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विद्युत अभियन्ताओं ने किया प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार एवं विरोध सभाएं

ऊर्जा निगम प्रबन्धन पर वादाखिलाफी का आरोप
अक्टूबर 2016 से 22-24 घण्टे बिजली उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को साकार करने हेतु मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
लखनऊ। विद्युत अभियन्ताओं की न्यायोचित समस्याओं के समाधान के प्रति ऊर्जा निगमों के प्रबन्धन के उदासीन, नकारात्मक एवं उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण पूरे प्रदेश में अभियन्ताओं का आन्दोलन तीव्र होता जा रहा है।
      आज पूरे प्रदेश में विद्युत गृहों यथा पनकी, हरदुआगंज, ओबरा, अनपरा, पारीक्षा, खारा, रिहद एवं क्षेत्रीय मुख्यालयों कानपुर, आगरा, झांसी, बांदा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, फैजाबाद, आजमगढ़, बस्ती, गोरखपुर, गोंडा, बनारस, इलाहाबाद, मिर्जापुर आदि समेत राजधानी लखनऊ स्थित हाईडिल फील्ड हॉस्टल में सायं 04:00 से 05:00 बजे अर्थात् 01 घण्टे का कार्य बहिष्कार कर विरोध सभाएं आयोजित की गयीं।
      लखनऊ में विरोध सभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष इं0 आर0के0 सिंह एवं महासचिव इं0 डी0सी0 दीक्षित ने कहा कि पावर कारपोरेशन प्रबन्धन अभियन्ताओं की जायज मांगों के प्रति पूरी तरह नकारात्मक एवं उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाये हुए हैं। उल्लेखनीय है कि संघ की प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं अध्यक्ष-पावर कारपोरेशन संजय अग्रवाल एवं प्रबन्ध निदेशक ए0पी0 मिश्रा के साथ दिनांक 04.12.2013, 03.07.2014, 11.11.2014, 28.03.2015 को अभियन्ताओं की मांगो को लेकर लिखित समझौते हुए। अन्तिम समझौते में 31 मई, 2015 तक सहायक अभियन्ताओं को प्रारम्भिक 05 वेतनवृद्धियां, उत्पादन निगम में  2011 से स्थगित जेनरेशन इन्सेन्टिव बहाल करते हुए इनके आदेश जारी करने पर सहमति बनी थी, परन्तु आज 03 माह से भी अधिक का समय बीत जाने पर भी आदेश नहीं हुआ है।
      वक्ताओं ने कहा कि सहायक अभियन्ताओं के प्रारम्भिक वेतनवृद्धि विगत 46 वर्ष अर्थात 1969 से मिल रही थी जिसे वर्ष 2008 से तनाशाही रवैया अपनाते हुए इसे रोक दिया गया। प्रारम्भिक वेतन वृद्धियां बहाल करने की स्वीकृति वित्त सचिव उ0प्र0 शासन द्वारा प्रदान की जा चुकी है, परन्तु कारपोरेशन प्रबन्धन इसके आदेश जारी करने में हीला-हवाली कर रहा है जिससे पिछले 09 सालों में नियुक्त हुए लगभग 1500 अभियन्ता प्रभावित हैं परन्तु कारपोरेशन प्रबन्धन अभियन्ताओं के प्रति नकारात्मक रवैया अपना कर अभियन्ताओं का दमन कर रहा है।
      वक्ताओं ने कहा कि उत्पादन निगम में विगत लम्बे समय से मिल रहे उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता वर्ष 2011 से स्थगित रखा गया है जिसे निदेशक मण्डल में बार-बार प्रस्तुत करने का नाटक किया जा रहा है। विदित हो कि उत्पादन निगम का औसत पी0एल0एफ0 63 प्रतिशत है जबकि देश के समस्त राज्यों का औसत पी0एल0एफ0 57 प्रतिशत है। अतः अभियन्ताओं के मनोबल को बढ़ाने के दृष्टिगत यह किया जाना आवश्यक है। वर्ष 2007-08 में नियुक्त सहायक अभियन्ताओं की अधिशासी अभियन्ता के रिक्त पदों पर पदोन्नति नहीं की जा रही है, अलग-अलग ऊर्जा निगमों में वरिष्ठता के अलग-अलग नियम बनाये गये हैं जिनसे तमाम विसंगतियां पैदा हो रही हैं। ऐसा अभियन्ताओं का दमन करने के लिए जानबूझ कर किया गया है परन्तु सैद्धांतिक सहमति जताने के बावजूद धरातल पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। सामान्य कार्य एवं अभियानों के दौरान अभियन्ताओं पर जानलेवा हमले हो रहे हैं, उपभोक्ताओं द्वारा अभियन्ताओं पर लूट, मारपीट, रेप आदि के झूठे मुकदमें दर्ज कराये जा रहे हैं परन्तु अभियन्ताओं की सुरक्षा के नाम पर प्रबन्धन आंख बन्द किये उदासीन रवैया अपनाये हुए है।
वक्ताओं ने कहा कि उत्पादन निगम द्वारा लगाये जा रहे 660 मेगावाट हरदुआगंज, 660 मेगावाट पनकी, 1320 मेगावाट ओबरा, 1320 मेगावाट करछना एवं 1320 मेगावाट जवाहर परियोजना के लक्ष्य के अनुरूप निर्माण हेतु नये पदो के सृजन का प्रस्ताव एवं वितरण क्षेत्र के लिए 21058 पदों के सृजन का प्रस्ताव भी विगत 06 माह से भी अधिक समय से शासन में लम्बित है। इनके अनन्तकाल तक लम्बित रहने से अक्टूबर,2016 से प्रदेश की जनता को 22-24 घण्टे बिजली उपलब्ध कराये जाने के सरकार के संकल्प को पूर्ण कर पाना कठिन होगा। ऐसा लगता है कि नौकरशाह सरकार को गुमराह कर रहे हैं।
      सभी वक्ताओं ने मुख्यमंत्री से अपील की कि अक्टूबर, 2016 से प्रदेश की जनता को 22-24 घण्टे बिजली उपलब्ध कराये जाने के सरकार के संकल्प को पूरा करने की दिशा में अग्रसर रहने हेतु पावर कारपोरेशन प्रबन्धन से हठधर्मिता छोड़ कर अभियन्ताओं की न्यायोचित मांगों पर आदेश जारी करने हेतु निर्देश जारी करें।
      सभा को ए0के0 सिंह, पी0आर0 चौधरी, ए0एन0 सिंह, संदीप राठौर, बी0के0 रस्तोगी, रामप्रकाश, नवीन निशात, संदीप अग्रवाल, राजीव सिंह, अंकुर भारद्वाज, जे0एस0 मिश्रा, सुभाष मिश्रा, विनीत रस्तोगी, जे0के0 पाल, सी0पी0 यादव, सी0वी0एस0 गौतम, मनोज मल्होत्रा, प्रवीण कुमार, ओ0पी0 सिंह, शशांक चौधरी आदि अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।

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