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आपकी नज़र

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित किया

Ajit Pawar after oath as Deputy CM

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित किया महाराष्ट्र के वर्तमान घटना-क्रम के खास सबक  Special lessons of current events of Maharashtra फासीवाद जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है, महाराष्ट्र में यह सत्य फिर एक बार नग्न रूप में सामने आया है। ऐसा साफ लगता है कि …

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तो नाकारा विपक्ष को भूलकर तैयार करना होगा नया नेतृत्व

Amit Shah Narendtra Modi

तो नाकारा विपक्ष को भूलकर तैयार करना होगा नया नेतृत्व नई दिल्ली। कुछ भी हो महाराष्ट्र में जिस तरह से देवेन्द्र फडनवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली (Devendra Fadnavis sworn in as Chief Minister and Ajit Pawar as Deputy Chief Minister in Maharashtra), उससे यह तो स्पष्ट हो गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी …

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मोदी के गुब्बारे में सुई चुभो दी शिव सेना ने – महाराष्ट्र में भारतीय राजनीति का टूटता हुआ गतिरोध 

uddhav thackeray

मोदी के गुब्बारे में सुई चुभो दी शिव सेना ने – महाराष्ट्र में भारतीय राजनीति का टूटता हुआ गतिरोध  महाराष्ट्र में कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेताओं के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रहे बैठक के दौर के बाद शिव सेना के साथ गठबंधन सरकार बनने के आसार बढ गए हैं। आज इस संबंध में घोषणा की …

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तो फिर देश का भी निजीकरण करके बेच दो मोदी जी

Modi in UNGA

तो फिर देश का भी निजीकरण करके बेच दो मोदी जी लोकतंत्र में सरकारें क्यों बनती हैं Why governments are formed in a democracy लोकतंत्र में सरकारें इसलिए बनती हैं कि देश को संविधान के दायरे में रहकर एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ चलाया जा सके। देश को चलाने में सरकारी विभागों के साथ ही सरकारी कंपनियों को सुचारू रूप …

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जिन्होंने कानूनों का मखौल बनाते हुए मस्जिद गिराई, उनकी इच्छा पूरी की उच्चतम न्यायालय ने ?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

जिन्होंने कानूनों का मखौल बनाते हुए मस्जिद गिराई, उनकी इच्छा पूरी की उच्चतम न्यायालय ने ? राज्य की देखरेख में बनेगा रामजन्मभूमि मंदिर छह दिसंबर 1992 की तरह, 9 नवम्बर 2019 भी भारत के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया है. छह दिसंबर को दिन-दहाड़े जो मस्जिद गिरा दी गयी उसकी रक्षा करने का लिखित आश्वासन भाजपा नेता …

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अयोध्या विवाद : सर्वोच्च न्यायालय ने देश को गृह युद्ध की स्थिति से तो बचा लिया लेकिन…

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

अयोध्या विवाद : सर्वोच्च न्यायालय ने देश को गृह युद्ध की स्थिति से तो बचा लिया लेकिन… मुसलमानों में अलग-थलग पड़ जाने का एहसास देश के लिए घातक है The feeling of isolation among Muslims is fatal for the country भारत की राजनीति और समाजी ताने बाने को घुन की तरह चाट रहे अयोध्या के बाबरी मस्जिद राम मंदिर विवाद में …

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मरजाने चाँद के सदके… मेरे कोठे दिया बारियाँ…

Chand Kavita

….कार्तिक पूर्णिमा की शाम से.. वो गंगा के तट पर है… मौजों में परछावे डालता.. सिरते दीप को निहारता.. सुर्ख़ आँखों वाला चाँद.. कच्ची नींद का जागा झींका.. माथे पर ढेर सी रोलियों का टीका… मन्नतों के धागे सँवारे.. आरतियाँ सर से वारे… धुआं-धुआं अगरबत्तियों की ख़ुशबू में गुम.. दौनों में तरते फूलों को चूम… अर्घ्य के छिड़के जल से …

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आज की तारीख में काला दिवस के रूप में मने प्रेस दिवस

national press day राष्ट्रीय प्रेस दिवस

आज की तारीख में काला दिवस के रूप में मने प्रेस दिवस आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस है (Today is national press day)। मेरे कई साथी जो मीडिया समूह में मालिकान और संपादकों की चाटुकारिता करते हुए मीडिया की जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं, उनमें से काफी मुझे नकारात्मक सोच का व्यक्ति बताने लगे हैं। मैं उनसे ही पूछता हूं …

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#AyodhyaVerdict : मायूस होने की जगह चीजों को समझने और आगे बढ़ने की जरूरत है

Babri Masjid. (File Photo: IANS)

#AyodhyaVerdict : मायूस होने की जगह चीजों को समझने और आगे बढ़ने की जरूरत है 9 नवम्बर 2019 को बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सरल लोगों की उम्मीद के विपरीत जो यह समझते थे कि राजनीतिक राम का विवाद समाप्त हुआ, अब आगे बढ़ने की जरूरत है लेकिन केरल जैसे राज्य में सुप्रीम …

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सरदार पटेल बनाम झूठों के संघी सरदार

भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल (First Home Minister of India, Sardar Vallabhbhai Patel)

सरदार पटेल बनाम झूठों के संघी सरदार हमारे देश के किसी भी प्रमुख राजनैतिक नेता द्वारा भारत के प्रथम गृह मंत्री, सरदार वल्लभ भाई झावर भाई पटेल (Sardar Vallabh Bhai Jhawar Bhai Patel) जैसे क़द्दावर नेता के वारिस होने का सपना देखना एक स्वाभाविक बात है। मरते दम तक कांग्रेस से जुड़े रहने वाले सरदार की पूजनीय हैसियत रही है …

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अयोध्या पर अदालत के फैसले पर सवाल उठाना क्यों जरूरी है

Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।

अयोध्या पर अदालत के फैसले पर सवाल उठाना क्यों जरूरी है अयोध्या फैसला : अल्पसंख्यकों से शिकायत करने का अधिकार भी छीन लेने के लिए ही न कोई जीता न कोई हारा का उपदेश अयोध्या समाधान : जबरा मारे, रोने न दे अचरज की बात नहीं है कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले (Supreme Court verdict on Ayodhya …

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जनता के राम, जनता के हवाले : विहिप ने ने मंदिर निर्माण के नाम पर करोड़ों का जो चंदा वसूला है उसे वह तुरंत भारत सरकार के खजाने में जमा कराए

