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योगीराज : मंत्री की कुर्सी बचाने के लिए भाजपा ने धांगरों के अधिकार छीने, प्रशासन बताए धांगर क्या है

योगीराज : मंत्री की कुर्सी बचाने के लिए भाजपा ने धांगरों के अधिकार छीने, प्रशासन बताए धांगर क्या है

प्रशासन बताए धांगर क्या है – दारापुरी

Administration should tell what is dhangar – Darpuri

मंत्री की कुर्सी बचाने के लिए भाजपा ने धांगरों के अधिकार छीने -दिनकर

धांगर अधिकार के लिए शीध्र मिलेंगे प्रदेश शासन में

दुपटिया स्कूल पर आदिवासी अधिकार सम्मेलन में जुटें हजारों

सोनभद्र 21 दिसम्बर 2018, उ. प्र. शासन और जिला प्रशासन को बताना चाहिए कि आदिवासी धांगर जाति क्या है। इस जिले की धांगर जाति को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र देने पर भी जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है। जबकि यह जाति आदिवासी है और यहीं वजह है कि 1965 में भारत सरकार की लोकर कमीशन ने इसे आदिवासी का दर्जा देने की सिफारिश भी की थी। पर इसे देने की जगह उसका अनुसूचित जाति का भी दर्जा छीन लिया गया। इस पर हमने पहल ली है और शीध्र ही सारे तथ्यों से उ. प्र. शासन को एक बार पुनः अवगत कराया जायेगा। यदि योगी सरकार धांगरों का अधिकार नहीं देती तो हर स्तर पर संघर्ष किया जायेगा।

यह बातें आज दुपटिया स्कूल पर आयोजित आदिवासी अधिकार सम्मेलन में स्वराज अभियान के नेता व पूर्व आई. जी. एस. आर. दारापुरी ने कहीं।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता स्वराज अभियान के राज्य समिति सदस्य दिनकर कपूर ने तथ्यों और पत्रावली के साथ कहा कि सभी दलों की सरकारों ने धांगर समाज के साथ अन्याय किया। संविधान के अनुच्छेद 341 का उल्लंघन करते हुए सरकारों और एससी आयोग ने अनुसूचित जाति की सूची में धांगर को धनगर कर दिया। हालत यह है कि सोनभद्र में रहने वाली इस जाति का परीक्षण करने की जगह मथुरा और आगरा का सर्वे कराया गया और इस आधार पर कह दिया गया कि उ. प्र. में तो धांगर जाति ही नहीं है। योगी राज में भाजपाई मंत्री की कुर्सी बचाने के लिए बुलंदशहर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा के पत्र पर जिला प्रशासन ने 27 जून 2018 से जनपद के धांगर जाति के एससी प्रमाण पत्र को जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस अवैधानिक आदेश को वापस ले अन्यथा उसे आदिवासियों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।

सम्मेलन को पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुन्ना धांगर, धांगर महासभा के अध्यक्ष रामाधार धंागर,महामंत्री बुद्धि नारायण धांगर, हरी प्रसाद तिर्की, प्रधान चम्पा धांगर, बीरबल धांगर, विजेन्द्र धांगर, श्रीनाथ धांगर, मठालू धांगर, बुद्धि नारायन टोपा, जितेन्द्र लकड़ा, रामजतन धांगर, मनीष लकड़ा, मुकेश लकड़ा आदि ने सम्बोधित किया। सम्मेलन में गीत और करमा नृत्य स्थानीय कलाकालों द्वारा प्रस्तुत किया गया।

सम्मेलन की अध्यक्षता फूलचंद धांगर और संचालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य बबलू धांगर ने किया। सम्मेलन में धांगर जाति के अधिकार के लिए बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय हुआ।

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