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जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित किया

Ajit Pawar after oath as Deputy CM

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित किया महाराष्ट्र के वर्तमान घटना-क्रम के खास सबक  Special lessons of current events of Maharashtra फासीवाद जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है, महाराष्ट्र में यह सत्य फिर एक बार नग्न रूप में सामने आया है। ऐसा साफ लगता है कि …

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मोदी के गुब्बारे में सुई चुभो दी शिव सेना ने – महाराष्ट्र में भारतीय राजनीति का टूटता हुआ गतिरोध 

uddhav thackeray

मोदी के गुब्बारे में सुई चुभो दी शिव सेना ने – महाराष्ट्र में भारतीय राजनीति का टूटता हुआ गतिरोध  महाराष्ट्र में कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेताओं के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रहे बैठक के दौर के बाद शिव सेना के साथ गठबंधन सरकार बनने के आसार बढ गए हैं। आज इस संबंध में घोषणा की …

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जिन्होंने कानूनों का मखौल बनाते हुए मस्जिद गिराई, उनकी इच्छा पूरी की उच्चतम न्यायालय ने ?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

जिन्होंने कानूनों का मखौल बनाते हुए मस्जिद गिराई, उनकी इच्छा पूरी की उच्चतम न्यायालय ने ? राज्य की देखरेख में बनेगा रामजन्मभूमि मंदिर छह दिसंबर 1992 की तरह, 9 नवम्बर 2019 भी भारत के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया है. छह दिसंबर को दिन-दहाड़े जो मस्जिद गिरा दी गयी उसकी रक्षा करने का लिखित आश्वासन भाजपा नेता …

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अयोध्या पर अदालत के फैसले पर सवाल उठाना क्यों जरूरी है

Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।

अयोध्या पर अदालत के फैसले पर सवाल उठाना क्यों जरूरी है अयोध्या फैसला : अल्पसंख्यकों से शिकायत करने का अधिकार भी छीन लेने के लिए ही न कोई जीता न कोई हारा का उपदेश अयोध्या समाधान : जबरा मारे, रोने न दे अचरज की बात नहीं है कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले (Supreme Court verdict on Ayodhya …

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जनता के राम, जनता के हवाले : विहिप ने ने मंदिर निर्माण के नाम पर करोड़ों का जो चंदा वसूला है उसे वह तुरंत भारत सरकार के खजाने में जमा कराए

Jagadishwar Chaturvedi at Barabanki

जनता के राम, जनता के हवाले : विहिप ने ने मंदिर निर्माण के नाम पर करोड़ों का जो चंदा वसूला है उसे वह तुरंत भारत सरकार के खजाने में जमा कराए It becomes the responsibility of the central government that no VHP person be placed in the trust अब राममंदिर केन्द्र सरकार निर्मित ट्रस्ट बनाएगा। मंदिर की जगह भी कोर्ट …

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संघ के लोग तो अनपढ़ता के मास्टर हैं, उनके जमाने में शिक्षा का ढांचा टूटना है, जेएनयू उदाहरण है

JNU photo tweeted bu Umar Khalid

संघ के लोग तो अनपढ़ता के मास्टर हैं, उनके जमाने में शिक्षा का ढांचा टूटना है, जेएनयू उदाहरण है RSS’s future agenda of education is nationalism, spiritualism, Indianism, Hinduism and illiteracy. आरएसएस का शिक्षा का भावी एजेण्डा है राष्ट्रवाद, अध्यात्मवाद, भारतीयता, हिन्दुत्व और अनपढ़ता। उसके बाद सारा देश मूल्यभक्ति से सराबोर हो जाएगा!! मीडिया इस मूसलाधार मूल्य वर्षा में जेएनयू …

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महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी की सरकार !

uddhav thackeray

महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी की सरकार ! सिद्धांत और व्यवहार की इस अनोखी गुत्थी पर एक नोट A note on the unique kink of theory and practice अभी जब हम यह लिख रहे हैं, कांग्रेस कार्यसमिति महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी की सरकार को समर्थन देने, न देने के सवाल पर किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचने के लिये मगजपच्ची कर रही है। यह …

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#AyodhyaVerdict : राजनीति के सामने कानून का आत्म-समर्पण

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

#AyodhyaVerdict : राजनीति के सामने कानून का आत्म-समर्पण #AyodhyaVerdict : आधुनिक समाज के विवेक को नहीं, कब्जे की वास्तविकता को सर्वोच्च न्यायालय ने तरजीह दी है बाबरी मस्जिद रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें Highlights of Supreme Court’s decision on Babri Masjid Ramjanmabhoomi dispute न्याय, सद्भाव, मानवीय मर्यादा और सभी धार्मिक विश्वासों के प्रति समानता के …

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370 के बाद का कश्मीर – झूठ और दुष्प्रचार की अति

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

370 के बाद का कश्मीर – झूठ और दुष्प्रचार की अति कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद से तीन माह बीत चुके हैं (Three months have passed since the removal of Article 370 of the Constitution from Kashmir.)। इस प्रक्रिया में स्थापित विधि को दरकिनार कर, लोकसभा में अपने बहुमत का लाभ उठाते हुए भाजपा सरकार …

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अधिवक्ताओं के खिलाफ गोदी मीडिया का दुष्प्रचार अभियान

अधिवक्ता और पुलिस संघर्ष, Advocate and police conflict,

अधिवक्ताओं के खिलाफ गोदी मीडिया का दुष्प्रचार अभियान अधिवक्ता और पुलिस संघर्ष (Advocate and police conflict) दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन पुलिस की ज्यादतियों के खिलाफ (Against police brutality) कोई उचित फोरम न होने के कारण आये दिन संघर्ष की स्थिति पैदा हो जाती है। मूल समस्या को देखने के बजाय टुकड़ो-टुकड़ों में समस्या का समाधान करने की कोशिश के कारण आये …

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मोदीजी, यही अगर एकीकरण है तो विभाजन क्या होगा ? पटेल की जयंती पर देश के बंटवारे का दृश्य !

Modi in UNGA

मोदीजी, यही अगर एकीकरण है तो विभाजन क्या होगा ? पटेल की जयंती पर देश के बंटवारे का दृश्य ! सरदार पटेल के नाम पर झूठ बोलने से मोदीजी को कौन रोक सकता है मोदी सरकार ने बहत्तर साल के इतिहास को पलट कर, आखिरकार एक नया इतिहास रच दिया। सरदार पटेल के 144वें जन्म दिन पर, उस जम्मू-कश्मीर के …

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अगला हफ़्ता सुप्रीम कोर्ट के नाम होगा, हमें न्याय और सत्य की  स्वतंत्र भूमिका का इंतज़ार रहेगा

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

अगला हफ़्ता सुप्रीम कोर्ट के नाम होगा, हमें न्याय और सत्य की  स्वतंत्र भूमिका का इंतज़ार रहेगा The next week will be in the name of the Supreme Court, we will wait for the independent role of justice and truth भ्रष्ट मुख्यमंत्री येदीयुरुप्पा जैसे ही दिखाई दे रहे थे वकील हरीश साल्वे सुप्रीम कोर्ट का जज दूध पीता बोध-शून्य बच्चा …

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कायरता छोड़ो, आगे बढ़ो उद्धव ठाकरे, जनता तो मोदी-शाह को ठुकरा चुकी है

uddhav thackeray

कायरता छोड़ो, आगे बढ़ो उद्धव ठाकरे, जनता तो मोदी-शाह को ठुकरा चुकी है क्या शिव सेना इतिहास की चुनौती को स्वीकार कर आगे बढ़ेगी या बीजेपी के दरवाज़े पर बंधे पालतू जीव की भूमिका अपनायेगी ! महाराष्ट्र के हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों (Maharashtra’s recent assembly election results) पर हमारी पहली प्रतिक्रिया यह थी कि “महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना की जीत …

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संविधान, कोर्ट और विचारधारा : अगर जज बन गए साल्वे तो संविधान तेरा क्या होगा ?

Karan Thapar Harish Salve talk on The Wire

संविधान, कोर्ट और विचारधारा : शुद्ध मिथ्याचारी और हंसी के पात्र प्रतीत हो रहे थे साल्वे Karan Thapar’s conversation on The Wire with well-known constitutional expert Harish Salve about Kashmir, Article 370, the federal structure of the Indian state and fundamental rights of the citizen. आज ही ‘द वायर’ पर कश्मीर, धारा 370, भारतीय राज्य का संघीय ढांचा और नागरिक …

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मोदीजी इंदिरा जी कुर्बानी को छिपा नहीं सकते, श्री मती गांधी की कुर्बानी तो देश की फिक्स्ड डिपोजिट है

Indira Gandhi

मोदीजी इंदिरा जी कुर्बानी को छिपा नहीं सकते, श्री मती गांधी की कुर्बानी तो देश की फिक्स्ड डिपोजिट है Modiji cannot hide Indira ji sacrifice कल्पना कीजिए आज के ही दिन श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या (Assassination of indira gandhi) के बजाय किसी आरएसएस सदस्य पीएम की हत्या हुई होती तो क्या आज मोदी सरकार पटेल पटेल जप रही होती …

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कश्मीर बताता है कि भारत सुरक्षित हाथों में नहीं विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है !

Narendra Modi new look

कश्मीर बताता है कि भारत सुरक्षित हाथों में नहीं विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है ! कश्मीर बताता है कि भारत कैसे विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है ! मोदी दिन प्रतिदिन कश्मीर की पूरी बर्बादी की कहानी रच रहे हैं। ओफ ! कश्मीर अब पूरी तरह से एक जुनूनी ताकतवर व्यक्ति की विध्वंसकता का शिकार बन चुका …

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महाराष्ट्र और हरियाणा : यह मोदी-शाह की साफ हार है, मीडिया भाजपा की चिरौरी छोड़े

Amit Shah Narendtra Modi

महाराष्ट्र और हरियाणा : यह मोदी-शाह की साफ हार है, मीडिया भाजपा की चिरौरी छोड़े The emotional balloon of nationalism has exploded in the assembly elections महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजों की अगर एक वाक्य में व्याख्या (interpretation of results of Maharashtra and Haryana assembly elections) की जाए तो कहा जा सकता है कि इन चुनावों में नरेन्द्र …

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सिख संगठनों का आरोप – आरएसएस की बयानबाजी से देश विभाजित होगा

RSS Half Pants

भारत एक हिन्दू राष्ट्र नहीं है – सिख संगठन आरएसएस के चिंतक और नेता लगातार यह कहते आए हैं कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है। जाहिर है कि इस पर धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर सिक्खों और मुसलमानों, के अतिरिक्त भारतीय संविधान में आस्था रखने वालों को भी गंभीर आपत्ति है। इस साल दशहरे पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने एक …

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जब मोदी-आरएसएस से देश को खतरा नहीं है तो ओवैसी से कैसे खतरा हो सकता है!

Jagadishwar Chaturvedi on Haryana elections

जब मोदी-आरएसएस से देश को खतरा नहीं है तो ओवैसी से कैसे खतरा हो सकता है! नरेंद्र मोदी अकेले पीएम हैं जिन्होंने जनादेश को धनादेश के जरिए बार बार पलटा है। धनादेश और शासकीय आतंक से दो अस्त्र हैं उनके पास, इनके जरिए वे रोज लोकतंत्र की जड़ों में मट्ठा डाल रहे हैं। मोदी शासन में जिस तरह गुलाम भाषा, …

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लिंचिंग करने वाली भीड़ न केवल मानवता वरन् हिंदू धर्म की भी कब्र खोद रहीं हैं

Irfan Engineer

मॉब लिंचिंग की वकालत Advocating mob lynching आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने 8 अक्टूबर 2019 को अपने वार्षिक दशहरा संबोधन (Annual Dussehra address by RSS chief Mohan Bhagwat) में कहा कि लिंचिंग की अवधारणा (Lynching concept) भारतीय नहीं है. उन्होंने एक विदेशी शब्द, ‘लिंचिंग’, के प्रयोग पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि जिसे लिंचिंग बताया जा रहा है, दरअसल, …

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मित्रों ! मार्क्सवाद को जान तो लो ! ध्यान रहे देश में लोकतंत्र संकट में है क्रांति नहीं

Karl Marx

फेसबुक पर युवाओं की सक्रियता खुशी देती है और उनकी तेज प्रतिक्रिया ऊर्जा देती है लेकिन यदि वह प्रतिक्रिया मार्क्सवादी विभ्रमों और विकृतियों की शिकार हो या वामपंथी बचकानेपन की शिकार हो तो मार्क्स-एंगेल्स का पाठ फिर से पढ़ने -पढ़ाने को मजबूर करती है। Excitement of internet Marx lovers हमारे नेट मार्क्स प्रेमियों की उत्तेजना यदि सच में सही है …

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गाँधी जी ने कहा था – आरएसएस साम्प्रदायिक संगठन है

Mahatma Gandhi 1

इन दिनों देश राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का 150वां जन्मदिन (150th Birthday of Father of the Nation Mahatma Gandhi) मना रहा है. इस मौके पर गांधीजी के बारे में मीडिया में बहुत कुछ लिखा और कहा जा रहा है. कुछ लोग तो ईमानदारी से गांधीजी की शिक्षाओं और उनके दिखाए रास्ते को याद कर रहे हैं और आज की दुनिया में …

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गीता, आरएसएस और नेहरू : क्या संघ परिवार आज किसी संकट से गुजर रहा है ?

Geeta RSS and Nehru Is the Sangh Parivar going through a crisis today

भाजपा-आरएसएस के सत्ता में आने के बाद श्रीमद्भगवद्गीता (Shrimad Bhagavad Gita) को लेकर देश में अचानक बहस हो रही है और इस बहस को पैदा करने में संघ समर्थित संतों-महंतों और-मीडिया की बड़ी भूमिका है। इवेंट बनेगा तो मीडिया हो-हल्ला होगा! इवेंट बनाना मासकल्चर का अंग है जबकि गीता संस्कृति का अंग है। गीता जयन्ती (Geeta Jayanti) के मौके पर …

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क्या भारत अध्यात्म की भूमि है या धार्मिक कट्टरपंथियों का यातना-गृह ?

Has India slid into an irreversible Talibanization of the mind

प्रसिद्ध भाषाशास्त्री जी एन देवी (G.N. Devy) बीती दो अक्तूबर से उपवास पर हैं। वे भारत के, खास तौर पर महाराष्ट्र, बंगाल, तमिलनाडू, केरल, गुजरात और पंजाब के भारतीय नवजागरण के क्षेत्र के नौजवानों से पूछ रहे हैं कि क्या वे शादी के वक्त जाति और धर्म के बंधनों को भूलने के लिये तैयार हैं ? जिस दिन उन्हें कम …

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कश्मीर के लॉक डाउन को दो साल खींचना चाहते हैं मोदी ! जुनूनी मनोरोगी ग़ुरूर में जीया करता है

Amit Shah Narendtra Modi

कश्मीर किधर ! ऐसा लगता है कि मोदी कश्मीर के लॉक डाउन (Kashmir lock down) को कम से कम दो साल तक चलाना चाहते हैं। उन्हें आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे सख़्त और साहसी प्रशासक का ख़िताब हासिल करना है और वह इंदिरा गाँधी के 19 महीने के आपातकाल को मात दिये बिना कैसे संभव होगा ! साहसी दिखने का …

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सुनो ‘हाउडी मोदी’ वाले ट्रंप जी केवल गाँधी ही भारत के राष्ट्रपिता हैं

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

अमरीका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम (Howdy Modi event held in Houston, USA) एक से अधिक कारणों से चर्चा का विषय बन गया है. जिस समय मोदी फरमा रहे थे कि “आल इज़ वेल इन इंडिया” (All is well in india), उसी समय हजारों प्रदर्शनकारी, भारत के असली हालात के बारे में बात कर रहे थे. अमरीकी राष्ट्रपति …

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गांधी के हत्यारों का स्वांग : गांधी को शैतान की औलाद बताने वाले और गांधी के हत्यारे एक सुर में गीत गा रहे हैं

Mahatma Gandhi murder

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या के बाद अब उनके हत्यारे विचारों की हत्या कर उनका मजाक बना रहे हैं। जनता कुपोषण और भुखमरी का शिकार हो रही है दूसरी तरफ शौचालय निर्माण युद्ध स्तर पर हो रहे हैं, बगैर खाए शौचालय इस्तेमाल योजना चल रही है। भारी संख्या में नौकरी पेशा लोगों की नौकरियां छीनी जा हैं। भारी संख्या …

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क्या जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा गांधी के नाम पर होना चाहिए?

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

कल (1 अक्टूबर 2019) ‘हिंद स्वराज : नवसभ्यता विमर्श‘ के लेखक वीरेंद्र कुमार बरनवाल के साथ कार में कुछ देर सफ़र करने का अवसर मिला. हम दोनों को दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर (South Campus of Delhi University) जाना था, जहां उन्हें ‘गांधी और साहित्य‘ (Gandhi and literature) विषय पर बोलना था. कई तरह की बातों के बीच चर्चा जेवर …

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सत्याग्रही संपादक गांधी : मीडिया को फ़िर से पत्रकारिता बनाने की लड़ाई कलम के नाम उधार है

Mahatma Gandhi 1

“यदि यह विचारधारा सच हो, तो दुनिया के कितने समाचारपत्र इस कसौटी पर खरे उतर सकते हैं? लेकिन निकम्मों को बंद कौन करे? कौन किसे निकम्मा समझे? उपयोगी और निकम्मे दोनों साथ-साथ ही चलते रहेंगे। उनमें से मनुष्य को अपना चुनाव करना होगा।” There are many challenges facing journalism in the country today. आज देश में पत्रकारिता के सामने कई …

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प्रकाश भी थे और प्रकाश स्तंभ भी महात्मा गांधी

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

महात्मा गांधी – विराट व्यक्तित्व को समझने की अधूरी कोशिश… The great personality of Mahatma Gandhi महात्मा गांधी के विराट व्यक्तित्व की थाह पाना असंभव है। विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर उनके सहचर मित्र थे तो उपन्यास सम्राट प्रेमचंद उनके अनुयायी। ”युद्ध और शांति” के कालजयी लेखक लेव टॉल्सटाय से उन्होंने प्रेरणा ली तो ”ज्यां क्रिस्तोफ” जैसी महान कृति के उपन्यासकार रोम्यां …

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लोकसंघर्ष : मनुष्य की वधशालाओं की पोल खुली

CBI

सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक एन. पी. मिश्रा (CBI Deputy Superintendent of Police N. P. Mishra) ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक ए. के. भटनागर ने झारखंड में 14 निर्दोष लोगों को फर्जी एनकाउंटर करके मार डाला था (CBI joint director A.K. Bhatnagar killed 14 innocent people in Jharkhand by fake encounter) । मरने …

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देश को कश्मीर बनाओ !!