Jagadishwar Chaturvedi at Barabanki

जनता के राम, जनता के हवाले : विहिप ने ने मंदिर निर्माण के नाम पर करोड़ों का जो चंदा वसूला है उसे वह तुरंत भारत सरकार के खजाने में जमा कराए It becomes the responsibility of the central government that no VHP person be placed in the trust अब राममंदिर केन्द्र सरकार निर्मित ट्रस्ट बनाएगा। मंदिर की जगह भी कोर्ट …

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संघ के लोग तो अनपढ़ता के मास्टर हैं, उनके जमाने में शिक्षा का ढांचा टूटना है, जेएनयू उदाहरण है

JNU photo tweeted bu Umar Khalid

संघ के लोग तो अनपढ़ता के मास्टर हैं, उनके जमाने में शिक्षा का ढांचा टूटना है, जेएनयू उदाहरण है RSS’s future agenda of education is nationalism, spiritualism, Indianism, Hinduism and illiteracy. आरएसएस का शिक्षा का भावी एजेण्डा है राष्ट्रवाद, अध्यात्मवाद, भारतीयता, हिन्दुत्व और अनपढ़ता। उसके बाद सारा देश मूल्यभक्ति से सराबोर हो जाएगा!! मीडिया इस मूसलाधार मूल्य वर्षा में जेएनयू …

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महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी की सरकार !

uddhav thackeray

महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी की सरकार ! सिद्धांत और व्यवहार की इस अनोखी गुत्थी पर एक नोट A note on the unique kink of theory and practice अभी जब हम यह लिख रहे हैं, कांग्रेस कार्यसमिति महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी की सरकार को समर्थन देने, न देने के सवाल पर किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचने के लिये मगजपच्ची कर रही है। यह …

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अयोध्या का फैसला और भाजपा : क्या इस फैसले से भाजपा खुश होगी?

BJP Logo

अयोध्या का फैसला और भाजपा : क्या इस फैसले से भाजपा खुश होगी? अयोध्या के रामजन्मभूमि मन्दिर के सम्बन्ध में बहुप्रतीक्षित फैसला (Supreme Court verdict regarding Ayodhya’s Ram Janmabhoomi temple) आ चुका है। राजनीतिक चतुरों ने इस विवाद को ‘रामजन्म भूमि मन्दिर’ विवाद से ‘राम मन्दिर विवाद’ में प्रचारित कर दिया था, और सवाल करते थे कि बताओ अयोध्या में …

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लॉर्डशिप ! असाधारण इतिहास पुरुष हो गए हैं आप। बस एक जजमेंट आपको एक और करना है वह है मि.गोगोई द्वारा जस्टिस गोगोई का निर्णय।

Supreme Court Chief Justice Ranjan Gogoi

लॉर्डशिप ! असाधारण इतिहास पुरुष हो गए हैं आप। बस एक जजमेंट आपको एक और करना है वह है मि.गोगोई द्वारा जस्टिस गोगोई का निर्णय। क्या हुआ तेरा वादा ! कहा था, हम सम्पत्ति के स्वामित्व और आधिपत्य तक सीमित रहेंगे । जज बदलने पर जजमेंट भी बदलते हैं न ! लॉर्डशिप ! असाधारण इतिहास पुरुष हो गए हैं आप। इतिहास …

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#AyodhyaVerdict : राजनीति के सामने कानून का आत्म-समर्पण

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

#AyodhyaVerdict : राजनीति के सामने कानून का आत्म-समर्पण #AyodhyaVerdict : आधुनिक समाज के विवेक को नहीं, कब्जे की वास्तविकता को सर्वोच्च न्यायालय ने तरजीह दी है बाबरी मस्जिद रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें Highlights of Supreme Court’s decision on Babri Masjid Ramjanmabhoomi dispute न्याय, सद्भाव, मानवीय मर्यादा और सभी धार्मिक विश्वासों के प्रति समानता के …

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बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि प्रकरण : फैसले की घड़ी आ पहुंची है, उम्मीद है उन्या. का निर्णय, संविधान और कानून के राज को मजबूत करेगा

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि प्रकरण : फैसले की घड़ी आ पहुंची है, उम्मीद है उन्या. का निर्णय, संविधान और कानून के राज को मजबूत करेगा अठारह नवम्बर को भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति (Chief Justice of India Ranjan Gogoi‘s retirement) के पूर्व बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के फैसले की घोषणा (Supreme Court verdict announced in Babri …

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370 के बाद का कश्मीर – झूठ और दुष्प्रचार की अति

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

370 के बाद का कश्मीर – झूठ और दुष्प्रचार की अति कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद से तीन माह बीत चुके हैं (Three months have passed since the removal of Article 370 of the Constitution from Kashmir.)। इस प्रक्रिया में स्थापित विधि को दरकिनार कर, लोकसभा में अपने बहुमत का लाभ उठाते हुए भाजपा सरकार …

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कांग्रेस का नया कॉरपोरेट अवतार : कांग्रेस को बर्बाद करके छोड़ेंगी जेएनयू की टोली, जिनको कांग्रेस कार्यकर्ता गुलाम लगता है

congress

कांग्रेस का नया कॉरपोरेट अवतार : कांग्रेस को बर्बाद करके छोड़ेंगी जेएनयू की टोली, जिनको कांग्रेस कार्यकर्ता गुलाम लगता है देश की राजनीति में जातियों का प्रभाव रहा है और अभी अगले 100 साल तक रहने बाला है। राजनीतिक दलों का राजनीतिक व धार्मिक जनाधार है यह सच्चाई है जिससे कोई इंकार नहीं कर सकता। सब राजनीतिक दलों ने समय …

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पूरा देश अराजकता से जूझ रहा है, देश के कर्णधारों ने राम भरोसे छोड़ दिया है देश और समाज को

दिल्ली में आईटीओ मुख्यालय पर पुलिसकर्मियों का विरोध प्रदर्शन Protests by policemen at ITO headquarters in Delhi

पूरा देश अराजकता से जूझ रहा है, देश के कर्णधारों ने राम भरोसे छोड़ दिया है देश और समाज को The whole country is battling anarchy : In the dispute that started in Delhi’s Tis Hazari Court, both the police and lawyers have expressed their strength. दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट से शुरू हुए विवाद में पुलिस और वकीलों दोनों की …

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और भी शहर हैं इस मुल्क में दिल्ली के सिवा ?

