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कश्मीर में जीप से युवक को बांधने वाले मेजर को राहत नहीं

Army major who tied man to jeep in kashmir

कश्मीर में पत्थरबाजों से बचने के लिए जीप की बोनट के आगे कश्मीरी युवक को बांधने वाले मेजर एक भार फिर चर्चा में है। पहले जहां सेना के कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में मेजर को दोषी मुक्त करार दिया गया वहीं अब सेना प्रमुख की ओर से मेजर लीतुल गोगोई को सम्मानित किया गया है। लेकिन राज्य सरकार इस मामले में सेना के साथ नहीं है। कश्मीर पुलिस मेजर के खिलाफ मामले में जांच कर रही है।

कश्मीर के आईजी मुनीर खान ने कहा है कि अभी भी लीतुल गोगोई के खिलाफ जांच जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर पहले से ही दर्ज है। इसमें कुछ भी निर्णय आये, वह हम नहीं जानते लेकिन जांच जारी रहेगी।

मेजर को सम्मानित करने को लेकर जहां कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वहीं कई लोग समर्थन भी कर रहे हैं।

विरेंद्र सहवाग ने भी मेजर का समर्थन करते हुए लिखा है कि 'मेजर लीतुल गोगोई आपको कमेंडेशन मेडल मिलने की बधाई। आपने हमारे सैनिकों और ड्यूटी कर रहे अन्य अधिकारियों को सकुशल बाहर निकाल करके अद्भुत साहस का प्रदर्शन किया है।'

दरअसल कश्मीरी युवक फारूक अहमद को जीप के आगे बांधने की ये घटना 9 अप्रैल की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था और इसके खिलाफ भारतीय सेना की काफी आलोचना भी हुई थी। हालांकि कुछ लोगों ने सेना की इस कार्रवाई का समर्थन भी किया था। फारूक अहमद का बयान आज पाकिस्तानी मीडिया में तैर रहा है, जिसमें उसने सवाल किया है – क्या मैं जानवर हूँ। मेजर लीतुल गोगोई की करतूत का पाकिस्तानी मीडिया अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर में मानवाधिकार हनन के रूप में दुष्प्रचार कर रहा है।

इस मामले में मेजर के खिलाफ FIR दर्ज करने के दो दिन बाद कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी बैठाई थी। लेकिन जांच के बाद मेजर के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई ना करने की अनुशंसा की गई।

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