Amit Shah Narendtra Modi

पीएम मोदी और आरएसएस (PM Modi and RSS) को मिलकर देश के सभी विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं को हमेशा के लिए जेल में डाल देना चाहिए!! ये सभी लोग बेहद घटिया, लुटेरे, भ्रष्ट आदि हैं!! भ्रष्ट लोगों की जगह जेल है। देश को इस समय पीएम मोदी और आरएसएस की सख्त जरूरत है। घट-घट से उठी आवाज विपक्ष को मारो हजार …

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हाउडी मोदी : भारत की स़मस्याओं से किनारा करने के लिए मोदी की जबर्दस्त नौटंकी

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

नरेन्द्र मोदी ने अमरीका के ह्यूस्टन में डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में जबरदस्त नौटंकी (Howdy modi) की। वहां मौजूद लगभग पचास हजार लोगों ने दोनों नेताओं के जयकारे लगाए। दोनों ने एक-दूसरे की तारीफ की और दोनों ने ‘इस्लामिक आतंकवाद’ (Islamic terrorism) और पाकिस्तान को कोसा। यह सच है कि पश्चिम एवं दक्षिण एशिया में आतंकवाद (Terrorism in West and …

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भारत ने युद्ध नहीं बुद्ध दिए, पर मोदी के तो आदर्श ट्रम्प हैं बुद्ध नहीं

Modi in UNGA

ट्रंप का जो व्यक्ति प्रचार करे वह बुद्ध का कभी अनुयायी नहीं हो सकता पीएम मोदी ने अपने साढ़े पांच साल के कार्यकाल में भारतीय उपमहाद्वीप में शांति स्थापना के लिए कोई पहल नहीं की, उलटे पहले के शांतिप्रिय माहौल को पाकिस्तान के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए खराब किया है। यह वे शांति के पक्षधर कभी नहीं रहे, उन्होंने हमेशा …

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कश्मीर : दुर्भाग्य ये नहीं कि गोडसेवादी सत्ता में हैं, दुर्भाग्य ये है कि संविधान का रक्षक उच्चतम न्यायालय मौन है

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

यह कश्मीर में क्या हो रहा है? What is happening in Kashmir? ‘पेशे से वकील होने के नाते आप की विचारधारा कठोर है, क्योंकि आप क्रिमिनल केस लड़ते हैं जो विभिन्न अदालतों में अलगाववादियों के खिलाफ विचाराधीन है। ‘ विषय है…. आप बार एसोसिएशन का दुरुपयोग कर रहे हैं जिससे संवैधानिक प्रणाली में दिए गए दर्जे के मुताबिक सम्मान के …

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हिन्दू राष्ट्रवाद के कैदखाने में बंद कश्मीर : जरूरत राष्ट्रवाद की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक नजरिए की है

Jagadishwar Chaturvedi

संसद ने हिन्दू राष्ट्रवाद के परिप्रेक्ष्य में अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म करके नया संवैधानिक संकट पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर कश्मीर की जनता के सामने अस्तित्व का संकट (The existence crisis in front of the people of Kashmir) पैदा किया है। कश्मीर की 70 लाख आबादी 50 दिनों से घरों में कैद है। उनका धंधा चौपट हो …

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भारत में चल रहे कानून के वास्तविक चरित्र को परिभाषित करेगा बाबरी मस्जिद-राममंदिर मामला

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

सर्वोच्च न्यायालय में बाबरी मस्जिद विवाद पर अभी लगातार सुनवाई (Continuous hearing on the Babri Masjid dispute in the Supreme Court) चल रही है। इस देश में एनआरसी की जंग को छेड़ने वाले अभी के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई की पांच सदस्यों की संविधान पीठ इसमें लगी हुई है। मुख्य न्यायाधीश नवंबर महीने में सेवा-निवृत्त होने वाले हैं। वे इसके …

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ह्यूस्टन में मोदी के पाखंड – 50 दिन में कश्मीर जाकर कश्मीरियों से मिलने के लिए समय निकाल नहीं पाए

Trump got 16 percent

पीएम अब तक 50 दिन में कश्मीर जाकर कश्मीरियों से मिलने के लिए समय निकाल नहीं पाए, लेकिन अमेरिका में कश्मीरी पंडितों से मिलने का उनको समय मिल गया ! सवाल यह है कश्मीरी कहां रहते हैं ? कश्मीर में या अमेरिका में ? 370 हटाने के बहाने जुल्म कश्मीर में हो रहा है या अमेरिका में ! पीएम ! …

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कॉरपोरेट के सामने मोदी जी की सारी हेकड़ी ढीली हो गई, चाबुक सिर्फ गरीब पर

Gautam Adani and Narendra Modi

भारत के कॉरपोरेट (Corporate of india) के सामने मोदी जी की सारी हेकड़ी ढीली हो गई है। पिछले कई दिनों से वित्त मंत्रालय में कॉरपोरेट के लोगों का जो ताँता लगा हुआ था, वह असरदार साबित हुआ है। पिछले बजट तक में कॉरपोरेट को कोई छूट नहीं देने का जो रौब गाँठा गया था, वह अब पानी-पानी हो चुका है। …

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परिवार न होने का दुख : आखिर हम जीते क्यों हैं ॽ परिवार के लिए या समाज के लिए ॽ

Jagadishwar Chaturvedi

भारत में मध्यवर्ग-निम्न-मध्य वर्ग में परिवार का होना सामान्य बात है। लेकिन आयरनी देखिए मैंने जब से होश संभाला, परिवार एकसिरे से दुर्लभ चीज होकर रह गया। मैं जब बहुत छोटा था। तब ही हमारा संयुक्त परिवार टूट गया। परिवार में ताई के दबाव में बंटवारा हुआ। जिस समय बंटवारे की प्रक्रिया आरंभ हुई उस समय पूर्वमध्यमा प्रथम वर्ष यानी …

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कारपोरेट राजनीति के बदलाव का गांधीवादी तरीका

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने पर कई संजीदा साथियों ने गहरी चिंता व्यक्त की कि नरेंद्र मोदी की एक बार फिर जीत संविधान और लोकतंत्र के लिए बहुत बुरा संकेत है. पिछले पांच सालों के दौरान धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील साथियों से यह बात अक्सर सुनने को मिलती है कि हम बहुत बुरे समय से गुजर रहे हैं; संकट बहुत …

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अनुच्छेद 370 : मोदी सरकार का झूठ बेनकाब

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

अनुच्छेद 370 : प्रचार बनाम सच Article 370: Propaganda vs truth अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के भाजपा सरकार के निर्णय (BJP government’s decision to remove Articles 370 and 35A) को सही ठहराने के लिए एक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, लंबे समय से आरएसएस के एजेंडे (RSS agenda) में रहा है और राम मंदिर व …

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मैं तो हिन्दी के बिना जी नहीं सकता, पर सरकार को जलसे की जरूरत क्यों है ॽ

Jagadishwar Chaturvedi

आज 14 सितम्बर है। सारे देश में केन्द्र सरकार के दफ्तरों में हिन्दी दिवस का दिन है। सरकार की आदत है वह कोई काम जलसे के बिना नहीं करती। सरकार की नजर प्रचार पर होती है वह जितना हिन्दी भाषा में काम करती है, उससे ज्यादा ढोल पीटती है। सरकार को भाषा से कम प्रचार से ज्यादा प्रेम है, हम …

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एनआरसी : भारत में न्याय का प्रहरी ही न्याय के अघटन का कारण साबित हो रहा

citizenship amendment bill 2019 NRC.jpg

नई दिल्ली के इंडियन सोसाइटी आफ़ इंटरनेशनल लॉ (Indian Society of International Law in New Delhi) में इसी 8 सितंबर को एक ‘जन पंचायत’ बैठी जिसमें असम में नागरिकता के सवाल (citizenship questions in Assam) पर भारत के कई प्रमुख पूर्व न्यायाधीशों और क़ानून जगत के विद्वानों ने हिस्सा लिया। विचार का विषय था नागरिकता को लेकर इस विवाद की …

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…तो कश्मीरी किस के हैं? यह कश्मीरियों को बेदखल कर कश्मीर का अपहरण है

Modi sarkar in Kashmir

यह सिर्फ संयोग ही नहीं है कि जिस रोज कश्मीर में सुरक्षा जेलबंदी (Security prison in Kashmir) या कश्मीर में लॉकडाउन ( Lockdown in Kashmir) का एक महीना पूरा हुआ, उसी रोज मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बैंच ने अपनी तरह के एक पहले ही निर्णय में, सीपीआई (एम) के जम्मू-कश्मीर के शीर्ष नेता, यूसुफ तारिगामी को …

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भगत सिंह, नेताजी और गांधीजी के विरोध में एक साथ खड़े हैं सावरकर और जिन्ना के अनुयायी

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

समावेशी बहुवाद पर आधारित वह राष्ट्रवाद (Nationalism based on inclusive pluralism), जो भारत के स्वाधीनता संग्राम की आत्मा था, आज खतरे में है. इसका कारण है संघ परिवार की राजनीति का बढ़ता प्रभामंडल. संघ से जुड़े अनेकानेक संगठन, हमारे सामाजिक और राजनैतिक जीवन के सभी क्षेत्रों में घुसपैठ कर अपना वर्चस्व स्थापित कर रहे हैं. इसके साथ ही, यह आख्यान …

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जब तक मोदी की सर्वाधिकारवादी राजनीति को पराजित नहीं किया जाता, डूबती जाएगी अर्थव्यवस्था

Gautam Adani and Narendra Modi

मोदी जी समझते हैं कि वे जितना कहते हैं, लोग उतना ही समझते हैं। कहने वाले और सुनने वाले के बीच दूसरे ऐसे अनेक अनुभव काम करते रहते हैं जो कहे गये शब्द अपने अर्थ को प्राप्त करें, उसके पहले ही उनकी राह को भटका देते हैं। वे नहीं जानते कि कैसे राजनीतिक साजिशों, सरकारी तंत्र के बेजा प्रयोग से …

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वर्चुअल हिंदू राष्ट्रवाद : संकटग्रस्त लोकतंत्र नहीं है, यह आमलोगों एवं शिक्षितों की चेतना का संकट है

Jagadishwar Chaturvedi

वर्चुअल हिन्दू राष्ट्रवाद (Virtual Hindu nationalism) फुसलाता कम है लेकिन अनुकरण करने पर ज्यादा जोर देता है। इसकी मूल विशेषता (Basic feature of virtual Hindu nationalism) है बहलाना-फुसलाना-बरगलाना। वर्चुअल हिंदू राष्ट्रवाद की एक चौकी फेसबुक और सोशल मीडिया भी है। यहां पर आपको आसानी से इनके राष्ट्रवादी अंधभक्त मिल जाएंगे। हम सब लोकतंत्र में मगन हैं और इस भ्रम में …

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सावरकर अपनी हिंसा और छल-कपट की नीति की होड़ दरअसल गांधी की अहिंसा और पारदर्शिता की नीति से करते थे

Veer Savarkar

दिल्ली विश्वविद्यालय (University of Delhi) : क्या थमेगा मूर्ति विवाद! अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् – Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (एबीवीपी) की 30 अगस्त 2019 की रैली में हुए भाषणों से यह स्पष्ट लगता है कि 12 सितम्बर को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव (Delhi University Students Union (DUSU) Election) में हाल का मूर्ति-विवाद प्रमुख मुद्दा रहेगा. चुनाव …

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मोदी मेड डिजास्टर, आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया, कैसी मजबूत सरकार, कर्ज लो घी पिओ !

Majboot Sarkar Ghumta huaa aina

Majboot Sarkar Ghumta huaa aina | Majboot Sarkar Arthvyvastha men ha ha kar mast hai modi sarkar Ghumta huaa aina यही है मजबूत सरकार, अर्थव्यवस्था में हाहाकार, मस्त है मोदी सरकार, घूमता हुआ आईना। देशबन्धु के समूह संपादक राजीव रंजन श्रीवास्तव का साप्ताहिक स्तंभ घूमता हुआ आईना। अर्थव्यवस्था गिरी, रुपए की हालत बिगड़ती जा रही है। सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकरा पर …

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अपयश के शिकार पीएम मोदी ! भगवान मोदी से इस कदर नाराज क्यों हैं ?

Narendra Modi An important message to the nation

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभागे नेताओं में से एक हैं। वे जिस लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं, भगवान की कृपा से ठीक उलटा होना शुरू हो जाता है। उन्होंने दावे किए दो करोड़ लोगों को सालाना रोजगार देने के (Claims of providing employment to 20 million people annually), लेकिन उलटा हो गया, दो करोड़ से अधिक लोगों के रोजगार छिन …

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अनुच्छेद 370 : अर्धसत्यों की भरमार और भाजपा मंत्रियों की झूठ की पोटली

Dr. Ram Puniyani's article in Hindi on the plight of Kashmiri Pandits

भारत सरकार ने कश्मीर के लोगों की राय (opinion of the people of Kashmir) जानने की प्रजातांत्रिक कवायद किए बगैर अत्यंत जल्दबाजी में संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए (Articles 370 and 35A of the Constitution) के संबंध में निर्णय लिया है। जम्मू-कश्मीर राज्य अब दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बंट गया है। इसके साथ ही, हवा में ढ़ेरों अर्धसत्य …

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रिजर्व बैंक के रिजर्व कोष पर पंजा मारकर मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था की कब्र खोद दी

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 73rd Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2019

रिजर्व बैंक के रिजर्व कोष पर सरकार का पंजा (Government’s paw on Reserve Bank’s Reserve Fund) : सरकार ने खुद को ही नि:स्व किया है रिजर्व बैंक से अंतत: एक लाख छियत्तर हज़ार करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने लेकर दिवालिया हो रही निजी कंपनियों के तारणहार की भूमिका अदा करने और चंद दिनों के लिये अपने खुद के वित्त में …

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तार्किकता के विरोधी और जन्म-आधारित असमानता के समर्थक हैं मोदी और हिन्दू राष्ट्रवादी

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

भारतीय राजनीति में भाजपा के उत्थान के समानांतर, देश में शिक्षा के पतन की प्रक्रिया (Education collapse process) चल रही है। देश की नई शिक्षा नीति का अंतिम स्वरूप (The final shape of the new education policy) क्या होगा, यह जानना अभी बाकी है। परंतु भाजपा, पाठ्यक्रमों और शोधकार्य को कौन सी दिशा देना चाहती है, यह उसके नेताओं के …

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कश्मीर : मोदी सरकार की एक गलत, भटकी हुई और उन्मादपूर्ण राजनीति

Amit Shah Narendtra Modi

भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (BJP President and Union Home Minister Amit Shah) ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर को अब भारत में मिलाया गया है। अर्थात्, वे भी अब तक पाकिस्तान की तरह कश्मीर को भारत का अविभाज्य हिस्सा नहीं मानते थे ! अभी के समय का उनका यह कथन दुश्मनों के लिये कश्मीर के मुद्दे का …

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परमाणु बम लेकर राजनाथ सिंह किसे हड़का रहे हैं पाकिस्तान को या मोदी-शाह को ?

Jaipur: Union Home Minister Rajnath Singh addresses a press conference in Jaipur on Dec 2, 2018. (Photo: IANS)

Whom is Rajnath Singh attacking with a nuclear bomb? To Pakistan or Modi-Shah? भारत के “कड़ी निन्दा मंत्री” माफ कीजिएगा भारत के रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह ने हाल ही में कह दिया कि ‘भारत की परमाणु नीति’ ‘नो फर्स्ट यूज’ (‘India’s nuclear policy‘ ‘no first use’) की है। लेकिन भविष्य में इसे लेकर क्या होगा यह तत्कालीन परिस्थितियों पर …

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वाह मोदीजी वाह, जो स्वायत्तता नागालैंड के लिए दवा, वही कश्मीर के लिए जहर हो गयी?

Amit Shah Narendtra Modi

अचरज नहीं कि मोदी-शाह जोड़ी के संविधान की धारा-370 (Article 370 of the constitution) को व्यावहारिक मायनों में खत्म ही कर देने की धमक, सुदूर उत्तर-पूर्व के राज्यों में और खासतौर पर नागालैंड (Nagaland) में सुनाई दी है। बेशक, शेष भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण (Full integration of Jammu and Kashmir with rest of India) के कथित रूप …

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मोदी की तुगलकी नीतियों की देन है मंदी और डूबती अर्थव्यवस्था

Narendra Modi An important message to the nation

मंदी और राजनीति-शून्य आर्थिक सोच की विमूढ़ता Recession and Politics – Zero Economic Widening अति-उत्पादन पूँजीवाद के साथ जुड़ी एक जन्मजात व्याधि है। इसीलिये उत्पादन की तुलना में माँग हमेशा कम रहती है। यही वजह है कि पूंजीवाद में हर एक चक्र के बाद एक प्रकार की संकटजनक परिस्थिति सामने आती ही है। लेकिन पूँजीवाद के इस चक्रिक संकट की चर्चा …

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मोदीजी की बेहाल अर्थनीति और जनता सांप्रदायिक विद्वेष और ‘राष्ट्रवाद’ का धतूरा पी कर धुत्त !

Narendra Modi new look

आर्थिक तबाही को सुनिश्चित करने वाला जन-मनोविज्ञान ! Public psychology that ensures economic destruction चुनाव में मोदी की भारी जीत लेकिन जनता में उतनी ही ज्यादा ख़ामोशी ! मोदी जीत गये, भले जनता के ही मत से, लेकिन विडंबना देखिये कि वही जनता उनकी जीत पर स्तब्ध है ! 2019 में मोदी की जीत सांप्रदायिक और राष्ट्रवादी उन्माद में होश …

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वो कई जो सवाल लालकिले से अनसुने, अनकहे रह गए #hastakshep | News of the Day

News of the Day PM Modi Indian Population

वो कई जो सवाल लालकिले से अनसुने, अनकहे रह गए #hastakshep | News of the Day News of the Day | PM Modi अपनी हर योजना को देशभक्ति से क्यों जोड़ते हैं ? Indian Population | #DBLIVE मोदीजी ने लालकिले से छठवींबार भाषण देते हुए राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरण जैसे तमाम मुद्दों पर अपने विचार, अपने सरकार की योजनााएं और …

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2014 की सार्क “हग डिप्लोमेसी” और बिम्सटेक से अक्षय ऊर्जा की उम्मीदें

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यभार संभाला था तब उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह (Prime Minister Narendra Modi’s swearing in ceremony) में “हग डिप्लोमेसी” (Hug Diplomacy) के तहत सार्क देशों के प्रमुखों (Heads of SAARC Countries) को आमंत्रित किया था। लेकिन ये हग डिप्लोमेसी थोड़े ही समय में फेल हो गई और नौबत यहां तक आई कि …

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भारतीय राजनीति की बिसात पर गौमाता : हिन्दू और जैनी हैं देश के सबसे बड़े बीफ एक्सपोर्टर

COW

भारतीय राजनीति की बिसात पर गौमाता : हिन्दू और जैनी हैं देश के सबसे बड़े बीफ एक्सपोर्टर, Gaumata on the chessboard of Indian politics : Dr. Ram Puniyani’s article in Hindi भाजपा और उसके सहयात्रियों के हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के एजेंडे (Agenda of establishment of Hindu Rashtra) में गाय का महत्वपूर्ण स्थान है. मॉब लिंचिंग (Mob lynching) इसका एकमात्र परिणाम …

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अमेरिकी आज भी अपनी जेब में चेकबुक रखता है और भारत में डिजिटल भुगतान (क्रिप्टो करेंसी) पर जोर !

