जानिए क्या है आर्थ्रोग्राफी

आर्थ्रोग्राफी एक प्रकार की चिकित्सा इमेजिंग (Arthrography is a type of medical imaging) है जिसका उपयोग शरीर के जोड़ों और अस्पष्टीकृत दर्द के मूल्यांकन और निदान में किया जाता है। यह अस्थिबंधन (ligaments), tendons और उपास्थि (cartilage) के भीतर रोग का पता लगाने में बहुत प्रभावी है।
 | 
जानिए क्या है आर्थ्रोग्राफी

नई दिल्ली। आर्थ्रोग्राफी एक प्रकार की चिकित्सा इमेजिंग (Arthrography is a type of medical imaging) है जिसका उपयोग शरीर के जोड़ों और अस्पष्टीकृत दर्द के मूल्यांकन और निदान में किया जाता है। यह अस्थिबंधन (ligaments), tendons और उपास्थि (cartilage) के भीतर रोग का पता लगाने में बहुत प्रभावी है।

ऑर्थ्रोग्राफी अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष दोनों हो सकती है।

अप्रत्यक्ष ऑर्थ्रोग्राफी (indirect Arthrography) में जहां कंट्रास्ट सामग्री को रक्तप्रवाह में इंजेक्ट किया जाता है, वहीं प्रत्यक्ष ऑर्थ्रोग्राफी (direct Arthrography) में कंट्रास्ट सामग्री को ज्वाइंट्स में इंजेक्ट (contrast material is injected into the joint) किया जाता है।

जोड़ों की ऑर्थरोग्राफी के बाद कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैनिंग (Computed tomography (CT) scanning,), मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई)- magnetic resonance imaging (MRI) या फ्लोरोस्कोपी (रियल टाइम एक्सरे का एक रूप) कराई जा सकती है।

ऑर्थ्रोग्राफी से पहले आपको क्या तैयारी करना है, यह इस बात पर निर्भर करना है कि आपकी ऑर्थ्रोग्राफी किस तरह की जानी है।

यदि आप गर्भवती हैं तो अपने डॉक्टर को पहले बताएं। किसी भी हाल की बीमारियों, चिकित्सा स्थितियों, आपके द्वारा ली जा रही दवाओं, और एलर्जी खासकर किन्हीं खास चीजों से होने वाली एलर्जी के बारे में अपने डॉक्टर को बताएं।

गहने घर पर ही छोड़ दें और ढीले व आरामदायक कपड़े पहनें। आपको गाउन पहनने के लिए भी कहा जा सकता है।

आर्थ्रोग्राफिक छवियां चिकित्सकों को एक जोड़ की संरचना और कार्य में परिवर्तन का मूल्यांकन करने में मदद करती हैं और आर्थ्रोस्कोपी, ओपन सर्जरी या संयुक्त प्रतिस्थापन सहित उपचार की संभावित आवश्यकता को निर्धारित करने में मदद करती है।

ऑर्थ्रोग्राफी का उपयोग बहुधा कंधा, कोहनी, कलाई, कमर, घुटना व टखने की असामान्यताओं की पहचान करने के लिए किया जाता है।

ऑर्थ्रोग्राफी का उपयोग लगातार, अस्पष्टीकृत संयुक्त दर्द या असुविधा का निदान करने में मदद करने के लिए किया जाता है।

कुछ मामलों में, स्थानीय संवेदनाहारी दवाओं या स्टेरॉयड को कंट्रास्ट सामग्री के साथ जोड़ों में इंजेक्ट किया जा सकता है। ये दवाएं अस्थायी रूप से जोड़ों से संबंधित दर्द या सूजन को कम कर सकती हैं और चिकित्सकों को दर्द के संभावित स्रोतों के बारे में अतिरिक्त जानकारी प्रदान कर सकती हैं।

आपके शरीर में सर्वाधिक चलायमान जोड़ हैं आपके कंधे, रखें इनका ख्याल

नोट – यह समाचार किसी भी हालत में चिकित्सकीय परामर्श नहीं है। यह समाचारों में उपलब्ध सामग्री के अध्ययन के आधार पर जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई अव्यावसायिक रिपोर्ट मात्र है। आप इस समाचार के आधार पर कोई निर्णय कतई नहीं ले सकते। स्वयं डॉक्टर न बनें किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लें।)

 

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription