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मुलायम गढ़ में नहीं सुनाई दे रही मोदी की गूँज

दिनेश शाक्य
इटावा। पूरे देश भर मे मौजूदा समय भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के नाम की गूँज ना केवल चारों ओर सुनाई दे रही है बल्कि हर कोई उनको प्रधानमंत्री बनाने की भविष्यवाणियाँ करने में लगा हुआ है इसके बावजूद मुलायम सिंह यादव के गढ़ में मोदी के नाम की कोई गूँज नही सुनाई दे रही है।
मोदी की गूँज से अनजान यह इलाका कोई ओर बल्कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का इलाका है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के गाँव सैफई और उसके आसपास के दर्जनों गाँव के लोग नरेंद्र मोदी का नाम तक सुनना पन्सद नही करते है। नरेंद्र मोदी को लेकर सैफई और आसपास के गाँव वालो से बात करके मोदी के बारे जानने की कोशिश की गयी तो पता चला कि वो तो सिर्फ मुलायम सिंह यादव को ही जानते हैं इसके अलावा किसी को भी जानने की उनकी कोई जिज्ञासा नहीं है और ना ही वे किसी और को जानते हैं।
लगातार आ रहे सर्वेक्षण रिर्पोर्टो में मोदी को प्रधानमंत्री बनाये जाने के संकेत दिये जा रहे हैं लेकिन मुलायम और अखिलेश के गाँव के लोग नरेंद्र मोदी को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुये ही नजर आते हैं। सैफई और आसपास के गाँव वालों के लिये सब कुछ तो मुलायम सिंह यादव ही है। जिनकी बदौलत इलाके की ना केवल पहचान बनी बल्कि आज सैफई को पूरे देश भर में लोग जानते हैं और जानना भी चाहते हैं।
सैफई गाँव के रहने वाले दशरथ सिंह यादव का कहना है कि भले ही आज नरेंद्र मोदी का नाम पूरे देश भर के लोगों की जुबान पर हो लेकिन सैफई गाँव के लोगों की जुबान पर सिर्फ मुलायम सिंह यादव यानि नेता जी का ही नाम है क्यों कि नेता जी की ही बदौलत उनको पहचाना जाता है ना कि नरेन्द्र मोदी के कारण इसलिये नरेंद्र मोदी का नाम भी कोई गाँव वाला सुनना पसन्द नहीं कर रहा है।
इसी गाँव के ही आचार्य गजेंद्र सिंह भी कुछ दशरथ सिंह यादव की तरह ही बयानगी करते हैं उनका कहना है कि नेता जी ने आज सैफई को जिस मुकाम पर पहुँचाया है इस कारण उनके मन में नेता जी के प्रति जो भावना प्रदर्शित है उसे कोई डिगा नही सकता है। उनका कहना है कि हमारे गाँव के लिये नेता जी पूजक के समान हैं इसलिये हमसे ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती कि हम अपने पूजक के सामने किसी और का नाम सुनते रहेंगे।
सैफई हवाई पट्टी रोड पर स्थित उझयानी गाँव के राकेश यादव का कहना है कि हमारे गाँव के आसपास नेता जी ने जो छाप छोड़ी है उस कारण कोई दूसरा नेता नेता जी के मुकाबले खड़ा नहीं हो सकता है। हम तो नेता जी को देश का प्रधानमंत्री बनते हुये देखना चाहते हैं ताकि हमे भी लोग कह सकें कि हम प्रधानमंत्री के गाँव के रहने वाले हैं। हमारी यही कामना होगी आने वाले चुनाव मे ऐसा माहौल बने कि नेता जी प्रधानमंत्री बन करके हमारी कामना को पूरा करे।
बधुइया गाँव के सुरेन्द्र यादव नेता जी के इतने बड़े भक्त नजर आते हैं कि वो नरेंद्र मोदी का नाम भी लेने को मना कर देते हैं। ऐसा ही गाँव के दर्जनों गाँव के लोगों को भी करते हुये देखा गया है। उनका कहना है कि हम लोग वर्षों से नेता जी के मुरीद हैं, उनके कहे बिना ही अपने वोट का इस्तेमाल उनके लिये करते हैं इससे ही हमारी भावना का अंदाजा लगा लीजियेगा।
सैफई के आसपास के गाँव मे हर ओर सिर्फ मुलायम सिंह यादव के ही नाम की गूँज दिख रही है। सिर्फ सैफई ही नहीं बल्कि सैफई के आसपास के कई गाँव मे भी मोदी का प्रभाव निष्प्रभावी नजर आता है।
उसरई गाँव के चंद्रशेखर सिंह यादव का कहना है कि कभी कभी लोग अखबारो मे नरेंद्र मोदी का नाम पढ़ लेते हैं तो उनको 2002 के दंगों के कातिल के तौर पर मोदी के तस्वीर सामने आने लगती है वैसे गाँव के लोग नेता जी को प्रधानमंत्री बनता हुआ देखना चाह रहे हैं। उनको भरोसा है कि उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के विकास परख काम काज जरूर नेता जी के सपनों को साकार करने की दिशा का रास्ता तय करेंगे।
लगातार सामने आ रहे सर्वेक्षणों में नरेंद्र मोदी के प्रभाव को ना केवल वजनदार बताया जा रहा है बल्कि उत्तर प्रदेश की जमीं पर भाजपा की बेहतरी के सकेत भी दिये जा रहे हैं इसके इतर सैफई और आसपास भाजपा या फिर नरेंद्र मोदी को कोई प्रभाव नहीं देखा जा रहा है। राजनैतिक जानकारों का मत है कि नेता जी के गाँव और उसके आसपास के इलाके में एक लंबे समय से लोग भाजपा के झंडे का ही इस्तेमाल नहीं करते हैं, इसलिये वोट देने का सवाल ही पैदा कहाँ से होता है।
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से लेकर उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य नेता यह प्रचारित करने मे लगे हुये है कि मोदी फैक्टर का उत्तर प्रदेश में कोई असर नहीं है और जो भी सर्वे भाजपा के पक्ष मे नजर आ रहे हैं उनकी हकीकत चंद दिन बाद होने वाले चुनाव मे खुद वा खुद साफ हो जायेगी।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और महासचिव डॉ. रामगोपाल यादव का साफ कहना है कि जो भी सर्वे लगातार पेश किये जा रहे वो चंद लोगों के इशारे पर एक पार्टी और व्यक्ति के पक्ष में पेश किये जा रहे है जब कि हकीकत में ऐसा नहीं है। उनका कहना है कि आये दिन अपने भाषणों में वो एक ही बात कहते आ रहे हैं कि अधिकतर न्यूज चैनलों में हकीकत के बजाय मोदी से प्रभावित हो कर समाचारों को प्रसारित किया जा रहा है तभी तो हम अपने सर्मथकों से न्यूज चैनलों को चुनाव तक देखने के लिए परहेज करने की बात कह रहे हैं।
जनादेश न्यूज़ नेटवर्क

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