Home » विस्थापितों से हुए समझौते और पर्यावरण का मुद्दा उठेगा संसद में

विस्थापितों से हुए समझौते और पर्यावरण का मुद्दा उठेगा संसद में

बाजार व मजदूर बस्तियों में आइपीएफ ने शुरू किया धनसंग्रह
दारापुरी को वोट देने की की अपील
संविदा श्रमिकों का होगा नियमितीकरण,
अनपरा-सोनभद्र, 18 अप्रेल 2014, आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट(आइपीएफ) के कार्यकर्ताओं ने आइपीएफ के लोक सभा के प्रत्याशी पूर्व आई.जी. एस.आर. दारापुरी के चुनाव प्रचार हेतु काशीमोड़ व डिबुजगंज बाजार सहित लाल टावर, एचसीएल मजदूर बस्ती और अनपरा‘डी’ में धनसंग्रह किया। धनसंग्रह में व्यापारियों व मजदूरों में ने काफी उत्साह दिखाते हुए दारापुरी का समर्थन करने व वोट देने का भी आश्वासन दिया।
धनसंग्रह अभियान का नेतृत्व कर रहे आइपीएफ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेश सचान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों की अवहेलना करते हुए इस पूरे औद्योगिक जोन में पर्यावरण को गंभीर क्षति पहॅँचायी जा रही है, जिससे यहाँ के नागरिकों की जिंदगी को खतरा पैदा हो गया है। फ्लोरोसिस से लेकर कई गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आकर लोग बेमौत मर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संकट की मुख्य वजह जानबूझ कर की जा रही घोर लापरवाही व भ्रष्टाचार है। उदाहरणार्थ 1200 मेगावाट क्षमता की लैंको पावर प्रा0 प्रोजेक्ट में कोल ऐश के निस्तारण के लिए सेलो अभी तक बना ही नही है और 1630 मेगावाट क्षमता की अनपरा तापीय परियाजेना में अरबों की लागत से बना सेलो 3 वर्षों से बंद पड़ा है जिससे सिर्फ इन दोनों प्रोजेक्ट से प्रतिदिन 15 हजार टन से ज्यादा कोल ऐश या तो वातावरण में घुल जाती है अथवा रिहंद डैम में जा रही है। इसी तरह औद्योगिक प्रतिष्ठानों का हजरों टन कचरा सहित आदित्य बिड़ला केमिकल्स से दसियों हजार लीटर तेजाब प्रतिदिन रिहंद डैम में डिस्चार्ज किया जाता है जिससे पूरे क्षेत्र के प्रदूषण में भारी इजाफा हुआा है।
श्री सचान ने कहा कि दसियों वर्षों से परियोजनाओं में रेगुलर काम करने वाले मजदूरों को कानूनी प्रावधानों के बाद भी नियमित नहीं किया गया और आज तक रिहंद व परियोजना विस्थापितों से हुए समझौतों को किसी भी सरकार ने लागू नहीं किया। स्थिति इतनी खराब है कि हाई कोर्ट द्वारा 27 अप्रेल 2011 को अनपरा-ओबरा तापीय परियोजनाओं के संविदा श्रमिकों को नियमित करने का आदेश दिया था जिसे न तो मायावती सरकार ने और न ही वर्तमान अखिलेश सरकार ने लागू किया। उन्होंने कहा कि अगर विस्थापितों से हुए समझौते लागू किया जाये, संविदा श्रमिकों का नियमितीकरण हो और विकास हेतु विशेष पैकेज मिले तो इस क्षेत्र का व्यापार भी समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यदि दारापुरी जी चुनाव जीतते हैं तो इन मुद्दों को संसद में उठाया जायेगा और हर हाल में समाधान कराया जायेगा। धनसंग्रह अभियान के दौरान आइपीएफ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेश सचान, ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल, अनपरा प्रभारी कंहैया लाल गुप्ता, व्यापारी नेता राम जी गुप्ता, तेजधारी गुप्ता, मुश्ताक अहमद, बृजराज सिंह, चंदीप पाल, विरेंद्र यादव, पन्ना लाल जायसवाल, विकास सिंह इत्यादि शामिल रहे।

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