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भारत बंद और आम हड़ताल को सफल बनाने को वामपंथी दलों ने की अपील

भारत बंद और आम हड़ताल को सफल बनाने को वामपंथी दलों ने की अपील

10 सितम्बर के भारत बंद और आम हड़ताल के आह्वान को छत्तीसगढ़ में भी सफल बनाने की अपील  वामपंथी पार्टियों ने की है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव संजय पराते, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव आरडीसीपी राव, एसयूसीआई(सी) के सचिव विश्वजीत हरोड़े, सीपीआई(एमएल)-लिबरेशन के नरोत्तम शर्मा ने प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि मोदी सरकार के चार साल में देश की जनता पर आर्थिक संकटों का पहाड़ टूटा है। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई की मार को और तेज किया है। कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या कर रहे है। डालर की तुलना में रुपए की कीमत लगातार गिर रही है। इस चौतरफा मार के खिलाफ देशव्यापी संघर्ष के अगले चरण के रुप में 10 सितम्बर को भारत बंद और आम हड़ताल का आह्वान किया गया है.

वामपंथी नेताओं ने कहा कि सरकार ने स्वामीनाथन आयोग के अनुरुप किसानों को लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य घोषित करने, कर्ज से मुक्त करने, बेरोजगारी दूर कर युवाओं को रोजगार देने के वादे से पूरी तरह मुकर चुकी है. यह सरकार किसानों को कर्ज मुक्त करने की बजाय कारपोरेट घराने के कर्ज माफ कर रही है। वामपंथी नेताओं ने आरोप लगाया है कि कालाधन वापस लाने की बजाय नोटबंदी कर मोदी सरकार ने कालेधन को ही सफेद कर दिया है। राफेल घोटाले से मोदी सरकार की राष्ट्रभक्ति बेनकाब हो गई है। भ्रष्टाचार चरम पर है। लेकिन जब आम जनता संघर्ष केमैदान में उतर रही है, तो उनका ध्यान भटकाने के लिए गाय-गोबर-गौमूत्र के नाम पर देश मेंसांप्रदायिक उन्माद, नफ़रत और हिंसा का वातावरण बनाया जा रहा है, ताकि मोदी सरकार कीसांप्रदायिक-तानाशाही की नीतियों को थोपा जा सके. इन सब मुद्दों को भी 10 सितम्बर के अभियान से जोड़ा जा रहा है।

वामपंथी दलों ने प्रदेश की रमनसिंह सरकार पर आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों परकिए जा रहे हमलों और उनके अधिकारों के लिए बने संवैधानिक प्रावधानों को कुचलने का भीआरोप राज्य सरकार पर लगाया है.

वामपंथी दलों ने प्रदेश भर में अपनी इकाईयों को 10 सितम्बर के भारत बंद को सफल बनाने के आह्वान के साथ ही प्रदेश की जनता से भी बंद को सफल बनाने की अपील की है।

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