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

क्रिप्टो करेंसी और राज्य Crypto currency and state देखते-देखते क्रिप्टो करेंसी (Crypto currency), अर्थात् तमाम राष्ट्रीय सरकारों की जद से मुक्त ऐसी सार्वलौकिक करेंसी के चलन पर विचार और क्रिया का सिलसिला शुरू हो गया है जो मुद्रा को क्रय-विक्रय के लेन-देन में मध्यस्थता (Intermediation in the sale and transaction of currency) की अपने मूलभूत भूमिका के अतिरिक्त उस पर …

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कविता और राजनीति का अपने साहित्य में विलक्षण संबंध स्थापित किया खूब लड़ी मर्दानी वाली सुभद्रा कुमारी चौहान ने

Jagadishwar Chaturvedi

आज है खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी, की सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्मदिन हिन्दी आलोचकों में मुक्तिबोध के अलावा किसी बड़े समीक्षक ने सुभद्राकुमारी चौहान पर कलम चलाने की जहमत नहीं उठायी, जबकि वे स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं और दलितों को संगठित करने में महात्मा गांधी के साथ अग्रणी कतारों में रहीं। प्रसिद्ध हिन्दी कवि गजानन …

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भगत सिंह ने जवाहरलाल नेहरू को अपना नेता क्यों माना? सुभाषचंद्र बोस ने महात्मा गांधी को ”राष्ट्रपिता” का संबोधन क्यों दिया?

happy Independence Day

स्वाधीनता और जनतंत्र का रिश्ता Relation of freedom and democracy आज हम आज़ादी के बहत्तर साल पूरे कर स्वाधीन मुल्क के तिहत्तरवें वर्ष में पहला कदम रख रहे हैं। इस मुबारक मौके पर एक पल रुककर हमें खुद से पूछना चाहिए कि देश की स्वतंत्रता हासिल करना हमारा अंतिम लक्ष्य था या किसी वृहत्तर लक्ष्य की पूर्ति के लिए एक अनिवार्य …

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स्वतंत्रता दिवस : विभाजन की पीड़ा और कोलकाता

Jagadishwar Chaturvedi

कोलकाता कुछ मामले में असामान्य शहर है। इस शहर ने जितनी राजनीतिक उथल-पुथल झेली है, वैसी अन्य किसी शहर ने नहीं झेली। यह अकेला शहर है जिसने दो बार भारत विभाजन की पीड़ा को महसूस किया है। यह असामान्य पीड़ा थी। मैं अभी तक समझ नहीं पाया हूं कि बंगाली समाज के मनोविज्ञान पर इन दोनों विभाजन की घटनाओं के …

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मोदी जी ने सही कहा वे समस्याएं न टालते हैं, न पालते हैं, बल्कि समस्याओं को देश पर लादते हैं

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 73rd Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2019

मोदी जी ने सही कहा वे समस्याएं न टालते हैं, न पालते हैं, बल्कि समस्याओं को देश पर लादते हैं। समस्याओं से वे देश को जोड़कर नहीं देखते, वे तो बस बहुसंख्यकवाद की विजय देखते हैं। लाल किला और मोदी की भाषण शैली Red Fort and Modi’s speech style लाल क़िले की प्राचीर से आज मोदीजी का भाषण (Modiji’s speech …

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स्वतंत्रता दिवस : हिटलरशाही के प्रतिरोध की राजनीति साधनी होगी

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

आज़ादी की 73वीं सालगिरह (73rd anniversary of independence) पर सभी मित्रों को हार्दिक बधाई । आज का दिन अपने देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराने का दिन है। आज उन सभी देशवासियों को गले लगाने का दिन है जिनके मन वर्तमान शासन की विभाजनकारी नीतियों और अन्यायपूर्ण दमन के कारण दुखी है। आज खास तौर …

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स्वतंत्रता दिवस के कर्तव्य : आत्मालोचन का दिन

happy Independence Day

स्वदेशी का राग अलापने वाला आरएसएस पूंजीवाद का सबसे बड़ा बीमार है (डॉ. प्रेम सिंह का यह लेख (Dr. Prem Singh’s article on Independence Day in Hindi) साल 2013 के स्वतंत्रता दिवस पर छपा था। आपके पढ़ने के लिए इसे साल 2019 के स्वतंत्रता दिवस (2019 independence day) पर फिर जारी किया गया है।) पिछले स्वतंत्रता दिवस के ‘समय संवाद’ …

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भारत की अर्थ-व्यवस्था को डुबाने में मोदी सरकार की विदेश नीति का बड़ा योगदान

Narendra Modi new look

विदेश नीति और हमारा आर्थिक संकट Foreign policy and our economic crisis नोटबंदी की तरह के घनघोर मूर्खतापूर्ण क़दम के अलावा भारत की अर्थ-व्यवस्था को डुबाने में मोदी सरकार की विदेशनीति (Modi government’s foreign policy) का कम बड़ा योगदान नहीं है। आज भारत अपने उन सभी पड़ोसी देशों, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका से कटता जा रहा है जो भारत …

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अंबेडकर के बाद हिंदू साम्राज्यवादी एजेंडा में गौतम बुद्ध

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

Gautam Buddha in the Hindu imperialist agenda after Ambedkar : india will be powerful in asia using buddha diplomacy कल हमने लिखा था, अंबेडकर (Ambedkar) के बाद हिंदू साम्राज्यावदी एजेंडा (Hindu imperial agenda) में गौतम बुद्ध (Gautam buddha) को समाहित करने की बारी है और आज इकोनामिक टाइम्स की खबर (Today’s Economic Times news) हैः ‘बुद्ध डिप्लोमेसी‘ से एशिया में …

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टीपू सुल्तान : नायक या खलनायक?

Tipu Sultan

हाल में कर्नाटक में दलबदल और विधायकों की खरीद-फरोख्त (Change of party and purchase of MLAs in Karnataka) का खुला खेल हुआ जिसके फलस्वरूप,  कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिर गई और भाजपा ने राज्य में सत्ता संभाली। सत्ता में आने के बाद, भाजपा सरकार ने जो सबसे पहला निर्णय लिया वह यह था कि राज्य में टीपू सुल्तान की जयंती (Tipu Sultan’s …

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स्वाधीनता की महायात्रा : इतिहास से नेहरूजी को मिटाकर, मोदी को कुछ नहीं मिलेगा बल्कि ऐसा करने से वे एक एहसानफरामोश नेता समझे जायेंगे

How much of Nehru troubled Modi

स्वतंत्रता दिवस (Independence day) के अवसर पर यदि हम अभी तक की महायात्रा का मूल्यांकन करते हैं तो हमारे मस्तिष्क में गरीबी, भुखमरी, निरक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव और कमजोर वर्ग के लोगों को इज्जत के साथ न रहने की स्थितियां नजर आती हैं। इसके अतिरिक्त हमारे मस्तिष्क में यह विचार भी आता है कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीकों से …

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नेहरू ने कहा था, सबसे जरूरी है लोगों का दिल जीतना, कानून उसके बाद बनाये जा सकते हैं… आईए, समझें धारा 370 को

धार्मिक राष्ट्रवाद (Religious nationalism) के नशे में गाफिल रहने वालों को आमजनों की क्षेत्रीय व नस्लीय आकाँक्षाएँ दिखलाई नहीं देतीं। विभिन्न रंगों के अति राष्ट्रवादी भी इसी दृष्दिोष से पीड़ित रहते हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (BJP-led NDA government) के दिल्ली में सत्ता पर काबिज होने के बाद से संविधान की धारा 370 को हटाने …

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भारत छोड़ो आंदोलन का इतिहास : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन को कुचलने के लिए की थी अंग्रेजों की मदद

syama prasad mukherjee in hindi

आरएसएस/भाजपा के नए ‘देश-भक्त‘ डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में 6 सच्चाइयां 6 truths about the new ‘patriot’ of the RSS / BJP Dr. Syama Prasad Mukherjee RSS/BJP ने फ़िलहाल अपने अव्वल नंबर के देशभक्त ‘वीर’ सावरकर की स्तुति काफ़ी हद तक कम कर दी है। इस की सब से बड़ी वजह यह है कि इस ‘वीर’ की असली …

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मोदीजी उन्माद के बल पर राष्ट्र का निर्माण नहीं, सिर्फ विध्वंस ही किया जा सकता है, अरुण माहेश्वरी का पीएम को खत

Narendra Modi An important message to the nation

स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री जी के नाम एक खुला पत्र An open letter to the Prime Minister before Independence Day आदरणीय प्रधानमंत्री जी, कल रात हम काफी देर तक ‘नेटफ्लिक्स‘ पर सीरिया और गाजा के बारे में वृत्त चित्रों (Documentaries about Syria and Gaza on ‘Netflix’) को देख रहे थे। आतंक, हत्या, खून-खराबे और भारी गोला-बारूद के बीच वहां …

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कश्मीरी पंडितों के गुनहगार : महाराजा हरि सिंह, भाजपा, जगमोहन और मुफ्ती

Dr. Ram Puniyani's article in Hindi on the plight of Kashmiri Pandits

राजनीति एक अजब-गजब खेल है। इसके खिलाड़ी वोट कबाड़ने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। इन खेलों से हमें संबंधित खिलाड़ी की राजनैतिक विचारधारा का पता तो चलता ही है, इससे हमें यह भी समझ में आता है कि इस खेल में किस तरह घटनाओं को तोड़ा-मरोड़ा जाता है और एक ही घटना की किस तरह परस्पर …

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भारत छोड़ो आंदोलन की चेतना : लोहिया का बोध

23 जून 1962 को डॉ लोहिया का नैनीताल में भाषण, Speech of Dr. Lohia Nainital on 23 June 1962

भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं सालगिरह पर विशेष Special on the 77th anniversary of Quit India Movement 9 अगस्त 2019 को अगस्त क्रांति (August Revolution) के नाम से मशहूर और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास (History of India’s independence movement) में मील का पत्थर माने जाने वाले भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं सालगिरह है. भारतीय जनता की स्वतंत्रता की …

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बहुसंख्यकवादी शूरवीरता का कश्मीरी आख्यान :  मोदी महाशूरवीर, अमित शाह उनसे भी बड़े शूरवीर

Amit Shah Narendtra Modi

मैं जब कश्मीर (Kashmir) गया तो वहां एकदम शान्ति थी। इस शान्ति को देखकर ही मैंने जाने का मन बनाया, लेकिन मन में यह समझ काम कर रही थी कि मोदी सरकार कश्मीर को शांत नहीं रहने देगी। मोदी सरकार की आदत है शांति को अशांति में तब्दील करो, सामान्य स्थिति को अ-सामान्य स्थिति में रूपान्तरित करो। इस बुनियादी समझ …

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मर्डर इन द कैथेड्रल और न्यू इंडिया : नाटक जो लिखा इलियट ने वह काल्पनिक नहीं इतिहास है 

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

मर्डर इन द कैथेड्रल (Review of Murder in the Cathedral in Hindi) गीति नाट्य विधा (opera) में लिखी गयी अंग्रेज कवि और आलोचक नोबेल पुरस्कार विजेता टीएस इलियट (play by American English poet T.S. Eliot) की अत्यंत प्रासंगिक कृति है। Brief by outline the historical background of murder in the cathedral. रवीन्द नाथ टैगोर ने भी चंडालिका, श्यामा, रक्तकरबी, शाप …

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क्या शासकों को आईना दिखाना बंद कर दें देश के प्रमुख नागरिक ?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

क्या प्रमुख नागरिकों को शासकों को आईना नहीं दिखाना चाहिए? Should the prominent citizens not show the mirror to the rulers? देश के 49 प्रमुख नागरिकों, जिनमें फिल्मी हस्तियां, लेखक और इतिहासविद् शामिल हैं, ने कुछ समय पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुला पत्र (Open letter to Prime Minister Narendra Modi) लिखकर, देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार (Atrocities against …

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क्या ये पुण्य प्रसून का संघी था, जो बाहर आ गया ?

Punya Prasun Bajpai

पुण्य प्रसून क्यों किसी ‘उद्धारकर्ता‘ के झूठे अहंकार में फंस रहे है ? —अरुण माहेश्वरी कल रात ही धारा 370 को हटाये जाने के बारे में पुण्य प्रसून वाजपेयी की लंबी, लगभग पचास मिनट की वार्ता (Punya Prasoon Bajpai’s long, nearly fifty-minute talk about the removal of Article 370) को सुना। अपनी इस वार्ता में उन्होंने घुमा-फिरा कर, कश्मीर के …

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जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र के खात्मे में सरकार के साथ अलगाववादियों की भूमिका पर भी सीधा सवाल करना चाहिए

Socialist thinker Dr. Prem Singh is the National President of the Socialist Party. He is an associate professor at Delhi University समाजवादी चिंतक डॉ. प्रेम सिंह सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं

जम्मू-कश्मीर पर सरकार का फैसला : कुछ तात्कालिक विचार… Government’s decision on Jammu and Kashmir: some immediate thoughts अब जम्मू-कश्मीर का संविधान की धारा 370 के तहत विशेष राज्य का दर्जा समाप्त (Special state status of Jammu and Kashmir under Article 370 of the Constitution ended) हो गया है. साथ ही धारा 370 से जुड़ा आर्टिकल 35ए भी निरस्त हो गया …

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यह कश्मीर को भारत में मिलाने का नहीं, उससे अलग करने का निर्णय है

Narendra Modi new look

यह कश्मीर को भारत में मिलाने का नहीं, उससे अलग करने का निर्णय है कश्मीर संबंधी जो धाराएँ भारतीय जनतंत्र और संघीय ढाँचे का सबसे क़ीमती गहना थी, उन्हें उसके शरीर से नोच कर बीजेपी हमारे जनतंत्र को विपन्न और बदसूरत बना रही है। कश्मीर की जनता के साथ तो यह ऐसी बदसलूकी है कि यदि इसी तरह चलता रहा …

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मोदीराज में अर्थ-व्यवस्था के विध्वंस के लिये बारूद का व्यापक जाल बिछा दिया गया लगता है

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

वित्त सचिव सुभाष गर्ग (Finance Secretary Subhash Garg) को केंद्र में रख कर शुरू हुए विवादों का जो चारों ओर से भारी शोर सुनाई दे रहा है, वह इतना बताने के लिये काफी है कि भारत की अर्थ-व्यवस्था और वित्त-प्रबंधन के केंद्रों पर अब पूरी तरह से ऐसी राष्ट्र-विरोधी ताक़तों का क़ब्ज़ा हो चुका है, जो इस अर्थ-व्यवस्था के पूरे …

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मियां काव्य : चक्रव्यूह में फंसे  समुदाय की आवाज़

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

गत 10 जुलाई 2019 को दस असमिया कवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई (FIR registered against ten Assamese poets)। इनमें से अधिकांश मुसलमान हैं और उस साहित्यिक धारा के अगुआ हैं, जिसे ‘मियां काव्य‘ (miyaan kaavy) का नाम दिया गया है। इस धारा के एक प्रमुख कवि, हफीज अहमद, की कविता की दो पंक्तियां इस प्रकार हैं लिखो, लिख …

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मोदी जी के संघी साथियों के दिमाग की उपज से हमारी अर्थ-व्यवस्था का गला घुट रहा है

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

सुभाष गर्ग गये, पर अर्थनीति का क्या ? कल ही सरकार के एक और प्रमुख आर्थिक सलाहकार, आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग (Economic Affairs Secretary Subhash Garg) की बेहद अपमानजनक ढंग से विदाई हो गई। कहते हैं कि यह काम आरएसएस (RSS) के कथित स्वदेशीवादियों, ‘स्वदेशी जागरण मंच’ (Swadeshi Jagran Manch) ने कराया है। ये ‘स्वदेशीवादी’ विदेशी मुद्रा में …

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कर्नाटक में एक बार फिर जनता की पराजय, लोकतंत्र की हार हुई

HD Kumaraswamy. (File Photo: IANS)

गांधी या गैर गांधी, अध्यक्ष कोई भी हो, लेकिन अब कांग्रेस को फैसला ले ही लेना चाहिए। कर्नाटक के सियासी प्रहसन (Political tragedy of Karnataka) का पहला भाग 23 जुलाई को खत्म हो गया। जुलाई के पहले सप्ताह से जारी उठापटक में आखिरकार मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (HD Kumar Swamy) को कुर्सी छोड़नी पड़ी। लगभग एक महीने तक देश की जनता …

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अर्थव्यवस्था के लिए संकट बन चुके हैं मोदी, जाने के पहले भारत की सार्वभौमिकता को बेच कर जायेंगे

Narendra Modi An important message to the nation

अर्थ-व्यवस्था के भारी संकट के लिये मोदी निजी तौर पर ज़िम्मेदार है आज भारत की समग्र राजनीतिक परिस्थितियाँ अनपेक्षित न होने पर भी कुछ अजीब सी बन चुकी है। वरिष्ठ मीडिया पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी इधर की अपनी कांग्रेस-केंद्रित निजी वार्ताओं में प्रकारांतर से इसी की चर्चा कर रहे हैं। परिस्थिति यह है कि मोदी तो खुद डूबेंगे ही, पर …

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पाठ्यपुस्तकों में आरएसएस : संघ का राष्ट्र निर्माण से कभी कोई लेनादेना रहा ही नहीं

RSS Half Pants

राष्ट्रवाद (Nationalism) एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केन्द्र में है. पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा कि किस तरह सरकार के आलोचकों को राष्ट्रद्रोही घोषित कर दिया गया. हमने यह भी देखा कि दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय को राष्ट्रविरोधी तत्वों का पोषक बताकर निशाना बनाया गया. इसके साथ ही, हिन्दू राष्ट्रवादी स्वयं को खालिस राष्ट्रवादी बता रहे हैं. …

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युवराज कथा अनंता : घर का घर पाप छिपा रखने के लिए एकजुट होना/ जितना बड़ा घर होगा, उतना ही खाएगा देश को…

Amalendu Upadhyaya hastakshep अमलेन्दु उपाध्याय लेखक वरिष्ठ पत्रकार, राजनैतिक विश्लेषक व टीवी पैनलिस्ट हैं।

यह ख़बर मूलतः अक्टूबर 2010 में लिखी गई थी और इसमें बताया गया था कि किस तरह वंशवादी राजनीति (Dynastic politics) सभी दलों की बीमारी बन गई है। 2009 के लोकसभा चुनाव (2009 Lok Sabha elections) के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव (2019 Lok Sabha Elections) तक दस वर्ष का समय व्यतीत हो चुका है, लेकिन राजनीति में वंशवाद (Dynasty …

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शेष नारायण सिंह का आलेख – कांग्रेस को सशक्त विपक्ष की भूमिका अदा करनी ही पड़ेगी

Shesh Narain Singh शेष नारायण सिंह

कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी (Congress President Rahul Gandhi) इस्तीफा दे चुके हैं, उनको मनाने की कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं लेकिन अब कौन कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष हो, इस बात पर अभी एक राय नहीं बन पाई है। ज्यादातर लोग मानते हैं कि कांग्रेस का अध्यक्ष किसी ऐसे व्यक्ति को बनाया जाना चाहिए जो पार्टी को फिर से …

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साठ साल का देशबन्धु

Lalit Surjan ललित सुरजन। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार व साहित्यकार हैं। देशबन्धु के प्रधान संपादक

‘प्रिंटर्स डेविल’ (Printer devils) याने छापाखाने का शैतान अखबार जगत (Newspaper industry) में और पुस्तकों की दुनिया में भी एक प्रचलित मुहावरा रहा है। छपी हुई सामग्री (Printed material) में कोई शब्द या अक्षर इधर का उधर हो जाए, फलत: अर्थ का अनर्थ होने की नौबत आ जाए तो उसे किसी अदृश्य शक्ति याने शैतान की कारगुजारी बता कर बच …

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जलवायु आपातकाल की स्थिति, ग्लेशियर्स पिघलने से दुनिया के जल संतुलन पर खतरा

Environment and climate change

Glacier melting threatens the water balance of the world, climate emergency situation हिमनद यानी ग्लेशियर्स पिघलने से समुद्र का स्तर (Sea level) बढ़ रहा है, मूँगा चट्टानें मर रही हैं (Coral reefs are dying) और हम जीवन के लिए घातक इस जलवायु परिवर्तन का असर (The impact of climate change) हीट वेव, वायु प्रदूषण और खाद्य सुरक्षा के लिए जोखिम …

