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शिल्पी स्वयसेवी संस्थान ने शिक्षक भर्ती के नाम पर दिया धोखा, जिलाधिकारी ने दिए एफआईआर के आदेश ?

पूर्व बीआरसी भी संदिग्ध, आरोप है कि मिलकर रचा था कुचक्र

मैनपुरी से वीरभान सिंह

उत्तर प्रदेश(मैनपुरी)। संविदा पर शिक्षकों की भर्ती करने का जाल बिछाने वाला फर्जी शिल्पी स्वयंसेवी संस्थान हजारों बेरोजगारों से लाखों की कथित ठगी कर रातों-रात फरार हो गया। तीन महीनों से अपने बकाये वेतन और नियुक्ति पत्रों को लेने पहुंचे आवेदकों के उस वक्त होश उड़ गए जब उन्होंने कार्यालय के बाहर ताला लगा देखा। बडी संख्या में पीड़ित आवेदकों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद से शिकायत की।

बताया जाता है  डीएम ने संस्था निदेशक के खिलाफ एफआईआर के आदेश कर दिए।

उधर संस्था निदेशक के साथ वे लोग भी फरार हो चुके हैं जो इस मकडजाल में शामिल बताए जाते थे। पुलिस ने संस्था निदेशक के किराये के आवास पर छापा भी मारा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते तीन महीनों से शहर के स्टेशन रोड पर शिल्पी स्वयंसेवी संस्थान के नाम से एक एनजीओ का संचालन किया जा रहा था।

बताया जाता है  एनजीओ निदेशक डॉ. बृजेश गौतम द्वारा संस्था के लेटर पैड पर सर्व शिक्षा अभियान का होलोग्राम छपवाकर जनपद के बेरेाजगारों को संविदा पर शिक्षक बनाये जाने का प्रलोभन दिया जा रहा था। नौकरी के नाम पर संस्था ने जनपद भर में रिक्तियां दर्शाकर तत्काल नियुक्तियां शुरू कर दीं। इन शिक्षकों को कार्य दिया गया कि इन्हें अपने ही गांव के 20 बच्चों को घेरकर उन्हें शिक्षित बनाना है। इसके बदले उन्हें प्रतिमाह दो हजारे रूपये बतौर वेतन प्रदान किए जायेंगे तथा एक वर्ष बाद उनका दस वर्षों के लिए नवीनीकरण कर दिया जायेगा।

आरोप है कि शिक्षकों के लिए आवेदन करने वालों से निदेशक गौतम ने प्रति आवेदक 3-3 हजार रूपये बतौर सिक्यूरिटी मनी जमा कराये।

इन शिक्षकों के अलावा निदेशक गौतम ने जनपद भर में मण्डल प्रबंधक, को-आर्डीनेटर, जिला समन्वयक, ब्लाक समन्वयक, तहसील समन्वयक, जांच अधिकारी, रिपोर्ट अधिकारी, कैमरामेन सहित तरह-तरह के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कीं।

आरोपानुसार इन सभी से पद के लिए 10 हजार रूपये से 50 हजार रूपये तक की सिक्यूरिटी मनी जमा कराई। अपना वेतन और नियुक्ति पत्र लेने के लिए कथित शिक्षक जब संस्थान के कार्यालय पहुंचे और उन्होने वहां ताला लगा देखा तो उनके होश उड़ गए। बेरोजगारों ने जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद को लिखित शिकायती पत्र देकर अपनी व्यथा सुनाई। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्था निदेशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए।

संस्थान से जुड़े हर एक कर्मचारी पर हो एफआईआर

उत्तर प्रदेश(मैनपुरी)। ठगी का शिकार हुए बेरोजगारों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि शिल्पी स्वयंसेवी संस्थान से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी और जांच अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाये जो इस संस्थान पर हम बेरेाजगारों को बरगलाते थे और शिक्षक बनाने का झांसा दे रहे थे।

बेरोजगारों का कहना है कि इन्हीं लोगों ने निदेशक बृजेश गौतम के कहने पर हम लोगों से सिक्यूरिटी मनी ली थी तथा हमें नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। ये सभी लोग शहर मैनपुरी के ही हैं और आये दिन किसी न किसी को लूटते हैं। इन ठगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये ताकि भविष्य में फिर कोई नटवरलाल ऐसा कदम न उठा सके।

पूर्व बीआरसी के आवास पर पुलिस का छापा

उत्तर प्रदेश(मैनपुरी)। बेरोजगारों से लाखों रूपये की ठगी कर फरार हुआ शिल्पी स्वयंसेवी संस्थान का निदेशक बृजेश गौतम जिला अस्पताल के पीछे पंचशील कालोनी में बने पूर्व बीआरसी रामप्रकाश मौर्या के आवास पर किराये से रह रहा था। बताते हैं कि गौतम और मौर्या के करीबी रिश्ते हैं। रातों-रात ठगी कर फरार हुए गौतम की जानकारी के लिए कोतवाली पुलिस ने रामप्रकाश मौर्या के आवास पर छापा मारा और पूर्व बीआरसी मौर्या की पत्नी अनीता से पूछताछ की। अनीता ने बताया कि बृजेश अपनी पत्नी मेनका और बेटी शिल्पी के साथ यहां से रात को ही भाग गया।

छापेमारी के दौरान गौतम का कमरा खाली था तथा वहां पर सिर्फ कागजात ही बिखरे पडे थे। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया। पुलिस इस मामले में मकान मालिक को भी संदिग्ध मान रही है।

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