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Palash Biswas

पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए "जनसत्ता" कोलकाता से अवकाशप्राप्त। पलाश जी हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

अंबेडकर के बाद हिंदू साम्राज्यवादी एजेंडा में गौतम बुद्ध

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

Gautam Buddha in the Hindu imperialist agenda after Ambedkar : india will be powerful in asia using buddha diplomacy कल हमने लिखा था, अंबेडकर (Ambedkar) के बाद हिंदू साम्राज्यावदी एजेंडा (Hindu imperial agenda) में गौतम बुद्ध (Gautam buddha) को समाहित करने की बारी है और आज इकोनामिक टाइम्स की खबर (Today’s Economic Times news) हैः ‘बुद्ध डिप्लोमेसी‘ से एशिया में …

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मर्डर इन द कैथेड्रल और न्यू इंडिया : नाटक जो लिखा इलियट ने वह काल्पनिक नहीं इतिहास है 

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

मर्डर इन द कैथेड्रल (Review of Murder in the Cathedral in Hindi) गीति नाट्य विधा (opera) में लिखी गयी अंग्रेज कवि और आलोचक नोबेल पुरस्कार विजेता टीएस इलियट (play by American English poet T.S. Eliot) की अत्यंत प्रासंगिक कृति है। Brief by outline the historical background of murder in the cathedral. रवीन्द नाथ टैगोर ने भी चंडालिका, श्यामा, रक्तकरबी, शाप …

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नहीं रहे कामरेड एके राय जो झारखंड को लालखंड बनाना चाहते थे और जिनकी सबसे बड़ी ताकत कोलियरी कामगार यूनियन थी

Comrade AK Roy

नई दिल्ली, 21 जुलाई। सुप्रसिद्ध वामपंथी और झारखंड (Jharkhand) को लालखंड (Lalkhand) बनाने का सपना देखने वाले कोलियरी कामगार यूनियन (Colliery Workers Union) के नेता कामरेड एके राय (Comrade AK Roy) का निधन हो गया है। यह सूचना फेसबुक पर स्वतंत्र पत्रकार विशद कुमार ने दी है। विशद कुमार ने लिखा है – “अंततः कामरेड एके राय ने हमारा साथ …

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जनता के पास विकल्प ही क्या है ?

Between protest Modi assures Citizenship Bill will not harm Assam and Northeast

जनविरोधी (Anti-public) सत्तालोलुप (Power greed) क्षत्रपों के इस मौकापरस्त गठबंधन में मनुष्य और प्रकृति का भविष्य देखने वाले विद्वतजनों की दृष्टि, प्रतिबद्धता, इतिहासबोध की बलिहारी। इन चेहरों में से किसी ने कभी कारपोरेट राज, मुक्त बाजार, आर्थिक सुधार, संविधान और लोकतंत्र की हत्या, आधार परियोजना या सत्तावर्ग के नरसंहारी अश्वमेध अभियान का विरोध किया हो, मुझे मालूम नहीं है। ये …

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नंगी तलवारें अब खिलिखिलाते कमल हैं… हिटलर को भी आखिर खुदकुशी करनी होती है

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वरिष्ठ पत्रकार और हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार पलाश विश्वास का यह आलेख मूलतः 30 जुलाई 2015 को प्रकाशित हुआ था। यह आलेख आज भी प्रासंगिक है क्योंकि “यूं समझिये कि नंगी तलवारें अब खिलिखिलाते कमल हैं। वरना लोकतंत्र की मजबूरी (compulsion of democracy) कोई नहीं है वरना हिंदू राष्ट्र हैं हम” पूरा आलेख पढ़ें, शेयर करें और हमारा यूट्यूब चैनल …

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अपना रामराज बौद्ध हो गया और राजनीतिक भी, इसलिए हमें उससे परहेज करना चाहिए? ये सवाल खुद से हैं और आपसे भी!

Dr. Udit Raj

लू (hot wind) और काल बैसाखी (Kal Baisakhi) के मध्य तैंतीस साल बाद एक मुलाकात! दलित मूलनिवासी आंदोलन (Dalit Mulniwasi Movement) को छोटी-छोटी मामूली सामाजिक घटनाओं से कुछ सबक लेना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार और हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार पलाश विश्वास (Palash Biswas) का यह आलेख मूलतः May 21, 2012 को प्रकाशित हुआ था। आलेख आज भी प्रासंगिक है। हस्तक्षेप के …

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बजरंगी संवाद, देवभाषा का जलवा और आरएसएस फौज के फतवे हमारे खिलाफ

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

अडानी अंबानी का महाजिन्न तो अच्छे दिन ला नहीं सकते तो हिंदू तालिबान की गालियां ही सर माथे 13 hrs · Like Girish Singh Palas viswas ISI agent 13 hrs · Like · 1 Sandeep Saini rss se tumhari fat kyu rhi h 13 hrs · Like · 1 Hirendra Singh र 13 hrs · Like Gyanendra Singh Palas viswas …

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हीरामन, 15 लाख का सूट भी काम न आया।

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हीरामन, कंपनी वाली बाई से फिर मुहब्बत और वफा की उम्मीद ना रख! इस हीरामन को मिलने के लिए भूगोल इतिहास में झांकने की जरूरत नहीं है। लेंस और माइक्रोस्कोप या फिर सर्न जैसे दुनिया उलट पुलटकर हीराबाई को खोजने की जरुरत नहीं है, नहीं है, नहीं है। आइने में खड़े होकर अपना चेहरा देख लें। देखने की आंख हो …

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हिंदू राष्ट्र का यह धर्मोन्माद किसान, आदिवासी, स्त्री और दलितों के खिलाफ इसे हम सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ समझने की भूल कर रहे

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वंदेमातरम् की मातृभूमि अब विशुद्ध पितृभूमि है, जहां काबुलीवाला जैसा पिता कोई नहीं काबुलीवाला, मुसलमानीर गल्पो और आजाद भारत में मुसलमान रवींद्र का दलित विमर्श-33 रवींद्रनाथ की कहानियों में सतह से उठती मनुष्यता का सामाजिक यथार्थ, भाववाद या आध्यात्म नहीं! आजाद निरंकुश हिंदू राष्ट्र का यह धर्मोन्माद भारत के किसानों, आदिवासियों, स्त्रियों और दलितों के खिलाफ है, इसे हम सिर्फ …

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अंधेर नगरी में सत्यानाश फौजदार का राजकाज! रवींद्र प्रेमचंद के बाद निशाने पर भारतेंदु?

Bharatendu Harishchandra

क्या वैदिकी सभ्यता का प्रतीक न होने की वजह से अशोक चक्र को भी हटा देंगे? रवींद्र का दलित विमर्श-28 पलाश विश्वास डिजिटल इंडिया में इन दिनों जो वेदों, उपनिषदों, पुराणों, स्मृतियों, महाकाव्यों के वैदिकी साहित्य में लिखा है, सिर्फ वही सच है और बाकी भारतीय इतिहास, हड़प्पा मोहंजोदोड़ो सिंधु घाटी की सभ्यता, अनार्य द्रविड़ शक हुण कुषाण खस पठान …

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राजसत्ता, धर्मसत्ता, राष्ट्रवाद और शरणार्थी समस्या के संदर्भ में रोहिंग्या मुसलमान और गुलामी की विरासत

कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में लाखों मुसलमानों ने रैली की (Millions of Muslims rally in support of Rohingya Muslims in Kolkata) और इस रैली के बाद बंगाल में रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर नये सिरे से धर्मोन्मादी ध्रुवीकरण (Religion polarization) तेज हुआ है। भारत में सिर्फ मुसलमान ही म्यांमार में नरसंहार और मानवाधिकार हनन के खिलाफ मुखर है, ऐसा …

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राम के नाम रामराज्य का स्वराज अब भगवा आतंकवाद में तब्दील है।

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ब्राह्मणों की भूमिका, अनार्यों की देन और हिंदुत्व के भगवा एजंडे में भारत तीर्थ के आदिवासी! रवींद्र का दलित विमर्श : तेरह पलाश विश्वास संविधान सभा में जयपाल सिंह मुंडा ने कहा थाः “आज़ादी की इस लड़ाई में हम सबको एक साथ चलना चाहिए। पिछले छह हजार साल से अगर इस देश में किसी का शोषण हुआ है तो वे …

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मजहबी सियासत के हिंदुत्व एजंडे से मिलेगी आजादी स्त्री को?