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डॉ. राम पुनियानी का लेख – तबरेज़ अंसारी, जय श्रीराम और नफरत-जनित हत्याएं

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

संयुक्त राष्ट्रसंघ मानवाधिकार परिषद् की 17वीं बैठक (17th meeting of UN Human Rights Council) में, भारत में मुसलमानों और दलितों के विरुद्ध नफरत-जनित अपराधों और मॉब लिंचिंग का मुद्दा (The issue of hate-related crimes and mob lynching against Muslims and Dalits in India) उठाया गया। यद्यपि प्रधानमंत्री मोदी का यह दावा है कि अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी तथापि …

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बैंकिंग प्रणाली पर संकट और हमारी दिशाहीन सरकार

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री, दोनों पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके घर पर जा कर मिलें। 5 जुलाई को बजट पेश होगा। इसके ठीक पहले मनमोहन सिंह से इनकी मुलाक़ात के उद्देश्य को आसानी से समझा जा सकता है। अर्थ-व्यवस्था के सारे संकेतक बहुत नकारात्मक दिखाई दे रहे हैं। एनबीएफसी के संगीन हालात ने पहले से अपने बढ़ते हुए एनपीएज …

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Dr. Ram Puniayni’s Article in Hindi : क्या तीन तलाक को अपराध घोषित किया जाना चाहिए?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

‘मुस्लिम बहनों’ के साथ लैंगिक न्याय (Gender Justice with ‘Muslim Sisters’) करने के लिए मोदी सरकार द्वारा संसद में हाल (जून 2019) में प्रस्तुत एक विधेयक, देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस विधेयक में तीन तलाक को अपराध घोषित किया गया है. मोदी जी की पिछली सरकार ने भी संसद में ऐसा ही एक विधेयक प्रस्तुत …

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महाशक्ति (!) बनते भारत में मानव जीवन के मूल्य ? योग करने रांची पहुंचे प्रमं. मुजफ्फरपुर जाने का समय न निकाल पाए

Sikar: Prime Minister and BJP leader Narendra Modi addresses during a public meeting in Rajasthan's Sikar, on Dec 4, 2018. (Photo: IANS)

भारतवर्ष विश्व की महाशक्ति (World power) बनने की ओर अग्रसर है। इस आशय का वातावरण देश की सरकार तथा उसके प्रोपेगंडा तंत्र द्वारा बनाया जा रहा है। भारत (India) ने अमेरिका के इशारे पर (At the behest of America) ईरान से कच्चा तेल लेना बंद कर दिया (India stopped taking crude oil from Iran)। चीन तो चीन नेपाल जैसे भारत …

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योग इवेंट हर बार करोड़ों रूपये कारपोरेट घरानों के पॉकेट में पहुँचा देता है

Jagadishwar Chaturvedi

21 जून अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस, June 21 International Yoga Day नए भारत में योग, राजनीतिक हथियार है, सत्ता की राजनीति का अंग है। भारत के प्राचीन-मध्यकालीन इतिहास में योग कभी सत्ता का औजार नहीं बना, सत्ता के प्रचार और साम्प्रदायिक प्रचार का उपकरण कभी नहीं बना। ज्ञान से उपभोग में योग का रूपान्तरण- मैं योग दिवस (June 21 International Yoga …

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डॉ. राम पुनियानी का लेख – “कश्मीर: शांति की जुस्तजू”

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

हालिया लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) में जबरदस्त बहुमत हासिल करने के बाद, मोदी सरकार (Modi Govt.) मजबूती से देश पर शासन करने की स्थिति में है. ऐसा लगता है कि मोदी के बाद, सरकार में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) हैं. ऐसा अपेक्षित है कि वे लम्बे समय से चली आ रही कश्मीर समस्या …

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डॉ. राम पुनियानी का लेख – धर्मनिरपेक्षता, प्रजातान्त्रिक समाज और अल्पसंख्यक अधिकार

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

हम एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जब सामाजिक मानकों और संवैधानिक मूल्यों का बार-बार और लगातार उल्लंघन हो रहा है. पिछले कुछ वर्षों में दलितों पर बढ़ते अत्याचार (Growing atrocities on Dalits) और गौरक्षा के नाम पर अल्पसंख्यकों की लिंचिंग (Lynching of minorities in the name of Gau Raksha) ने समाज को झिंझोड़ कर रख दिया है. इस …

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एक पूर्वाग्रह-ग्रस्त अव्यवस्थित विचार-बुद्धि के उदाहरण राम चंद्र गुहा

आज के टेलिग्राफ़ में रामचंद्र गुहा का लेख (Ramchandra Guha’s article in the Telegraph) है – ‘शाश्वत बुद्धिमत्ता’ (Timeless Wisdom)। इस लेख के मूल में है 14 वीं सदी के अरबी विद्वान इब्न खल्दुन का एक कथन (statement of Ibn Khaldun) जिसमें वे कहते हैं कि ‘राजनीतिक वंश परंपरा में तीसरी पीढ़ी के आगे तक राजनीतिक प्रभाव और साख नहीं …

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आखिर अपराधी कौन है : मध्यवर्ग में सबसे ज्यादा ह्वाइट कॉलर अपराधी हैं

Jagadishwar Chaturvedi

Who is the culprit: The highest white collar criminals are in the middle class औरतों पर बढ़ रहे शारीरिक हमले (Physical assaults on women) और खासकर बलात्कार की घटनाएं (incidences of rape) रोकने में केन्द्र-राज्य सरकारों की असफलता के साथ सबसे बड़ी कमजोरी है मजबूत स्त्रीवादी आंदोलन (Feminist movement) का अभाव। भारत में महिलाओं के हकों के लिए अहर्निश लड़ने …

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मोदी-1 के मुकाबले ज्यादा बहुसंख्यकवादी और ज्यादा अल्पसंख्यकविरोधी-जनतंत्रविरोधी होगा मोदी-2

Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।

मोदी-2: भिन्न होने के मुगालते मोदी की भाजपा (Modi’s BJP) तथा एनडीए की जबर्दस्त और एक हद तक अप्रत्याशित जीत के बाद से, मीडिया का एक हिस्सा बड़ी शिद्दत से यह साबित करने की कोशिश में जुट गया है कि मोदी-2 का राज, मोदी-1 के पांच साल से काफी अलग होने जा रहा है। बेशक, इस तरह का कोई भी …

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दुनिया में भारत की असभ्य इमेज बनाने वाले तत्व हैं हिंदुत्व – आरएसएस का प्रचार और कारपोरेट मीडिया

Jagadishwar Chaturvedi

नया भारत और नई चुनौतियां (New India and New Challenges) जो लोग इतनी तबाही के बाद भी मोदी-मोदी के नशे में चूर हैं, उनके लिए हम तो यही कहना चाहेंगे कि अपनी अक्ल पर विश्वास करो, आंखें खोलकर सामने बाजार-बैंक-खेत-खलिहान में मच रही तबाही देखो। मोदी के आने के बाद सरकारी बैंकों को प्रतिदिन करोडों रूपये का नुकसान उठाना पड़ …

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मार्क्सवाद सर्वशक्तिमान है

Karl Marx

लेनिन ने मार्क्स के बारे में अपने प्रसिद्ध निबंध ‘मार्क्सवाद के तीन स्रोत तथा तीन संघटक तत्व’ (1913) में लिखा था कि “मार्क्स की प्रतिभा इस बात में निहित है कि उन्होंने उन प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध किये, जिन्हें मानवजाति के प्रमुखतम चिंतक पहले ही उठा चुके थे।” और इसी क्रम में उन्होंने लगभग धर्मशास्त्र की भाषा का प्रयोग करते …

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संघ-भाजपा हारे, मोदी जीते, अहम् ब्रह्मास्मि मोदीवाद का पहला सूत्र

Narendra Modi An important message to the nation

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने एक वाक्य में पूरी कहानी कह दी है कि  ”यह मोदीवाद की जीत है।” इसके साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी को एक उच्चतर धरातल पर स्थापित कर दिया है। पूंजीवाद, साम्राज्यवाद, साम्यवाद, गांधीवाद, समाजवाद, माओवाद आदि की तर्ज पर गोया एक नया राजनीतिक …

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मार्क्सवादी प्रगतिशीलों की वैचारिक विक्षिप्तता : जातिवादी अस्मिताएँ पूंजीवाद के विरुद्ध कभी संघर्ष के मजबूत आधार नहीं बन सकतीं

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

बहुलता के हुड़दंगी परिदृश्य में से तानाशाही के सही प्रत्युत्तर की तलाश लखनऊ के हिंदी के आलोचक वीरेन्द्र यादव (Hindi critic Virendra Yadav) की फेसबुक टाइमलाइन पर 22 मई को श्री लक्ष्मण यादव की एक पोस्ट पर हमारी नजर पड़ी जिसमें उन्होंने लिखा था — “Virendra Yadav ने एक पोस्ट में रामचरितमानस को गीता, मनुस्मृति, बंच ऑफ थाट के साथ …

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कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की विरासत : लो, और तेज हो गया उनका रोजगार/ जो कहते आ रहे/ पैसे लेकर उतार देंगे पार

Socialist thinker Dr. Prem Singh is the National President of the Socialist Party. He is an associate professor at Delhi University समाजवादी चिंतक डॉ. प्रेम सिंह सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं

भारतीय समाजवादी आंदोलन (Indian Socialist Movement) के पितामह आचार्य नरेंद्रदेव (Acharya Narendra Dev) की अध्यक्षता में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी-Congress Socialist Party (सीएसपी) के गठन (17 मई 1934,पटना) के समय दो लक्ष्य स्पष्‍ट थे: देश की आजादी हासिल करने और समाजवादी व्यवस्था कायम करने की दिशा में संगठित प्रयासों को तेज करना। इन दोनों लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सच्ची …

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एग्जिट पोल के संकेत उनकी सच्चाई से कहीं ज़्यादा अवसादकारी हो सकते हैं

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

हमारे जैसे जिन सब लोगों ने यह उम्मीद लगाई थी कि इस बार के चुनाव में मोदी शासन से मुक्ति बिल्कुल संभव होगी, एग्जिट पोल (Exit Polls) से उन सबमें स्वाभाविक रूप से  गहरी निराशा पैदा हुई है। हम जैसों के एक बड़े हिस्से में 2014 के वक़्त भी कम निराशा पैदा नहीं हुई थी। लेकिन विगत पाँच सालों के …

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नंगी तलवारें अब खिलिखिलाते कमल हैं… हिटलर को भी आखिर खुदकुशी करनी होती है

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

वरिष्ठ पत्रकार और हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार पलाश विश्वास का यह आलेख मूलतः 30 जुलाई 2015 को प्रकाशित हुआ था। यह आलेख आज भी प्रासंगिक है क्योंकि “यूं समझिये कि नंगी तलवारें अब खिलिखिलाते कमल हैं। वरना लोकतंत्र की मजबूरी (compulsion of democracy) कोई नहीं है वरना हिंदू राष्ट्र हैं हम” पूरा आलेख पढ़ें, शेयर करें और हमारा यूट्यूब चैनल …

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2019 चुनावी परिदृश्य पर एक शुद्ध दार्शनिक चर्चा : मोदी की बुरी हार सुनिश्चित है

Why Modi Matters to Indias Divider in Chief

2019 चुनावी परिदृश्य पर एक शुद्ध दार्शनिक चर्चा (A pure philosophical discussion on the 2019 election scenario); परिस्थिति के जीवंत भेदाभेदमूलक स्वरूप में मोदी का कोई स्थान संभव नहीं है जब से 2019 के चुनाव की प्रक्रिया (Process of election of 2019) शुरू हुई, जीत के लक्ष्य को पाने के लिये सभी प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के बीच परिदृश्य में व्याप्त भेदों …

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अपना रामराज बौद्ध हो गया और राजनीतिक भी, इसलिए हमें उससे परहेज करना चाहिए? ये सवाल खुद से हैं और आपसे भी!

Dr. Udit Raj

लू (hot wind) और काल बैसाखी (Kal Baisakhi) के मध्य तैंतीस साल बाद एक मुलाकात! दलित मूलनिवासी आंदोलन (Dalit Mulniwasi Movement) को छोटी-छोटी मामूली सामाजिक घटनाओं से कुछ सबक लेना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार और हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार पलाश विश्वास (Palash Biswas) का यह आलेख मूलतः May 21, 2012 को प्रकाशित हुआ था। आलेख आज भी प्रासंगिक है। हस्तक्षेप के …

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एक मिलियन पशु और पौधों की प्रजातियों को विलुप्त होने का खतरा

News on research on health and science

जेनिफर जैक्वेट, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं और वैश्विक जलवायु सहयोग, जैसे कि जलवायु परिवर्तन और मछली पकड़ने और इंटरनेट वन्यजीव व्यापार के माध्यम से जंगली जानवरों का शोषण आदि में रुचि रखती हैं। उनकी टीम का कहना है कि दुनिया भर में तटवर्ती जल क्षेत्र में ऑक्टोपस फॉर्म (Plan for making octopus form in …

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पंडित नेहरू का जमाना जब डर दिखा कर वोट लेना बहुत गलत काम माना जाता था

How much of Nehru troubled Modi

आजादी के शुरुआती पन्द्रह वर्षों में जवाहरलाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) ने जो बुनियाद डाली उसी का नतीजा है किस आज दुनिया में भारत का सर ऊंचा है। वरिष्ठ पत्रकार व हस्तक्षेप.कॉम के संरक्षक शेष नारायण सिंह (Shesh Narain Singh) का यह लेख 25 जनवरी 2014 को प्रकाशित हुआ था। यह लेख आज भी प्रासंगिक है। हस्तक्षेप के पाठकों की …

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मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति की घोर विफलता और अजीत डोवाल का अंध-राष्ट्रवाद

Prakash Karat भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता प्रकाश कारात

भारत-पाकिस्तान संवाद : एक कदम आगे (भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता प्रकाश कारात का यह लेख  “मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति की घोर विफलता और अजीत डोवाल का अंध-राष्ट्रवाद” 25 सितंबर 2015 को प्रकाशित हुआ था। यह लेख आज भी प्रासंगिक है। हस्तक्षेप के पाठकों के लिए एक बार पुनः प्रकाशित – संपादक) विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने, …

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विद्या-भंजकों का प्रदर्शन; यह बंगाल की अस्मिता पर भाजपा का हमला है

Chittorgarh: BJP chief Amit Shah addresses during a public meeting in Chittorgarh, Rajasthan, on Dec 3, 2018

कल अमित शाह (Amit Shah) जब मध्य कोलकाता के धर्मतल्ला (Dharmatullah of central Kolkata) से उत्तरी कोलकाता में विवेकानंद के निवास (residence of Vivekananda in North Kolkata) तक ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ रवाना हुए उसी समय यह साफ़ नजर आ रहा था कि यह चुनावी रोड शो नहीं, बंगाल के खिलाफ भाजपा का एक रण-घोष है। बंगाल …

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डॉ. राम पुनियानी का लेख “वैश्विक आतंकवाद: बिगड़ रहे हैं हालात”

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

वैश्विक आतंकवाद (Global terrorism) ने भयावह स्वरूप अख्तियार कर लिया है. 9/11/ 2001 से हालात बिगड़ने शुरू हुए और यह सिलसिला अब भी जारी है. ट्विन टावर्स पर हमले (Attack on Twin Towers) के बाद से, आतंकवाद को एक धर्म विशेष से जोड़ने की कवायद शुरू हो गयी और अमरीकी मीडिया (American media) ने ‘इस्लामिक आतंकवाद’ (Islamic terrorism) शब्द गढ़ा. …

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गुंडई के बल पर बंगाल विजय का दिवस्वप्न देख रही भाजपा बुरी तरह से फँस गई है, खाता भी न खुलेगा

Why Modi Matters to Indias Divider in Chief

बंगाल में चुनाव पर एक सामान्य चर्चा A general discussion on election in Bengal –अरुण माहेश्वरी बंगाल में चुनाव के परिणामों (Election results in Bengal) के बारे में लिखने की कोई इच्छा न होते हुए भी एक बात कहने से अपने को रोक नहीं पा रहा हूँ कि यहाँ बीजेपी को एक सीट भी मिलना मुश्किल है। वाम की सीटों …

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भारतीय राजनीति से मोदी की अंतिम विदाई का चुनाव होगा 2019

Narendra Modi An important message to the nation

पेशेवर राजनीतिक विश्लेषणों (Professional political analyzes) की समस्या है कि वे समग्र राजनीतिक परिदृश्य (Overall political scenario) में अलग-अलग ताक़तों की पृथक उपस्थिति को देखने पर इतना अधिक बल देने लगते हैं कि उन्हें इन सबके एक समग्र परिदृश्य में उपस्थिति के कारणों पर विचार करना बेकार लगने लगता है। दरअसल इस परिदृश्य का यदि कोई एक सच है तो …

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गंदगी विकसित देशों ने फैलाई कीमत तीसरी दुनिया के देशों ने चुकाई

Education, Engineering, Science, Research, शिक्षा, इंजीनियरिंग, विज्ञान, अनुसंधान,

यूरोपीय संघ (The European Union) में भारी उद्योग क्षेत्र में स्वच्छता की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना हुई है। एक अध्ययन में यूरोपीय यूनियन को वर्ष 2050 तक स्टील, सीमेंट व केमिकल इंडस्ट्री में नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य (Net-zero emissions by 2050 for EU steel, cement and chemical industries) निर्धारित करने का आव्हान किया है, तो दूसरी तरफ फ्यूचर …

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कांग्रेस-विरोध का आख्यान : सच और झूठ की पहचान!

bjp vs congress

नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 2014 के चुनाव प्रचार (2014 election campaign) के दौरान खासतौर तौर पर दो बातें जोर देकर कही थीं : पहली, पिछले 65 सालों के कांग्रेसी राज में देश में कुछ नहीं हुआ. 65 साल की नाकामियों के लिए कांग्रेस को कोसते हुए उन्होंने दावा किया कि वे मात्र 65 दिन में पिछले 65 साल का …

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फर्स्ट सर्जिकल स्ट्राइक : डियर मोदीजी मनमोहन सिंह ने हाफिज सईद को 14 दिन के भीतर अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करा दिया था

New Delhi: Former Prime Minister Dr. Manmohan Singh at the launch of his book "Changing India" in New Delhi on Dec 18, 2018. (Photo: IANS)

फर्स्ट सर्जिकल स्ट्राइक : डियर मोदीजी मनमोहन सिंह ने हाफिज सईद को 14 दिन के भीतर अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करा दिया था पुलवामा, उरी, पठानकोट आतंकी हमले (Terrorist Attack) के मास्टर माइंड आतंकी सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) को संयुक्त राष्ट्र के द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी (International Terrorist) घोषित किए जाने के लिए भारत सरकार और खासतौर से भारतीय राजनय, संयुक्त …

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एक अशिक्षित नेतृत्व से भारत को मुक्त करने का समय आ गया है

Narendra Modi An important message to the nation

आदमी के गठन में उसके इर्द-गिर्द के लोगों की उससे की जाने वाली अपेक्षाओं की बड़ी भूमिका होती है। आतंकवादियों की सोहबत (organization of terrorists) में रहने वाला आदमी हमेशा अपने आतंकवादी मित्रों की अपेक्षाओं में ही खरा उतरने की कोशिश करता रहता है। इस प्रकार निकट के लोगों की नज़रें आदमी की सूरत (appearance of the man) को तैयार …

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आपको मौत का डर सता रहा है, हरेक तानाशाह इसी तरह डर डरकर प्रतिक्षण मरता है

Narendra Modi new look

आपको मृत्यु का भय सता रहा है, हरेक तानाशाह इसी तरह डर डरकर प्रतिक्षण मरता है मौत का डर और अवसाद (Fear and Depression of Death) – कांग्रेस (Congress) ने आजतक किसी संघी नेता की हत्या नहीं कराई, मोदी जी आपकी कांग्रेस हत्या क्यों कराएगी? आपको अपनी मृत्यु का भय (Fear of death) सता रहा है और यह स्वाभाविक है, …

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संघ परिवार ने स्वीकार कर लिया है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का कमल मोदी के नेतृत्व में भ्रष्ट और अश्लील पूंजीवाद के कीचड़ में खिलता है

Narendra Modi new look

नरेंद्र मोदी : पात्रता की पड़ताल नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पात्रता के पक्ष में विभिन्न कोनों/स्रोतों से लगातार स्वीकृति और समर्थन हासिल किया है. हालांकि पांच साल प्रधानमंत्री रह चुकने के बाद काफी लोग मोदी-मोह से बाहर आ चुके हैं. फिर भी यह हवा बनाई जा रही है कि अगले प्रधानमंत्री मोदी ही होंगे. …

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आज की ये 4 बड़ी खबरें जिन्हें पढ़कर कोई भी भला आदमी सिहर उठेगा कैसे मोदी ने पूरे भारत को सड़ा दिया है

Narendra Modi An important message to the nation

भारत की अभी क्या स्थिति है (What is the situation of India), इसे आज के ‘टेलिग्राफ़’ (Telegraph India) की ख़बरों से जाना जा सकता है। चारों ओर झूठ और धोखाधड़ी का ऐसा साम्राज्य हो गया है कि देश की सभी सर्वोच्च और पवित्र माने जाने वाली संस्थाएँ पूरी तरह से कलंकित दिखाई देने लगी है। –अरुण माहेश्वरी ‘टेलिग्राफ़’ में सबसे …

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घटता हुआ मतदान बाबू समझो इशारे

Kanhmun: An elderly woman shows her inked finger after casting her vote for the Mizoram Assembly elections in Kanhmun, Mizoram on Nov 28, 2018. (Photo: IANS)

लोकसभा चुनावों के दूसरे चरण (Second phase of Lok Sabha elections 2019) में तथाकथित मतदाता जागरूकता अभियानों के बावजूद 95 क्षेत्रों में 68 प्रतिशत ही मतदान हो पाया है, जो 2014 के मुकाबले कई प्रतिशत कम है। कश्मीर घाटी स्थित श्रीनगर लोकसभा सीट पर तो यह न्यूनतम रहकर 25 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच सका। अलबत्ता, कश्मीर घाटी में पहले …

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मोदी के जनाधार के चरित्र को जानें

Narendra Modi An important message to the nation

मोदी के जनाधार के चरित्र को जानें मध्यवर्ग की खूबी (Merit of middle class) है इसमें अधिकांश लोग विवेक से कम और मीडिया माहौल से ज्यादा संचालित होते हैं। अधिकांश मध्यवर्गीय लोग ‘अ-राजनीति‘ में राजनीति (Politics in ‘non-politics’) में विश्वास करते हैं। इन लोगों की बदनाम राजनीतिक किस्सों में दिलचस्पी होती है लेकिन नीतियों पर बात करने से ये लोग …

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नरेंद्र मोदी को न एनडीए की परवाह है, न भाजपा की, और न पितृसंस्था संघ की

Narendra Modi An important message to the nation

एक ओर अभूतपूर्व शोर-शराबा, दूसरी तरफ असाधारण चुप्पी। सत्रहवीं लोकसभा (Seventh Lok Sabha) के चुनावी परिदृश्य (Electoral scenario) को शायद इस एक वाक्य में समेटा जा सकता है! इतना शोर क्यों है, कारण समझना शायद कठिन नहीं है।  एक तो चुनाव आयोग (Election Commission) ने पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के लिए बेहद लंबा वक्त दे दिया। 10 मार्च को चुनावों …

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जालियांवाला बाग़ क़त्लेआम की साझी शहादत साझी-साझी विरासत की वो गौरव गाथा जो सरकार नहीं बताएगी

Jallianwala Bagh जालियांवाला बाग़

जालियांवाला बाग़ क़त्लेआम की 100साला बरसी : साझी शहादत साझी–साझी विरासत की गौरव गाथा जो सरकारी बस्तों में बंद पड़ी है! विश्व इतिहास की पहली साम्राज्यवादी शक्ति (The first imperialist power of world history) अंग्रेज नहीं थे। इतिहास साम्राज्यों की दास्तानों से भरा पड़ा है। हम सब पुर्तगाली, रोमन, फ्रांसीसी, उस्मानियाई, जर्मन इत्यादि साम्राज्यों की रक्त रंजित दास्तानों से बखूबी …

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अस्मिता, अंबेडकर और रामविलास शर्मा

Jagadishwar Chaturvedi

रामविलास शर्मा (Ram Vilas Sharma) के लेखन में अस्मिता विमर्श को मार्क्सवादी नजरिए (Marxist Attitudes) से देखा गया है। वे वर्गीय नजरिए से जाति प्रथा (caste system) पर विचार करते हैं। आमतौर पर अस्मिता साहित्य पर जब भी बात होती है तो उस पर हमें बार-बार बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के विचारों (Views of Babasaheb Bhimrao Ambedkar) का स्मरण आता है। …

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जानिए वे कन्हैया कुमार से नफ़रत क्यों करते हैं ?

Kanhaiya Kumar

वे कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) से नफरत क्यों करते हैं ? यह सवाल हमें बार-बार पूछना चाहिए। जितनी बार इस सवाल पर सोचेंगे नए कारण हाथ लगेंगे। कन्हैया कुमार ने कोई अपराध नहीं किया, फिर भी उसे घृणा का पात्र (character of hatred) बनाकर वे प्रचार कर रहे हैं। घृणा में जीने वाले कभी देशभक्त नहीं हो सकते। हिन्दू भी …

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सांप्रदायिक ताम-झाम है, देशभक्ति का नारा

Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।

देशभक्ति का नारा : 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में पहला वोट पडऩे तक ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक और रिकार्ड कायम कर चुके थे। वह स्वतंत्र भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गये हैं, जिनके खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) के उल्लंघन की सबसे ज्यादा शिकायतें चुनाव आयोग तक पहुंची हैं। ताजातरीन …

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जलियांवाला बाग : कुर्बानी के सौ साल, शहीदों को सलाम!  

Socialist thinker Dr. Prem Singh is the National President of the Socialist Party. He is an associate professor at Delhi University समाजवादी चिंतक डॉ. प्रेम सिंह सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं

आज 13 अप्रैल (April 13) 2019 को जलियांवाला बाग नरसंहार (Jalianwala Bagh Massacre) का सौवां साल है. वह बैसाखी के त्यौहार (festival of Baisakhi) का दिन था. आस-पास के गावों-कस्बों से हजारों नर-नारी-बच्चे अमृतसर आये हुए थे. उनमें से बहुत-से लोग खुला मैदान देख कर जलियांवाला बाग में डेरा जमाए थे. के विरोध के चलते पंजाब में तनाव का माहौल …

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नेहरू ने कितना परेशान किया मोदीजी को!

How much of Nehru troubled Modi

भाजपा (BJP) ने हाल में लोकसभा चुनाव 2019 व   के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। सरसरी निगाह से देखने पर ही इस दस्तावेज के बारे में दो बातें बहुत स्पष्ट तौर पर उभर कर आतीं हैं। पहली, इसमें इस बात का कोई विवरण नहीं दिया गया है कि पिछले घोषणापत्र में किए गए कितने वायदों को वर्तमान सरकार पूरा कर …

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साफ़ दिखाई देने लगी है मोदी की पराजय… मोदी की सूरत बदहवासी में कैसी दिखाई देने लगी है !

Narendra Modi An important message to the nation

 जिस बात का दो साल पहले ही अनुमान लगाया जा सकता था कि अब फिर मोदी के लौट कर आने की संभावना नहीं रही है, समय बीत चुका है, वह अब हर बीतते दिन के साथ साफ़ तौर पर उभर कर सामने आने लगा है। जब तीन साल उन्होंने हवाबाज़ी में और नवाबी में ही बिता दिये तो आगे के …

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आतंकवाद का धर्म से कोई लेनादेना नहीं है

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

9/11, 2001 की दिल को हिला देने वाली त्रासदी, जिसमें करीब 3,000 निर्दोष लोग मारे गए थे, के बाद, अमरीकी मीडिया ने एक नया शब्द गढ़ा, ‘इस्लामिक आतंकवाद’. यह पहली बार था जब आतंकवाद और आतंकवादियों को किसी धर्म से जोड़ा गया. विश्व मीडिया ने इस शब्द को पकड़ लिया और कुछ संकीर्ण  व सांप्रदायिक ताकतों ने इसे जम कर …

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‘न्याय’ : भाजपा की शंका के मुकाबले कांग्रेस के वायदे पर एतबार क्यों है ?

Lalit Surjan ललित सुरजन। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार व साहित्यकार हैं। देशबन्धु के प्रधान संपादक

[siteorigin_widget class=”ai_widget”][/siteorigin_widget] ‘न्याय’ : भाजपा की शंका के मुकाबले कांग्रेस के वायदे पर एतबार क्यों है ? कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Congress President Rahul Gandhi) ने न्यूनतम आय योजना (Minimum income plan) अर्थात ‘न्याय‘ लागू करने की बात क्या कही, इस चुनावी माहौल में खलबली मच गई। पक्ष और विपक्ष ही नहीं, दूर किनारे पर बैठे लोग भी अपनी-अपनी तरह …

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आरएसएस/भाजपा का हिंदू-राष्ट्र धर्मनिरपेक्षता के चोर बाज़ार में बनता है

Socialist thinker Dr. Prem Singh is the National President of the Socialist Party. He is an associate professor at Delhi University समाजवादी चिंतक डॉ. प्रेम सिंह सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं

लोकसभा चुनाव 2019 : विपक्षी एकता के लिए एक नज़रिया (2) मौजूदा दौर की भारतीय राजनीति (Indian politics of the current) में नीतियों के स्तर पर सरकार और विपक्ष के बीच अंतर नहीं रह गया है. दरअसल, राजनीतिक पार्टियों के बीच का अंतर ही लगभग समाप्त हो गया है. लोग अक्सर एक पार्टी से दूसरी पार्टी में आवा-जाही करते रहते …

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फासीवाद अब नजरों के सामने हैं, विपक्ष अपनी भूमिका अदा करें !

Narendra Modi An important message to the nation

हर बीतते दिन के साथ नरेन्द्र मोदी अपने हिटलरी रूप (Hitleri form of Narendra Modi) पर से एक-एक कर सारे आवरण उतारते चले जा रहे हैं। अब वे खुले आम विपक्ष के सभी दलों और मतभेद के सभी स्वरों को गालियां देने और धमकियां देने पर उतर पड़े हैं। रुपयों की ताकत और दमन के डर के बल पर उन्होंने …

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और अंत में लोहिया! विडम्बना या पाखंड की पराकाष्ठा? 

Narendra Modi new look

23 मार्च को डॉ. राममनोहर लोहिया का जन्मदिन (Dr. Ram Manohar Lohia’s Birthday) होता है. हालांकि कहा जाता है वे अपना जन्मदिन मनाते नहीं थे. क्योंकि उसी दिन क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव (Revolutionary Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev) को ब्रिटिश हुकूमत (British rule) ने फांसी पर चढ़ाया था. लिहाज़ा, भारत के ज्यादातर समाजवादी (Most Socialists of India) लोहिया …

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और अंत में लोहिया के व्यापारी! विडम्बना या पाखंड की पराकाष्ठा? 

Socialist thinker Dr. Prem Singh is the National President of the Socialist Party. He is an associate professor at Delhi University समाजवादी चिंतक डॉ. प्रेम सिंह सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं

23 मार्च को डॉ. राममनोहर लोहिया का जन्मदिन (Dr. Ram Manohar Lohia’s Birthday) होता है. हालांकि कहा जाता है वे अपना जन्मदिन मनाते नहीं थे. क्योंकि उसी दिन क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव (Revolutionary Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev) को ब्रिटिश हुकूमत (British rule) ने फांसी पर चढ़ाया था. लिहाज़ा, भारत के ज्यादातर समाजवादी (Most Socialists of India) लोहिया …

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मोदी की मनोदशा और भाजपा के लिये उसके अशनि संकेत

Chowkidar Narendra Modi

मोदी जिस प्रकार से बिना सोचे-समझे अपने सब लोगों को चौकीदार बनाने में लग गये हैं, मनोविश्लेषण की भाषा में इसे जुनूनी विक्षिप्तता (obsessional neurotic) कहते हैं। और, जब नेता विक्षिप्त हो जाए तो देश और उसके दल के अघटन की सीमा की क्या कोई कल्पना कर सकता है ! —अरुण माहेश्वरी जब कोई प्रधानमंत्री (Prime minister) अपने को चौकीदार (chowkidar) बताता है और रक्षा सौदों में चोरी (Theft in defense …

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पुण्य प्रसून प्रकरण और प्रतिष्ठित पत्रकारिता के संकट पर एक सोच

Punya Prasun Bajpai

पुण्य प्रसून वाजपेयी (Punya Prasun Bajpai) ने जबसे मोदी सरकार की कमियों और घोटालों(Modi Government’s scandals and shortcomings) पर खुल कर बोलना शुरू किया है, तभी से एक पेशेवर पत्रकार (Professional journalist) के रूप में उनका जीवन अस्थिर बना हुआ है। पुण्य प्रसून की प्रतिष्ठा के कारण उन्हें नई-नई जगह पर नियुक्तियाँ मिलती गई, लेकिन वे कहीं भी स्थिर नहीं रह पा रहे हैं। यही …

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महान शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव और बेशर्म हिंदुत्व टोली

Martyrs Bhagat Singh, Rajguru, Sukhdev and the shameless Hindutva Gang.jpg

23 मार्च 2019 को भगत सिंह (Bhagat Singh), राजगुरू (Rajguru) और सुखदेव (Sukhdev) का 88वां शहादत दिवस था। उन्हें अँगरेज़ सरकार ने लाहौर जेल (अब पाकिस्तान में) इस जुर्म में फांसी दी थी की उन्हों ने अंग्रेज़ी साम्राज्यवाद के चंगुल से देश को आज़ाद कराने के लिए मुक्ति-युद्ध छेड़ा था। गोरे शासकों को यक़ीन था कि इन इंक़लाबियों को जान …

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झूठ का तूफान और मोदी सरकार : RSS की नयी मैकार्थियन रणनीति, राष्ट्रवाद के नाम पर भय पैदा करो

पुलवामा की आतंकी घटना के साथ ही भाजपा अपने मैकार्थियन एजेण्डे को आगे बढ़ाते हुए नई कड़ी के तौर पर ''गद्दार बनाम देशभक्त'' की थीम पर प्रचार अभियान आरंभ कर चुकी है, इस थीम पर पहले वे आधिकारिक तौर पर 18फरवरी2016 से तीन दिन तक यह अभियान पूरे देश में चला चुके हैं। इसे ''जन स्वाभिमान अभियान'' नाम दिया गया। …

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आज मार्क्सवादी अंतोनियो ग्राम्शी का जन्मदिन है, जिन्होंने कहा था सभी मनुष्य दार्शनिक हैं

antonio gramsci

आज अन्तोनियो ग्राम्शी का जन्मदिन (Antonio Gramsci’s Birth Day) है। मार्क्स-लेनिन (Marx-Lenin) के बाद जिस मार्क्सवादी (Marxist) ने सबसे ज्यादा सारी दुनिया के मार्क्सवादियों को प्रभावित किया वे हैं ग्राम्शी। उनसे सीखने लिए बहुत कुछ है। ग्राम्शी लिखा है सभी मनुष्य दार्शनिक (All human beings are philosophers) हैं। जगदीश्वर चतुर्वेदी मुझे ग्राम्शी की यह बात सबसे ज्यादा पसंद है- युद्ध …

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कहानी को अस्मिता की राजनीति से सबसे पहले मोहन राकेश ने जोड़ा

Mohan Rakesh

आज मोहन राकेश के जन्मदिन पर विशेष Special on the birthday of Mohan Rakesh जगदीश्वर चतुर्वेदी आज मोहन राकेश का जन्मदिन (Mohan Rakesh’s Birthday) है। सन् 1925 में आज के ही दिन उनका जन्म हुआ था। मोहन राकेश के पिता वकील थे और साथ ही साहित्य और संगीत के प्रेमी (Lover of literature and music) भी थे। पिता की साहित्यिक रुचि …

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धर्म लोकप्रचलित तर्कपद्धति है, धर्म उत्पीड़ित प्राणी की आह है, एक हृदयहीन संसार का हृदय है – कार्ल मार्क्स

Karl Marx

धर्म लोकप्रचलित तर्कपद्धति है, धर्म उत्पीड़ित प्राणी की आह है, एक हृदयहीन संसार का हृदय है – कार्ल मार्क्स जगदीश्वर चतुर्वेदी अनेक लोग हैं जो कार्ल मार्क्स के धर्म संबंधी विचारों को विकृत रूप में जानते और व्याख्यायित करते हैं। वे मार्क्स की धर्म संबंधी मान्यताओं को गलत देखते हैं फिर मार्क्सवादियों पर हमला आंरंभ कर देते हैं। सवाल यह …

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हरेक अक्लमंद मोदीजी का साथ छोड़कर भाग रहा है

Modi go back

हरेक अक्लमंद मोदीजी का साथ छोड़कर भाग रहा है प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद से अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला के त्यागपत्र पर त्वरित टिप्पणी Quick comment on resignation of economist Surjeet Bhalla from Prime Minister’s Economic Advisory Council जगदीश्वर चतुर्वेदी अर्थशास्त्री सुजीत भल्ला ने भी पीएम का साथ छोड़ा। संभवतः इतने अर्थशास्त्रियों ने पीएम का साथ कभी नहीं छोड़ा!! हरेक अक्लमंद …

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कम्युनिस्ट दल जब तक हिंदी का महत्व नहीं समझते, वे हिंदी क्षेत्र में संकट में रहने को अभिशप्त हैं

भाकपा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, CPI, Communist Party of India,

कम्युनिस्ट दल जब तक हिंदी का महत्व नहीं समझते, वे हिंदी क्षेत्र में संकट में रहने को अभिशप्त हैं जगदीश्वर चतुर्वेदी कम्युनिस्ट पार्टी के लोग राष्ट्रभाषा हिंदी और कम्युनिकेशन की हिंदी में अंतर नहीं समझते। वे हिंदी के सवाल को राष्ट्रभाषा के सवाल के रूप में ही देखते और उसके प्रति अ-लोकतांत्रिक आचरण करते हैं। हिंदी कम्युनिकेशन की सबसे प्रभावशाली …

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मोदी में अभी तक पीएम के सामान्य लक्षण, संस्कार, आदत और भाषण की भाषा नहीं

मोदी में अभी तक पीएम के सामान्य लक्षण, संस्कार, आदत और भाषण की भाषा नहीं हिन्दुत्ववादी "तानाशाही" के 15 लक्ष्य 15 goals of Hindutva "dictatorship" जगदीश्वर चतुर्वेदी जो लोग फेसबुक से लेकर मोदी की रैलियों तक मोदी-मोदी का नारा लगाते रहते हैं वे सोचें कि मोदी में नारे के अलावा क्या है, वह जब बोलता है तो स्कूली बच्चों की …