India news in Hindi

और भी शहर हैं इस मुल्क में दिल्ली के सिवा ? राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फैले ख़तरनाक वायु प्रदूषण की ख़बरें अभी लगभग सभी राष्ट्रीय टीवी चैनल्स पर चलनी कम भी नहीं हुई थीं कि अचानक दिल्ली में  गत 2 नवंबर को तीस हज़ारी से शुरू हुए पुलिस -वकील संघर्ष ने दिल्ली के वायु प्रदूषण के समाचार की जगह ले …

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अधिवक्ताओं के खिलाफ गोदी मीडिया का दुष्प्रचार अभियान

अधिवक्ता और पुलिस संघर्ष, Advocate and police conflict,

अधिवक्ताओं के खिलाफ गोदी मीडिया का दुष्प्रचार अभियान अधिवक्ता और पुलिस संघर्ष (Advocate and police conflict) दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन पुलिस की ज्यादतियों के खिलाफ (Against police brutality) कोई उचित फोरम न होने के कारण आये दिन संघर्ष की स्थिति पैदा हो जाती है। मूल समस्या को देखने के बजाय टुकड़ो-टुकड़ों में समस्या का समाधान करने की कोशिश के कारण आये …

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मोदीजी, यही अगर एकीकरण है तो विभाजन क्या होगा ? पटेल की जयंती पर देश के बंटवारे का दृश्य !

Modi in UNGA

मोदीजी, यही अगर एकीकरण है तो विभाजन क्या होगा ? पटेल की जयंती पर देश के बंटवारे का दृश्य ! सरदार पटेल के नाम पर झूठ बोलने से मोदीजी को कौन रोक सकता है मोदी सरकार ने बहत्तर साल के इतिहास को पलट कर, आखिरकार एक नया इतिहास रच दिया। सरदार पटेल के 144वें जन्म दिन पर, उस जम्मू-कश्मीर के …

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अगला हफ़्ता सुप्रीम कोर्ट के नाम होगा, हमें न्याय और सत्य की  स्वतंत्र भूमिका का इंतज़ार रहेगा

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

अगला हफ़्ता सुप्रीम कोर्ट के नाम होगा, हमें न्याय और सत्य की  स्वतंत्र भूमिका का इंतज़ार रहेगा The next week will be in the name of the Supreme Court, we will wait for the independent role of justice and truth भ्रष्ट मुख्यमंत्री येदीयुरुप्पा जैसे ही दिखाई दे रहे थे वकील हरीश साल्वे सुप्रीम कोर्ट का जज दूध पीता बोध-शून्य बच्चा …

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अर्जुन सिंह भदौरिया : समाजवादी आंदोलन के क्रांतिकारी कमांडर

History of Freedom Struggle: Commander Arjun Singh Bhadauria's contribution to freedom movement in Chambal Valley

अर्जुन सिंह भदौरिया : समाजवादी आंदोलन के क्रांतिकारी कमांडर स्वतंत्रता संग्रामी और समाजवादी नेता अर्जुन सिंह भदौरिया 22 मई को संसार से चले गए। उन्हें डॉ. लोहिया ने कमांडर कहना आरम्भ किया था और तब से सभी लोग श्रद्धा और प्रेम से कमांडर कहकर ही पुकारते थे। कमांडर साहब ने आजादी की जंग पूरी ताकत, जोश, कुर्बानी के जज़्बे से …

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क्या वाकई मजबूरी का नाम महात्मा गांधी है? भाजपा के मुख में गांधीजी व दिल में गोडसे ?

Mahatma Gandhi 1

क्या वाकई मजबूरी का नाम महात्मा गांधी है? भाजपा के मुख में गांधीजी व दिल में गोडसे ? जब भी किसी काम की मजबूरी होती है तो महात्मा गांधी को याद किया जाता है। याद है न ये जुमला – मजबूरी का नाम महात्मा गांधी। यह जुमला कब और किसने फैंका, कैसे ईजाद हुआ, इसका तो पता नहीं, मगर अब …

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1984 सिख क़त्ले-आम को जायज़ ठहराने वाले आरएसएस विचारक अब ‘भारत रत्न’ हैं!

Nana ji Deshmukh article on 1984 Sikh mascare

1984 सिख क़त्ले-आम को जायज़ ठहराने वाले आरएसएस विचारक अब ‘भारत रत्न’ हैं! इंसान अभी तक ज़िंदा है, ज़िंदा होने पर शर्मिंदा है। [सांप्रदायिक हिंसा पर नागरिक समाज की चुप्पी पर शाहीद नदीम की पंक्तियाँ। गीत जिस में यह पंक्तियाँ हैं, को लिखने और गाने के जुर्म में नदीम को पाकिस्तान की कठमुल्लावादी ज़िया सरकार ने चालीस कोड़े लगवाए थे।] …

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.इस छोर… ढूँढता हूँ मैं … गुमशुदा ख़ुशियों का सिरा … उस छोर मेरी तलाश में है … इक गाँव सिरफिरा….

Gaon ka kosa

ऊँची रिहायशी बिल्डिंगों की खिड़कियों से झाँकूँ तो शहर बौना लगता है… चींटियों सी रेंगती कारें और खिलौने से मकाँ.. हवाओ के सफ़र से मैं भी मानने लगा हूँ कि क़द बढ़ गया है मेरा… कुछ लोग मेरे मयार के नहीं रहे.. झुक कर मिलूँ तो ओहदों को फ़र्क़ पड़ता है.. बेवजह नहीं मिलता अब मैं किसी से… पुराने दोस्तों …

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कायरता छोड़ो, आगे बढ़ो उद्धव ठाकरे, जनता तो मोदी-शाह को ठुकरा चुकी है

uddhav thackeray

कायरता छोड़ो, आगे बढ़ो उद्धव ठाकरे, जनता तो मोदी-शाह को ठुकरा चुकी है क्या शिव सेना इतिहास की चुनौती को स्वीकार कर आगे बढ़ेगी या बीजेपी के दरवाज़े पर बंधे पालतू जीव की भूमिका अपनायेगी ! महाराष्ट्र के हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों (Maharashtra’s recent assembly election results) पर हमारी पहली प्रतिक्रिया यह थी कि “महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना की जीत …

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संविधान, कोर्ट और विचारधारा : अगर जज बन गए साल्वे तो संविधान तेरा क्या होगा ?