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तीन तलाक की प्रथा खत्म हो गयी है, यह दावा करना जल्दबाजी होगी। इसी सिलिसिले सामाजिक, मजहबी बदलाव की किसी हलचल के बिना सियासती सरगर्मियां हैरतअंगेज हैं। जश्न मानने से पहले हकीकत की तस्वीरों के अलग अलग रुख को जरुर देख लें। फिजां में बिछी बारुदी सुरंगों का भी तनिक जायजा ले लीजिये। रवींद्र का दलित विमर्श-आठ पलाश विश्वास सवाल यह …

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इस राष्ट्रवाद के मसीहा तो हिटलर और मुसोलिनी हैं

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भारत का इतिहास लोकतंत्र का इतिहास है। भारत का इतिहास लोकगणराज्य का इतिहास है। धर्म और आस्था चाहे जो हो, भारत में धर्म कर्म लोक संस्कृति, परंपरा और रीति रिवाजों के लोकतंत्र के मुताबिक होता रहा है। रवींद्र का दलित विमर्श-सात पलाश विश्वास मनुस्मृति के कठोर अनुशासन के बावजूद, अस्पृश्यता और बहिस्कार के वर्ण वर्ग वर्चस्व नस्ली रंगभेद के बावजूद सहिष्णुता और …

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मेधा पाटकर से मिलने पहुंचा बिलाल कैसे नजीब बनने से बचा, पढ़ें आपबीती

अस्पताल में मेधा पाटकर से मिलने की कोशिश में एक्टिविस्ट के अपहृत होने की आपबीती- बिलाल खान (अनुवाद -पलाश विश्वास ) मैं मेधा पाटकर से मिलने अपने चार साथियों के साथ 8 अगस्त को इंदौर के बांबे अस्पताल जा पहुंचा, जिन्हें मध्य प्रदेश पुलिस ने उनके अनिश्चितकालीन अनशन के बारहवें दिन 7 अगस्त को जबरन उठाकर वहां दाखिल करवाया था। …

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सबसे बड़ा सच : मीडिया तो झूठन है, दिलों और दिमाग को बिगाड़ने में साहित्य और कला माध्यम निर्णायक, वहां भी संघ परिवार का वर्चस्व

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साहित्य और कला माध्यमों का माफिया मीडिया तो क्या राजनीति के माफिया का बाप है। —पलाश विश्वास समय की चुनौतियों के लिए सच का सामना अनिवार्य है। आम जनता को उनकी आस्था की वजह से मूर्ख और पिछड़ा कहने वाले विद्वतजनों को मानना होगा कि हिंदुत्व की इस सुनामी के लिए राजनीति से कहीं ज्यादा जिम्मेदार भारतीय साहित्य और विभिन्न …

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जनविजय जी जैसे विद्वतजन हम जैसे लोगों को अपढ़, अछूत और अयोग्य मानते हैं

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क्लासिक साहित्य जनपक्षधर होता तो हिंदी में अज्ञेय से बड़ा जनपक्षधर कोई नहीं होता। पलाश विश्वास संदर्भः Anil Janvijay July 17 at 3:26am तारा बाबू का कुछ पढ़ा हो किसी ने तब तो कुछ कहेंगे। पलाश विश्वास ने बिना पढ़े ही सबको संघी घोषित कर दिया,  इसीलिए मैंने इनके इस लेख पर कोई जवाब देना ज़रूरी नहीं समझा। इन्होंने गुरुदत्त …

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संघ परिवार के पास साहित्यकार नहीं हैं तो हमारे पास कितने साहित्यकार बचे हैं? शिक्षा व्यवस्था आखिर क्या है?

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पलाश विश्वास हमारे आदरणीय जगदीश्वर चतुर्वेदी ने फेसबुक वाल पर सवाल किया है कि पांच ऐसे उपन्यासों के नाम बतायें, जो संघ परिवार की विचारधारा से प्रेरित हैं। इसकी प्रतिक्रिया में दावा यही है कि संघ परिवार के पास कोई साहित्यकार नहीं है। लगता है कि बंकिम वंशजों को पहचानने में लोग चूक रहे हैं। गुरुदत्त (Gurudutt)  का किसी आलोचक ने …

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यूपी वालों, चाहो तो देश बचा लो! दंगाबाजों को सत्ता से बाहर धकेलो…

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नोटबंदी (Demonetization) के खिलाफ राजनीतिक मोर्चाबंदी (Political barricade) का चेहरा ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का रहा है। नोटबंदी के खिलाफ शुरू से उनके जिहादी तेवर हैं। हम शुरू से चिटफंड परिदृश्य (Chitfund scenario) में दीदी मोदी युगलबंदी (Didi Modi Jugalbandi) के तहत 2011 से बंगाल में तेजी से वाम कांग्रेस के सफाये के साथ आम जनता के हिंदुत्वकरण के परिप्रेक्ष्य …

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अमन चैन के मुल्क में खून की नदियां क्या बुझा पायेंगी सूखे की चपेट में तैंतीस करोड़ इंसानों की प्यास?

Environment and climate change

विश्व पर्यावरण दिवस (#HappyWorldEnvironmentDay) के खास मौके में हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र (Industrial areas of Himachal Pradesh) की दशा पर एक नजर हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 3000 छोटी- बड़ी फैक्ट्रियां हैं जिसमें टैक्सटाइल, फार्मा, फूड-प्रोसेसिंग, कास्मेटिक आदि मुख्य हैं। इस औद्योगिक क्षेत्र में सतुलज नदी की सहायक नदी सरसा व …

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राम के नाम सौगंध भीम के नाम! संघ परिवार ने बाबासाहेब को भी ऐप बना दिया

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राम के नाम सौगंध भीम के नाम! संघ परिवार ने बाबासाहेब को भी ऐप बना दिया… मनुस्मृति का जेएनयू मिशन पूरा,  जय भीम के साथ नत्थी कामरेड को अलविदा है। सहमति से तलाक है। बहुजनों को वानरवाहिनी बनाने वाला रामायण पवित्र धर्मग्रंथ है, जिसकी बुनियाद पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के रामराज्य में मनुस्मृति अनुशासन है। सीता का वनवास, शंबूक हत्या …

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क्या नोटबंदी के जरिये भारत को तोड़ने का कोई मास्टर प्लान है हिंदुत्व के एजेंडे का?

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पांच राज्यों के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गयी है। चार फरवरी से मतदान है। यूपी में ग्यारह फरवरी से सात दफा में वोट पड़ने हैं। गणना 11 मार्च को वोटों की गिनती है। चुनाव प्रक्रिया के मध्य पहली फरवरी को वक्त से पहले रेल और आम बजट (Union budget) मिलाकर डिजिटल कैशलैस इंडिया (Digital cashless …

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वेनेजुएला सिर्फ तीन लाशों का बोझ ढो नहीं सका, नोटबंदी रद्द : भारत में करोड़ों लाशें ढोने के लिए कितना इंच का सीना चाहिए

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वेनेजुएला सिर्फ तीन लाशों का बोझ ढो नहीं सका, नोटबंदी रद्द : भारत में करोड़ों लाशें ढोने के लिए कितना इंच का सीना चाहिए वेनेजुएला में तेल का कारोबार चौपट, नोट कौड़ियों के भाव और देश पर विदेशी माफिया का कब्जा हम किस माफिया के शिकंजे में हैं? पलाश विश्वास अभी अभी जगदीश्वर चतुर्वेदी के ताजा स्टेटस से मालूम पड़ा …

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“No More Racism~!””Not My President!” America chants!

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“No More Racism~!””Not My President!” America chants!Palash BiswasRacism best explains Trump Card of the Golbal Hindutva Agenda .And “No More Racism~!””Not My President!” America chants! Would we learn something to help the helpless Indian people and stop to target them for their political religious faith as we have ourselves NO POLITICAL or Economic Vision at all and ideologies, Utopian theories …

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कैंसर से तड़प-तड़प कर खत्म होता जा रहा है देश, हमारा राष्ट्रवादी युद्धोन्माद परमाणु धमाकों में तब्दील

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कैंसर से तड़प-तड़प कर खत्म होता जा रहा है देश, हमारा राष्ट्रवादी युद्धोन्माद (Nationalist war hysteria) परमाणु धमाकों (Nuclear blasts) में तब्दील…. अरबों शरणार्थी (Refugees) मनुष्यों को बचाने की कोई जुगत नहीं कर सके तो तुम्हारे मनुष्य होने का मतलब क्या है? … इन सवालों का कोई जवाब नहीं है और अग्निपरीक्षा की घड़ी बीत रही है। मैं बंगाल के …

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जन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर बिजन भट्टाचार्य के रंगकर्म का तात्पर्य