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साधारण मनुष्य की महानता का महाख्यान 1917 की अक्तूबर क्रांति

साधारण मनुष्य की महानता का महाख्यान 1917 की अक्तूबर क्रांति सन् 1917 की अक्तूबर क्रांति के मौके पर – साधारण मनुष्य की महानता का महाख्यान October Revolution of 1917 जगदीश्वर चतुर्वेदी मैं निजी तौर पर जिस उमंग, उत्साह और वैचारिक गर्मजोशी के साथ दीपावली मनाता हूँ, दुर्गापूजा के सार्वजनिक समारोहों में शामिल होता हूँ। ठीक उसी उत्साह और उमंग के …

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जेएनयू : लिबरल विश्वविद्यालय का अंत

जेएनयू : लिबरल विश्वविद्यालय का अंत JNU: End of Liberal University ideology सत्ता के वर्चस्व व प्रतिरोध का विद्यालयी वातावरण पर पड़ने वाले प्रभाव जगदीश्वर चतुर्वेदी मोदी सरकार आने के बाद की सबसे बुरी घटना है लिबरल विश्वविद्यालय के आदर्श प्रतीक जेएनयू का अंत। यह एक तरह से लिबरल विश्वविद्यालय के अंत की सूचना भी है। यह सच है वहां …

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नाम में क्या रखा है? बहुत कुछ : अंबेडकर के नाम में ‘रामजी‘ पर जोर

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

इन दिनों कई दलित संगठन (Dalit organization), उत्तर प्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) द्वारा उसके आधिकारिक अभिलेखों में भीमराव अंबेडकर के नाम में ‘रामजी‘ शब्द (The word ‘Ramji’ in the name of Bhimrao Ambedkar) जोड़े जाने का विरोध कर रहे हैं। यह सही है कि संविधान सभा की मसविदा समिति के अध्यक्ष बतौर, अंबेडकर ने संविधान की प्रति पर …

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राष्ट्रवादी नंगई के प्रतिवाद में-अर्णव गोस्वमी तो बेचारा संघ का भोंपू है #SurgicalStrike

Jagadishwar Chaturvedi

मोदी के अंधभक्तों ने फेसबुक से लेकर टीवी चैनलों  तक जो राष्ट्रवादी नंगई दिखाई है, वह शर्मनाक है। ये सारी चीजें हम सबके लिए बार-बार आगाह कर रही हैं कि देश को हमारी जनता ने कितने खतरनाक लोगों के हाथों में सौंप दिया है। इससे एक निष्कर्ष यह भी निकलता है कि टीवी न्यूज चैनल समाचार देने के लक्ष्य से …

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परम्परा, इतिहास, धर्मनिरपेक्षता पर हमलों के बीच गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर

rabindranath tagore

August 7 is the death anniversary of Rabindranath Tagore सात अगस्त रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि है। टैगोर का कवि के रूप में जितना बड़ा योगदान है उतना ही आलोचना के क्षेत्र में भी योगदान है। आमतौर पर उनके कवि रूप को हम ज्यादा याद करते हैं। रवीन्द्र संगीत को याद करते हैं, लेकिन इन दिनों परम्परा, इतिहास, धर्मनिरपेक्षता आदि पर …

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उद्देशिका, धर्मनिरपेक्षता व संविधान

Preamble of Indian Constitution

Preamble, Secularism and Constitution केंद्र सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस पर जारी एक विज्ञापन पर विवाद (Controversy over an advertisement issued by the Central Government on Republic Day) खड़ा हो गया था। इस विज्ञापन में संविधान की उद्देशिका (Preamble to the Constitution) की जो छायाप्रति छापी गई थी, उसमें से ‘समाजवाद’ व ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द गायब थे। इस संबंध में भाजपा नेताओं …

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हीरामन, 15 लाख का सूट भी काम न आया।

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

हीरामन, कंपनी वाली बाई से फिर मुहब्बत और वफा की उम्मीद ना रख! इस हीरामन को मिलने के लिए भूगोल इतिहास में झांकने की जरूरत नहीं है। लेंस और माइक्रोस्कोप या फिर सर्न जैसे दुनिया उलट पुलटकर हीराबाई को खोजने की जरुरत नहीं है, नहीं है, नहीं है। आइने में खड़े होकर अपना चेहरा देख लें। देखने की आंख हो …

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वीरेनदा से मिलकर लगा कि कविता लिखने की नहीं, कविता जीने की चीज होती है

Viren Dangwal The Poet Of Life

वीरेनदा (Viren Dangwal) से मिलकर फिर यह यकीन पुख्ता हुआ नये सिरे से कि कविता में ही रची बसी होती है मुकम्मल ज़िन्दगी जो दुनिया को खत्म करने वालों के खिलाफ बारुदी सुरंग भी है। सवा बजे रात को आज मेरी नींद खुल गयी है। गोलू की भी नींद खुली देख, उसकी पीसी ऑन करवा ली और फिर अपनी रामकहानी …

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हिंदुत्व को प्यार से क्यों नफरत है?

Irfan Engineer

हिन्दू राष्ट्रवादी संगठनों का ‘विदेशियों’ से घृणा करो जिहाद-2हिंदुत्ववादियों को यह बिल्कुल अच्छा नहीं लगता कि दो समुदायों के सदस्यों के बीच सद्भाव या प्रेम के रिश्ते बनें। उन्हें यह बिल्कुल नहीं भाता कि हिंदुओं और ‘शत्रु समुदायों’ के आराधना के तरीकों, संस्कृति या सभ्यता में कुछ भी समान हो। वे बिल्कुल नहीं चाहते कि दोनों समुदायों के सदस्य एक …

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हमारा पढ़ा लिखा कामयाब मलाईदार तबका उग्र हिंदुत्व ब्रिगेड है, इसलिए देश बेचो जनसंहारी एजंडा की बल्ले बल्ले!

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

मैं बहुत छोटा था, तभी एक बार गांव में हिमालय से आये एक साधु के दर्शन  (Visitation of a monk from the Himalayas) की धूम लगी थी। गांव में तब पढ़ा लिखा कोई था नहीं। बंगाल के दलित शरणार्थी विस्थापितों की पुनर्वास कालोनी (Rehabilitation Colony of Dalit Refugee Migrants of Bengal) की युवा पीढ़ी का बचपन भारत विभाजन की त्रासदी …

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दूषित विवेचना से अपराधी को निर्दोष तथा निर्दोष को अपराधी साबित किया जाता है

Binayak Sen is an Indian paediatrician, public health specialist and activist. He is the national Vice-President of the People's Union for Civil Liberties. He is the recipient of several awards including the Jonathan Mann Award, the Gwangju Prize for Human Rights, and the Gandhi International Peace Award. Wikipedia

यह देश टाटा, बिरला, अम्बानी का है, जो भी इनके मुनाफे में बाधक होगा वह डॉक्टर बिनायक सेन हो जायेगा  डॉक्टर बिनायक सेन को सजा (Punishment for Dr. Binayak Sen) के प्रश्न पर पक्ष और विपक्ष में बहस जारी है। मुख्य समस्या यह है कि पुलिस या अन्वेषण एजेंसी किसी भी मामले की विवेचना करती है, उसके पश्चात आरोप पत्र …

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अनुप्रिया जैसी प्रतिभाओं को सवर्णवादी दलों से जुड़ने से रोक लें बहुजनवादी दल !

New Delhi: Union MoS Health and Family Welfare Anupriya Patel addresses at the symposium cum exhibition on 'Dialogue with Organs for Allied Health Force – A step to enhance cognitive skills', at Vardhman Mahavir Medical College and Safdarjung Hospital, in New Delhi on Oct 4, 2018. (Photo: IANS/PIB)

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha elections) के तिथियों की औपचारिक घोषणा करीब है। राजनीतिक पार्टियाँ अपना-अपना समीकरण दुरुस्त करने में जुट गयी हैं। इस बीच जो उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), देश की राजनीति (country’s politics) का दिशा तय करता है, वहां सपा-बसपा में सीटों का बंटवारा (division of seats in SP-BSP) हो चुका है। सपा-बसपा गठबंधन (SP-BSP coalition) की इस प्रगति …

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कुछ भी कर लो, 2019 में मोदी की हार मुमकिन ही नहीं सुनिश्चित है

Narendra Modi new look

फेसबुक (Facebook) पर मित्र शम्भुनाथ शुक्ल (Shambhunath Shukla) जी ने ‘नया इंडिया’ (Naya India) अखबार में वरिष्ठ पत्रकार हरिशंकर व्यास (senior journalist Harishankar Vyas) की एक लंबी टिप्पणी यह कहते हुए साझा कि कि मैं ‘नया इंडिया‘ के निष्कर्ष से सहमत नहीं हूँ, लेकिन चुनाव में वोटर के नज़रिये को समझने में हरिशंकर व्यास ने अब तक कभी ग़लती तो …

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घटिया राजनीति : भारत के इतिहास में सैनिकों की अर्थियां दिखाकर किसी पीएम ने वोट नहीं मांगे

Sikar: Prime Minister and BJP leader Narendra Modi addresses during a public meeting in Rajasthan's Sikar, on Dec 4, 2018. (Photo: IANS)

भारत के इतिहास में सैनिकों की अर्थियां (Corpses of soldiers) दिखाकर किसी पीएम ने वोट नहीं मांगे। हद है घटिया राजनीति (Shoddy politics) की। अब तक अधिकतम सैनिकों को आतंकियों ने मारा है, सत्तर साल में यह पहली बार हुआ है। यह मोदी की गलत नीतियों का परिणाम (Results of Modi’s wrong policies) है। भारत की जनता को शांति चाहिए। …

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इमरान खान और भारत व पाकिस्तान के अल्पसंख्यक

Imran Khan

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Prime Minister of Pakistan Imran Khan) को शायद उनके देश में अल्पसंख्यकों की बदहाली का अंदाज़ा नहीं है. हाल में, एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को बराबरी का दर्ज़ा और एक समान अधिकार मिलें. वह, क्या बात है! इसी भाषण में उन्होंने भारत …

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नवउदारवादी शिकंजे में आजादी और गांधी

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

कल गांधी की हत्या का दिन (Gandhi’s Martyrdom Day) था. सरकार, गांधीवादी संस्थाओं/जनों और अनेक सामान्य नागरिकों ने गांधी जी के 150वें जन्मशती वर्ष (Gandhi’s 150th Birth Anniversary) में ‘शहादत दिवस’  (Martyrdom Day) पर गांधी को श्रद्धांजलि (tribute to Gandhi) दी. एक महिला ने उनकी प्रतिमा पर गोली दाग कर यह दिन मनाया. ‘गांधी-प्रेमी’ नागरिक समाज (‘Gandhi-savvy’civil society) उन महिला …

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सामाजिक आतंक के खिलाफ थे स्वामी विवेकानंद, संघ का असली लक्ष्य हिंदुत्व की रक्षा नहीं

swami vivekananda

जगदीश्वर चतुर्वेदी आरएसएस का प्रधान लक्ष्य (RSS target) है भारत को अंधविश्वास में बांधे रखना। सामाजिक रूढ़ियों के सर्जकों-संरक्षकों को बढ़ावा देना, सार्वजनिक मंचों से स्वाधीनता आंदोलन (Independence movement) और समाज सुधार आंदोलन (Social reform movement) के नेताओं की इमेज दुरुपयोग करना। इसी क्रम में संघ परिवार बड़े पैमाने पर स्वामी विवेकानंद की इमेज (Image of Swami Vivekananda) का दोहन …

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आज करूणा और फिलीस्तीन मुक्ति का दिन है… आज समूची मानवता सूली पर लटकी हुई है

Jagadishwar Chaturvedi

आज करूणा और फिलीस्तीन मुक्ति का दिन है… आज समूची मानवता सूली पर लटकी हुई है जगदीश्वर चतुर्वेदी आप जीवन में स्वाभाविक रहें, करूणा पैदा होगी, सामाजिक परिवर्तन करने की आकांक्षा पैदा होगी। आप जीवन में जितने कृत्रिम और अस्वाभाविक बनेंगे, करूणा से उतने ही दूर होते चले जाएंगे। हमने अपने जीवन को अस्वाभाविक, कृत्रिम चीजों, मूल्यों और आदतों से …

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सरकार जमीन लेंगे … और जान भी !

Cane farmers on rail track

सरकार जमीन लेंगे … और जान भी ! (29 और 30 नवम्बर 2018 को देश भर से आए किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर दिल्ली में दस्तक दी. कई विपक्षी पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने उनके समर्थन और सरकार के विरोध में भाषण किये. मीडिया ने वही कवर किया. देश भर में किसानों के साथ उनके मुद्दों पर काम करने …

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भागवत की कक्षा या आरएसएस के मेक-ओवर की कसरत

Mohan Bhagwat Vigyan Bhawan

भागवत की कक्षा या आरएसएस के मेक-ओवर की कसरत राजधानी दिल्ली में विज्ञान भवन में सितंबर के मध्य में हुई आरएसएस (RSS) के सरसंघचालक, मोहन भागवत की तीन दिवसीय व्याख्यानमाला (Mohan Bhagwat’s three-day lecture series), इस तिरानवे साल पुराने सांप्रदायिक, दकियानूसी और प्रतिक्रियावादी संगठन का मेकओवर करने की, एक बड़ी और बहुप्रचारित कोशिश थी। मेकओवर की इस कोशिश की जरूरत …

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भारत : धर्मनिरपेक्ष प्रजातांत्रिक राष्ट्र या हिन्दू राष्ट्र

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

भारत : धर्मनिरपेक्ष प्रजातान्त्रिक राष्ट्र या हिन्दू राष्ट्र India: Secular democratic nation or Hindu nation  -राम पुनियानी भारत की स्वतंत्रता और तत्पश्चात संविधान के लागू होने से, भारत एक धर्मनिरपेक्ष प्रजातान्त्रिक गणराज्य बन गया । भारत से अलग हुए पाकिस्तान के निर्माता मोहम्मद अली जिन्ना ने, पाकिस्तान की संविधान सभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की कि पाकिस्तान एक …

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तुलसी के राम और संघ के राम

Socialist thinker Dr. Prem Singh is the National President of the Socialist Party. He is an associate professor at Delhi University समाजवादी चिंतक डॉ. प्रेम सिंह सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं

तुलसी के राम और संघ के राम (यह लेख संभवत: 2001-2 के आस-पास ‘जनसत्ता‘ में छपा था और ‘कट्टरता जीतेगी या उदारता‘ (राजकमल प्रकाशन, 2004) पुस्तक में संकलित है। इस बीच सारे दावों के बावजूद साम्प्रदायिकता के मोर्चे पर स्थिति खराब ही होती गयी है। आपके पढ़ने के लिए लेख फिर से दिया जा रहा है। शायद इसका कुछ औचित्य …

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क्यों फिसल रहे हैं अमित शाह के पैर और मोदी की जुबान

Modi go back

क्यों फिसल रहे हैं अमित शाह के पैर और मोदी की जुबान Amit Shah’s feet and Modi’s slip of tongue उफ्फ ये फिसलनें ! -अरुण माहेश्वरी चंद रोज पहले ‘वाशिंगटन पोस्ट’ (Washington Post) ने हिसाब लगा कर बताया था कि ट्रंप ने अपने शासन के पिछले 558 दिनों में कुल 4229 बार झूठी बातें कही हैं। अर्थात् प्रतिदिन 7.6 झूठ। …

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बीसवीं सदी में फ़ैज़ जैसा कवि भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं हुआ

Faiz Ahmad Faiz

बीसवीं सदी में फ़ैज़ जैसा कवि भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं हुआ गुलामी से मुक्ति का महाकवि फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की पुण्यतिथि पर विशेष जगदीश्वर चतुर्वेदी फ़ैज उन तमाम लेखकों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं जो समाज को बदलना चाहते हैं,  अमेरिकी साम्राज्यवाद की सांस्कृतिक-आर्थिक गुलामी और विश्व में वर्चस्व स्थापित करने की मुहिम का विरोध करना …

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क्या मोदी के करप्शन से ध्यान हटाओ अभियान में मदद कर रहे हैं वाम दल ?

Jagadishwar Chaturvedi

क्या मोदी के करप्शन से ध्यान हटाओ अभियान में मदद कर रहे हैं वाम दल ? माकपा-भाकपा वालो किसान-किसान छोडो, किसान पर बातें करने से मोदी सरकार की चूलें नहीं हिलने वालीं। मोदी सरकार की चूलें हिलानी हैं तो रफायल करप्शन के सवाल पर सड़कें जाम करो। हर गली मुहल्ले में मीटिंग करो। रफायल घोटाला तो बोफोर्स घोटाले का परदादा …

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ममता ने हमें झूठ का आदी बनाया मोदी ने उस पर हरी-भरी खेती की

Mamta Banerjee Who is mamata didi

ममता ने हमें झूठ का आदी बनाया मोदी ने उस पर हरी-भरी खेती की झूठ को समझो मित्र ! Who is mamata didi जगदीश्वर चतुर्वेदी झूठा प्रचार करके धराशाही करने का नया तूफान बंगाल के वाममोर्चे के खिलाफ “ममता बनर्जी” ने 2007-08 से शुरू किया। सिंगूर-नंदीग्राम से उसे नई बुलंदियों तक पहुँचाया। ममता Mamata Banerjee के प्रचार से सब प्रभावित …

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आरबीआई और जेटली विवाद : जरूरत है अर्थनीति के पूरे सोच को समस्याग्रस्त बनाने की

Arun Jaitley,

आरबीआई और जेटली विवाद : जरूरत है अर्थनीति के पूरे सोच को समस्याग्रस्त बनाने की -अरुण माहेश्वरी रिजर्व बैंक और सरकार के बीच वाक् युद्ध का एक नया नाटक शुरू हुआ है। रिजर्व बैंक के एक उप-राज्यपाल ने आरबीआई की स्वायत्तता को एक ऐसे पवित्र स्थान पर रखा है मानो वित्त बाजार की सारी समस्याओं की जड़ में इस स्वायत्तता …

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सुभाष चंद्र बोस और भगवा परंपरा : जानिए संघी आजादी और नेता जी से डरते क्यों थे

Subhas Chandra Bose

सुभाष चंद्र बोस और भगवा परंपरा : जानिए संघी आजादी और नेता जी से डरते क्यों थे संघी बटुकों तुम्हारे पूर्वज डरपोक और ब्रिटिश दलाल थे मोदी की आंखें इतिहास नहीं शौचालय में स्वच्छ विचार खोज रही हैं!! जगदीश्वर चतुर्वेदी सुभाष चन्द्र बोस की परंपरा और मूल्यों के साथ पीएम मोदी, उनके भक्त और आरएसएस का तीन-तेरह का संबंध है। …

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क्या आरएसएस का सचमुच ह्दय परिवर्तन हो गया है या नई पैकेजिंग में हिन्दुत्व

RSS Half Pants

क्या आरएसएस का सचमुच ह्दय परिवर्तन हो गया है या नई पैकेजिंग में हिन्दुत्व आरएसएस जमावड़ा : नई बोतल में पुरानी शराब आरएसएस मुखिया मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat,) ने 17 से 19 सितंबर 2018 तक दिल्ली के विज्ञान भवन में संघ द्वारा आयोजित तीन-दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ‘भविष्य भारत काः आरएसएस परि‘ को संबोधित किया। आरएसएस ने इस आयोजन …

