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Search Results for: लौह पुरुष

पटेल नेहरू छोड़ो मोदीजी, आपके राज में आपके लौह पुरुष अडवाणी कहाँ हैं

ललित सुरजन जैसा कि हमने पिछले तीन वर्षों में देखा है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चौबीस घंटे सातों दिन चुनाव की मुद्रा में रहते हैं। उनका हर बयान, हर भाषण, देश में हो या विदेश में, मतदाताओं को ध्यान में रखकर ही दिया जाता है। उनके भाषणों में संचारी भाव तो अनेक हैं, लेकिन स्थायी भाव एक ही है और वह …

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प्रियंका का भाजपा पर जोरदार हमला, सरदार पटेल जैसे महापुरुष को एक न एक दिन उनके शत्रुओं को भी नमन करना पड़ता है

Priyanka Gandhi Narendra Modi

प्रियंका का भाजपा पर जोरदार हमला, सरदार पटेल जैसे महापुरुष को एक न एक दिन उनके शत्रुओं को भी नमन करना पड़ता है नई दिल्ली, 31 अक्तूबर 2019. देश के प्रथम गृह मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। …

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शाह जी बोले, अनुच्छेद 370 और 35 ए आतंकवाद के गेटवे थे, फाटक पर ताला लगाया मोदी ने

Amit Shah

शाह जी बोले, अनुच्छेद 370 और 35 ए आतंकवाद के गेटवे थे, फाटक पर ताला लगाया मोदी ने नयी दिल्ली 31 अक्टूबर । केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और 35 ए आतंकवाद का गेटवे थे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन्हें समाप्त कर इस …

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इंदिरा गाँधी के 35वें शहादत दिवस को एकता सद्भावना दिवस के रूप में मनाएगी कांग्रेस

Indira Gandhi

इंदिरा गाँधी के 35वें शहादत दिवस को एकता सद्भावना दिवस के रूप में मनाएगी कांग्रेस Congress will celebrate Indira Gandhi’s 35th Martyrdom Day as Ekta Sadbhavana Day लखनऊ। भारत रत्न-पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की 35वीं शहादत दिवस (31अक्टूबर) को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा पूरे देश में ‘‘राष्ट्रीय एकता, अखण्डता एवं सद्भावना दिवस’’ के रूप में मनाये जाने के …

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40 रुपये का सरदार पटेल का कोट और 4.31 करोड़ रुपये का प्रधानसेवक का कोट !

40 रुपये का सरदार पटेल का कोट और 4.31 करोड़ रुपये का प्रधानसेवक का कोट ! सरदार पटेल का कोट और मोदी का कोट Sardar Patel's coat and Modi's coat पुष्परंजन जो सरदार पटेल आम हिंदुस्तानी की तरह अंतिम संस्कार चाहते थे, वैसे पटेल की आत्मा से क्या ज़बरदस्ती नहीं हुई ? दो कोट आपके सामने है। एक कोट की …

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कांग्रेस के बड़े नेता सरदार वल्लभ भाई पटेल ने RSS पर देशद्रोह का आरोप लगाया था !

कांग्रेस के बड़े नेता सरदार वल्लभ भाई पटेल ने RSS पर देशद्रोह का आरोप लगाया था ! नई दिल्ली, 31 अक्तूबर। स्वतन्त्र भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue of Unity) का आज यानी 31 अक्टूबर को उनकी जयंती पर उद्घाटन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी …

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संघ-मोदी बेहूदा तर्क दे रहे हैं कि पटेल किसी दल की थाती नहीं हैं, जब स्वाधीनता संग्राम चल रहा था तो संघ कहाँ सोया हुआ था ?

