Home » समाचार » संघ परिवार की ओर से धर्मांतरण अश्वमेध अभियान

संघ परिवार की ओर से धर्मांतरण अश्वमेध अभियान

यादव महाराज की बलात्कार कामदेवी दक्षता में योगाभ्यास और आयुर्वेद की कोई भूमिका है या नहीं,  इसका बहरहाल खुलासा नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि संसदीय सुनामी के मध्य संघ परिवार की ओर से धर्मांतरण अश्वमेध अभियान व्यापक और तेज बनाये जाने की योजना है। मुसलमानों के बाद अब ईसाई भी हिंदू बनाये जायेंगे। फिर बौद्धों,सिखों और जैनियों की बारी ?
कोई कारण नहीं है कि बौद्धों और सिखों को हिंदुत्व में समाहित न करने की संघ परिवार की कोई योजना न हो। हिंदुत्व से बौद्धमय बनने वाले राम अब केसरिया हनुमान हैं और पंजाब में सिख संगत के मालिकान अकाली संघ परिवार में ही शामिल है।
विधर्मी बांग्लादेशियों के शुद्धिकरण की भी योजना
हिंदुत्व की इस महासुनामी  में विधर्मी बांग्लादेशियों के शुद्धिकरण की भी योजना है। हो सकता है, उन्हें नागरिकता मिल जाये लेकिन अनार्य हिंदुओं के नागरिकत्व का मसला हल होने के आसार नहीं हैं।
खुशी को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं।
फिर ग्लोबल हिंदुत्व का पुण्य प्रताप यह कि भारत की पहचान और मौजूदा संत बाबा स्वामी कारोबार योग को आज तब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई जब संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का ऐलान कर दिया। इस ऐलान के साथ ही अब हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में इसका स्वागत करते हुए कहा कि मेरे पास इस खुशी को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। यह करिश्मा भी मोदी की पहल पर हुआ बताते हैं। डिजिटल बायोमेट्रिक रोबोटिक देश की सेहत के लिए योगाभ्यास निश्चय ही बेहतर।
बाबाओं के अनंत यौवन का रहस्य भी वही।
बाबाओं के अनंत यौवन का रहस्य भी वही। इसी सिलसिले में खबर यह भी कि गुड़गांव की एक निजी कंपनी में काम करने वाली 27 साल की एक युवती से बीते दिनों उबेर कैब सर्विस के एक कैब में हुए बलात्कार के मामले में नित नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वहीं, रेप के आरोपी कैब ड्राइवर शिव कुमार यादव ने अब कथित तौर पर चौंकाने वाला बयान दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कैब चालक ने खुद को काम देव का अवतार बताया है। उधर, उबेर कैब के आरोपी ड्राइवर शिव कुमार यादव की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी गई है।
यादव महाराज की बलात्कार कामदेवी दक्षता में योगाभ्यास और आयुर्वेद की कोई भूमिका है या नहीं, इसका बहरहाल खुलासा नहीं हुआ है।
अनंत यौवन कायाकल्प के मध्य रेडियएक्टिव सक्रियता
इसी अनंत यौवन कायाकल्प के मध्य रेडियएक्टिव सक्रियता भी गौरतलब है। रूस 2035 तक भारत में कम-से-कम 12 परमाणु रिएक्टर लगाएगा और उसने यहां अत्याधुनिक हेलीकाप्टरों के विनिर्माण पर भी सहमति भी जतायी है। दोनों देशों ने गुरुवार को यहां कुल मिलाकर अपने रणनीतिक सहयोग को और गति देने के लिये तेल, गैस, रक्षा, निवेश और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
गौरतलब है कि भरत अब तक अमेरिका समेत सभी विकसित देशों से ऐसा रक्षा आंतरिक सुरक्षा समझौता कर चुका है जो सेनसेक्स की उछाल की वजह भी है और रेटिंग बढ़ने का आधार बभी।जबकि उत्पादन आंकड़े सुधरे नहीं है और न वित्तीय घाटा का समाधान हुआ है।
“क्या श्रीमती स्वराज को लगता है कि गीता किसी संकट में है या फिर वे साध्वी निरंजन ज्योति के ‘रामजादे कांड’ और यूपी बीजेपी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ नाम का शिवमंदिर बताने से पैदा हुए शोर के बीच अपनी जगह खोज रही हैं?”
पंकज श्रीवास्तव ने कुछ मौजूं सावल उठाये हैं।
डॉ. अंबेडकर गीता को वर्णव्यवस्था पर चोट करने वाले बौद्धधर्म की प्रतिक्रिया में लिखी गई पुस्तक मानते हैं।
पंकज ने बाकायदा बाबासाहेब अंबेडकर का हवाला देते हुए लिखा है कि यही वजह है कि डॉ. अंबेडकर गीता को वर्णव्यवस्था पर चोट करने वाले बौद्धधर्म की प्रतिक्रिया में लिखी गई पुस्तक मानते हैं। उनके मुताबिक यह प्रतिक्रांति का दर्शन है, जो चातुर्वर्ण्य को सही साबित करने का बचकाना प्रयास है। ‘हत्या शरीर की होती है, आत्मा की नहीं’- इस सिद्धांत का विवेचन करते हुए डॉ. अंबेडकर यह भी लिखते हैं- “यदि कृष्ण को अपने उस मुवक्किल की ओर से अधिवक्ता के रूप में उपस्थित होना पड़ता जिस पर हत्या का मुकदमा चलाया जा रहा है और वे भगवद्गीता में बताए गए सिद्धांतों को उस अपराधी के बचाव के लिए प्रस्तुत करते, तो इसमें संदेह नहीं कि उन्हें पागलखाने भेज दिया जाता।’ (डॉ. अंबेडकर संपूर्ण वाङ्मय, पृष्ठ 260)
हम अब बाबा साहेब को इस आलेख में उद्धृत नहीं कर रहे हैं। जो पाठ के इच्छुक हों वे कृपया वे यह लिंक खोल लें-
Riddle In Hinduism – Ambedkar.org
www.ambedkar.org/riddleinhinduism/
O- पलाश विश्वास

About हस्तक्षेप

Check Also

media

82 हजार अखबार व 300 चैनल फिर भी मीडिया से दलित गायब!

मीडिया के लिये भी बने कानून- उर्मिलेश 82 thousand newspapers and 300 channels, yet Dalit …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: