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“मोदी गो बैक” नारा लगाने वाले छात्रों को रिहाई मंच करेगा सम्मानित

अंबेडकरवादी चेतना ने मोदी को दी चेतावनी ‘मोदी गो बैक’- रिहाई मंच

नैतिकता का पाठ पढ़ाकर, रोहित के दोषियों को बचाने की फिराक में मोदी

मोदी गो बैक का नारा लगाने वाले छात्रों को रिहाई मंच करेगा सम्मानित

मोदी गो बैक कहकर, दलित विरोधी केन्द्र सरकार को धक्का मारा अंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्रों ने

लखनऊ 22 जनवरी 2016। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में रोहित वेमुला की आत्महत्या के लिए मोदी को जिम्मेदार मानते हुए ‘ मोदी गो बैक ’ के नारे लगाने वाले अंबेडकरवादी प्रतिरोध की परंपरा का झंडा बुलंद करने वाले छात्रों को रिहाई मंच सम्मानित करेगा।

रिहाई मंच के प्रवक्ताओं शाहनवाज आलम और राजीव यादव ने जारी बयान में कहा है कि ‘मोदी गो बैक ’ का नारा देकर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्रों ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि तर्कशील समाज इस फासिस्ट निजाम को बर्दास्त नहीं करेगा, चाहे वह इसे रोकने के लिए कितने भी सुरक्षा प्रबंध कर ले।

उन्होंने कहा कि मोदी ने “रोहित की मौत की वजह जो भी रही हो” कहकर अपनी दलित विरोधी सरकार की संलिप्तता को उजागर कर दिया है कि चाहे कितने भी रोहित वेमुला मर जाएं मोदी और उनकी सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। मोदी को ‘मां भारती’ के लाल की इतनी ही चिंता थी तो उन्होंने क्यों नहीं उसके दोषियों को सजा देने की बात कही। मोदी और उनके मंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि दलित और मुस्लिम उनकी फासिस्ट राजनीति के लिए कुत्ते के पिल्ले से ज्यादा की अहमियत नहीं रखते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘मोदी गो बैक’ के नारे से तिलमिलाए मोदी असफलताओं से सीखने की बात कह रोहित वेमुला और उसके न्याय के लिए लड़ने वाले साथियों को नैतिकता की शिक्षा देना बंद करें।

मंच ने कहा कि जिस अच्छे-बुरे का भेद सिखाने वाली शिक्षा के बारे में मोदी बात कर रहे थे, उसी संविधान सम्मत चेतना से लैस होकर रोहित लड़ रहा था और उसके न होने पर इंसाफ के लिए उसके साथी लड़ते हुए लखनऊ से ‘ मोदी गो बैक ’ का नारा दिया है।

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