संघ-मोदी बेहूदा तर्क दे रहे हैं कि पटेल किसी दल की थाती नहीं हैं, जब स्वाधीनता संग्राम चल रहा था तो संघ कहाँ सोया हुआ था ? मोदी, संघ और पटेल जगदीश्वर चतुर्वेदी पीएम मोदी को गांधी की हत्या से पहले वाला पटेल पसंद है। उस समय सरदार वल्लभ भाई पटेल की मुसलमानों के प्रति जो मनोदशा थी,वह पसंद है। …

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वल्लभभाई पटेल: एक विरासत का विरूपण और उसे हड़पने का प्रयास

नेहा दाभाड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के विचार और कार्य जटिल होते हैं और अक्सर वे उस काल की उपज हुआ करते  हैं, जिसमें वे इस धरती पर रहते और काम करते थे। सरदार वल्लभभाई पटेल भी इसका अपवाद नहीं हैं। वल्लभभाई पटेल को अक्सर भारत का लौह पुरूष कहा जाता है और उन्हें स्वतंत्रता के बाद के भारत, जो अनेक रियासतों …

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हिटलर की तर्ज पर असम के विभाजनपीड़ित 15 हजार हिंदुओं को असम छोड़ने का अल्टीमेटम!

हिटलर के यहूदी यातनागृह की तर्ज पर असम के विभाजन पीड़ित हिंदुओं के  लिए डिटेंशन कैंप, 15 हजार हिंदुओं को असम छोड़ने का अल्टीमेटम! पलाश विश्वास पूर्वी भारत के साथ पूर्वोत्तर भारत हिंदुत्व का नया वधस्थल बन रहा है। असम  गुजरात के बाद हिंदुत्व की घोषित दूसरे चरण के भगवाकरण भूकंप का एपीसेंटर है, जो अपने तेज झटकों से बाकी …

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फिदेल कास्त्रो : एक किंवदंती

फिदेल कास्त्रो : एक किंवदंती उपासना बेहार फिदेल कास्त्रो का नाम सामने आते ही लौह पुरुष की छवि उभर आती है. इन्हें क्यूबा में कम्युनिस्ट क्रांति का जनक माना जाता है. क्यूबा के इस महान क्रांतिकारी और पूर्व राष्ट्रपति का 90 साल की आयु में 26 नवम्बर 2016 को हवाना में निधन हो गया.  फिदेल कास्त्रो ने 49 साल तक …

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क्यों मोदी जी? अब अराजकता बनेगा सत्ता का हथियार!

अराजकता बनेगा सत्ता का हथियार!  महेंद्र मिश्र क्या कोई शासक अपने राज में अराजकता चाहता है? पहली नज़र में इस सवाल का उत्तर न है। लेकिन मोदी साहब दुनिया के शायद पहले शासक होंगे, जो चाहते हैं कि देश अराजकता की आग में डूब जाए। दरअसल इसके पीछे एक दूर की कौड़ी है। दो साल के शासन में क्या कभी …

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कैसी यशोधरा, ग्वालियर व्यापार मेला को न बचा सकीं?

राकेश अचल ग्वालियर। ग्वालियर को जिस सिंधिया घराने ने देश भर में अपनी उदारता और दूरदृष्टि के जरिये पहचान दी, उसी ग्वालियर की एक ऐतिहासिक पहचान ‘ग्वालियर व्यापार मेला’ को सिंधिया घराने की ही श्रीमती यशोधरा राजे ने धूल में मिला दिया। श्रीमती यशोधरा राजे सिंधियान प्रदेश की उद्योग मंत्री होतीं और न ये मेला धूल में मिलता। श्रीमती सिंधिया …

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फिर धर्मोन्मादी तूफान जोरों पर है और देश भर में किसान सोच रहे हैं कि आत्महत्या करें या न करें

फिर धर्मोन्मादी तूफान जोरों पर है और देश भर में किसान असमय बरसात से माथे पर हाथ धरे सोच रहे हैं कि आत्महत्या करें या न करें। इसी बीच अमेरिका की शह पर संयुक्त अरब सेना शिया संप्रदाय से लड़ने लगी है और ममता बनर्जी और मुकुल राय में सुलह हो गयी है तो विहिप नेता प्रवीण तोगाड़िया पर बंगाल …