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बाबरी मस्जिद ध्वंस : न्यायपूर्ण समाधान आवश्यक

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

बाबरी मस्जिद ध्वंस : न्यायपूर्ण समाधान आवश्यक  –राम पुनियानी हाल में उच्चतम न्यायालय ने 2-1 के बहुमत से अपने फैसले में, डॉ फारुकी प्रकरण में अपने पुराने निर्णय को पुनर्विचार के लिए संविधान पीठ को सौपने से इंकार कर दिया। इस निर्णय में यह कहा गया था कि मस्जिद, इस्लाम धर्म का पालन के लिए आवश्यक नहीं है। हालिया निर्णय …

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चुनावी मोड में मोदी : अब उनकी गांठ में झूठ और कुछ और जुमलों के अलावा कुछ बचा नहीं

Election Mode Modi chunavi mod men Arun Maheshwari चुनावी मोड में मोदी : अब उनकी गांठ में झूठ और कुछ और जुमलों के अलावा कुछ बचा नहीं

चुनावी मोड में मोदी : अब उनकी गांठ में झूठ और कुछ और जुमलों के अलावा कुछ बचा नहीं ‘चुनावी मोड‘ में जनतंत्र-प्रेमियों का दायित्व —अरुण माहेश्वरी कल ही ‘एबीपी न्यूज‘ (ABP News) चैनल पर पुण्य प्रसून वाजपेयी (Punya Prasoon Bajpai) कह रहे थे — मोदी अब चुनावी मोड में आ चुके हैं। इसे सही रूप में कहा जाए तो …

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सामाजिक आतंक के खिलाफ स्वामी विवेकानंद

swami vivekananda

सामाजिक आतंक के खिलाफ स्वामी विवेकानंद संघ का असली लक्ष्य हिन्दुत्व की रक्षा करना नहीं, संघ का प्रधान लक्ष्य है अंधविश्वास फैलाना, अविवेकवाद फैलाना जगदीश्वर चतुर्वेदी   आरएसएस का प्रधान लक्ष्य है भारत को अंधविश्वास में बांधे रखना। सामाजिक रुढ़ियों के सर्जकों-संरक्षकों को बढ़ावा देना, सार्वजनिक मंचों से स्वाधीनता आंदोलन और समाज सुधार आंदोलन के नेताओं की इमेज दुरुपयोग करना। …

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नेहरू जेल में भगत सिंह से मिले थे या नहीं, इससे आपको क्या लेना-देना मि. मोदी ?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

हाल में संपन्न कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Elections) के प्रचार के दौरान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई ऐसे वक्तव्य दिए, जो न केवल असत्य थे, बल्कि जिनका एकमात्र उद्देश्य उनके विरोधियों के विरुद्ध जनभावनाएं भड़काना था। कर्नाटक के बीदर में एक आमसभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने एक सफ़ेद झूठ बोला। उन्होंने कहा, “जब शहीद भगत सिंह, …

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राजीव गांधी की हत्या का मतलब भारत की संप्रभुता और लोकतंत्र पर हमला

Rajiv Gandhi

राजीव गांधी के बहाने (पुरानी पोस्ट जरूरी बात) जगदीश्वर चतुर्वेदी फ़ेसबुक पर जस्टिस मार्कण्डेय काटजू की राजीव गांधी पर पोस्ट पढ़कर लगा कि हमारे मध्यवर्ग में एक तबक़ा ऐसा पैदा हुआ है जो मानवीय संवेदनाओं और लोकतांत्रिक संवेदनाओं के मामलों में एकसिरे से अमानवीय हो चुका है या जैसी करनी-वैसी भरनी की मनोदशा का शिकार है। राजीव गांधी की स्वाभाविक …

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कोई जादू नहीं, कर्नाटक से मोदी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है

Narendra Modi An important message to the nation

अमलेन्दु उपाध्याय कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम (Karnataka Assembly) लगभग आ चुके हैं। सीटों के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। मतगणना के शुरू होते ही गोदी मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महिमामंडन (Prime Minister Narendra Modi) प्रारंभ कर दिया। शाम होते-होते स्वयं प्रधानमंत्री अपनी पीठ थपथपाने मैदान में उतर गए और कर्नाटक (Karnataka) …

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फिर पाकिस्तान की शरण में भाजपा-आरएसएस ! जिन्ना ने एक पाकिस्तान बनाया ये भारत के टुकड़े-टुकड़े करके छोड़ेंगे

Asylum of Pakistan BJP RSS in shelter of Pakistan

अरुण माहेश्वरी जब भी कोई महत्वपूर्ण चुनाव आता है, भाजपा-आरएसएस के लोग भारत को छोड़ पाकिस्तान पर पिल पड़ते हैं। पैसठ साल पहले आरएसएस के बारे में अमेरिकी अध्येता जे ए कुर्रान( जूनियर) ने अपने शोध-प्रबंध का अंत इसी बात से किया था कि ‘भारत में आरएसएस का भविष्य काफी हद तक पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों पर निर्भर …

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जाग मछन्दर गोरख आया : गोरखनाथ की शिक्षा का दशांश भी लागू करके दिखाएं आदित्यनाथ ! तय मानो सीधे हो जाएंगे आरएसएस वाले

Jagadishwar Chaturvedi

गोरखनाथ का व्यक्तित्व और समस्याएँ – Gorakhnath’s personality and problems योगी जागो गोरखनाथ जगाओ! जगदीश्वर चतुर्वेदी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ यदि सच में योगी गोरखनाथ की शिक्षाओं में विश्वास करते हैं तो बस उसका दशांश लागू करके दिखाएं! तय मानो आरएसएस वाले सीधे हो जाएंगे और गऊ-छोरी-मजनूँ -राम मंदिर आदि सब भूल जाएंगे! रामजी तो बस जंगल में टहलने निकल जाएंगे। दूसरी बडी …

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श्रद्धेय मोदीजी, अच्छे दिनों में किसान खेतों की बजाए सड़क पर क्यों है ?

Modi go back

जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं, एहसानफरामोशी के इस मुहावरे को सरकार के लिए यूं बदल सकते हैं कि जिस किसान का दिया खाते हैं, उसे ही आत्महत्या करने पर मजबूर करते हैं। किसानों के हाथों में हल होने चाहिए या विकास की भाषा में बात करें तो ट्रैक्टर का स्टीयरिंग होना चाहिए, कि झंडे? उन्हें …

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कौन है उत्तरदायी भारत विभाजन और कश्मीर समस्या के लिए?

राजनैतिक शक्तियां अपने एजेंडे को लागू करने के लिए इतिहास को तोड़ती-मरोड़ती तो हैं ही, वे अतीत की घटनाओं और उनकी निहितार्थों के सम्बन्ध में सफ़ेद झूठ बोलने से भी नहीं हिचकिचातीं. जहाँ तक इतिहास का प्रश्न है, उस पर यह सिद्धांत पूरी तरह से लागू होता है कि “तथ्य पवित्र हैं, मत स्वतंत्र है” अर्थात आप तथ्यों के साथ …

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श्रद्धेय मोदीजी ! देशद्रोही हैं महात्मा गांधी के हत्यारे को हीरो बनाने वाले

Godse's glorification in Gandhi's country?

शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी की शहादत (Martyrdom of mahatma gandhi) को सत्तर साल हो गए। महात्मा गांधी की हत्या (Assassination of Mahatma Gandhi) जिस आदमी ने की थी वह कोई अकेला इंसान नहीं था। उसके साथ साज़िश में भी बहुत सारे लोग शामिल थे और देश में उसका समर्थन करने वाले भी बहुत लोग थे। वह एक विचारधारा का …

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गांधीजी से कितना डरती है हिन्दुत्ववादी टोली, हत्यारों के वारिस आज भी गांधीजी के ‘वध’ का जश्न मना रहे

Godse's glorification in Gandhi's country?

गांधीजी की शहादत की 70वीं बरसी पर 70th anniversary of Gandhi’s martyrdom शम्सुल इस्लाम मोहनदास कर्मचंद गाँधी, जिन्हें भारत के राष्ट्र-पिता के तौर पर भी जाना जाता है की हत्या (जनवरी 30, 1948)की साज़िश में शामिल लोगों और हत्यारों की पहचान को लेकर पिछले 4-5 सालों में लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। हैरान करने वाली बात यह …

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तीन तलाक और भगवा मंशाएं… संघी कानून से पीड़ित मुस्लिम औरतों का तलाक नहीं रुकेगा

Jagadishwar Chaturvedi

जगदीश्वर चतुर्वेदी कल जितना टीवी से जान पाया वह यह कि तीन तलाक़ रोकने वाले संघी कानून से पीड़ित मुस्लिम औरतों का तलाक नहीं रुकेगा। यानी जब एक बार किसी ने तीन तलाक़ दे दिया तो उस पर अपराध का मुकदमा चलेगा, शादी इससे नहीं बचेगी। साथ ही मुस्लिम महिलाओं की असुरक्षा और असहाय अवस्था में इजाफा होगा, क्योंकि इस …

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टर्की से मोदी के डाक टिकट का रहस्य जानिये… तुर्की ने मोदी को दुनिया का सबसे बड़ा नेता नहीं कहा

Narendra Modi An important message to the nation

अरुण माहेश्वरी टर्की से मोदी के डाक टिकट का रहस्य जानिये। यह मोदी की किसी उपलब्धि का सम्मान नहीं है। 2015 में जी-20 की बैठक में वहाँ जितने देशों के राष्ट्र प्रमुख उपस्थित हुए थे, उन सबका अभिनंदन करते हुए जो डाक टिकट जारी किये गये, उनमें ही एक टिकट मोदी का भी था। मोदी पर इस डाक टिकट को …

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नाना जी देशमुख ने 1984 के जनसंहार को न्यायोचित ठहराया था, देखें दस्तावेज

Nana ji Deshmukh article on 1984 Sikh mascare

नाना जी देशमुख ने 1984 के जनसंहार को न्यायोचित ठहराया था, देखें दस्तावेज Nana ji Deshmukh justified the genocide of 1984 शम्सुल इस्लाम आरएसएस भारत में अल्पसंख्यकों को दो श्रेणियों में विभाजित करने से कभी नहीं थकता है। प्रथम श्रेणी में है जैन, बौद्ध तथा सिख जो भारत में ही स्थापित धर्मों का अनुसरण करते हैं। दूसरी श्रेणी में है …

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हिंदू राष्ट्र का यह धर्मोन्माद किसान, आदिवासी, स्त्री और दलितों के खिलाफ इसे हम सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ समझने की भूल कर रहे

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

वंदेमातरम् की मातृभूमि अब विशुद्ध पितृभूमि है, जहां काबुलीवाला जैसा पिता कोई नहीं काबुलीवाला, मुसलमानीर गल्पो और आजाद भारत में मुसलमान रवींद्र का दलित विमर्श-33 रवींद्रनाथ की कहानियों में सतह से उठती मनुष्यता का सामाजिक यथार्थ, भाववाद या आध्यात्म नहीं! आजाद निरंकुश हिंदू राष्ट्र का यह धर्मोन्माद भारत के किसानों, आदिवासियों, स्त्रियों और दलितों के खिलाफ है, इसे हम सिर्फ …

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धर्मोन्माद में न आस्था है और न धर्म, यह नस्ली वर्चस्व का अश्लील नंगा कार्निवाल है

विषमता की अस्पृश्यता के पुरोहित तंत्र के विरुद्ध समानता और न्याय की आवाज ही रवींद्र रचनाधर्मिता है। इसीलिए उत्पीड़ित अपमानित मनुष्यता के लिए न्याय और समानता की उनकी मांग उनकी कविताओं, गीतों, उपन्यासों और कहानियों से लेकर गीताजंलि के सूफी बाउल आध्यात्म और रक्त करबी और चंडालिका जैसी नृत्य नाटिकाओं का मुख्य स्वर है। उनकी प्रार्थना अपने मोक्ष के लिए …

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भारतमाता का दुर्गावतार नस्ली मनुस्मृति राष्ट्रवाद का प्रतीक है तो महिषासुर वध आदिवासी भूगोल का सच

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

            দুই ছিল মোর ভুঁই, আর সবই গেছে ঋণে। বাবু বলিলেন, ‘বুঝেছ উপেন? এ জমি লইব কিনে। ‘ কহিলাম আমি, ‘তুমি ভূস্বামী, ভূমির অন্ত নাই – চেয়ে দেখো মোর আছে বড়জোর মরিবার মতো ঠাঁই। শুনি রাজা কহে, ‘বাপু, জানো তো হে, করেছি বাগানখানা, পেলে দুই বিঘে প্রস্থে ও দিঘে সমান হইবে টানা – ওটা দিতে হবে। ‘  (दो बीघा जमीन …

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रोहिंग्या को तो छोड़ो भारत में रहने वाले कुछ हिन्दुओं को निकाला तो कौन शरण देगा ?

L. S. Hardenia

म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों के निष्कासन (Rohingya Muslims expelled from Myanmar) ने अनेक महत्वपूर्ण प्रश्नों को जन्म दिया है। इस संदर्भ में सबसे बड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि किसी देश की सरकार मनमाने ढंग से यदि वहां बरसों से बसे नागरिकों को देश निकाला (Expelled citizens) कर दे तो वे कहां जाएं? कुछ मामलों में इस तरह के निष्कासित …

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मोदी-शाह-भाजपा-आरएसएस चौकड़ी को जीवन भर याद रहेगा अगस्त का यह आखिरी हफ्ता

पिछले एक हफ्ते के सारे घटनाक्रम से ऐसा लगता है जैसे अब भारतीय राजनीति का यह ‘गाय, गोबर, गोमूत्र, बीफ, बाबावाद, लव जेहाद, लींचिग और ‘देशभक्ति’ के शोर के युग के सारे लक्षण बिल्कुल प्रकट रोग के रूप में सामने आने लगे हैं और राष्ट्र के अस्तित्व के लिये ही इनका यथाशीघ्र इलाज करना जरूरी ही नहीं शुरू भी हो …

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कर्नल पुरोहित की रिहाई यानी हिंदू आतंक, आतंक ना भवति

Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।

0 राजेंद्र शर्मा आखिरकार, मालेगांव बमकांड (Malegaon bomb blasts) के आरोपी, लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित (Lt. Col. Srikanth Purohit) की करीब आठ साल, आठ महीने के बाद सेना में वापसी हो गयी। बेशक, यह कहा जा सकता है कि दागी अफसर (Tainted officer) की अभी पूरी तरह से वापसी नहीं हुई है यानी सेना में उसकी स्थिति अभी जस की तस …

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मजहबी सियासत के हिंदुत्व एजंडे से मिलेगी आजादी स्त्री को?

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

तीन तलाक की प्रथा खत्म हो गयी है, यह दावा करना जल्दबाजी होगी। इसी सिलिसिले सामाजिक, मजहबी बदलाव की किसी हलचल के बिना सियासती सरगर्मियां हैरतअंगेज हैं। जश्न मानने से पहले हकीकत की तस्वीरों के अलग अलग रुख को जरुर देख लें। फिजां में बिछी बारुदी सुरंगों का भी तनिक जायजा ले लीजिये। रवींद्र का दलित विमर्श-आठ पलाश विश्वास सवाल यह …

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इस राष्ट्रवाद के मसीहा तो हिटलर और मुसोलिनी हैं

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

भारत का इतिहास लोकतंत्र का इतिहास है। भारत का इतिहास लोकगणराज्य का इतिहास है। धर्म और आस्था चाहे जो हो, भारत में धर्म कर्म लोक संस्कृति, परंपरा और रीति रिवाजों के लोकतंत्र के मुताबिक होता रहा है। रवींद्र का दलित विमर्श-सात पलाश विश्वास मनुस्मृति के कठोर अनुशासन के बावजूद, अस्पृश्यता और बहिस्कार के वर्ण वर्ग वर्चस्व नस्ली रंगभेद के बावजूद सहिष्णुता और …

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क्या पैलेट गन का इस्तेमाल केवल कश्मीरी नौजवानों के लिए सुरक्षित है?

Hamari Ray

Special comment on Gurmeet Ram Rahim राजीव रंजन श्रीवास्तव अभी 15 अगस्त बीता है, जब हमने आज़ादी की 70वीं वर्षगांठ (70th anniversary of independence) मनाई है। प्रधानमंत्री ने लालकिले से बड़ी भारी तकरीर दी कि देश किस तरह विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। लेकिन महज 10 दिन बाद हरियाणा-पंजाब में जिस तरह का मंजर दिखाई दे रहा …

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पर संघ ने तो हिन्दू कोड बिल पर नेहरू और डॉ. अम्बेडकर के विरूद्ध जहरीला प्रचार किया था

RSS Half Pants

एल.एस. हरदेनिया सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने अपने एक ऐतिहासिक निर्णय में तीन तलाक (Tripple Talaq) देने की परंपरा को समान अधिकार के सिद्धांत का विरोधी माना है। दिनांक 22 अगस्त को दिए गए फैसले में तलाक को संविधान-विरोधी और मानवाधिकार-विरोधी माना है। तलाक के मुद्दे की सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की बेंच बनी थी इसमें तीन न्यायाधीशों ने …

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प्रेस की आज़ादी : क्या योगी और वसुंधरा भी प्रधानमंत्री की नसीहत से सबक लेंगे !

Shesh Narain Singh शेष नारायण सिंह

पत्रकारिता के बुनियादी सवालों पर नए विचार की ज़रूरत Need a new idea on journalistic fundamental questions शेष नारायण सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में एक तमिल अखबार के कार्यक्रम में मीडिया को समाज को बदलने का साधन बताकर अभिव्यक्ति की आजादी को फिर चर्चा में ला दिया है। प्रधानमंत्री ने चेन्नई में कहा कि ‘आज समाचारपत्र सिर्फ खबर …

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मी लॉर्ड हिन्दुओं के तलाक के मुक़दमों को जल्द खत्म कराने के लिए पहल कब ?

Triple Talaq ट्रिपल तलाक तीन तलाक

  जगदीश्वर चतुर्वेदी इंस्टैंट तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। बड़ा दिलचस्प होगा अब मुसलिम महिलाओं के तलाक के सवाल पर मुसलिम विरोधी संगठन कानून बनाएँगे। सुप्रीम कोर्ट भी गजब करता है ऐसी सरकार से कानून बनाने के लिए कहा गया है जिसके पास पर्यटन करने और चुनाव लड़ने के अलावा कोई और काम करने की क्षमता …

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सबसे बड़ा सच : मीडिया तो झूठन है, दिलों और दिमाग को बिगाड़ने में साहित्य और कला माध्यम निर्णायक, वहां भी संघ परिवार का वर्चस्व

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

साहित्य और कला माध्यमों का माफिया मीडिया तो क्या राजनीति के माफिया का बाप है। —पलाश विश्वास समय की चुनौतियों के लिए सच का सामना अनिवार्य है। आम जनता को उनकी आस्था की वजह से मूर्ख और पिछड़ा कहने वाले विद्वतजनों को मानना होगा कि हिंदुत्व की इस सुनामी के लिए राजनीति से कहीं ज्यादा जिम्मेदार भारतीय साहित्य और विभिन्न …

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जनविजय जी जैसे विद्वतजन हम जैसे लोगों को अपढ़, अछूत और अयोग्य मानते हैं

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

क्लासिक साहित्य जनपक्षधर होता तो हिंदी में अज्ञेय से बड़ा जनपक्षधर कोई नहीं होता। पलाश विश्वास संदर्भः Anil Janvijay July 17 at 3:26am तारा बाबू का कुछ पढ़ा हो किसी ने तब तो कुछ कहेंगे। पलाश विश्वास ने बिना पढ़े ही सबको संघी घोषित कर दिया,  इसीलिए मैंने इनके इस लेख पर कोई जवाब देना ज़रूरी नहीं समझा। इन्होंने गुरुदत्त …

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संघ परिवार के पास साहित्यकार नहीं हैं तो हमारे पास कितने साहित्यकार बचे हैं? शिक्षा व्यवस्था आखिर क्या है?