Bijon Bhattacharya

बिजन भट्टाचार्य जन्मशताब्दी वर्ष, Bijan Bhattacharya Birth Centenary Year, बंगाल में रंगमंच का इतिहास, History of theater in Bengal भारतीय गण नाट्य आंदोलन ने इस देश में सांस्कृतिक क्रांति (Cultural revolution) की जमीन तैयार की थी, हम कभी उस जमीन पर खड़े हो नहीं सके। लेकिन इप्टा (IPTA) का असर सिर्फ रंग कर्म तक सीमाबद्ध नहीं है। भारतीय सिनेमा के …

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यह आतंकवादी केसरिया सुनामी ब्राह्मण धर्म का पुनरुत्थान और हिन्दू धर्म का अवसान है

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यह आतंकवादी केसरिया सुनामी ब्राह्मण धर्म (Brahmin religion) का पुनरुत्थान है और हिन्दू धर्म का अवसान (extinction of Hindu religion)… राष्ट्रवादी देश भक्त तमाम ताकतों को एकजुट होकर हिन्दू धर्म के नाम जारी इस नरसंहारी अश्वमेध के घोड़ों को लगाम पहनाने की जरूरत है, वरना देश का फिर बंटवारा तय है… पलाश विश्वास सुबह हमारे गुरुजी ताराचंद्र त्रिपाठी जी का …

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आपातकाल कब खत्म हुआ जी? अपराधी फासिस्ट नस्ली सत्ता का नरसंहार कब थमा है जी?

जर जोरू जमीन जल जंगल जमीन सब कुछ निशाने पर अपराधी फासिस्ट नस्ली सत्ता का नरसंहार कब थमा है जी? पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के …

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हिंदुत्व का एजेंडा फर्जी, यह देश बेचने का नरसंहारी एजेंडा

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हमें हिंदुत्व के बजाये फासीवादी नरसंहारी मुक्तबाजार के किले पर हमला करना चाहिए,  क्योंकि हिंदुत्व के नकली किले पर हमले से वे जनता को वानरसेना में तब्दील करने में कामयाब हैं मराठी और बांग्ला के बाद आप चाहें तो हर भाषा और हर बोली में होगा हस्तक्षेप। Hindutva agenda fake, Narcissistic agenda to sell this country पलाश विश्वास नागपुर यात्रा …

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दलित बच्चों को नंगा करके पीटा- हिंदूराष्ट्र में लोकतंत्र की असली तस्वीर

opinion

Dalit children stripped and beaten – the real picture of democracy in Hindu Rashtra दलित बच्चों को नंगा करके पीटा गया, यह हिंदूराष्ट्र में लोकतंत्र की असली तस्वीर समरस है बदतमीजी कभी मत सहना ….जवाब देना बहुत जरूरी है कहां हैं, ‘भारत माता की जय’ वाले! पलाश विश्वास आई.के मानव ने फेसबुक पर दिल दहलाने वाली यह यह तस्वीर साझा …

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जालिम इतना भी जुल्म ना ढाओ कि म्यान में खामोश सो रही तलवारें जाग उठे बेलगाम?

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

गेरुआ गर्भे अश्वडिंब प्रसव! हम कैसे मां बाप हैं कि हमारे बच्चों के सर कलम हो रहे हैं और हम कार्निवाल में गेरुआ गेरुआ गा रहे ? नेताजी फाइल से कुछ साबित हुआ हो या न हो, नेताजी परिवार का सदस्य केसरिया हो गया। महंगे युद्धक विमान रफेल खरीदकर बिरंची बाबा ने फ्रेंच अर्थव्यवस्था का कायाकल्प कर दिया नेताजी फाइलों …

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इतिहास लहूलुहान, पन्ना दर पन्ना खून का सैलाब! लहुलुहान फिजां है लहुलुहान स्वतंत्रता लहुलुहान संप्रभुता लहूलुहान

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

पलाश विश्वास मर्डर इन द कैथेड्रल गीति नाट्य विधा में लिखी गयी अंग्रेज कवि और आलोचक नोबेल पुरस्कार विजेता टीएस इलियट की अत्यंत प्रासंगिक कृति है। रवीन्द नाथ टैगोर ने भी चंडालिका, श्यामा, रक्तकरबी, शाप मोचन जैसे गीति नाट्य लिखे हैं और उनका मंचन भी बेहद लोकप्रिय हैं। लेकिन गीतांजलि के मुकाबले रवींद्र की दूसरी रचनाओं की तरह उनके गीति …

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हम क्यों मनायें संविधान दिवस?