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हिंदुत्व की बहार हो गइल कि ओबामा रामचंद्र पधारो म्हारा देश। इतिहास बदले बदले विज्ञान

जनधन वाह वाह। कैश सब्सिडी आहा आहा। खाता खुलल हो। धिन ता धिन ता। कैश आ घिलनता ता थई ता ता थई। नाचै मन मयूर बै चैथू। बै अबहीं ताम्रपत्र गाढ़े का पोरगाम लागै है,शुरु होईहिं चाहि। का पता के मनरेगा मा ताम्रपत्र गाढ़ेका काम मिले हो। कि इतिहास बदले कि विज्ञान बदले। हिंदू राष्ट्र समयबै चैतू। वो जो इंदिराम्मा …

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सिनेमा और दृश्य माध्यमों पर अंकुश के लिए बन रहा नया कानून

नई दिल्ली। अब राम के नाम विध्वंसलीला पर सिनेमा असंभव, देख लें इसे तुरंत। खबर है कि सरकार  सिनेमैटोग्राफ एक्ट में बदलाव करने जा रही है। हालांकि इस एक्ट में सुधार की मांग पहले भी उठती रही है, लेकिन मौजूदा समय में कहीं से इस प्रकार की मांग नहीं थी।  बताया जा रहा है कि टीवी चैनलों, केबल नेटवर्क के …

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मुक्तबाजारी जायनी संघी हिंदू राष्ट्र के बुनियादी काम तो आडवाणी जी ने ही किये

इंफ्रास्ट्रक्चर अश्वमेध धूम और शंबूक हत्या साथ साथ अब आपकी सरकार का केसरिया एनजीओ नेटवर्क, पलाश विश्वास पद्मप्रलय के धुरंधर समय में वैज्ञानिक दृष्टि का हाल यह है कि गामा किरणों के जरिये मंहगाई और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण की मृगमरीचिका भी तैयार। अवतारतंत्र मुकम्मल है। मिथकों और किंवदंतियों का इतिहास गढ़ने का अकादमिक नेटवर्क तैयार हो गया है। इतिहास के …

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भारत में लोकतंत्र के महापर्व का मतलब धनबल, बाहुबल

लोकतंत्र का महापर्व संघ सत्ता में वापसी के लिए बेचैन है इसलिए उसने हिन्दुत्व का नाम लिये बिना हिन्दुत्व के मुखौटे नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर लिया है। सुनील कुमार भारत में अप्रैल माह में दो महापर्व चल रहे हैं एक नवरात्रि का तो दूसरा भारतीय ‘लोकतंत्र’ को मजबूत करने का महापर्व चुनाव। इन दोनों महापर्वों का …

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शहर से कोई बुरी ख़बर न आये, मोदी जी!

 क़मर वहीद नक़वी  आपने शायद देखा होगा। बीजेपी के नये पोस्टरों पर अब सिर्फ़ एक ही तसवीर दिखती है। मोदी की! और नया नारा है, अबकी बार, मोदी सरकार! पोस्टरों पर न बीजेपी दिखती है और न बीजेपी के नेता। मोदी, मोदी, मोदी, नमो, नमो, नमो, हर हर मोदी, घर घर मोदी! ये मोदी का अपना इश्टाइल है बाबू! मोदी …

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राष्ट्रवादी (!) संघ परिवार के प्रधानमंत्रित्व का चेहरा इतना राष्ट्रद्रोही !