Karan Thapar Harish Salve talk on The Wire

संविधान, कोर्ट और विचारधारा : शुद्ध मिथ्याचारी और हंसी के पात्र प्रतीत हो रहे थे साल्वे Karan Thapar’s conversation on The Wire with well-known constitutional expert Harish Salve about Kashmir, Article 370, the federal structure of the Indian state and fundamental rights of the citizen. आज ही ‘द वायर’ पर कश्मीर, धारा 370, भारतीय राज्य का संघीय ढांचा और नागरिक …

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मोदीजी इंदिरा जी कुर्बानी को छिपा नहीं सकते, श्री मती गांधी की कुर्बानी तो देश की फिक्स्ड डिपोजिट है

Indira Gandhi

मोदीजी इंदिरा जी कुर्बानी को छिपा नहीं सकते, श्री मती गांधी की कुर्बानी तो देश की फिक्स्ड डिपोजिट है Modiji cannot hide Indira ji sacrifice कल्पना कीजिए आज के ही दिन श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या (Assassination of indira gandhi) के बजाय किसी आरएसएस सदस्य पीएम की हत्या हुई होती तो क्या आज मोदी सरकार पटेल पटेल जप रही होती …

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कश्मीर बताता है कि भारत सुरक्षित हाथों में नहीं विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है !

Narendra Modi new look

कश्मीर बताता है कि भारत सुरक्षित हाथों में नहीं विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है ! कश्मीर बताता है कि भारत कैसे विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है ! मोदी दिन प्रतिदिन कश्मीर की पूरी बर्बादी की कहानी रच रहे हैं। ओफ ! कश्मीर अब पूरी तरह से एक जुनूनी ताकतवर व्यक्ति की विध्वंसकता का शिकार बन चुका …

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सावरकर को भारत रत्न ! फिर तो जिन्ना को भी मिलेगा !

Will Savarkar get Bharat Ratna only for Gaddari from Quit India Movement

आरएसएस / भाजपा के भारत–रत्न उम्मीदवार सावरकर ने 1942 में मुस्लिम लीग के साथ साझा सरकारों चलाईं विनायक दामोदर सावरकर की अध्यक्षता में हिंदू महासभा ने 1942 में अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन का दमन करने के लिए निर्लज्जता पूर्वक अपने अंग्रेज़ आक़ाओं का साथ दिया था। बरतानिया साम्राज्य के साथ उनका यह ‘उत्तरदायी सहयोग’ महज़ सैद्धांतिक क़ौल तक ही सीमित …

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महाराष्ट्र और हरियाणा : यह मोदी-शाह की साफ हार है, मीडिया भाजपा की चिरौरी छोड़े

Amit Shah Narendtra Modi

महाराष्ट्र और हरियाणा : यह मोदी-शाह की साफ हार है, मीडिया भाजपा की चिरौरी छोड़े The emotional balloon of nationalism has exploded in the assembly elections महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजों की अगर एक वाक्य में व्याख्या (interpretation of results of Maharashtra and Haryana assembly elections) की जाए तो कहा जा सकता है कि इन चुनावों में नरेन्द्र …

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सिख संगठनों का आरोप – आरएसएस की बयानबाजी से देश विभाजित होगा

RSS Half Pants

भारत एक हिन्दू राष्ट्र नहीं है – सिख संगठन आरएसएस के चिंतक और नेता लगातार यह कहते आए हैं कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है। जाहिर है कि इस पर धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर सिक्खों और मुसलमानों, के अतिरिक्त भारतीय संविधान में आस्था रखने वालों को भी गंभीर आपत्ति है। इस साल दशहरे पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने एक …

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जब मोदी-आरएसएस से देश को खतरा नहीं है तो ओवैसी से कैसे खतरा हो सकता है!

Jagadishwar Chaturvedi on Haryana elections

जब मोदी-आरएसएस से देश को खतरा नहीं है तो ओवैसी से कैसे खतरा हो सकता है! नरेंद्र मोदी अकेले पीएम हैं जिन्होंने जनादेश को धनादेश के जरिए बार बार पलटा है। धनादेश और शासकीय आतंक से दो अस्त्र हैं उनके पास, इनके जरिए वे रोज लोकतंत्र की जड़ों में मट्ठा डाल रहे हैं। मोदी शासन में जिस तरह गुलाम भाषा, …

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बाज़ार में पसरा… ये जश्न.. किसका जश्न है…? कोई मामूली बात नहीं… यह राम की घर वापसी का प्रश्न है

Dr. Kavita Arora on Deepawali Diya

बड़ी हसरत से तकते हैं शक्लों को मिट्टी के दिये… बाज़ार के कोनों से… और फिर उदासी ओढ़ कर सोचते हैं अक्सर… क्या उस नदी ने झूठ बोला था… इक उम्र तलक सरयू ने बांची..कथा राम की… बनबास राम का… और राम का लौटना… उसने रोज़ कहा… किस तरह वो जगमगाहटों का आधार बने थे .. इक सीता की पालकी …

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लिंचिंग करने वाली भीड़ न केवल मानवता वरन् हिंदू धर्म की भी कब्र खोद रहीं हैं

Irfan Engineer

मॉब लिंचिंग की वकालत Advocating mob lynching आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने 8 अक्टूबर 2019 को अपने वार्षिक दशहरा संबोधन (Annual Dussehra address by RSS chief Mohan Bhagwat) में कहा कि लिंचिंग की अवधारणा (Lynching concept) भारतीय नहीं है. उन्होंने एक विदेशी शब्द, ‘लिंचिंग’, के प्रयोग पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि जिसे लिंचिंग बताया जा रहा है, दरअसल, …

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किसी शाह-मोदी की जरूरत नहीं, लड़कपन सलाहकार, भ्रष्ट और मैनेज हो जाने वाले कर्ता धर्ता कांग्रेस का बेड़ा गर्क करने के लिये पर्याप्त हैं

bjp vs congress

किसी शाह-मोदी की जरूरत नहीं, लड़कपन सलाहकार, भ्रष्ट और मैनेज हो जाने वाले कर्ता धर्ता कांग्रेस का बेड़ा गर्क करने के लिये पर्याप्त हैं हरियाणा और महाराष्ट्र में सत्ताधारी भाजपा एग्जिट पोल्स के अनुसार फिर सरकार बनाने जा रही है। बावजूद इसके कि महाराष्ट्र में किसान बहुत आक्रोशित थे और वहां से किसानों के आत्म हत्या करने की खबरें आ रही …

