Articles by पलाश विश्वास

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

न मोदी हिंदुओं के प्रधानमंत्री हैं और न उनकी सरकार का हिंदुत्व से कोई लेना देना है

बिजनेस फ्रेंडली कॉरपोरेट सरकार को हिंदुत्व की सरकार बताकर उसे महिमामंडित न करें! बिजनेस फ्रेंडली है मोदी का य़ूएसपी हम शुरू से हिंदुत्व बनाम धर्मनिरपेक्षता कुरुक्षेत्र के खिलाफ थे। हमारे मेधावी, मीडिया विशेषज्ञ, जनपक्षधरता के…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

चाहे कोई बने वे मुक्त बाजार के प्रधानमंत्री ही होंगे, भारतीय जन गण मन के नहीं

मित्रों,  आप (AAM ADMI PARTY) सत्ता में आते ही आपको याद होगा कि हमने लिखा था कि अगर आप कारपोरेट राज (Corporate Raj) के खिलाफ हैं तो वह कम से कम दिल्ली में कारपोरेट जनसंहार…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

समलैंगिकता का अधिकार न सबसे बड़ा मुद्दा है और न एकमात्र

आपके लिये होगा, हमारे लिये समलैंगिकता का अधिकार न सबसे बड़ा मुद्दा है और न एकमात्र मुद्दा Right to homosexuality is neither the biggest issue nor the only issue for us जनसत्ता में प्रकाशित लेखक…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

आजकल ज्यादा बोलने लगे हैं ये आदिवासी …

आदिवासियों के विध्वंस से रची जाती है विकास गाथा। The development story is created by the destruction of tribals. हमारा दुर्भाग्य है कि निग्रोइड रक्तधारा के वाहक होकर भी इस देश की गैर ब्राह्मणी, अनार्य,…


Health and Fitness

फुटेला ब्रेन स्ट्रोक के बाद खतरे से बाहर हैं, लेकिन बोलने की हालत में नहीं

मैं रोज जर्नलिस्ट क्म्युनिटी (Journalist community) का साइट खोलता हूँ इस उम्मीद के साथ कि जगमोहन फुटेला (Jagmohan Phutela)फिर सक्रिय हो गया होगा। ग्रोवर साहब अब नोएडा आ गये हैं और उन्होंने फोन पर आश्वस्त…


Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कांशीराम का प्रयोग फेल, बामसेफ को अंबेडकर के आंदोलन में लौटना होगा

बहुजन समाज (Bahujan Samaj) का निर्माण ही नहीं होने दिया जाति अस्मिता (Caste asmita) ने… कारपोरेट राज (Corporate Raj) में तब्दील है मनुस्मृति व्यवस्था (Manusmriti system)! …. कार्यकर्ताओं ने उठायी एकीकरण के हक में आवाज… बोरकर…


opinion, debate

मनमोहन जमाने की असलियत अमेरिका का खेल!

Reality of Manmohan era America’s game! सिर्फ सोनिया गांधी ही नहीं, अब अमेरिकी आकाओं को भी नापसंद है प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह। पर इससे युवराज राहुल गांधी का प्रधानमंत्रित्व सुनिश्चित है, यह मामना गलत होगा।…