इतना अनैतिक कैसे है नैतिकता की दुहाई देने वाला संघ परिवार संघ परिवार की राजनीति का मुख्य हथियार असंवैधानिक अमानवीय हिंसा सर्वस्व घृणा ही है पलाश विश्वास आदरणीय ईश मिश्र का जवाब आया है। उनका आभार। उन्होंने लिखा है- उदितराज अपने रामराजी दिनों से ही एक धुर अवसरवादी और सत्ता लोलुप किस्म का व्यक्ति रहा है। जेएनयू में देवीप्रसाद त्रिपाठी …

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सवाल इतिहास- भूगोल में बदलाव का

जिसका अपना कोई समृद्ध अतीत नहीं होता वह दूसरों की विरासत में सेंधमारी ही तो करेगा देवेन्द्र कुमार भाजपा के दूसरे पी.एम इन वेटिंग और पोस्ट गोधरा कांड के बाद की राजनीति में चमकते सितारे नरेन्द्र मोदी ने लौह पुरुष के रूप में सम्मानित और देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की याद में गुजरात के नर्मदा नदी का …

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नीतीश की मूल्यविहीन राजनीति और उनके परिणाम

सिद्धार्थ शंकर गौतम ऐसे समय में जबकि गुजरात विधानसभा चुनाव में जनता दल(यू) ने बिहार में गठबंधन से इतर नरेन्द्र मोदी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है, नीतीश की पाकिस्तान यात्रा सवालों के घेरे में आ गई है। ११ सदस्यीय दल के साथ पाकिस्तान पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही खुद को सेक्युलर साबित करना चाहते …

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कौन है उत्तरदायी भारत विभाजन और कश्मीर समस्या के लिए?

राजनैतिक शक्तियां अपने एजेंडे को लागू करने के लिए इतिहास को तोड़ती-मरोड़ती तो हैं ही, वे अतीत की घटनाओं और उनकी निहितार्थों के सम्बन्ध में सफ़ेद झूठ बोलने से भी नहीं हिचकिचातीं. जहाँ तक इतिहास का प्रश्न है, उस पर यह सिद्धांत पूरी तरह से लागू होता है कि “तथ्य पवित्र हैं, मत स्वतंत्र है” अर्थात आप तथ्यों के साथ …

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पूर्वी बंगाल के हिंदू शरणार्थियों से बांग्लादेश की आजादी की कीमत वसूल रहा संघ परिवार

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

पाकिस्तान के हिस्से में जो बांग्लाभाषी भूगोल काटकर फेंक दिया गया दिल्ली में सत्ता हस्तांतरण के बाद पंजाब के विभाजन (Partition of punjab) के साथ-साथ, सबसे मिलिटेंट दो कौमों की सत्ता हासिल करने की संभावना को सिरे से काटकर, वह हिस्सा पाकिस्तान में बहुत दिनों तक नहीं रहा। गौरतलब है कि भारत के हिस्से में आये टुकड़ा-टुकड़ा बंगाली भूगोल ने …

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धर्मनिरपेक्षता और जन-क्रांति ही भारत की अभीष्ट अभिलाषा है, मोदी और संघ परिवार इसमें फिट नहीं हैं

New Delhi: President Ram Nath Kovind, Prime Minister Narendra Modi and Former Prime Minister Manmohan Singh during a programme organised to pay tributes to Dalit icon B. R. Ambedkar on his death anniversary at Parliament House Complex in New Delhi, on Dec 6, 2018. (Photo: IANS)

इन दिनों प्रधानमंत्री पद (Prime Minister’s post) के लिये मीडिया के मार्फ़त -रोज-रोज नए-नए दावेदार सामने आ रहे हैं। संघ परिवार (RSS) और भाजपा (BJP) तो जनसंघ (Jansangh) के जमाने से ही व्यक्तिवाद (Individualism) तथा ‘अधिनायकवाद‘ (Authoritarianism) का समर्थक रहा है। उसका-1960 से सन् 1999 तक एक ही नारा लगता रहा है -“बारी-बारी सबकी बारी-अबकी बारी अटल बिहारी”। 2004 में भाजपा …

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समाजवादी आन्दोलन व चिंतन की पाठशाला है छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र

Janeshwar Mishra

know more about Jnaneshwar Mishra | Politics Blog | जानिए छोटे लोहिया की कहानी जनेश्वर मिश्र (Janeshwar Mishra) समाजवादी आन्दोलन के एक योद्धा व विचारक के रूप में सदैव याद किये जायेंगे। ५ अगस्त,१९३३ को श्रीमती बासमती एवं श्री रंजीत मिश्र के पुत्र रूप में बलिया जनपद के शुभ नाथहि गाँव में जन्मे जनेश्वर मिश्र पर तत्कालीन ब्रितानिया हुकूमत के …

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यूपी में मुस्लिम राजनीति के बदलते समीकरण

Rajeev Yadav राजीव यादव राज्य प्रायोजित आतंकवाद के विशेषज्ञ व चर्चित मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं।

डॉ. राही मासूम रज़ा (Rahi Masoom Raza) ने ओस की बूंद में आजादी के बाद के दौर की अन्दरुनी मुस्लिम राजनीति की बहसों में लिखा है ‘‘आप लोग भी कमाल करते हैं। कांग्रेस सरकार को चूतिया बनाने का यही मौका है। बलवों में इतने मुसलमान मारे जा रहे हैं कि बलवों के बाद सरकार मुसलमानों को फुसलाना शुरु करेगी। ओही …

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बस से लखनऊ पहुंचेंगे दिहाड़ी मजदूर रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू

Ajay Kumar Lallu with Priyanka Gandhi

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कल लेंगे चार्ज, स्वागत की तैयारी जोरों पर  लखनऊ, 10 अक्तूबर 2019. संघर्षों से निकला हुआ नेता चाहे जहां पहुंच जाए लेकिन उसका खाटीपन बचा रहता है। यही उसकी राजनीतिक पूंजी होती है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू उसके उम्दा उदाहरण हैं। सूत्रों का कहना है कि जब कांग्रेस अध्यक्ष पद की घोषणा हुई …

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मरे हुए लोकतंत्र की लाश ढोते हुए हम राम नाम सत्य हैं जहां-जहां जगेंद्र बोलेंगे जिंदा जला दिये जायेंगे

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

पलाश विश्वास– वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए जनसत्ता कोलकाता से अवकाश प्राप्ति के बाद उत्तराखंड के दिनेशपुर में ठिकाना। …

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योगी आदित्यनाथ भी गुरमीत राम रहीम की तरह न्याय की गड्डी चढ़ेंगे !

विकास नारायण राय (पूर्व आइपीएस) योगी को उनके प्रभाव क्षेत्र में अपराजेय माना जाता रहा है. जैसे कभी राम रहीम को माना जाता था. फिलहाल, स्वतंत्र न्यायपालिका का ‘देर आयद दुरुस्त आयद’ समीकरण, बेशक 15 वर्ष लगाकर, न्याय के चंगुल में राम रहीम की हवा निकाल चुका है. क्या योगी की बारी भी आयेगी? पिछले दिनों, पैसे और प्रभाव के …

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हे राम! यह सैन्य राष्ट्र में कारपोरेट नरबलि का समय !

#AyodhyaBack #Beefgate #MilitaryState पलाश विश्वास हम इसे कतई देख नहीं पा रहे हैं कि भारत की आजादी के लिए लड़ने वाले और अपनी जान कुर्बान करने वाले हमारे पूर्वजों के सपनों का भारत कैसे ब्रिटिश हुकूमत के औपनिवेशिक दमन उत्पीड़न के मुकाबले समता और न्याय के खिलाफ, नागरिक मानवाधिकारों के खिलाफ, मनुष्य और प्रकृति के खिलाफ होता जा रहा है। …

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भारतसरकार ने बताया था इसे आदिवासियों की जमीन हड़पने की कोलंबस के बाद की सबसे बड़ी कार्रवाई

आनंद स्वरूप वर्मा भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2008 में केंद्रीय ग्राम विकास मंत्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट तैयार की थी जिसका शीर्षक है ‘कमेटी ऑन स्टेट ऐग्रेरियन रिलेशन्स ऐंड अनफिनिश्ड टॉस्क ऑफ लैंड रिफॉर्म्स’। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में विकास परियोजनाओं के नाम पर कितने बड़े पैमाने पर उपजाऊ जमीन और …

