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श्रम अधिकार लागू करवाने के लिए लुधियाना के पावरलूम मजदूरों का धरना

श्रम अधिकार लागू करवाने के लिए लुधियाना के पावरलूम मजदूरों ने डी.सी. कार्यालय पर रोषपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया
16 जनवरी, 2014, लुधियाना। टेक्सटाइल-हौकारी कामगार यूनियन, पंजाब के नेतृत्व में लुधियाना के सैंकड़ों पावरलूम कारखानों के मजदूरों ने आज डी.सी. लुधियाना के कार्यालय पर रोषपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया और श्रम कानून लागू करने के लिए माँग पत्र सौंपा। धरने को सम्बोधित करते हुए टेक्सटाइल-हौकारी कामगार यूनियन के अध्यक्ष राजविन्दर ने कहा कि लुधियाना प्रशासन द्वारा मजदूरों के अधिकारों की भयंकर रूप से अनदेखी की जा रही है। इसी का नतीजा है कि पावरलूम कारखाना मालिक मजदूरों के कानूनी अधिकारों का सरेआम हनन कर रहे हैं। बार-बार प्रशासन, श्रम विभाग, ई.एस.आई. विभाग आदि सरकारी विभागों में शिकायतें दर्ज करवाने के बाद भी कारखानों में श्रम कानून लागू नहीं किए जा रहे हैं। मजदूरों ने पिछले समय में संगठित होकर जो आमदनी बढ़ोतरी और ई.एस.आई. सुविधा हासिल की है मालिक अब फिर से उसे छीनने पर उतारू हैं। किसी न किसी बहाने से मालिक मजदूरों को तंग-परेशान कर रहे हैं, बढ़ रही महँगाई से मजदूर त्रस्त हैं लेकिन पीस रेट-वेतन घटाए जा रहे हैं। मन्दवाड़ी के बहाने से मजदूरों की काम से छँटनी की जा रही है। लुधियाना प्रशासन की यह कानूनन जिम्मेवारी है कि वह मजदूरों के हक-अधिकार लागू करवाए और मालिकों द्वारा हो रही धक्केशाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। मजदूरों में पावरलूम मालिकों की धक्केशाहिओं और प्रशासन द्वारा हो रही उनके अधिकारों की अनदेखी के खिलाफ आक्रोश है। उन्होंने कहा कि पावरलूम मालिक शहर का माहौल खराब करने पर उतारू हैं, इसका प्रशासन को सख्त नोटिस लेते हुए कार्रवाई करनी होगी।
          टेक्सटाइल हौकारी कामगार यूनियन के सचिव विश्वनाथ, समिती सदस्य विशाल, प्रेमनाथ, कारखाना मजदूर यूनियन के संयोजक लखविन्दर आदि ने भी प्रदर्शन को सम्बोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि अगर लुधियाना प्रशासन ने मजदूरों के हक में कदम न उठाए तो मजदूरों को मजबूरन तीखा संघर्ष लडऩा पड़ेगा। नौजवान भारत सभा की पंजाब इकाई के संयोजक छिन्दरपाल ने भी धरने को सम्बोधित किया।

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