National News

क्योंकि लोकतंत्र को बचाने के लिए (To save democracy) जल जंगल जमीन, नागरिकता और आजीविका जैसे बुनियादी हकों (Basic rights like Water, forest land, citizenship and livelihood,) के लिए भारतीय संविधान पर बहस (Debate on Indian constitution) बेहद जरूरी! पलाश विश्वास कोलकाता। आज मध्य कोलकाता में बंगाल के जनसंगठनों, अल्पसंख्यक संगठनों, कर्मचारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक अति महत्वपूर्ण सभा …

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कुछ भी करो, हमारे इंसानियत, वतन बचाने की कोई जुगत करो… मेरा मुल्क मजहब से बड़ा है

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कहीं किसी को खबर है नहीं। खबरनवीस भी कोई नहीं। चौबीसों घंटे खबरों का जो फतवा है, नफरत का जो तूफां है खड़ा, वह केसरिया मीडिया का आंखों देखा हाल है। आज जिस शख्स को सबसे ज्यादा नापसंद करता रहा हूं और जिसके मुखातिब होने से हमेशा बचता रहा हूं, उसकी विदाई पर लिखना था। उससे पहले एक किस्सा। किस्सा …

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उसी मुहब्बत की खातिर नफरत की आंधियों के मुकाबले में हूं, चाहे कोई मेरा सर कलम कर दे

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

उसी मुहब्बत की खातिर नफरत की आंधियों के मुकाबले में हूं, चाहे कोई मेरा सर कलम कर दे। उसी केदारनाथ (Kedarnath) से फिर खबर है कि पहाड़ फिर खतरे में है (The mountain is in danger again)। चमोली में भूकंप (Earthquake in Chamoli) है तो वरुणावत पर्वत में दरार (Rift in Varunavat mountain)। फौरन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया …

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मैन फोर्स के मुकाबले यह कायनात तुम्हारे हवाले दोस्तों!

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कल हमने लिखा था, अंबेडकर के बाद हिंदू साम्राज्यावदी एजंडा में गौतम बुद्ध को समाहित करने की बारी है और आज इकोनामिक टाइम्स की खबर हैः ‘बुद्ध डिप्लोमेसी’ से एशिया में पावरफुल बनेगा भारत हम नहीं जानते कि आप हमारा लिखा पढ़ते हैं या नहीं। हम यह नहीं जानते कि आप तक हमारा लिखा पहुंचता है या नहीं। हमारे परम …

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“हस्तक्षेप” को लोकतंत्र और मीडिया में अनुपस्थित जन सुनवाई का राष्ट्रीय मंच बनाना चाहते हैं हम

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हम वैकल्पिक मीडिया को लोकतंत्र और मीडिया में अनुपस्थित जन सुनवाई का राष्ट्रीय मंच बनाना चाहते हैं हम मंकी बातों के साथ हिंदू साम्राज्यवाद के उग्र राष्ट्रवाद की कूटभाषा को डीकोड करने के लिए माननीय राम पुनियानी, आनंदस्वरुप वर्मा, दिवंगत असगर अली इंजीनियर, इरफान इंजीनियर, शेष नारायण सिंह, आनंदस्वरूप वर्मा, आनंद तेलतुंबड़े, सुभाष गाताडे, नीलाभ,  विद्याभूषण रावत, एस आर दारापुरी …

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यह पंचामृत बहुजनों के नरसंहार के लिए इजरायली और अमेरिकी हितों के ग्लोबल हिंदुत्व का हिंदू साम्राज्यवादी एजेंडा है

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पंचामृत : Hindu imperialist agenda of global Hindutva बेचो सोने की चिड़िया के मुक्तबाजारी केसरिया शत प्रतिशत हिंदू राष्ट्र एजेंडा (Hindu Rashtra Agenda) के मुताबिक बौद्धमय भारत की विरासत को तिलांजलि कृपया गौर करें कि यह आलेख लिखते हुए पंक्ति दरपंक्ति इसे फेसबुक पर तत्काल पोस्ट कर रहा हूं, इस उम्मीद से कि आपकी शिराओं और धमनियों में मनुष्यता की कोई …