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अमेरिकी युद्ध अपराधों के सबसे बड़े मददगार हमारे हुक्मरान हैं।

  पलाश विश्वास डान डोनल्ड अब केसरिया केसरिया हैं और भारत की ओर से कारगिल लड़ाई के वे ही खासमखास सिपाहसालार हैं। बड़जोर सुर्खियां चमक दमक रही हैं कि अब पाकिस्तान की बारी है। डान डोनाल्ड की आतंकवाद विरोधी खेती की सारी हरियाली अपने खेत खलिहान में लूटकर लाने को बेताब हैं तमाम केसरिया राजनयिक। नई दिल्ली पलक पांवड़े बिछाये …

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एक और कारगिल की तैयारी, लेकिन कश्मीर में हालात बेकाबू!

एक और कारगिल की तैयारी,  लेकिन कश्मीर में हालात बेकाबू! राजनाथ सिंह फिर लौहपुरुष लालकृष्ण आडवाणी के अवतार में हैं पलाश विश्वास उरी में भारतीय सैन्य शिविर में हुए हमले के बाद फिर एक और कारगिल की तैयारी है। राजनाथ सिंह फिर लौहपुरुष लालकृष्ण आडवाणी के अवतार में हैं और अंध राष्ट्रवाद रामजन्मभूमि आंदोलन के दौर में है। हाट परसुट …

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सिंगुर फैसले से स्त्री के नेतृत्व पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी, जनप्रतिबद्धता ही स्त्री अस्मिता है

सिंगुर फैसले से स्त्री के नेतृत्व पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी तेज होगी जल जंगल जमीन की लड़ाई जनप्रतिबद्धता ही स्त्री अस्मिता है। सबिता बिश्वास बंगाल में दुर्गा महोत्सव की उलटी गिनती शुरु हो चुकी है। महिषासुर वध के मिथक के सच पर विवाद है, लेकिन दस प्रहार धारिणी स्त्रीशक्ति के रूप में पितृसत्ता के खिलाफ दुर्गावतार का …

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उग्रतम हिंदुत्व के लिए कुछ भी करेगा संघ परिवार, कोई शक?

चाहे अपनों की बलि चढ़ा दें या फिर देश विदेश सर्वत्र गुजरात बना दें! पलाश विश्वास उग्रतम हिंदुत्व के लिए कुछ भी करेगा संघ परिवार, है कोई शक? बांग्लादेश की लगातार बिगड़ती परिस्थितियों और पूरे महादेश में आतंक की काली छाया और अभूतपूर्व धर्मोन्मादी ध्रुवीकरण की वजह से मुक्तबाजारी हिंसा के मद्देनजर हिंदुत्व के एजेंडे को लागू करने के लिए …

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नरसंहार का सौंदर्यबोध-काली जनता को कालों के वध से क्या ऐतराज भला?

नरसंहार का सौंदर्यबोध गोरा गोरा सपना संजोये काली काली जनता को कालों के वध से क्या ऐतराज भला? अशुभ काला नहीं, कालों पर गोरों का आधिपात्य है ब्रांड को बचाओ, ब्रांड में फंसी है पूंजी और पूंजी ही सत्ता की जान रोज़ी-रोटी हक़ की बातें जो भी मुँह पर लाएगा कोई भी हो, निश्चय ही वह, कम्युनिस्ट कहलाएगा। -नागार्जुन हिंदू …

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बहुजन जिस दिन जाति की जंजीरें तोड़ देंगे न जाति रहेगी और न हिंदू साम्राज्यवाद का नामोनिशान

बहुजन ही जाति उन्मूलन के सबसे ज्यादा खिलाफ हैं शत प्रतिशत हिंदुत्व का ताजा फार्मूला घर वापसी के जरिये हिंदुत्व और अपनी जाति में लौटे बिना गैरहिंदुओं को आरक्षण नहीं मिलें, इसका चाकचौबंद इंतजाम हो रहा है। सबसे पहले साफ यह कर दूं कि कि कोई होगा ईश्वर किन्हीं समुदाय केलिए, कोई रब भी होगा, कोई खुदा होगा तो कोई …

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जनतांत्रिक आंदोलनों का दायरा सिकुड़ता जाएगा तो हिंसा का रास्ता तैयार होगा

… उमेश डोभाल की याद में आयोजित इस समारोह में आने का अवसर पा कर मैं काफी गर्व का अनुभव कर रहा हूँ। बहुत दिनों से पौड़ी आने की इच्छा थी। 1980 में जब मैंने समकालीन तीसरी दुनिया का प्रकाशन शुरू किया था उस समय से ही यहाँ राजेन्द्र रावत राजू से मेरी मित्रता शुरू हुई जो काफी समय तक …

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शून्य से भी कम है भारत रत्न की विश्वसनीयता

नई दिल्ली। भारत रत्न सम्मान की विश्वसनीयता इसकी स्थापना के पहले वर्ष से ही शून्य है। पहली बार 1954 में यह जिन तीन लोगों को दिया गया था, उनमें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन उस समय देश के उपराष्ट्रपति थे। उनके ज्ञान, उनकी महानता, उनके योगदान पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन भारत का उपराष्ट्रपति रहते किस सोच के तहत उन्हें भारत …

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देश व्यापी है सलवा जुड़ुम और इसे अब घर वापसी कहा जाने लगा है

इरोम शंबूकनी की जान आफत में मसलन अपनी प्रियतम लौहमानवी इरोम शर्मिला है, जिन्हें आत्महत्या का अधिकार मिल जाने की वजह से जबरन फीडिंग और जीवन रक्षक प्रणाली पर रखने का राजकाज खत्म है। अब उनकी भलाई इसी में है कि अपना चौदह साल का आमरन अनशन तोड़ दें। आफसा वापस नहीं होना है। सैन्य शासन में आफसा जोन का …

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हमें संविधान दिवस तक मनाने की इजाजत नहीं है, ऐसी है हमारी भारतीय नागरिकता और ऐसा है बाबासाहेब नामक हमारा एटीएम!

हमें 26 नवंबर को संविधान दिवस तक मनाने की इजाजत नहीं है, ऐसी है हमारी भाकतीय नागरिकता और ऐसा है बाबासाहेब नामक हमारा एटीएम! हर राज्य में लाखों दुकाने अंबेडकर के एटीएम में बसी हैं और हजारों राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन हैं अंबेडकर के नाम। अंबेडकर की नामावली ओढ़कर मंत्री, सांसद, विधायक से लेकर गांव प्रधानों की फौजें भी अब लाख …

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नेहरू के वारिस और विरासत

राजेंद्र शर्मा जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री ही नहीं थे, हम आज स्वतंत्र भारत का जो रूप देख रहे हैं, उसके मुख्य गढ़वाइयों में भी थे। सवा सौ वीं जयंती के मौके पर उनकी विरासत की व्यापक रूप से चर्चा हो, यह गौर करने लायक होते हुए भी स्वाभाविक है। लेकिन कम से कम यह किसी भी तरह से …

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खुदरा कारोबार में विदेशी कंपनियों की बहार

वालमार्ट, गुची, एलवीएमएच, एपिल जैसी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में शत प्रतिशत एफडीआई! पलाश विश्वास इकोनॉमिक टाइम्स की खबर है कि- The department of Industrial policy and promotion (DIPP) is considering a move to scrap the 30% domestic sourcing clause, which could result in higher foreign direct investment (FDI) inflows. इकोनॉमिक टाइम्स ने खुलासा किया है- The government may …

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नमो ब्रांडेड हिंदुत्व- गुजरात मॉडल में श्रम कानूनों को बिना जहर मार डाला

आवारा पूँजी बदनाम हुई नाचने लगी है शेयर सूचकांक में “अंततः कॉरपोरेट हिंसा ही है माओवादी हिंसा” से आगे की कड़ी पलाश विश्वास नमो ब्रांडिंग की धूम है। सैन्य राष्ट्र में पुलिसिया सरकार के लिए जनादेश निर्मिते वास्ते प्रायोजित सुनामी है। लठैतों- कारिंदों की बांस- बांस छलांग है। भाजपा में उदित राज के समाहित हो जाने के बावजूद नेट पर …

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कालाधन के दम पर ही चलती है कालाधन के खिलाफ जिहाद करने वालों की सारी राजनीति

अगर हम आम जनता के खिलाफ एकाधिकारवादी कॉरपोरेट राज के खिलाफ हैं तो रिलायंस के खिलाफ मुकदमे से हमें क्यों परेशान होना चाहिए? अरविंद केजरीवाल और आम आदमी की पार्टी की राजनीति और उनका भविष्य चाहे कुछ भी हो, भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के तहत उन्होंने पहली बार कोई ठोस पहल की है। पलाश विश्वास इस पर आगे चर्चा से पहले …

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लालन के लल्लू को लालकृष्ण की नसीहत

नई दिल्ली। सुबह ही गुजरात के मुख्यमन्त्री और भाजपा की चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख नरेंद्र मोदी ने प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह के भाषण के बाद उनकी और उनकी सरकार की जमकर आलोचना की। उन्होंने प्रधानमन्त्री को विकास और सुप्रशासन पर खुली बहस की चुनौती भी दी। लेकिन लालन की पिच से लल्लू का लाल किले पर कीचड़ उछालना लाल कृष्ण …

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ये तो आरएसएस ही बताएगा गडकरी रुकेगें कि जायेंगे

आरएसएस वालों के पास महान पूर्वजों की किल्लत है मोदी को रोक पाना अब गडकरी के बस की बात नहीं शेष नारायण सिंह      शासक वर्ग की दोनों ही बड़ी पार्टियों में उथल पुथल है। कांग्रेस के कई नेताओं के ऊपर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप हैं तो सत्ताधारी पार्टी के भ्रष्टाचार पर नज़र रखने के लिए जनता की तरफ …

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नेहरू राज में ही बज गया था करप्शन का साज

देशपाल सिंह पंवार यूं भूखा होना कोई बुरी बात नहीं है, दुनिया में सब भूखे होते हैं, कोई अधिकार और लिप्सा का,कोई प्रतिष्ठा का,कोई आदर्शों का, और कोई धन का भूखा होता है,ऐसे लोग अहिंसक कहलाते हैं, मास नहीं खाते, मुद्रा खाते हैं -दुष्यंत कुमार   चौतरफा घपलों-घोटालों का दौर है। तमाम चोर के  विदेश में जमा काले धन का …

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यूपी वालों, चाहो तो देश बचा लो! दंगाबाजों को सत्ता से बाहर धकेलो…

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

नोटबंदी (Demonetization) के खिलाफ राजनीतिक मोर्चाबंदी (Political barricade) का चेहरा ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का रहा है। नोटबंदी के खिलाफ शुरू से उनके जिहादी तेवर हैं। हम शुरू से चिटफंड परिदृश्य (Chitfund scenario) में दीदी मोदी युगलबंदी (Didi Modi Jugalbandi) के तहत 2011 से बंगाल में तेजी से वाम कांग्रेस के सफाये के साथ आम जनता के हिंदुत्वकरण के परिप्रेक्ष्य …

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आपातकाल कब खत्म हुआ जी? अपराधी फासिस्ट नस्ली सत्ता का नरसंहार कब थमा है जी?

जर जोरू जमीन जल जंगल जमीन सब कुछ निशाने पर अपराधी फासिस्ट नस्ली सत्ता का नरसंहार कब थमा है जी? पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के …

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