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मिथ्या राष्ट्रवाद के नाम पर हो रही संघी गुंडई वास्तविक देशद्रोह है

देश भर में अलगाववादियों और आतंकवादियों के साथ हाथ मिलाकर राजनीति कर रहे आरएसएस-बीजेपी बाकी देश को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का तमाशा कर रहे हैं
(मथुरा में गैर भाजपा दलों के संयुक्त बयान का ड्राफ्ट)
जनता से किये वायदे पूरे करने में नरेंद्र मोदी सरकार पूरी तरह असफल रही है। देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। किसान बदहाल हैं और सरकार उनकी परेशानियां दूर करने की बजाय भू-लूट का कानून बनाने के लिए छटपटाती रही है। महंगाई बेलगाम हो गयी है। रोजगार सृजित नहीं हो रहे। छोटे व्यापार धंधे चौपट हो रहे हैं। विदेश नीति पूरी तरह असफल रही है। दलितों पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर हमले बढे हैं। हाल ही में हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की मौत इस सरकार की देन थी जिस पर दलित असंतोष अपने उभार पर था। ऐसे में जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए आरएसएस-बीजेपी और उनके संगठनों ने जेएनयू विवाद के बहाने ‘मिथ्या राष्ट्रवाद के प्रदर्शन की धूर्त मुहिम’ छेड़ी है, जिसकी हम सब भर्त्सना करते हैं।
हाल ही में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मथुरा में सम्पूर्ण विपक्ष को देशद्रोही कहा। जेएनयू छात्रसंघ के समर्थन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की भागीदारी पर उन्हें देशद्रोही कहकर गोली मार देने तक की बात संघ के लोगों ने कही है। वे न्यायपालिका, पत्रकारिता, शालीन संवाद, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अन्य सभी लोकतान्त्रिक संस्थानों की मर्यादा तार-तार कर रहे हैं। मोदी की सरकारी एजेंसियां, संघ परिवार के हाथ की कठपुतली बन गयी हैं। यह देश की प्रतिष्ठा और लोकतंत्र को कमजोर करने का काम है, जो स्वयं देशद्रोह है।
हम देशवासियों को बताना चाहते हैं कि संघ परिवार की मिथ्या राष्ट्रवादी मुहिम से सावधान रहें। वे जेएनयू में कथित तौर पर अफजल गुरु के समर्थन में लगे नारों के विरोध के बहाने लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं जबकि स्वयं जम्मू-कश्मीर में अफजल की घोर समर्थक पीडीपी के साथ सरकार चला रहे हैं। कश्मीर ही नहीं पंजाब में खालिस्तानी आतंकवादियों के समर्थन में खड़े अकालियों के साथ वे सरकार में हैं। उत्तर भारतीयों के विरोध में सक्रिय शिवसेना महाराष्ट्र में उनकी सहयोगी है और आसाम में वे बोडोलैंड के साथ हैं। देश भर में अलगाववादियों और आतंकवादियों के साथ हाथ मिलाकर राजनीति कर रहे आरएसएस-बीजेपी बाकी देश को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का तमाशा कर रहे हैं जबकि आजादी की लड़ाई में नकारात्मक भूमिका का उनका इतिहास रहा है और महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को सम्मानित व प्रचारित कर वे देश के प्रथम आतंकवादी का साथ देते रहे हैं।
हम संघ परिवार की मिथ्या राष्ट्रवादी मुहिम को राष्ट्रविरोधी कार्य मानते हैं और जनता से अपील करते हैं कि मिथ्या राष्ट्रवाद के झांसे से दूर रहें। यह मोदी सरकार की असफलता पर पर्दा डालने का कुकृत्य है।
हम उत्तर प्रदेश सरकार से भी अपील करते हैं कि प्रदेश में आरएसएस-बीजेपी और उनके छात्र संगठन एबीवीपी को मिथ्या राष्ट्रवाद के नाम पर उपद्रव करने से रोकने के लिए कठोर उपाय करें।

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