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जैज़ – ग़ुलाम सबसे ज़्यादा तब गाते हैं जब वे दुखी और ग़मज़दा होते हैं

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

नीलाभ अश्क जी, मंगलेश डबराल और वीरेन डंगवाल के खास दोस्त रहे हैं और इसी सिलसिले में उनसे इलाहाबाद में 1979 में परिचय हुआ। वे बेहतरीन कवि रहे हैं, लेकिन कला माध्यमों के बारे में उनकी समझ का मैं शुरू से कायल रहा हूं। अपने ब्लाग नीलाभ का मोर्चा में इसी नाम से उन्होंने जैज़ पर एक लंबा आलेख लिखा …

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What is your stance on Gujarat Genocide, Mr. President?

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Sorry, Mr. President while criticizing religious violence, you are just referring to your stakes on Modi and Shah and adjusting your strategy to defend US interests which might be endangered if Modi and Amit Shah stumble in Delhi Waterloo. What is your stance on Gujarat Genocide, Mr. President? Mr. Barack Hussein Obama? Gandhi is the Gimmick Obama uses to justify …

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मधुमेह की शिकार है हमारी यह दुनिया

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

उस रसगुल्ले (Rosgulla) की देहगंध अब इस कायनात में कहीं नहीं। कहीं भी नहीं। पाकिस्तान के आर्य हिंदुओं और सिखों (Arya Hindus and Sikhs of Pakistan) को अब पांच साल पहले आने पर भी हिंदुत्व की सरकार (Government of Hindutva) नागरिकता और नौकरी (Citizenship and job) दोनों दे रही है और कश्मीर समस्या उसके लिए कश्मीरी पंडितों की समस्या (Problem …

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कश्मीर पर कश्मीरी पंडितों का वर्चस्व बहाल करना नेपाल में हिंदू राष्ट्र के संघी खेल से कहीं ज्यादा खतरनाक

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कश्मीर में फिजां बदलने की उम्मीद कश्मीर में चुनाव नतीजे (Election results in Kashmir) चाहे कुछ हों, वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वापसी (Return of democratic process) का स्वागत किया ही जाना चाहिए। इधर जिस अकेले शख्स के कारण पत्रकारिता से नत्थी हो जाने के हादसे ने हमारी जिंदगी को बदल दिया और वह अब हिंदी का सबसे बड़ा स्टार पत्रकार …

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पूर्वी बंगाल के हिंदू शरणार्थियों से बांग्लादेश की आजादी की कीमत वसूल रहा संघ परिवार

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पाकिस्तान के हिस्से में जो बांग्लाभाषी भूगोल काटकर फेंक दिया गया दिल्ली में सत्ता हस्तांतरण के बाद पंजाब के विभाजन (Partition of punjab) के साथ-साथ, सबसे मिलिटेंट दो कौमों की सत्ता हासिल करने की संभावना को सिरे से काटकर, वह हिस्सा पाकिस्तान में बहुत दिनों तक नहीं रहा। गौरतलब है कि भारत के हिस्से में आये टुकड़ा-टुकड़ा बंगाली भूगोल ने …

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मोदी का हिंदुत्व सिर्फ फरेब है?

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 क्या बाहैसियत पूरबिया, पूर्वोत्तरी गैरनस्ली बंगाली हम हिंदू नहीं है या मोदी का हिंदुत्व सिर्फ फरेब है? ध्वनि ही मेरे अस्तित्व की गूंज अनुगूंज बनाती है। वह गूंज अनुगूंज इस कायनात में हमनस्ल-हमशक्ल इंसानों के दिलो-दिमाग में रच बसकर इंसानियत और कायनात की बेहतरी और खासतौर पर दुनियाभर मजहब नस्ल कौम वतन के दायरे तोड़कर इंसानियत और कायनात के हक …

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क्या हैं जंगल के उपकार, मिट्टी, पानी और बयार

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

  पलाश विश्वास क्या हैं जंगल के उपकार, मिट्टी, पानी और बयार। मिट्टी, पानी और बयार, जिन्दा रहने के आधार। सुन्दर लाल बहुगुणा की उम्र अब 87 साल की है और वे पक्के गांधीवादी और सर्वोदयी हैं। चंडी प्रसाद भट्ट जी उनसे छोटे हैं। भट्ट जी अभी पहाड़ों में बने हुए हैं और धूम सिंह नेगी जाजल घाटी में सक्रिय …

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नेहरू जमाने का पटाक्षेप, लेकिन इसकी कीमत क्या, इसे भी बूझ लीजिये, बंधु!

