Home » समाचार » गुजरात में हिंदीभाषियों पर हमले : क्या हिंदी-हिंदू-हिंदुस्तान का नारा देने वाली भाजपा का यही गुजरात मॉडल है?

गुजरात में हिंदीभाषियों पर हमले : क्या हिंदी-हिंदू-हिंदुस्तान का नारा देने वाली भाजपा का यही गुजरात मॉडल है?

गुजरात में हिंदीभाषियों पर हमले : क्या हिंदी-हिंदू-हिंदुस्तान का नारा देने वाली भाजपा का यही गुजरात मॉडल है?

बसपा-सपा के पलट माकपा ने दिया समझदारी का परिचय, भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकने को सिर्फ तीन सीटों पर लड़ेगी चुनाव

माकपा ने उतरी मध्य प्रदेश की सीटों की घोषणा की

भोपाल 9 अक्तूबर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय पार्टियों सपा-बसपा के पलट राष्ट्रीय पार्टी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने समझदारी का परिचय देते हुए भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकने के लिए उतरी मध्य प्रदेश में सिर्फ तीन सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है।

आज यहां पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि जब गुजरात में उत्तर भारतीयों, जिसमें भिंड, मुरेना और ग्वालियर के नागरिक भी बड़े पैमाने पर शामिल हैं, पीट-पीट कर भगाया जा रहा है, भाजपा जिस भाषा को राष्ट्रीय भाषा घोषित करने की मांग करती है, उस भाषा को बोलने वालों को अपराधी करार देकर गुजरात से खदेड़ा जा रहा है, संकट की इस घड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी प्रदेश की जनता के प्रति विश्वासघात है। संयोग से आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी ग्वालियर आ रहे हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि भाजपा और संघ परिवार जो हमेशा से एक राष्ट्र एक भाषा की बात करता रहा है, अब उसी भाषा को बोलने वालों पर उन्हीं के गुजरात में हमले क्यों हो रहे हैं? क्या यही भाजपा का गुजरात माँडल है?

उन्होंने कहा कि अखंड भारत की बात करने वाली भाजपा और संघ परिवार का दर्शन भारत को खंड खंड करने वाला है। वह धर्म के नाम पर लोगों को बांट कर अपने राजनीतिक स्वार्थ साधते हैं। वह सवर्ण जातियों को दलित और पिछड़ी जातियों के खिलाफ गोलबंद करते हैं। दो अप्रेल के भारत बंद में दलितों की हत्या और हमला करने वालों को अभी भी भाजपा और उसकी सरकार का संरक्षण मिल रहा है, जबकि निर्दोष दलित युवकों की अभी तक जमानतें भी नहीं हो रही हैं। वह देश की जनता को धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर बांट रही है। देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए भाजपा की हार आवश्यक है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इसी आधार पर अपनी चुनावी कार्यनीति तैयार की है।

माकपा सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 15 साल की राज में प्रदेश दलित, महिला, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के उत्पीडऩ में पहले स्थान पर है। कृषि संकट इतना विकराल हो गया है कि सरकारी आंकड़ों के हिसाब से ही हर रोज छ: किसान प्रदेश में आत्महत्या करते हैं। शिवराज सिंह चौहान की सरकार इस संकट को दूर करने की बजाय भावांतर की योजना लाकर किसानों की लूट की प्रशासनिक व्यवस्था करती है। प्रदेश में सारे औधौगिक क्षेत्र या तो बंद पड़े है या वहां पर श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। जीएसटी और नोटबंदी ने खेती और रोजगार को चौपट कर दिया है।

उन्होंने कहा कि व्यापम का घोटाला कर शिवराज सरकार ने एक पीढ़ी के भविष्य को बर्बाद किया है। अब सीबीआई अपराधियों को बचाने में लगी हुई है। क्योंकि सारे अपराधियों के तार भाजपा से जुड़ रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के निजीकरण ने निजी शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानो को लूट के अड्डों में तबदील कर दिया है। बिजली की लूट से उपभोक्ता परेशान है। इस लूट में भाजपा लुटेरी बिजली कंपनियों के साथ खड़ी है।

शिवराज सरकार ने किसानों के साथ कर्जमुक्ति के वायदे के साथ धोखा धड़ी की है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थाई करने, संविदा शिक्षकों को सामान काम का सामान वेतन देने के साथ ही आशा, ऊषा कर्मियों के साथ विश्वासघात किया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी इन सारे तबकों को लामबंद करते हुए वामपंथी धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ मिलकर वैकल्पिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत करते हुए भाजपा को हराने और विधान सभा में वामपंथी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत बनाने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा लगायेगी।

प्रत्याशियों की घोषणा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी भाजपा विरोधी वोटों के बटवारे को रोकने का प्रयास करेगी। इसलिए पार्टी केवल उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जहां पर पार्टी के संघर्ष मजबूत हैं। उत्तरी मध्यप्रदेश में पार्टी ने केवल तीन सीटें ग्वालियर की डबरा विधान सभा, मुरेना की जौरा विधान सभा और भिंड जिले की गोहद विधान सभा सीट लडऩे का निर्णय लिया है।

डबरा विधान सभा से पार्टी के युवा नेता जितेन्द्र आर्य, गोहद विधान सभा से गोहद नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रेमनारायण माहौर और जौरा विधान सभा से किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़ पार्टी के प्रत्याशी होंगे।

दोनों संभागों की अन्य सीटों पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी भाजपा को हराने वाले प्रत्याशी को वोट देने का आव्हान करेगी।

ज़रा हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

<iframe width="903" height="508" src="https://www.youtube.com/embed/kEIWLvvUUV8" frameborder="0" allow="autoplay; encrypted-media" allowfullscreen></iframe>

About हस्तक्षेप

Check Also

media

82 हजार अखबार व 300 चैनल फिर भी मीडिया से दलित गायब!

मीडिया के लिये भी बने कानून- उर्मिलेश 82 thousand newspapers and 300 channels, yet Dalit …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: