Home » समाचार » लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष व भयमुक्त पत्रकारिता जरूरी : सुबोधकांत सहाय

लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष व भयमुक्त पत्रकारिता जरूरी : सुबोधकांत सहाय

एनयूजे का दो दिवसीय अधिवेशन शुरू,

विशद कुमार

रांची : पत्रकारिता लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है। वर्तमान में पूर्व की तुलना में पत्रकारिता में काफी बदलाव हुये हैं। अब नेटवर्किंग का जमाना है। इसका लाभ आम लोगों को खूब मिल रहा है।

उक्त बातें पूर्व केन्द्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने कही। वह शनिवार को खेलगांव स्थित डॉ रामदयाल मुंडा ऑडिटोरियम में एनयूजे के दो दिवसीय अधिवेशन के  उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। श्री सहाय ने मीडिया विशेष रूप से प्रिंट मीडिया के कार्यों की सराहना करते हुये कहा कि प्रिंट मीडिया सरकार के कामकाज और उनकी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में सराहनीय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष और भयमुक्त पत्रकारिता पर जोर देते हुये कहा कि ऐसी पत्रकारिता से ही लोकतंत्र मजबूत होगा और देश और समाज का भला होगा। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के अपने संकल्प को दोहराया।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने ग्रामीण इलाके के पत्रकारों की पीड़ा पर दुख जताया। कहा कि हाल के दिनों में पत्रकारों पर हमले की घटना बढ़ी है। ऐसे में केन्द्र और राज्य सरकार को कड़ा कानून लाने तथा उसका सख्ती से पालन कराने की जरूरत है। देश के चौथे स्तंभ पर हमले से किसी का भला होने वाला नहीं है। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की है।

युवा नेता अजयनाथ शाहदेव ने भी पत्रकारों की सुरक्षा पर बल देते हुये कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में बतौर अतिथि बिंदु भूषण दूबे और शिव शंकर उरांव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मौके पर एनयूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष रासबिहारी जी और निवर्तमान महासचिव रतन दीक्षित, जेयूजे के अध्यक्ष रजत कुमार गुप्ता, राष्ट्रीय महासचिव शिव कुमार अग्रवाल, रांची जिला अध्यक्ष ग्रामीण प्रताप सिंह समेत रांची जिले के सैकड़ों पत्रकार मौजूद थे।

आज समापन समारोह

एनयूजे के दो दिवसीय अधिवेशन का समापन रविवार को होगा। दिन के 11 बजे से होने वाले समापन समारोह के मुख्य अतिथि और विशिष्ठ अतिथि राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरयू राय और नगर विकास मंत्री सीपी सिंह होंगे।

यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

<iframe width="640" height="360" src="https://www.youtube.com/embed/rkx8qtLqvLA" frameborder="0" allow="autoplay; encrypted-media" allowfullscreen></iframe>

About हस्तक्षेप

Check Also

media

82 हजार अखबार व 300 चैनल फिर भी मीडिया से दलित गायब!

मीडिया के लिये भी बने कानून- उर्मिलेश 82 thousand newspapers and 300 channels, yet Dalit …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: