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Yearly Archives: 2016

क्या गांधी आज भी प्रासंगिक हैं?

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

-मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें भारतवासी प्रेम और श्रद्धा से महात्मा गांधी कहते हैं, को कई कारणों से याद किया जाता है। सत्याग्रह और अहिंसा के उनके सिद्धांतों ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के दमित लोगों को अपने अधिकारों और अपनी मुक्ति के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। आज के हमारे समाज में, जब हम हिंसा को लगभग …

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#Demonetisation गरीब ठगी योजना प्रारंभ

#Demonetisation गरीब ठगी योजना प्रारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मुंह से अपनी पीठ थपथपाते हुए एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए 500 और 1000 रुपये के नोट का विमुद्रीकरण कर प्रचलन से वापस ले लिया और कहा कि काला धन हम वापस ला रहे हैं. वहीँ, दूसरी तरफ 22 अक्टूबर को मोदी ने वडोदरा में सभा संबोधित करते हुए उद्योगपतियों, …

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पेटीएम के विज्ञापन में मोदी की तस्वीर पर केजरीवाल ने आपत्ति जताई

पेटीएम के विज्ञापन में मोदी की तस्वीर पर केजरीवाल ने आपत्ति जताई नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को समाचार-पत्रों में प्रकाशित निजी ऑनलाइन भुगतान कंपनी पेटीएम के विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे शर्मनाक करार दिया है।केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, “बेहद शर्मनाक। क्या जनता यह चाहती है कि …

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काला धन पूँजीवाद की ‘जायज’ औलाद है

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

काला धन पूँजीवाद की ‘जायज’ औलाद है। पूँजीवाद तक़रीबन 500 साल का बुड्ढा हो चुका है! वेंटिलेटर पर जीवित रखा गया है। अमेरिकी मिसाल है। वहां की जनता को पूँजीवादियों ने केवल दो ही विकल्प दिए थे, एक नागनाथ है तो दूसरा सांपनाथ! दोनों का इतिहास सामने आ चुका है! अंतर्द्वंद ने कोई कसर नहीं छोड़ी उनके अतीत को उधेड़ने …

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अक्टूबर क्रान्ति : एक नयी दुनिया का संकेत

opinion, debate

October Revolution: A Sign of a New World इसी 7 नवंबर से रूस की अक्टूबर क्रांति का (जो पुराने रूसी कलैंडर के अनुसार 25 अक्टूबर को हुई थी) शताब्दी वर्ष शुरू हो गया है।1917 का अक्टूबर मानव इतिहास के एक नये युग के आगमन का सूचक है–पूंजीवाद से समाजवाद में संक्रमण का युग। यह दुनिया की ऐसी पहली क्रांति थी …

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वायरल हो रहा नजीब की बहन से पुलिस की बदसलूकी का वीडियो

facebook news

Video of police misbehaving with Najeeb’s sister going viral नई दिल्ली। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर  जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के लापता छात्र नजीब अहमद की बहन के साथ पुलिस बदसुलूकी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को 7 नवंबर 2016 को 12.53am पर Ali Sohrab के एकाउन्ट से अपलोड किया गया है। यह समाचार लिखे …

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आदिवासी छात्राओं के बलात्कारियों को फांसी दो – जयस

news

Hang the rapists of tribal girl students – Jays नई दिल्ली, 8 नवंबर। महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा जिले के खामगांव तहसील अंतर्गत पाला गांव में 13 नाबालिग आदिवासी छात्राओं के बलात्कारियों के फांसी की मांग करते हुए “जय आदिवासी युवा शक्ति” (जयस) ने दिल्ली स्थित इंडिया गेट के पास रविवार को प्रदर्शन किया। जयस ने आक्रोश प्रकट करते हुए सरकार से …

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‘दस दिन जब दुनिया हिल उठी’

opinion, debate

अक्‍टूबर क्रान्ति दिवस : ‘दस दिन जब दुनिया हिल उठी’ ”क्रान्तियों की गरिमा को खण्डित करना शोषित-उत्‍पीड़ि‍त लोगों से उनके सपने छीन लेना है” लखनऊ 7 नवंबर 2016। अक्‍टूबर क्रान्ति दिवस की पूर्वसंध्‍या पर ‘लखनऊ सिनेफ़ाइल्‍स’ की ओर से आज सोवियत क्रान्ति पर बनी प्रसिद्ध दस्‍तावेज़ी फ़ि‍ल्‍म ‘दस दिन जब दुनिया हिल उठी’ का प्रदर्शन और उस पर बातचीत आयोजित …

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सिर्फ ग्राम स्वराज पुस्तक लिखने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला मि. केजरीवाल

Arvind Kejriwal

लोग भूले नहीं है करीब ढाई तीन साल पहले तक दिल्ली के जंतर मंतर (Jantar Mantar of Delhi) से लेकर रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) तक अपना तिरंगा लहराता था और वंदेमातरम का नारा गूंजता था। भ्रष्टाचार के खिलाफ अण्णा हजारे का लोकपाल आंदोलन (Anna Hazare’s Lokpal agitation against corruption) देश में दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ने का दावा कर रहा …

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मानवता के खून-आलूदा इतिहास का बड़ा हिस्सा धर्मों से ही जुड़ा है

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

मानवता के खून-आलूदा इतिहास का बड़ा हिस्सा धर्मों से ही जुड़ा है तर्क बनाम आस्था कंवल धालीवाल जिन्होंने पोखरे में खड़ा पानी और गांव के पास बहती नदी, दोनों ही मन की सचेत अवस्था में देखे हैं, एक दार्शनिक के अनुसार उनको धर्म और विज्ञान के बीच का फर्क समझने में बहुत आसानी हो सकती है। अपनी बात आगे बढ़ाने …

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प्रमुख सचिव (गृह) का आदेश- अखिलेश सरकार भोपाल फर्जी मुठभेड़ को सही मानती है : रिहाई मंच

Rihai Manch, रिहाई मंच,

प्रमुख गृहसचिव देबाशीष का आदेश साबित करता है कि अखिलेश सरकार भोपाल फर्जी मुठभेड़ को सही मानती है- रिहाई मंच एनडीटीवी पर एक दिन का प्रतिबंध मोदी की कुंठा को उजागर करता है लखनऊ 5 नवम्बर 2016। रिहाई मंच ने उत्तर प्रदेश प्रमुख गृह सचिव देबाशीष पंडा द्वारा भोपाल में हुए कथित फर्जी मुठभेड़ कांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था के …

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हिन्दुत्व : अर्थ और अनर्थ

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

25 अक्टूबर, 2016 को उच्चतम न्यायालय की सात-सदस्यीय बेंच ने ‘हिंदुत्व मामलों’ पर पुनः सुनवाई शुरू की। ‘‘हिंदुत्व मामले’’ हिंदुत्व और हिन्दू धर्म शब्दों के चुनाव प्रचार में इस्तेमाल की वैधानिकता के संबंध में कई प्रकरणों का समूह है। इनमें से एक मामला मनोहर जोशी का था, जिन्होंने अपने चुनाव भाषण में यह कहा था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता …

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अग्निपरीक्षा अनिवार्य क्योंकि हर औरत सीता! बलात्कार भी बहुत तेजी से विवाह की तरह संस्थागत

opinion, debate

Agnipariksha mandatory because every woman Sita! Rape too quickly institutionalized like marriage स्त्री को ना कहने का कोई हक नहीं है, बलात्कार का रसायनशास्त्र यही! इस महादेश में विवाह संस्था के माध्यम से पितृसत्ता का वर्चस्व तमाम रीति रिवाज, कायदा कानून से लेकर साहित्य और संस्कृति, धर्म कर्म में संस्थागत है।   तो अब लगता है कि बलात्कार भी बहुत …

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यूपी का चुनाव आ रहा, फिर मुंह में राम…

debate opinion

खबर यह नहीं है कि आखिरकार प्रधानमंत्री भी ‘तीन तलाक’ के मुद्दे पर बोले। उनकी सरकार ने बाकायदा सुप्रीम कोर्ट में बयान देकर, इस मुद्दे पर एक निश्चित रुख अपनाया है। एक के बाद एक, उनकी सरकार के अनेक मंत्री महिला अधिकारों से लेकर संविधान तक की दुहाई देकर, मुस्लिम दकियानूसियत से लेकर जहालत तक के प्रतीक के रूप में, …

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Dalits hit the streets in Bengal to protest Manusmriti Hegemony and demand #‎JusticeForRohith !

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

Dalits hit the streets in Bengal to protest Manu smriti Hegemony and demand #justicetorohit ! The Phoenix rises from the ashes! Bengal is historically very reluctant to change but once decided, Bengal always opts for change and in recent past, Bengal struck down the Left Regime for thirty-five years. If Bengal is awakened, Manu smriti may not continue, I am …

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