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Yearly Archives: 2014

किसानों के खिलाफ मोदी सरकार की युद्ध-घोषणा- आइपीएफ

रियल एस्टेट बिजनेस काले धन का सबसे बड़ा अभयारण्य है भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को तत्काल वापस ले सरकार कार्पोरेट घरानों को मोदी सरकार का नए साल का सबसे बड़ा तोहफा नई दिल्ली। किसानों के जुझारू संघर्षों ने यूपीए सरकार को अंग्रेजों के बनाए भूमि अधिग्रहण कानून में आधे-अधूरे बदलाव के लिए बाध्य किया था, लेकिन दो बुनियादी बातें इस नए …

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भारतीय राष्ट्रवाद पर हिन्दुत्व की राजनीति का पहला बड़ा हमला था गांधी की हत्या

Godse's glorification in Gandhi's country?

समय बदल रहा है और इस परिवर्तन की गति काफी तीव्र है। पिछले कुछ दशकों में अधिकांश हिन्दू राष्ट्रवादियों को अपने नायक नाथूराम गोडसे के प्रति अपने प्रशंसाभाव को दबा-छिपाकर रखने की आदत-सी पड़ गई थी। कभी कभार, कुछ कार्यक्रमों में उसका गुणगान किया जाता था परंतु ऐसे कार्यक्रम बहुत छोटे पैमाने पर आयोजित होते थे और उनका अधिक प्रचार …

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जाने कब कौन किसे मार दे काफिर कह के…

Javed Anis जावेद अनीस, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।

मजहबी आतंक के खिलाफ बगावत की जरूरत Rebellion needed against religious terror दिसम्बर 2012 को दिल्ली में “निर्भया काण्ड” ने सभी भारतीयों को गम और गुस्से से उबाल दिया था और इस हैवानियत को देख सुन कर पूरी दुनिया सहम सी गयी थी। नियति का खेल देखिये एक बार फिर सोलह दिसम्बर का दिन इंसानियत पर भारी साबित हुआ और …

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विकास की विसंगति और विश्व भाषाएँ

Just in, Breaking News.

किन बातों पर निर्भर करता है किसी भाषा का भविष्य? विश्व भाषाएँ, भाषाओं के उजड़ने का इतिहास. भाषाओं की विलुप्ति में यूरोपीय उपनिवेशवाद की आपराधिक भूमिका.

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साहित्य की दुनिया और विभेदीकरण

debate, thought, analysis,

साहित्य का मतलब क्या है? | What is meant by literature? साहित्य शब्द सुनते ही हमारे जेहन में जिस तरह की छवि बनती है वह कविता, कहानी और उपन्यास की ही होती है। क्या साहित्य महज यही है या साहित्य की सीमा में और भी विधाएं शामिल होती हैं। साहित्य का अपना क्या चरित्र है और साहित्य व्यापक स्तर पर …

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ज़िंदगी बादे फना तुझको मिलेगी हसरत, तेरा जीना तेरे मरने की बदौलत होगा

National News

ज़िंदगी बादे फना तुझको मिलेगी हसरत, तेरा जीना तेरे मरने की बदौलत होगा फैजाबाद/अयोध्या। पिछले कई सालों से अयोध्या फिल्म सोसाइटी (Ayodhya Film Society) द्वारा आयोजित फिल्म फेस्टिवल का समापन हो गया। गौरतलब है कि अवध की गंगा-जमुनी तहजीब (Ganges-Jamuni Tehzeeb of Awadh) को समर्पित इस फेस्टिवल में सिनेमा के माध्यम से समाज और राजनीतिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर …

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मोदी को घेरने दिल्ली पहुंचा जनता परिवार

national news

भाजपा और मोदी ने जनता को ठगा है- नीतीश कुमार नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी को गाय पट्टी में पटखनी देने के लिए जनता परिवार ने एकजुटता दिखाते हुए आज अपने आंदोलन का आगाज़ कर दिया। दिल्ली में आज आयोजित जनता परिवार के महा-धरने के दौरान समाजवादी विचारधारा के दलों और नेताओं का जमावड़ा हुआ और केंद्र …

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भागवत की “घर वापसी” काबिले एतराज

mohan bhagwat

नई दिल्ली। जनता दल (यू) नेता अली अनवर ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कोलकाता में दिए गए घर वापसी संबंधी वक्तव्य की आलोचना की है। कोलकाता में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि घर छोड़कर गए लोगों को वापस लाने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। भागवत ने ये भी कहा कि अगर किसी को …

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मधुमेह की शिकार है हमारी यह दुनिया

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

उस रसगुल्ले (Rosgulla) की देहगंध अब इस कायनात में कहीं नहीं। कहीं भी नहीं। पाकिस्तान के आर्य हिंदुओं और सिखों (Arya Hindus and Sikhs of Pakistan) को अब पांच साल पहले आने पर भी हिंदुत्व की सरकार (Government of Hindutva) नागरिकता और नौकरी (Citizenship and job) दोनों दे रही है और कश्मीर समस्या उसके लिए कश्मीरी पंडितों की समस्या (Problem …

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ख़ून के धब्बे पड़ गये हैं ‘इल्म की किताबों’ पर

Jasbir Chawla's Poetry in Hindi, जसबीर चावला की कविता हिंदी में

शूट आउट एट पेशावर स्कूल : शकील का ख़त अम्मी के नाम Shoot out at peshawar school : Shakeel’s letter to Ammi ”””””””””””””””””””””””””””””””””””””’ अम्मी लो मैंने ज़िद छोड़ दी नये बैग की लंच बाक्स की नई पानी की बोतल की न चाहिये शार्पनर न इरेज़र सब कुछ तो ‘इरेज़’ कर दिया ‘तालीबान’* ने हाँ जरूर चाहिये ढेरों ‘ब्लाटिंग पेपर’ ख़ून …

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