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मैं भी उसी पाठशाला का विद्यार्थी, जहां मोदी पढ़े, वे भ्रष्‍टाचार से न लड़ना चाहते हैं न लड़ सकते हैं : बाबूलाल मरांडी

मैं भी उसी पाठशाला का विद्यार्थी, जहां मोदी पढ़े, वे भ्रष्‍टाचार से न लड़ना चाहते हैं न लड़ सकते हैं : बाबूलाल मरांडी
खनिज हमारे लिए अभिशाप बन गया है : बाबूलाल मरांडी
जन आन्‍दोलनों का राष्‍ट्रीय समन्‍वय के 11वें राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का आखिरी दिन
पटना,5 दिसंबर। झारखण्‍ड के पूर्व मुख्‍यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने कहा कि नोटबंदी से भ्रष्‍टाचार पर लगाम नहीं लगने वाली है।
वे रविवार को पटना के अंजुमन इस्‍लामिया हॉल में आयोजित जन आन्‍दोलनों का राष्‍ट्रीय समन्‍वय के 11वें राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के तीसरे और आखिरी दिन आयोजित राजनीतिक दल और जन आंदोलनों के बीच समन्‍वय पर आयोजित परिचर्चा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्‍होंने कहा, मैं भी उसी पाठशाला का विद्यार्थी रहा हूं, जहां पीएम पढ़े हैं। मैं बहुत अच्‍छी तरह जानता हूं कि वे भ्रष्‍टाचार से न लड़ना चाहते हैं न लड़ सकते हैं। हमने इस पाठशाला में आमजन का दुख दर्द जाना ही नहीं। इसीलिए हमें नोटबंदी से जूझने वालों लोगों की तकलीफ नहीं दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा 2014 के लोकसभा चुनाव के साथ ही समाज को सबसे ज्‍यादा भ्रष्‍ट बनाने की कोशिश हुई है।
बाबूलाल मरांडी ने झारखण्‍ड के लोगों की परेशानियों का हवाला देते हुए कहा कि हमारी अकूत खनिज सम्‍पदा हमारे लिए अभिशाप बन गई है। इसी खनिज की वजह से सब हमें लूटने आते हैं। हम झारखण्‍ड के लोग विस्‍थापित होने के लिए अभिशप्‍त बना दिए गए हैं। लोगों के हक के लिए हमें जन आंदोलनों को खड़ा करना होगा।

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