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यादवपुर विश्वविद्यालय पर फिर बजरंगी धावा, विद्यार्थी परिषद सचिव ने छात्रों के पांव काट लेने की धमकी दी

क्योंकि संघ परिवार के बिना दीदी अब बेसहारा हैं  🙄 
सरकार बनाने के लिए, चलाने के लिए भाजपा का साथ जरूरी 
संघ परिवार बंगाल में अब वाम धर्मनिरपेक्ष ताकतों से सीधे टकरानेके मूड में है। फिलहाल आज की टक्कर में संघ परिवार के एक नेता जख्मी हो गये।
एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
कोलकाता (हस्तक्षेप)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बंगाल इकाई के सचिव ने यादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों के पांव काट लेने की धमकी दी है और एबीपी आनंद ने  इस चढ़ाई के लाइव वीडियो जारी किये हैं।
विश्वविद्यालय में परीक्षा चल रही थीं और संघ परिवार की जवाबी रैली के ऐलान के बाद उपकुलपति ने रैली के आयोजकों से अपील की थी कि वे परीक्षा के दौरान अराजकता की स्थिति पैदा न करें। बहरहाल घोषित कार्यक्रम के मद्देनजर परीक्षाएं हुई लेकिन समय के फेरबदल के साथ। लेकिन देशभक्ति के झंडेवरदारों ने परीक्षा दे रहे छात्रों की कोई परवाह नहीं कि जबकि उनका मुख्य मुद्दा विस्विद्यालयों से देशद्रोहियों को निकालकर पठन पाठन का माहौल बनाना है।
पूरे दक्षिण कोलकाता में भारी अराजकता पैदा करके संघ परिवार के तमाम संगठनों के रंग बिरंगे बजरंगियों ने यादवपुर विश्वविद्यालय पर फिर चढ़ाई करके केसरिया सुनामी जारी रखने की कवायद की है। पुलिस के तीन-तीन बैरिकेड तोड़कर न वे चार नंबर गेट के समाने मानवबधन में संगठित छात्रों शिक्षकों और कर्मचारिय़ों को सबक सिखाने के मूड में थे तो पुलिस ने अंतत- ऐसा होने नहीं दिया, गनीमत है।
होता तो क्या होता, कहना मुश्किल है, लेकिन संघ परिवार बंगाल में अब वाम धर्मनिरपेक्ष ताकतों से सीधे टकरानेके मूड में है। फिलहाल आज की टक्कर में संघ परिवार के एक नेता जख्मी हो गये।
गौरतलब है कि यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को एसएफआइ-डीवाईएफआइ व अभाविप के बीच हुई मारपीट से पूरा परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया था।  दोनों ओर से इस मारपीट की घटना में दर्जनों  छात्र गंभीर रूप से घायल हो गये।  वाम छात्र संगठन की ओर से दो छात्राओं के साथ दुष्कर्म का आरोप अभाविप पर लगाया गया है। गनीमत है कि आज इसकी पुनरावृत्ति नहीं हुई।
गौरतलब है कि भाजपा नेता देवश्री चौधरी आज भी जुलूस का नेतृत्व कर रही थीं। जिन्होंने साफ कहा है कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और विश्वविद्यालय की कोई आजादी नहीं है। यहीं नहीं, राष्ट्रद्रोही छात्राओं के साथ छेड़खानी भी जायज है।
मीडिया के मुताबिक छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सोमवार को गोलपार्क से जादवपुर आठ बी बस स्टैंड तक रैली निकाली।  एबीवीपी का कहना है कि जादवपुर विश्वविद्यालय राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है,  इसी के विरोध में उन्होंने रैली निकाली।
हाथों में झंडे और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली।  एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सुबीर हल्दर ने बताया कि कुछ देशद्रोही वामपंथी छात्र संस्थान का माहौल बिगाड़ने में लगे हुए हैं।  इन छात्रों ने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर व अन्य आयोजक मंडली के सदस्यों पर हमला भी किया।  इस घटना के प्रतिवाद में रैली निकाली गई।
गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी में रूपा गांगुली और देवश्री चौधरी की अगुवाई में संघ परिवार धावे के विरोध में शनिवार को यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी से गोल पार्क तक जुलूस निकाला गया था।  इसके बाद एबीवीपी की तरफ से सोमवार को रैली निकाली गई।
बता दें कि यूनिवर्सिटी में विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘बुद्धा इन ए ट्रैफिक जाम’ की स्क्रीनिंग के दौरान हुए हंगामे के बाद से माहौल गरम बना हुआ है।  शुक्रवार को मारपीट के बाद छात्र संगठनों के दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया था।  जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से शांति व अनुशासन बनाये रखने की अपील की है।
उत्तर बांगाल में सत्तादल के सफाये के बावजूद दक्षिण बंगाल में मुसलमानों के वोट बैंक और धर्मोन्मादी ध्रुवीकरण की वजह से विपक्षी वोटों में केसरिया सेंध से दीदी हल्के या भारी बहुमत से वोटों के प्रतिशत में एक दो फीसद अंतर पड़ जाने से जीत सकती है। लेकिन तब दीदी के लिए संघ परिवार के मुताबिक राजनीति करनी होगी और उनका भी एजंडा केसरिया होगा।
क्योंकि अपनी जीत तय करने के लिए उनने जिस तरह बंगाल के केसरियाकरण की मुहिम का अघोषित साथ दिया, उसके हिसाब से कमसकम दक्षिण बंगाल में केसरिया सुनामी अब भी जारी है।
पिछले लोकसभा चुनावों के हिसाब भाजपा को सत्रह फीसदवोट मिल गये तो कमसकम अठारह सीटें मिल सकती हैं और वैसे भी सत्ता पक्ष भाजपा को नौ सीटें मिलने का अंदाजा लगा रही है।
इस हालत में बहुमत के लिए जरुरी संख्या हासिल न होने की हालत में त्रिशंकु जनादेश की स्थिति में तृणमूल सरकार फिर बनने का रास्ता संघ परिवार का रास्ता है और दीदी सत्ता से बाहर होकर अपनी पार्टी में बिखराव का खतरा मोल नहीं ले सकती तो उनके लिए तब यही रास्ता बचता है।
यादवपुर विश्विद्यालय को पहले ही भाजपाई राज्यपाल ने अराजकता का अखाड़ा बता दिया और भाजपा  अध्यक्ष ने कुर्सी संभालते ही चुनाव से पहले यादवपुर विश्विद्यालय बंद करने की मुहिम छेड़ दी थी। मतदान का अंतिम चरण पूरा होते न होते वही मुहिम बेहद जोर-शोर से फिर शुरू है।
बहाना फिल्म के प्रदर्शन का है, जिसकी आड़ में विद्यार्थी परिषद ने विऎश्वविद्यालय कैंपस में जमकर उधम मचाया और उनके साथ संघ परिवार के सभी संगठनों के सदस्य फिल्म स्टार रुपी गांगुली के नेतृत्व में बाकायदा अपने बाहुबल का प्रदर्शन किया।
नारे भी वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का लगा रहे थे और संघ परिवार के इस धावे को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सहिष्णुता का संकट बताने से परहेज नही कर रहे हैं बंगाल के बुद्धिजीवी और अखबार तो यह केसरियाकरण के बाबुलंद सबूत हैं।
राज्यपाल ने जवाब तलब किया तो उपकुलपति ने जबाव भी दे दिया लेकिन विश्वविद्यालय प्रशाशन ने बहिरागत विद्यार्थी परिषद के चार छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया तो ममता बनर्जी की पुलिस अभियुक्तों को अभीतक गिरफ्तार नहीं कर सकी।
इसके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं यादवपुर के  छात्र।
इसी के जवाब ने संघ परिवार ने सारी ताकत झोंककर आज विद्यार्थी परिषद के जवाबी जुलूस के बहाने आज फिर यादवपुर विश्वविद्यालय पर धावा बोल दिया। हालांकि इस जुलूस में छात्रों की संख्या न के बराबर थी और उम्रदराज संघ परिवार के रंगबिरंगे बजरंगी बड़ी संख्या में थे।
केंद्र में भाजपा की सरकार है तो यादवपुर और जेएनयू को कुचल देंगे, इस आक्रामक तेवर के साथ बजरंगियों ने जो यादवपुर पर चढ़ाई कर दी, इसका मकसद बंगाल में भी हिंदुत्व के आक्रामक एजंडा को आगे बढ़ाना है और खास बात है कि भारी संख्या में आम लोग और बुद्धिजीवी, वकील, डाक्टर, प्रोफेसर और फिल्म स्टार इस मुहिम के साथ हैं। जेएनयू में बागी छात्रों को सजा दिलाने के बाद बाकायदा भगवा और राष्ट्रीय झंडा के साथ यादवपुर औरजेएनयू के कम्युनिस्ट देशद्रोहियों को सजा दिलाने की मांग लेकर संघ परिवार ने कामयाब शक्ति प्रदर्शन किया।
इसी बीच यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के मामले पर माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि विश्वविद्यालय में फिल्म की  स्क्रीनिंग  हो सकती है।  फिल्म स्टार भी यहां आते हैं,  लेकिन बाहर से आपराधिक तत्वों को बुला कर यहां गुंडागर्दी करवाना  यह लोकतंत्र पर हमला है. इसे बिलकुल नहीं सहा जा सकता।
ये बातें उन्होंने रविवार को मध्यमग्राम में पार्टी की ओर से आयोजित एक  कार्यक्रम में कहीं।  उन्होंने बिना किसी का नाम लिए एबीवीपी के समर्थकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाहरी तत्वों को बुला कर विश्वविद्यालय परिसर में गुंडागर्दी की जा रही है।  साथ ही छात्रों को भयभीत करने की कोशिश की जा रही है।
मो सलीम तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि  यादवपुर में वे भी ऐसा कर चुके हैं।
एबीपी आनंद की खबर हैः
যাদবপুরের পড়ুয়াদের পা কাটার হুঁশিয়ারি এবিভিপি রাজ্য সম্পাদকের

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