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

पलाश विश्वास हमारे आदरणीय जगदीश्वर चतुर्वेदी ने फेसबुक वाल पर सवाल किया है कि पांच ऐसे उपन्यासों के नाम बतायें, जो संघ परिवार की विचारधारा से प्रेरित हैं। इसकी प्रतिक्रिया में दावा यही है कि संघ परिवार के पास कोई साहित्यकार नहीं है। लगता है कि बंकिम वंशजों को पहचानने में लोग चूक रहे हैं। गुरुदत्त (Gurudutt)  का किसी आलोचक ने …

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न लगता आपातकाल तो संघी भारत को बना देते पाकिस्तान, जानें संघ ने इंदिरा से माँगी थी माफी

Indira Gandhi

एल.एस. हरदेनिया प्रतिवर्ष के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) ने 25 जून (25th of June) को देशभर में आपातकाल (Emergency) को लेकर शोर मचाया और आपातकाल को भारतीय इतिहास का काला पृष्ठ बताया। परंतु भाजपा आपातकाल से जुड़े ऐसे तथ्यों को उजागर नहीं करती है जिनके कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी …

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लग पाएगी रियल एस्टेट में धोखाधड़ी पर लगाम!

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

अपना एक घर हो, हर किसी का सपना होता है। Everyone has a dream, he has his own house.  देश में रियल एस्टेट का  कारोबार जिस तेजी से बढ़ा है उसी तेजी से ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी भी बढ़ी है। घर के सपने को पूरा करने के लिए अभावों में जी कर कोई पैसे जोड़े और पता चले कि कोई बिल्डर …

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बाबरी मस्ज़िद-राममंदिर विवाद : मी लॉर्ड, अगर अदालत ही समझौते की बात करने लगेगी तो न्याय कहां से होगा

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

एक लंबे इंतज़ार के बाद, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस खेहर ने कहा है कि काफी समय से लंबित रामजन्मभूमि बाबरी मस्ज़िद विवाद का हल न्यायालय के बाहर निकाला जाना चाहिए। उन्होंने इस मसले को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रस्ताव भी दिया। संघ परिवार के अधिकांश सदस्यों ने खेहर के इस कदम की प्रशंसा …

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राम के नाम सौगंध भीम के नाम! संघ परिवार ने बाबासाहेब को भी ऐप बना दिया

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

राम के नाम सौगंध भीम के नाम! संघ परिवार ने बाबासाहेब को भी ऐप बना दिया… मनुस्मृति का जेएनयू मिशन पूरा,  जय भीम के साथ नत्थी कामरेड को अलविदा है। सहमति से तलाक है। बहुजनों को वानरवाहिनी बनाने वाला रामायण पवित्र धर्मग्रंथ है, जिसकी बुनियाद पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के रामराज्य में मनुस्मृति अनुशासन है। सीता का वनवास, शंबूक हत्या …

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तमिलनाडु में सेंधमारी और बंगाल में राम की सौगंध, गायपट्टी में मुंह की खाने की हालत में ग्लोबल हिंदुत्व का पलटवार!

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

पलाश विश्वास आज यूपी (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017- Uttar Pradesh Assembly Elections 2017) में दूसरे चरण का मतदान था। उत्तराखंड में भी आज जनादेश की कवायद है। इससे एक दिन पहले तमिलनाडु में दिवंगत जयललिता को चार साल की कैद के अलावा सौ करोड़ के जुर्माने की सजा सुप्रीम कोर्ट ने सुना दी है तो बंगाल में कल ही …

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नोटबंदी – खोदा पहाड़ और नहीं निकला काला धन

Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।

और अंत में काले धन के लिए एक और छूट  बहुत उदार हों तब भी इसे खोदा पहाड़ और निकली चुहिया का ही मामला कहेंगे। वर्ना यह काले धन के स्वामियों के लिए छूट की एक नयी योजना ही ज्यादा लगती है। याद रहे कि यह योजना पूरे देश की अर्थव्यवस्था को और खासतौर पर मेहतनकश गरीबों की रोजी-रोटी की …

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समकालीन वैश्विक संकट के पीछे धर्म है या राजनीति?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

वैश्विक स्तर पर ‘इस्लामिक आतंकवाद’ शब्द बहुप्रचलित हो गया है और इस्लाम के आंतरिक ‘संकट’ की कई तरह से विवेचना की जा रही है। कुछ लोगों की राय है कि इस्लाम एक बहुत बड़े संकट के दौर से गुज़र रहा है और इस संकट से निपटने के लिए ज़रूरी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इतिहास गवाह है कि इसके पूर्व इस्लाम एक बहुत बड़े …

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साध्वी प्रज्ञा की मोटरसाइकिल और रूबीना की कार-दो गाड़ियों की कहानी

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

दो गाड़ियों की कहानी…  बाल ठाकरे (Bal Thackeray) ने ‘‘सामना’’ में लिखा था कि ‘‘हम करकरे के मुंह पर थूकते हैं’’। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी (Gujarat Chief Minister Narendra Modi) ने हेमंत करकरे (Hemant Karkare) को ‘‘देशद्रोही’’ बताया था। आडवाणी ने भी उन्हें फटकारा था। -राम पुनियानी क्या एक ही देश में दो अलग-अलग न्याय प्रणालियां हो सकती …

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कैंसर से तड़प-तड़प कर खत्म होता जा रहा है देश, हमारा राष्ट्रवादी युद्धोन्माद परमाणु धमाकों में तब्दील

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

कैंसर से तड़प-तड़प कर खत्म होता जा रहा है देश, हमारा राष्ट्रवादी युद्धोन्माद (Nationalist war hysteria) परमाणु धमाकों (Nuclear blasts) में तब्दील…. अरबों शरणार्थी (Refugees) मनुष्यों को बचाने की कोई जुगत नहीं कर सके तो तुम्हारे मनुष्य होने का मतलब क्या है? … इन सवालों का कोई जवाब नहीं है और अग्निपरीक्षा की घड़ी बीत रही है। मैं बंगाल के …

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जन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर बिजन भट्टाचार्य के रंगकर्म का तात्पर्य

Bijon Bhattacharya

बिजन भट्टाचार्य जन्मशताब्दी वर्ष, Bijan Bhattacharya Birth Centenary Year, बंगाल में रंगमंच का इतिहास, History of theater in Bengal भारतीय गण नाट्य आंदोलन ने इस देश में सांस्कृतिक क्रांति (Cultural revolution) की जमीन तैयार की थी, हम कभी उस जमीन पर खड़े हो नहीं सके। लेकिन इप्टा (IPTA) का असर सिर्फ रंग कर्म तक सीमाबद्ध नहीं है। भारतीय सिनेमा के …

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क़फ़स नहीं है कश्मीर

Randhir Singh Suman CPI

कश्मीर घाटी (Kashmir valley) में पिछले 43 दिन से सुलग रही आग पहले ही पीर पंजाल (Pir Panjal) और जम्मू क्षेत्र की चेनाब घाटी (Chenab valley of Jammu region) तथा कारगिल क्षेत्र (Kargil region) तक फैलनी शुरू हो चुकी है। मोदी (Modi) और उनके राजनीतिक गिरोह (political gang) के लोग कश्मीर में चल रही छाया युद्ध (shadow war) जैसी घटनाओं …

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यह आतंकवादी केसरिया सुनामी ब्राह्मण धर्म का पुनरुत्थान और हिन्दू धर्म का अवसान है

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

यह आतंकवादी केसरिया सुनामी ब्राह्मण धर्म (Brahmin religion) का पुनरुत्थान है और हिन्दू धर्म का अवसान (extinction of Hindu religion)… राष्ट्रवादी देश भक्त तमाम ताकतों को एकजुट होकर हिन्दू धर्म के नाम जारी इस नरसंहारी अश्वमेध के घोड़ों को लगाम पहनाने की जरूरत है, वरना देश का फिर बंटवारा तय है… पलाश विश्वास सुबह हमारे गुरुजी ताराचंद्र त्रिपाठी जी का …

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आरएसएस ने तिरंगे के बारे में अपनी शर्मनाक समझ कब बदली, मेहरबानी करके बताएं

आरएसएस के राष्ट्रीय मुस्लिम मंच द्वारा मदरसों पर तिरंगा लहराने की योजना के बारे में एक खुला ख़त An open letter about RSS’s Rashtriya Muslim Manch plan to wave tricolor on madrasas शम्सुल इस्लाम कुछ मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की 15 अगस्त 2016 को देश भर में मदरसों पर तिरंगा फहराने की योजना है। …

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प्रेमचंद और भाषा समस्या

Munshi Premchand

एक है मीडिया की भाषा और दूसरी जनता की भाषा, मीडिया की भाषा और जनता की भाषा के संप्रेषण को एकमेक करने से बचना चाहिए। प्रेमचंद ने भाषा के प्रसंग में एक बहुत ही रोचक उपमा देकर भाषा को समझाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा है ´यदि कोई बंगाली तोता पालता है तो उसकी राष्ट्रभाषा बँगला होती है। उसी …

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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत छोड़ो आंदोलन को कुचलने के लिए अंग्रेजों की मदद की थी

syama prasad mukherjee in hindi

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत छोड़ो आंदोलन को कुचलने के लिए अंग्रेजों की मदद की थी आरएसएस/भाजपा के नए ‘देश-भक्त’ डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में 6 सच्चाइयां शम्सुल इस्लाम RSS/BJP ने फ़िलहाल अपने अव्वल नंबर के देशभक्त ‘वीर’ सावरकर की स्तुति काफ़ी हद तक कम कर दी है। इस की सब से बड़ी वजह यह है कि …

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हिंदुत्व का एजेंडा फर्जी, यह देश बेचने का नरसंहारी एजेंडा

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

हमें हिंदुत्व के बजाये फासीवादी नरसंहारी मुक्तबाजार के किले पर हमला करना चाहिए,  क्योंकि हिंदुत्व के नकली किले पर हमले से वे जनता को वानरसेना में तब्दील करने में कामयाब हैं मराठी और बांग्ला के बाद आप चाहें तो हर भाषा और हर बोली में होगा हस्तक्षेप। Hindutva agenda fake, Narcissistic agenda to sell this country पलाश विश्वास नागपुर यात्रा …

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स्वतंत्रता की धारणा को ही अप्रासंगिक बना देना ज्योतिषशास्त्र की राजनीति

Jagadishwar Chaturvedi at Barabanki

मास कल्‍चर, फलित ज्योतिष और राजनीति Mass culture, astrology and politics‍ भाग्य और फलित ज्योतिष के प्रति जितना आकर्षण बढ़ेगा प्रतिक्रियावादी और फासीवादी ताकतों का उतनी ही तेजी से वर्चस्व बढ़ेगा- समाजशास्त्री एडोर्नो फलित ज्योतिष मासकल्चर का अंग है। देखने में अहिंसक किन्तु वैचारिक रूप से हिंसक विषय है। सामाजिक वैषम्य, उत्पीड़न, लिंगभेद, स्त्री उत्पीड़न और वर्णाश्रम व्यवस्था को बनाए …

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घूस न लेने वाले दिनेश त्रिवेदी को तृणमूल का नोटिस

National News

इंच-इंच समझ लेने की शुरुआत दिनेश त्रिवेदी से हो गयी चुनाव के बीच नारद स्टिंग में घूस लेते दिखाई दिए तृणमूल सांसदों के खिलाफ कार्रवाई (Action against Trinamool MPs seen taking bribe in Narada sting) करने और सच्चाई बाहर आने तक सभी आरोपियों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने संबंधी बयान देकर उन्होंने विपक्षी पार्टियों की वाहवाही तो खूब बटोरी, …

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कश्मीरी पंडितों की बदहाली का राजनीतिकरण

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

राजनीति एक अजब-गजब खेल है। इसके खिलाड़ी वोट कबाड़ने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। इन खेलों से हमें संबंधित खिलाड़ी की राजनैतिक विचारधारा का पता तो चलता ही है, इससे हमें यह भी समझ में आता है कि इस खेल में किस तरह घटनाओं को तोड़ा-मरोड़ा जाता है और एक ही घटना की किस तरह परस्पर …

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देश और समाज निरंतर कबीलाई और हमारा आचरण मध्ययुगीन होता जा रहा है

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

बेशर्म इतना है सत्ता से नत्थी जनमजात मेधा वर्चस्व कि भाषा और संस्कृति में सिर्फ पितृसत्ता की गूंज और फिर वहीं धर्मोन्मादी राष्ट्रवाद दृष्टिहीन! ऐसा नहीं है कि असहिष्णुता सिर्फ सवर्णों की होती है। बाबासाहेब जैसे अद्भुत विद्वान राजनेता के अनुयायी भी कम असहिष्णु नहीं पलाश विश्वास हम दीपा कर्मकार की उपलब्धियों पर लिख नहीं रहे हैं। इस बारे में …

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यह बेधड़क जय भीम लाल सलाम का समय है

Baba Saheb Ambedkar The biggest hero of the social revolution in India बाबा साहेब अंबेडकर : भारत में सामाजिक क्रांति के सबसे बड़े नायक

जय भीम लाल सलाम डॉ. भीमराव आंबेडकर की सवा सौवीं जयंती (Dr. Bhimrao Ambedkar‘s 125th birth anniversary) के मौके पर, उनकी विरासत में वैसे तो हर तरफ से दिलचस्पी दिखाई जा रही है, जो कि स्वाभाविक भी है। दलितों के मसीहा (Messiahs of dalits) के रूप में, जो भारत के मौजूदा संविधान के निर्माता भी थे, आंबेडकर की विरासत आज …

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दलित बच्चों को नंगा करके पीटा- हिंदूराष्ट्र में लोकतंत्र की असली तस्वीर

opinion

Dalit children stripped and beaten – the real picture of democracy in Hindu Rashtra दलित बच्चों को नंगा करके पीटा गया, यह हिंदूराष्ट्र में लोकतंत्र की असली तस्वीर समरस है बदतमीजी कभी मत सहना ….जवाब देना बहुत जरूरी है कहां हैं, ‘भारत माता की जय’ वाले! पलाश विश्वास आई.के मानव ने फेसबुक पर दिल दहलाने वाली यह यह तस्वीर साझा …

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देश में सहिष्णुता और अभिव्यक्ति की आज़ादी खतरे में है

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

सन 2015 के अंतिम महीनों में कई जाने-माने लेखकों और प्रतिष्ठित नागरिकों ने देश में बढ़ती असहिष्णुता के प्रति अपना विरोध व्यक्त करने के लिए उन्हें प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार लौटा दिए थे। पुरस्कार लौटाने वालों की सूची लम्बी थी और उनके इस विरोध प्रदर्शन के नतीजे में, समाज में कुछ आत्मचिंतन भी हुआ। परन्तु सत्ताधारी पार्टी और उसके हिन्दू दक्षिणपंथी …

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जालिम इतना भी जुल्म ना ढाओ कि म्यान में खामोश सो रही तलवारें जाग उठे बेलगाम?

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

गेरुआ गर्भे अश्वडिंब प्रसव! हम कैसे मां बाप हैं कि हमारे बच्चों के सर कलम हो रहे हैं और हम कार्निवाल में गेरुआ गेरुआ गा रहे ? नेताजी फाइल से कुछ साबित हुआ हो या न हो, नेताजी परिवार का सदस्य केसरिया हो गया। महंगे युद्धक विमान रफेल खरीदकर बिरंची बाबा ने फ्रेंच अर्थव्यवस्था का कायाकल्प कर दिया नेताजी फाइलों …

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आरएसएस की मंदिर राजनीति की शरारत को रोको

Prakash Karat भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता प्रकाश कारात

आरएसएस की मंदिर राजनीति की शरारत को रोको आरएसएस गठजोड़ ने एक बार फिर अपने राम मंदिर के एजेंडे के एजेंडे की आग को हवा देने का फैसला कर लिया है। पिछले ही हफ्ते राजस्थान से लाल पत्थर के दो ट्रक अयोध्या पहुंचे। वैसे तो यह कथित रूप से मंदिर के निर्माण के लिए पत्थर एकत्र किए जाने का ही …

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मोदी का विकास मॉडल वस्तुतः विकास विरोधी, सामाजिक विभाजनकारी और संवैधानिक संस्थान विरोधी मॉडल है

Sikar: Prime Minister and BJP leader Narendra Modi addresses during a public meeting in Rajasthan's Sikar, on Dec 4, 2018. (Photo: IANS)

बिहार विधानसभा चुनाव का मिथभंजन और यथार्थ Myths and realities of Bihar assembly elections नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल से भिन्न बिहार की विकास दर निश्चित तौर पर आकर्षित करने वाली है बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों (Results of Bihar assembly elections) ने सबको मुसीबत में डाल दिया है। इस बार के चुनाव परिणाम जो कुछ कह रहे हैं, वह सतह …

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इतिहास लहूलुहान, पन्ना दर पन्ना खून का सैलाब! लहुलुहान फिजां है लहुलुहान स्वतंत्रता लहुलुहान संप्रभुता लहूलुहान

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

पलाश विश्वास मर्डर इन द कैथेड्रल गीति नाट्य विधा में लिखी गयी अंग्रेज कवि और आलोचक नोबेल पुरस्कार विजेता टीएस इलियट की अत्यंत प्रासंगिक कृति है। रवीन्द नाथ टैगोर ने भी चंडालिका, श्यामा, रक्तकरबी, शाप मोचन जैसे गीति नाट्य लिखे हैं और उनका मंचन भी बेहद लोकप्रिय हैं। लेकिन गीतांजलि के मुकाबले रवींद्र की दूसरी रचनाओं की तरह उनके गीति …

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इस वध के खिलाफ जो भी बोले, उसे पाकिस्तान भेज दिया जायेगा और संत वाणी है कि इसी तरह जनसंख्या घट जायेगी भारत की

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

सहिष्णुता अरब वसंत का वज्रनिर्घोष! बाकीर आपरेशन ब्लू स्टार! या बंगाल की राजनीति की वैदिकी हिंसा, जो हिंसा न भवति। #Controversy Promo के धर्म अधर्म अपकर्म में काहे को फंसे हो भइया, सबसे बड़ा रुपइया सहिष्णुता अबाध पूंजी प्रवाह की। सहिष्णुता एफडीआई, सहिष्णुता बेरोजगारी, भुखमरी मंहगाई.मंहगाई की अखंड बा। संपूर्ण निजीकरण, संपूर्ण विनिवेश की सहिष्णुता ह। जहरीला हवा पानी, सहिष्णुता …

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मौलाना आज़ाद : एक राष्ट्रवादी मुसलमान के जीवन की झलक

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

हिंदू राष्ट्रवादी और मुस्लिम लीग के सदस्य, ब्रिटिश साम्राज्यवाद के समर्थक थे केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने हाल में फरमाया कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ‘‘मुसलमान होने के बावजूद राष्ट्रवादी और मानवतावादी थे’’। यह एक निहायत बेहूदा वक्तव्य था, जो मंत्री महोदय के मुसलमानों के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाता है। मंत्रीजी का शायद यह मानना …

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