं।
पुलिस द्वारा निहत्थे प्रर्दशनकारियों पर सीधा लाठी डंडा बरसा दिया, जबकि पुलिस के अश्रु गैस, पानी का फौब्बारा आदि विकल्प थे, लेकिन उन्होंने इसका कोई प्रयोग किया न ही समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
भागलपुर पुलिस प्रशासन के गुण्डागर्दी का यह घटना अदभूत नमूना है।
आलाधिकारियों के आदेश पर भागलपुर पुलिस निहत्थे महिला, बच्चों, वृद्धों पर बर्बर कार्यवाई कर मानवाधिकार दिवस के एक दिन पूर्व मानवाधिकार का घोर उल्लंघन करते हुए मानवाधिकार की धज्जियां उड़ा दी भागलपुर पुलिस का उक्त कृत्य लोकतंत्र पर हमला है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। जिसके लिए आदेश तितरमारे एस. डी. ओ. अनुज कुमार, एस. एस. पी. भागलपुर सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
दलित महिलाओं पर लाठी डंडे, लात घूंसों से मारने वाले पुरूष पुलिसकर्मी थे।
उपरोक्त तथ्यों के आलोक में श्रीमान से आग्रह है कि पुलिस द्वारा की गई बर्बर कार्यवाही के लिए दोषी जिला अधिकारी भागलपुर आदेश तितरमारे सहित एस. डी. ओ. सदर भागलपुर अनुज कुमार, एस. एस. पी. भागलपुर मनोज कुमार सहित अन्य दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करते हुए उनके ऊपर ठोस कार्यवाही की जाय तथा घायलों को पांच-पांच लाख रूपया मुआवजा तथा उनकी उचित मांगों को अविलंब पूरा करने का कष्ट किया जाय।
भवदीय
संजय कुमार मोदी
महासचिव, जिला विधिज्ञ संघ भागलपुर
मोबाइल नम्बर :- 91- 9835014900

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