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देह-विमर्श के मसालों और सेहतमंद स्त्रीवादी मसालों में फर्क क्या है

अनिल कुमार पुष्कर : कवि और आलोचक

स्त्रीवादी बनाम देहवादी विमर्श पर एक टिप्पणी A commentary on feminist versus sexist discourse हिन्दुस्तान में कई तरह के मसालों को बनाने की तमाम विधियाँ लम्बे समय से ईजाद की जाती रही हैं. जिस तरह मसालों की सूची में संसद से पारित स्पाईस बोर्ड में शामिल कुल 52 मसाले हैं और आइएसओ की सूची में 109 मसाले हैं. यहाँ तक …

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मित्रों ! मार्क्सवाद को जान तो लो ! ध्यान रहे देश में लोकतंत्र संकट में है क्रांति नहीं

Karl Marx

फेसबुक पर युवाओं की सक्रियता खुशी देती है और उनकी तेज प्रतिक्रिया ऊर्जा देती है लेकिन यदि वह प्रतिक्रिया मार्क्सवादी विभ्रमों और विकृतियों की शिकार हो या वामपंथी बचकानेपन की शिकार हो तो मार्क्स-एंगेल्स का पाठ फिर से पढ़ने -पढ़ाने को मजबूर करती है। Excitement of internet Marx lovers हमारे नेट मार्क्स प्रेमियों की उत्तेजना यदि सच में सही है …

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आरएसएस/भाजपा के भारत रत्न प्रत्याशी सावरकर ने भारत छोड़ो आंदोलन कुचलने में अंग्रेज़ों का साथ दिया

Will Savarkar get Bharat Ratna only for Gaddari from Quit India Movement

अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत 7 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने बम्बई में अपनी बैठक में एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पारित किया जिसमें अंग्रेज शासकों से तुरंत भारत छोड़ने की मांग की गयी थी। कांग्रेस का यह मानना था कि अंग्रेज सरकार को भारत की जनता को विश्वास में लिए बिना किसी भी जंग में भारत को …

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सावरकर के लिए भारत रत्न की वकालत ! आरएसएस/भाजपा ने अपनी राष्ट्र-विरोधी विरासत की ही पुष्टि की

Savarkar apologized to the British rulers six times

अँगरेज़ शासकों से सावरकर ने छह बार क्षमा माँगी Savarkar apologized to the British rulers six times आरएसएस के राजनैतिक जेबी संगठन भाजपा ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (अक्तूबर 21, 2019 को मतदान) में जारी अपने संकल्प पत्र में हिंदुत्व विचारधारा के जनक, वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने का वादा किया है। उनके साथ दलित आंदोलन के मूल दिग्गज सिद्धांतकारों …

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पकड़ा गया सरदार पटेल पर संघ-मोदी का झूठ

भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल (First Home Minister of India, Sardar Vallabhbhai Patel)

आखिर, किस मुंह से संघ-मोदी कहते हैं कि सरदार पटेल उनके थे; इस बात का कहीं कोई प्रमाण तो है नहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) और भाजपा-दोनों सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabh Bhai Patel) को अपनी विचारधारा वाला बताने की कोशिश में लगातार लगे रहते हैं। वे यह भी जताने के प्रयास में रहते हैं कि कांग्रेस …

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न्यू इंडिया : बेगैरत बादशाह की गुलाम जनता

कहने को तो देश में लोकतंत्र है (There is democracy in the country), पर जो व्यक्ति सत्ता पर काबिज है वह अपने आप को राजतंत्र के किसी बादशाह से कम नहीं समझा रहा है। जनता से चुने गये जनप्रतिनिधियों द्वारा चुना गया यह बादशाह बेगैरत भी इतना कि देश कितना भी गर्त में चला जाए, जिम्मेदार लोगों द्वारा कितना भी …

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छलावा है आरएसएस का महिला सशक्तिकरण, क्या संघ का चरित्र और प्रकृति बदल रही है?

आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat) ने हाल में विदेशी समाचारपत्रों और मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक प्रेस वार्ता में कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 (Article 370) के हटाये जाने, असम में एनआरसी (NRC in Assam), नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) और राममंदिर सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. भागवत ने इन मुद्दों पर …

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गीता, आरएसएस और नेहरू : क्या संघ परिवार आज किसी संकट से गुजर रहा है ?

Geeta RSS and Nehru Is the Sangh Parivar going through a crisis today

भाजपा-आरएसएस के सत्ता में आने के बाद श्रीमद्भगवद्गीता (Shrimad Bhagavad Gita) को लेकर देश में अचानक बहस हो रही है और इस बहस को पैदा करने में संघ समर्थित संतों-महंतों और-मीडिया की बड़ी भूमिका है। इवेंट बनेगा तो मीडिया हो-हल्ला होगा! इवेंट बनाना मासकल्चर का अंग है जबकि गीता संस्कृति का अंग है। गीता जयन्ती (Geeta Jayanti) के मौके पर …

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क्या भारत अध्यात्म की भूमि है या धार्मिक कट्टरपंथियों का यातना-गृह ?

Has India slid into an irreversible Talibanization of the mind

प्रसिद्ध भाषाशास्त्री जी एन देवी (G.N. Devy) बीती दो अक्तूबर से उपवास पर हैं। वे भारत के, खास तौर पर महाराष्ट्र, बंगाल, तमिलनाडू, केरल, गुजरात और पंजाब के भारतीय नवजागरण के क्षेत्र के नौजवानों से पूछ रहे हैं कि क्या वे शादी के वक्त जाति और धर्म के बंधनों को भूलने के लिये तैयार हैं ? जिस दिन उन्हें कम …

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गृह मंत्री संविधान और अपनी शपथ का ध्यान रखें, देश में डर का माहौल बना रहे हैं अमित शाह

Amit Shah

एक वर्ग को डराना अच्छा नहीं अमित शाहजी गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) यह भूल जाते हैं कि अब वह केवल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President of Bharatiya Janata Party) नहीं बल्कि देश के गृह मंत्री भी हैं, यही नहीं वह शायद यह भी भूल जाते हैं कि सांसद और फिर केंद्रीय मंत्री के …

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मणिपुर में एनआरसी और नागरिकता संशोधन विधेयक का नाम लेने से अमित शाह को डर लगता है ?

Chittorgarh: BJP chief Amit Shah addresses during a public meeting in Chittorgarh, Rajasthan, on Dec 3, 2018

पूर्वोत्तर भारत में एनआरसी और नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध (Opposition to NRC and Citizenship Amendment Bill in Northeast India) हो रहा है। मणिपुर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं। अमित शाह ने मणिपुर में इन विषयों पर ज़बान नहीं खोली। प्रस्तावित नागरिकता संशोधन विधेयक में एनआरसी में अनागरिक घोषित होने वाले हिंदु, सिख, ईसाई और जैन धार्मिक समूहों को …

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कश्मीर के लॉक डाउन को दो साल खींचना चाहते हैं मोदी ! जुनूनी मनोरोगी ग़ुरूर में जीया करता है

Amit Shah Narendtra Modi

कश्मीर किधर ! ऐसा लगता है कि मोदी कश्मीर के लॉक डाउन (Kashmir lock down) को कम से कम दो साल तक चलाना चाहते हैं। उन्हें आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे सख़्त और साहसी प्रशासक का ख़िताब हासिल करना है और वह इंदिरा गाँधी के 19 महीने के आपातकाल को मात दिये बिना कैसे संभव होगा ! साहसी दिखने का …

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गाँधी के देश में गोडसे का महिमामण्डन ?

Godse's glorification in Gandhi's country?

कृतज्ञ राष्ट्र इस वर्ष अपने परम प्रिय राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर गांधीवादी विचारधारा तथा गाँधी दर्शन को लेकर पुनः चर्चा छिड़ गयी है। हिंसा, आक्रामकता, सांप्रदायिकता, ग़रीबी तथा जातिवाद के घोर विरोधी गाँधी को देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इसलिए भी अधिक शिद्दत से याद किया जाता रहा है …

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मोदी ट्रंप का चुनाव प्रचार करने ह्यूस्टन गए? अच्छी हरकत नहीं ये

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

अमेरिका के ह्यूस्टन में पचास हजार भारतीयों के बड़े व ऐतिहासिक जलसे में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी को भले ही मोटे तौर पर दोनों देशों के संबंध मजबूत होने के रूप में देखा गया हो, मगर मोदी के, अगली बार ट्रंप सरकार, के नारे ने यह संदेह उत्पन्न कर दिया है कि मोदी …

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सुनो ‘हाउडी मोदी’ वाले ट्रंप जी केवल गाँधी ही भारत के राष्ट्रपिता हैं

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

अमरीका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम (Howdy Modi event held in Houston, USA) एक से अधिक कारणों से चर्चा का विषय बन गया है. जिस समय मोदी फरमा रहे थे कि “आल इज़ वेल इन इंडिया” (All is well in india), उसी समय हजारों प्रदर्शनकारी, भारत के असली हालात के बारे में बात कर रहे थे. अमरीकी राष्ट्रपति …

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‘गांधी’ को ठेंगा दिखा रहा मॉब लिंचिंग के खिलाफ पीएम को पत्र लिखने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा

Law and Justice

‘गांधी’ को ठेंगा दिखा रहा मॉब लिंचिंग के खिलाफ पीएम को पत्र लिखने वाली शख्सियतों पर देशद्रोह का मुकदमा कटघरे में न्यायपालिका Judiciary in the dock गजब खेल चल रहा है देश में एक ओर देश गांधी जी की 150वीं जयंती (150th birth anniversary of Gandhiji) मनाकर अहिंसा का संदेश () दे रहा है वहीं दूसMessage of non-violenceरी ओर जो …

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साम्प्रदायिकता के स्वरूप – एक वायरल वीडियो का सच

Virendra Jain वीरेन्द्र जैन, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार व स्तंभकार हैं।

साम्प्रदायिकता के स्वरूप – एक वायरल वीडियो का सच Nature of communalism – the truth of a viral video इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें सीआरपीएफ की आरक्षक बतायी गयी एक लड़की खुश्बू चौहान मानव अधिकारों सम्बन्धी किसी वाद विवाद प्रतियोगिता (Khushboo Chauhan Human Rights Debate Contest,) में मानव अधिकारवादियों के विपक्ष में बोल रही है। इस …

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अब चुनाव सिर्फ़ युद्ध है राष्ट्रवाद के नाम पर! विकास का गर्भपात कर राष्ट्रवाद का जुमला

Kanhmun: An elderly woman shows her inked finger after casting her vote for the Mizoram Assembly elections in Kanhmun, Mizoram on Nov 28, 2018. (Photo: IANS)

70 साल विभिन्न सरकारों ने देश का निर्माण किया. आज देश को देश बनाने वाले पस्त हैं. हमेशा से देश को तोड़ने वाले सत्ता पर काबिज़. दरअसल भूमंडलीकरण के पहले मध्यम वर्ग ने अपने पूरे जीवन में इतना पैसा नहीं देखा था, जो उनकी संतानों ने मनमोहन सिंह के दस सालों में देखा. मैनेजमेंट, आईटी सेक्टर में कैंपस में ही …

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गांधी के हत्यारों का स्वांग : गांधी को शैतान की औलाद बताने वाले और गांधी के हत्यारे एक सुर में गीत गा रहे हैं

Mahatma Gandhi murder

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या के बाद अब उनके हत्यारे विचारों की हत्या कर उनका मजाक बना रहे हैं। जनता कुपोषण और भुखमरी का शिकार हो रही है दूसरी तरफ शौचालय निर्माण युद्ध स्तर पर हो रहे हैं, बगैर खाए शौचालय इस्तेमाल योजना चल रही है। भारी संख्या में नौकरी पेशा लोगों की नौकरियां छीनी जा रही  हैं। भारी …

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क्या जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा गांधी के नाम पर होना चाहिए?

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

कल (1 अक्टूबर 2019) ‘हिंद स्वराज : नवसभ्यता विमर्श‘ के लेखक वीरेंद्र कुमार बरनवाल के साथ कार में कुछ देर सफ़र करने का अवसर मिला. हम दोनों को दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर (South Campus of Delhi University) जाना था, जहां उन्हें ‘गांधी और साहित्य‘ (Gandhi and literature) विषय पर बोलना था. कई तरह की बातों के बीच चर्चा जेवर …

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सत्याग्रही संपादक गांधी : मीडिया को फ़िर से पत्रकारिता बनाने की लड़ाई कलम के नाम उधार है

Mahatma Gandhi 1

“यदि यह विचारधारा सच हो, तो दुनिया के कितने समाचारपत्र इस कसौटी पर खरे उतर सकते हैं? लेकिन निकम्मों को बंद कौन करे? कौन किसे निकम्मा समझे? उपयोगी और निकम्मे दोनों साथ-साथ ही चलते रहेंगे। उनमें से मनुष्य को अपना चुनाव करना होगा।” There are many challenges facing journalism in the country today. आज देश में पत्रकारिता के सामने कई …

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प्रकाश भी थे और प्रकाश स्तंभ भी महात्मा गांधी

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

महात्मा गांधी – विराट व्यक्तित्व को समझने की अधूरी कोशिश… The great personality of Mahatma Gandhi महात्मा गांधी के विराट व्यक्तित्व की थाह पाना असंभव है। विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर उनके सहचर मित्र थे तो उपन्यास सम्राट प्रेमचंद उनके अनुयायी। ”युद्ध और शांति” के कालजयी लेखक लेव टॉल्सटाय से उन्होंने प्रेरणा ली तो ”ज्यां क्रिस्तोफ” जैसी महान कृति के उपन्यासकार रोम्यां …

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नया भारत – नए आयकन – नए राष्ट्रपिता? मोदी ने खुद अपने आप को किस तरह हास्यास्पद बनाया है

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस (Amrita Fadnavis, wife of Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis) पिछले दिनों एक अलग किस्म के विवाद में उलझी दिखीं। दरअसल जनाब नरेन्द्र मोदी की सालगिरह (Narendra Modi’s anniversary) पर अपने ट्विटर पर उन्होंने जो बधाई सन्देश में उन्हें जिस तरह ‘फादर आफ अवर कंट्री‘ (Father of our country) अर्थात ‘हमारे देश …

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गांधीजी- राजनीति और समाजसेवा की परस्परता

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

गांधी पिछली सदी के महानतम नेताओं में से एक थे। अपने समय के सबसे सशक्त साम्राज्यवाद के साथ उन्होंने सहज ढंग से उपलब्ध साधनों से ऐसी लड़ाई लड़ी है कि उनके शत्रु भी उनसे खीझते भले रहे हों पर उनकी निन्दा करने का अवसर नहीं पाते थे। एक अति सहनशील और परिवर्तनों के प्रति उदासीन समाज को लड़ाई में साथ …

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गांधी से दूर और गोडसे के करीब आता न्यू इंडिया! : हुक्मरान बदले हैं हालात नहीं।

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

आज जब देश को आजाद हुए मात्र सात दशक पूरे हुए हैं, महात्मा गांधी की प्रासंगिकता (Relevance of Mahatma Gandhi) पुनः महसूस होने लगी है। गांधीजी ने उस साम्राज्य से भारत को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई जिनके बारे में कहावत थी कि उनका कभी सूर्यास्त होता ही नहीं था और क्रूरता, दमन और शोषण जिनकी नीति थी। बन्दूक …

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गाँधीजी अपना मैला साफ़ करते थे, न्यू इंडिया स्वच्छ भारत वाले ‘फादर ऑफ नेशन’ कर सकेंगे ऐसा ?

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

गाँधी का रास्ता? न्यू इंडिया तुमसे ना हो पाएगा। सुनो नए भारत के नए लोगों। तुम बाज़ारवाद में डूबे लोग, तुम क्या लालच को और अपनी उपभोग की इच्छा को नियंत्रित कर सकोगे? तुम्हारे नेता और अफसर जंगलों को काटकर विकास लाने के इच्छुक हैं, तुम इंसानों के साथ बर्ताव तो सही कर ना रहे हो तुम पृथ्वी के बारे …

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सियासत में सब जायज क्यों है ? अभी हमारे पास कोई नायक नहीं है जिसे आगे चलकर लोकनायक बनाया जा सके

Alpesh Thakor

मैंने पिछले दिनों मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव (Madhya Pradesh Assembly by-election) में कांग्रेस के प्रत्याशी चयन को लेकर कहा था की कांग्रेस बंजर हो रही है, आज यही जुमला मै भाजपा के लिए भी इस्तेमाल करने जा रहा हूँ। भाजपा के गढ़ गुजरात में भी भाजपा बंजर नजर आने लगी है, क्योंकि उसके पास अपने प्रत्याशी नहीं हैं इसलिए यहां भी …

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लोकसंघर्ष : मनुष्य की वधशालाओं की पोल खुली

CBI

सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक एन. पी. मिश्रा (CBI Deputy Superintendent of Police N. P. Mishra) ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक ए. के. भटनागर ने झारखंड में 14 निर्दोष लोगों को फर्जी एनकाउंटर करके मार डाला था (CBI joint director A.K. Bhatnagar killed 14 innocent people in Jharkhand by fake encounter) । मरने …

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बेटे से बतरस : डेढ़ सदी के बाद फजीहत/ किससे मांगें आदर बेटा

Modi Gandhi ji

बेटे से बतरस : डेढ़ सदी के बाद फजीहत/ किससे मांगें आदर बेटा ************ वे नेशन के फादर बेटा करके बने अनादर बेटा * उनके पांव बहुत हैं लंबे छोटी निकली चादर बेटा * माफी मांग रहे बापू से हम सब देखो सादर बेटा * बोलें या फिर करें खुदकशी समझे नहीं बिरादर बेटा * चौतरफा थू-थू ,थू थू- थू …

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देश को कश्मीर बनाओ !!

Amit Shah Narendtra Modi

पीएम मोदी और आरएसएस (PM Modi and RSS) को मिलकर देश के सभी विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं को हमेशा के लिए जेल में डाल देना चाहिए!! ये सभी लोग बेहद घटिया, लुटेरे, भ्रष्ट आदि हैं!! भ्रष्ट लोगों की जगह जेल है। देश को इस समय पीएम मोदी और आरएसएस की सख्त जरूरत है। घट-घट से उठी आवाज विपक्ष को मारो हजार …

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कुछ सवाल, हर देशभक्त भारतवासी को हिंदुत्व गिरोह से पूछने चाहिएं

Shamsul Islam was Associate Professor, Department of Political Science, Satyawati College, University of Delhi.

