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कैंसर पीड़ितों को अब दर्द से तड़पने की ज़रूरत नहीं !

कैंसर पीड़ितों को अब दर्द से तड़पने की ज़रूरत नहीं !

Cancer sufferers no longer suffer from pain!

कैंसर के मरीजों को अब बहुत सरल एवं किफायती चिकित्सा पद्धति से दर्द से राहत का दावा

गाजियाबाद, 26 अक्तूबर। समय के साथ कैंसर के उपचार (Cancer treatment) में सुधार तो हुआ है लेकिन आज भी कैंसर के कारण रोगी को होने वाले जानलेवा दर्द और उसकी पीड़ा से डॉक्टर भी कांप जाते हैं, हालात यहां तक होते हैं कि परिजन ऐसी स्थिति में अपने ही मरीज की मृत्यु की दुआएं मांगने लगते हैं।

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी (Yashoda Super Specialty Hospital Kaushambi) में आयोजित एक प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पेन मैनेजमेंट विशेषज्ञ डॉ नीरज जैन और डॉक्टर सुनील शर्मा की टीम ने यह जानकारी दी।

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ दर्द प्रबंधन विशेषज्ञ (Pain Management Expert) डॉ नीरज जैन  ने बताया कि कैंसर की बीमारी की वजह से आखिरी स्टेज वाले इन्हीं रोगियों की बची जिंदगी को दर्द से निजात दिलाने के लिए यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी में दर्द के प्रबंधन के लिए पैलेटिव केयर Palliative care शुरू किया गया है, जो न केवल इस जानलेवा दर्द से राहत दिलाता है बल्कि उन्हें बचे काम करने का भी पूरा मौका देता है। आज कई मरीजों को इसका फायदा मिल रहा है।

डॉ नीरज जैन ने कहा कि अंतिम समय में मरीज को लाइफ की क्वॉलिटी देने के मकसद से यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने यह पहल की है।

पैलेटिव केयर के डॉक्टर नीरज जैन एवं डॉ सुनील शर्मा बताते हैं कि इस अंतिम स्टेज में रोगी जिंदा तो होता है, लेकिन दर्द उनकी रूह तक को कंपा देता है।

Neurolysis तथा Advanced Nerve Block Technique

चिकित्सक द्वय ने बताया कि कैंसर में विशेषतः आँतों का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, हड्डियों का कैंसर ऐसा होता है जिनमें दर्द बहुत ज्यादा होता है। उन्होंने बताया कि यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी के दर्द प्रबंधन विभाग द्वारा पैलेटिव केयर में उन्नत तंत्रिका ब्लॉक तकनीक  Advanced Nerve Block Technique से इलाज किया जाता है जिसमें जो नसें दर्द का सिग्नल दिमाग तक पहुँचाती हैं उन नसों से सिग्नल को रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन के माध्यम से बंद कर दिया जाता है, इस पद्धति को न्यूरोलाइसिस Neurolysis कहते हैं।

डॉ सुनील शर्मा ने बताया कि लेजर मशीन के जरिये भी नसों से दर्द का संचालन ख़त्म किया जा सकता है।

असहनीय होता है कैंसर का दर्द
Cancer pain is unbearable

डॉ नीरज जैन ने बताया कि कैंसर का दर्द इतना असहनीय होता है कि इसमें सामान्य पेन किलर का असर न के बराबर होता है तथा ज्यादा भारी मात्रा में पेन किलर देने से मरीज के प्रमुख अंगों, किडनी, लिवर आदि को नुकसान का डर बना रहता है अतः मरीजों को इन नई तकनीकों से दर्द निवारण करना बहुत जरूरी होता है।

डॉ नीरज जैन एवं डॉ सुनील शर्मा ने  बताया कि हाल ही में उन्होंने अत्याधुनिक तरीके स्पाइनल कॉर्ड इम्प्लांट के जरिये दवाई का पम्प रीढ़ की हड्डी में लगा दिया जिससे इस छोटी सी मशीन से लगातार दवा निकलती रहती है तथा रीढ़ की हड्डी के माध्यम से बहुत ही कम मात्रा में दवा दे कर दर्द को नियंत्रित कर दिया जाता है, इस विधि से दर्द नाशक दवाइयों के दुष्प्रभाव से भी बचा जा सकता है, चूंकि कैंसर के मरीजों में पहले से ही कीमोथेरेपी के माध्यम से बहुत ज्यादा मात्रा में दवाइयां शरीर में पहुंच रही होती हैं, ऐसे में यह दवाई का पम्प बहुत ही कारगर सिद्ध होती है।

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