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जस्टिस राजिंदर सच्चर की जयंती – लोकतांत्रिक आवाजों पर बढ़ते हमले के खिलाफ सेमीनार करेगा रिहाई मंच

जस्टिस राजिन्दर सच्चर की जयंती – लोकतांत्रिक आवाजों पर बढ़ते हमले के खिलाफ सेमीनार करेगा रिहाई मंच

लखनऊ 20 दिसंबर 2018। जस्टिस राजिन्दर सच्चर की जयंती पर लोकतांत्रिक आवाजों पर बढ़ते हमले के खिलाफ शनिवार 22 दिसंबर 2018 को साढ़े तीन बजे से यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में सेमीनार का आयोजन किया जाएगा।

रिहाई मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम को लोकतंत्र अधिकारवादी नेता अर्जुन प्रसाद सिंह, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता फरमान अहमद नकवी, अधिवक्ता सामाजिक कार्यकर्ता असद हयात, एएमयू के छात्र नेता मुबश्शिर हुसैन शाह, अधिवक्ता शकील बुंदेल और पत्रकार सलीम सिद्दीकी संबोधित करेंगे।

रिहाई मंच नेता राजीव यादव ने कहा कि सूबे सहित देशभर में हक-हुकूक की आवाज उठाने वालों का दमन किया जा रहा है चाहे वो भीमा कोरेगांव हो या फिर कश्मीर। ऐसे में इंसाफ के लिए जीवन पर्यन्त लड़ते रहे जस्टिस राजिन्दर सच्चर की जयंती पर यह आयोजन प्रतिरोध के जारी संघर्ष में अहम होगा। सूबे के मुखिया योगी आदित्यानाथ को हेट स्पीच मामले में कटघरे में खड़ा करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परवेज परवाज को झूठे मुकदमे में फांसकर जेल में डाल दिया जाना मानवाधिकार का गंभीर मसला है। वह जेल में हैं और जेल से बाहर उनका परिवार दहशत में जीने को मजबूर है। बजरंग दल और विहिप की संगठित भीड़ इस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर देती है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी तो दूर सूबे के मुखिया को अपने इंस्पेक्टर से ज्यादा गाय की चिंता सताती है। ऐसे में इस कार्यक्रम से उन तमाम सवालों को उठाया जाएगा जिन्होंने जनता का जीना दूभर कर रखा है। मुख्यमंत्री ठोंक देने की बात करते हुए अपराधी के नाम पर वंचित समाज के लोगों की हत्या की खुली छूट देते हैं। दूसरी तरफ बिना बात के रासुका, यूएपीए और देशद्रोह के मुकदमे सिर्फ और सिर्फ दलित-पिछड़ों और मुस्लिम पर लाद दिए जाते हैं।

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