भारतीय सिनेमा में अविस्मरणीय योगदान ख्वाजा अहमद अब्बास का

नई दिल्ली। उत्तराखण्ड के राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने कहा है “ख्वाजा अहमद अब्बास का भारतीय सिनेमा एवं साहित्य में अविस्मरणीय योगदान है।” डॉ. कुरैशी उत्तराखण्ड निवास में आयोजित एक कार्यक्रम में सुविख्यात फिल्म निर्माता-लेखक ख्वाजा अहमद अब्बास की अधिकृत वेबसाइट को लाँच करते वक्त अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। यह वेबसाइट के. ए. …
 | 

नई दिल्ली। उत्तराखण्ड के राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने कहा है “ख्वाजा अहमद अब्बास का भारतीय सिनेमा एवं साहित्य में अविस्मरणीय योगदान है।”

डॉ. कुरैशी उत्तराखण्ड निवास में आयोजित एक कार्यक्रम में सुविख्यात फिल्म निर्माता-लेखक ख्वाजा अहमद अब्बास की अधिकृत वेबसाइट को लाँच करते वक्त अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। यह वेबसाइट के. ए. अब्बास जन्मशती समारोह समिति द्वारा तैयार की गई है। राज्यपाल डॉ. कुरैशी जो स्वंय एक विख्यात शिक्षाविद हैं, इस कमेटी के चेयरमैन हैं। योजना आयोग की सदस्य डॉ. सईदा हमीद भी इस कमेटी में षामिल है।

इस अवसर पर राज्यपाल डॉ. कुरैशी ने ख्वाजा अहमद का स्मरण करते हुए कहा कि के. ए. अब्बास की जन्मशती के अवसर पर उनके साहित्य एवं कला के क्षेत्र में दिये गये योगदान को देश-विदेश तक पहुंचाना चाहिये।

डॉ. सईदा हमीद ने कहा कि के. ए. अब्बास की वेबासाइट से लोगों को खासतौर पर युवा पीढ़ी को उनके शानदार शाहकारों को जानने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट ख्वाजा अहमद अब्बास के कार्यों के डॉक्यूमेंटेशन एवं उनके सरंक्षण का काम भी करेगी। उल्लेखनीय है कि जून 2014 में के0ए0 अब्बास के जन्म के सौ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। श्री अब्बास के जन्मशती समारोहों के लिये बनाई गई कमेटी द्वारा दिल्ली, मुम्बई, अलीगढ़, पानीपत और देहरादून आदि स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रम किये जा रहे हैं। के0ए0 अब्बास की वेबसाइट  www.abbaska.com का लोकर्पण इसी की एक कड़ी है। श्री अब्बास एक विख्यात लेखक, उपान्यासकार, पत्रकार, फिल्म निर्माता और पटकथा लेखक थे। वे भारतीय समानांतर सिनेमा या न्यू वेब सिनेमा के जनक फिल्मकारों में से एक थे। उनकी नीचा नगर(1946), धरती के लाल और दो बूँद पानी जैसी फिल्मों को  अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उनकी फिल्मों में भारतीय लोकतंत्र, धर्म निरपेक्षता और लोक कल्याण की धारणाएं महत्वपूर्ण रहती थीं।

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription