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सामाजिक न्याय की बात करने वाले लोगों को देशद्रोही कहने वाले ही देश के असल गद्दार

गोडसेवादी विचारधारा परास्त करो
बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के बाद से ही देश में दो विचार धारायें सामने आयी थीं, एक गांधीवाद और दूसरा गोडसेवाद। कहीं न कहीं गांधीवादी विचारधारा देश में पिछड़ती गयी और गोडसेवादी विचारधारा परवान चढ़ती रही, जिसका भव्य रूप आज हमारे सामने है।
उक्त विचार जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित ने गांधी भवन देवां रोड पर अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा आयोजित ‘‘देश भक्ति व देश द्रोह का प्रमाण पत्र जारी करने वाले लोग कौन हैं’’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में अपने अध्यक्षीय भाषण में व्यक्त किए।
श्री दीक्षित ने कहा कि एक सोची समझी रणनीति के तहत गोडसे की विचारधारा का समर्थन करने वाली शक्तियाँ समय-समय पर अपनी रणनीति बदलती रहीं। कभी गैर कांग्रेसवाद के नाम पर और कभी गैर साम्यवाद के नाम पर सत्ता के लोभी राजनीतिक दलों की बैसाखी का सहारा उन्होंने लिया और आज जब वह केन्द्र की सत्ता पर मजबूती से बैठ गये हैं तो अपने ही दल के उन नेताओं को किनारे लगा दिया जो लचीला रूख रखते थे। उन्होंने कहा कि देश इस समय संकट की घड़ी से गुजर रहा है और वे लोग देश भक्ति या राष्ट्रद्रोह की सनद बाँट रहे हैं, जिनकी कोई भूमिका या योगदान स्वतंत्रा संग्राम के आन्दोलन में नहीं रहा। पहले मुसलमानों को द्रेशद्रोह का प्रमाण पत्र जारी किया गया और अब उन हिन्दुओं की बारी आयी है, जो मुसलमानों के साथ की जा रही नाइंसाफी का विरोध करते रहें हैं।
परिचर्चा में अपने विचार रखते हुए रिहाई मंच के अध्यक्ष मो. शुऐब एडवोकेट ने कहा कि आज देश की दिशा व दशा का संचालन पूँजीपति कर रहे हैं। यह बात किसी से छुपी नहीं है कि आज के मीडिया हाउस का संचालन कौन शक्तियाँ कर रही हैं और देश पर हुकुमत कर रही इन कठपुतलियों को नचानेवाले कौन हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की बात करने वाले लोगों को देश द्रोहिता का प्रमाण-पत्र देने वाले लोग ही देश के असल गद्दार हैं और इनके विरूद्ध हमें मिलजुलकर अहिंसा का रास्ता अपनाते हुए खुलकर लड़ाई लड़ना चाहिए। इसके लिए देश की युवा पीढ़ी को उसी प्रकार आगे आना होगा जिस तरह स्वतंत्रता संग्राम के समय व देश के विभिन्न मुद्दों पर उन्होनें अपना योगदान दिया।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सहसचिव रणधीर सिंह सुमन एडवोकेट ने कहा कि जिस प्रकार से जे0एन0यू0 को मुद्दा बनाकर पेश किया गया है और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली पुलिस कमिश्नर बस्सी एवं मीडिया के कुछ लोगों को साथ लेकर जिस तरह कुचक्र रचा गया है, यह एक गम्भीर बात है और नागपुरी मुख्यालय में बैठे लोगों की सोची समझी रणनीति का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देशवासियों को फरेब देकर नागपुरी गैंग के सहारे उनकी कठपुतली सरकार केन्द्र में स्थापित हुयी है और अब जनता की जवाबदेही का समय आने पर व नये-नये मुद्दे बनाकर अपनी जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रहें हैं।
गोष्ठी में उ0प्र0 अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के निदेशक इज़हार हुसैन, भाकपा के जिला सचिव बृजमोहन वर्मा, महन्त गुरूशरणदास, डा0 तस्खीर हसन नदवी, डा0 रामगोपाल वर्मा, डा0 एस0एम0हैदर, डा0 कौसर हुसैन, आदि ने सम्बोधित किया।
गोष्ठी में प्रमुख रूप से किसान सभा के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, महामंत्री सत्येन्द्र कुमार, डा0 उमेश चन्द्र, नीरज वर्मा एडवोकेट, भोला, रामनरेश, मुनेश्वर, अवधेश, टिंकू, उत्तम, अरूण, रमेश, रामलखन, राजेश, बलराम सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, कर्मवीर सिंह, गनेश सिंह, आदि लोग उपस्थित थे तथा संचालन मो0 तारिक खान ने किया।

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