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नेहरु जमाने का पटाक्षेप, लेकिन इसकी कीमत क्या, इसे भी बूझ लीजिये, बंधु! दरअसल दो दलीय वेस्टमिन्स्टर शैली (Two-party westminster style) की लोकतांत्रिक वर्चस्ववादी (Democratic supremacist) इस राज्यतंत्र (Monarchy) में संघ परिवार (RSS) का जैसे कभी अंत हुआ नहीं है, वैसे ही कांग्रेस का अंत भी असंभव है (The end of Congress is also impossible)। नेहरु गांधी वंश (Nehru Gandhi …

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पीपीपी गुजराती विकास कामसूत्र का नया अध्याय- विनिवेश का नया तरीका लाने की तैयारी

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शिकारी शार्क मछलियां निगल रहीं समुंदर, कंपनियां होंगी बेदखल अब और विदेशी होगा खुदरा कारोबार खुदरा कारोबार में मल्टी ब्रांड एफडीआई (Multi brand FDI in retail) और ईटेलिंग के ईकामर्स माध्यमे एकमुश्त कृषि और कारोबार को खत्म कर देने की जुगत है पलाश विश्वास विनिवेश का नया तैयारी लाने की अब तैयारी है क्योंकि बैंकिंग, बीमा और सारे सरकारी उपक्रम …

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नमक का दरोगा वाले कलम के सिपाही प्रेमचंद को नमन

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गोदान में खेत खाओ संस्कृति के पूँजी वर्चस्व का भी अच्छा खासा ब्यौरा है। आज सुबह सुबह बसंतीपुर से पद्दो का फोन आया। पहली बार तो लगा किसी कंपनी का होगा, इसलिए काट दिया। दोबारा उसके रिंगियाने पर मोबाइल से संपर्क साध लिया। छूटते ही पद्दो ने कहा कि आज दिनेशपुर में तुझे प्रेमचंद सम्मान दिया जा रहा है। मैंने …

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हम राज करें, तुम राम भजो!…. बजर गिरे इस अर्थव्यवस्था पर!

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तुम कितने झूठे हो, देखा/ हाय राम, तुम पढ़-लिख कर इतने झूठे हो जोर का झटका धीरे से लगे। दाम बढ़ाकर राहत का पुराना खेल। महानगर केंद्रित जनांदोलनों के मध्य अब पेंशन, पीएफ ग्रेच्युटी भी बाजार के हवाले ताकि अर्थव्यवस्था पटरी पर रहे। पलाश विश्वास बजर गिरे इस अर्थव्यवस्था पर! बर्तोल्त ब्रेष्ट की कविता (Poem by Bartolt Brecht) है – …

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हिन्दू धर्म कोई धर्म नहीं, राजनीति है… यह कारपोरेट विध्वंस का खेल पवित्र हिन्दूराष्ट्र के नाम है।

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कारपोरेट विध्वंस का खेल पवित्र हिन्दू राष्ट्र के नाम है पलाश विश्वास बाबा नागार्जुन के शब्दों में – खड़ी हो गयी चांपकर कंकालों की हूक नभ में विपुल विराट-सी शासन की बंदूक उस हिटलरी गुमान पर सभी रहे हैं थूक जिसमें कानी हो गयी शासन की बंदूक बढ़ी बधिरता दस गुनी, बने विनोबा मूक धन्य-धन्य वह, धन्य वह, शासन की …

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चाहे कोई बने वे मुक्त बाजार के प्रधानमंत्री ही होंगे, भारतीय जन गण मन के नहीं

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

मित्रों,  आप (AAM ADMI PARTY) सत्ता में आते ही आपको याद होगा कि हमने लिखा था कि अगर आप कारपोरेट राज (Corporate Raj) के खिलाफ हैं तो वह कम से कम दिल्ली में कारपोरेट जनसंहार (Corporate genocide) के मुख्य हथियार असंवैधानिक बायोमेट्रिक डिजिटल रोबोटिक (Biometric digital robotics) सीआईए नाटो प्रिज्मिक ड्रोनतांत्रिक आधार (AADHAR) प्रकल्प को फौरन खारिज कर दें। अमलेंदु …

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