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राष्ट्रवाद के मंच से फासीवाद रहा पुकार, अबकी बार…

अंशु शरण
कारपोरेट से सीधा करार

बता रहें विदेशी फर्में

जिनके जिम्मे चुनाव प्रचार

 

बनारस से भरी हुंकार

महादेव की जगह महोदय आया

एक नया नारा बनाया

लगवायी अपनी जयकार

सामने आता अहंकार

राष्ट्रवाद के मंच से फासीवाद रहा पुकार

बार बार लगातार

उन्मादित करता मुर्दो को

 

पंथ निरपेक्षता को दिया ललकार

गौरवान्वित हुए धार्मिक

अब गैर भगवा को रहे दुत्कार

 

कुछ इस तरह से हो रहा बनारस में प्रचार

कहीं पड़े ना बनारसीपन में कोई दरार

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अंशु शरण, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।

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