उद्योगपतियों ने लगाई बैंकों को अरबों की चपत, नोटबंदी से जनता त्रस्त

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Billions Loss of banks caused by Industrialists, people stricken by Demonetisation

2071 उद्योगपतियों पर बैंकों का अरबों का कर्ज बकाया और जनता बैंकों में त्रस्त

नई दिल्ली 23 नवंबर। 2071 उद्योगपतियों पर बैंकों का अरबों का कर्ज बकाया है और आम आदमी अपनी मेहनत की कमाई को लेने के लिए बैंकों में कतार में लगा है। जनता त्रस्त है उधर मीडियामोदी-भक्ति में तल्लीन है और प्रधानमंत्री अट्टहास कर रहे हैं।

सरकार ने कल मंगलवार को संसद में कहा कि 2,071 उद्योगपतियों पर बैंकों का कुल 3.89 लाख करोड़ रुपये बकाया है। इन उद्योगपतियों ने 50 करोड़ रुपये या इससे अधिक का ऋण ले रखा है। यह धनराशि या तो बुरे ऋण या फिर गैरनिष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में तब्दील हो गई है।

राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि 30 जून, 2016 तक 50 करोड़ रुपये से अधिक ऋण राशि वाले एनपीए खातों की संख्या 2,071 थी, जिन्हें मिलाकर कुल 3,88,919 करोड़ रुपये की राशि बैठती है।

गंगवार ने कहा, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुदेशों के अनुसार, प्रत्येक बैंक की अपनी वसूली नीति है, जिसमें माफी की प्रक्रिया भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि इस माफी के तहत आरबीआई ने मुख्यालय स्तर पर तो माफी की अनुमति दी है, जबकि शाखा स्तर पर वसूली के प्रयास जारी रहते हैं।