 जब भी मैं लोकतांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष भारत की रक्षा में अल्पसंख्यकों, दलितों, महिलाओं और मजदूर वर्ग के उत्पीड़न के खिलाफ लिखता हूं, मेरे द्वारा उठाए गए मुद्दों और सवालों का जवाब देने के बजाए हिंदुत्व टोली मुझ पर वयक्तिगत हमले करते हैं जिनका एक ही मक़सद होता है कि मुझे अपमानित किया जाए. उनके लिए मेरा नाम और धर्म (जिनके तय करने …

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हाउडी मोदी : भारत की स़मस्याओं से किनारा करने के लिए मोदी की जबर्दस्त नौटंकी

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

नरेन्द्र मोदी ने अमरीका के ह्यूस्टन में डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में जबरदस्त नौटंकी (Howdy modi) की। वहां मौजूद लगभग पचास हजार लोगों ने दोनों नेताओं के जयकारे लगाए। दोनों ने एक-दूसरे की तारीफ की और दोनों ने ‘इस्लामिक आतंकवाद’ (Islamic terrorism) और पाकिस्तान को कोसा। यह सच है कि पश्चिम एवं दक्षिण एशिया में आतंकवाद (Terrorism in West and …

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अगर माफी ‘वीर’ सावरकर प्रधानमंत्री बने होते तो !

Veer Savarkar

यह सोचना मासूमियत की पराकाष्ठा होगी कि चुनावों के ऐन मौके पर शिवसेना सुप्रीमो द्वारा सावरकर का यह महिमामंडन स्वत:स्फूर्त किस्म का था। एक तरफ, उसका मकसद था इस भावनात्मक मुद्दे को उठा कर कुछ वोट और हासिल किए जाएं; दूसरे, इस मराठी आयकन का शिवसेना द्वारा प्रोजेक्शन करके एक तरह से ‘सीनियर सहयोगी’ भाजपा को असुविधाजनक स्थिति में डालने …

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भारत ने युद्ध नहीं बुद्ध दिए, पर मोदी के तो आदर्श ट्रम्प हैं बुद्ध नहीं

Modi in UNGA

ट्रंप का जो व्यक्ति प्रचार करे वह बुद्ध का कभी अनुयायी नहीं हो सकता पीएम मोदी ने अपने साढ़े पांच साल के कार्यकाल में भारतीय उपमहाद्वीप में शांति स्थापना के लिए कोई पहल नहीं की, उलटे पहले के शांतिप्रिय माहौल को पाकिस्तान के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए खराब किया है। यह वे शांति के पक्षधर कभी नहीं रहे, उन्होंने हमेशा …

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कश्मीर : दुर्भाग्य ये नहीं कि गोडसेवादी सत्ता में हैं, दुर्भाग्य ये है कि संविधान का रक्षक उच्चतम न्यायालय मौन है

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

यह कश्मीर में क्या हो रहा है? What is happening in Kashmir? ‘पेशे से वकील होने के नाते आप की विचारधारा कठोर है, क्योंकि आप क्रिमिनल केस लड़ते हैं जो विभिन्न अदालतों में अलगाववादियों के खिलाफ विचाराधीन है। ‘ विषय है…. आप बार एसोसिएशन का दुरुपयोग कर रहे हैं जिससे संवैधानिक प्रणाली में दिए गए दर्जे के मुताबिक सम्मान के …

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सब अच्छा है, सब चंगा है : असली मुजरिम तो तख्तो-ताज पर सवार है

Chinmayanand with Modi Yogi

22 सितंबर, 2019 को भारत के प्रधान मंत्री अमेरिका में आठ भाषाओं में इस वक्तव्य को दुहराते हैं कि ‘भारत में सब अच्छा है, सब चंगा है’। प्रधान मंत्री जिस दिन हाउडी, हाउडी कर रहे थे उसी दिन झारखंड के खूंटी जिले में प्रधान मंत्री के सगोत्र संगठनों के लोगों द्वारा पीट-पीट कर एक विकलांग व्यक्ति की जान ले ली …

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मॉब लिंचिंग : क्या अन्ना आंदोलन से समाज को भीड़तंत्र और अराजकता की तरफ ले जाने की शुरूआत हुई ?

Anna Hazare Arvind Kejriwal

वर्तमान भारतीय समाज का एक बड़ा तबका जो आबादी के आधार पर बहुसंख्यक है।  वह आबादी तेजी से पर-पीड़ा सुखदायी समाज की ओर बढ़ता जा रहा है। हर दिन हमें संचार व समाचार-पत्रों में अल्पसंख्यक के उपर हमलों व उनकी निर्मम हत्या की खबरें आ रही हैं। यह सभी घटनाएं एक उन्मादी भीड़ के जरिये की जा रही हैं, जिस …

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सुभाष राय की चिंताओं, सरोकार और लेखकीय दृष्टि से परिचित कराती एक पुस्तक ‘ जाग मछन्दर जाग’

'जाग मछन्दर जाग' वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि सुभाष राय की दूसरी पुस्तक है।

( ‘जाग मछन्दर जाग‘ वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि सुभाष राय की दूसरी पुस्तक है। इसके पहले बोधि प्रकाशन से प्रकाशित उनका कविता संग्रह ‘सलीब पर सच‘ काफी चर्चित रहा। ‘जाग मछन्दर जाग’ अमन प्रकाशन कानपुर से प्रकाशित है। इस पुस्तक पर हिंदी के जाने- माने आलोचक प्रोफेसर अरुण होता की एक टिप्पणी प्रस्तुत है।) कहा जाता है कि शिवजी पार्वती …

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खंगाली जाए सत्तारूढ़ व विपक्षी दलों के मुख्य नेताओं की राजनीतिक कुंडली

राजनीति में चोर-चोर मौसेरे भाई की कहावत अक्सर सुनने को मिलती है। इसका मतलब है कि लगभग सभी राजनीतिक दलों के मुख्य नेता कहीं न कहीं भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि सरकारी कोषों में भले ही पैसा न हो पर विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने अथाह संपत्ति अर्जित कर रखी है। लोकतंत्र …

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‘मैं एक कारसेवक था’ : आत्मकथा के बहाने मानवता की जरूरी लड़ाई की किताब !!

Main Ek Karsewak Tha book by Bhanwar Meghwanshi

“मेरी कहानियां, मेरे परिवार की कहानियां – वे भारत में कहानियां थी ही नहीं. वो तो ज़िंदगी थी.जब नए मुल्क में मेरे नए दोस्त बने, तब ही यह हुआ कि मेरे परिवार के साथ जो हुआ, जो हमने किया, वो कहानियां बनीं. कहानियां जो लिखी जा सकें, कहानियां जो सुनाई जा सकें.” – सुजाता गिडला ( भारतवंशी अमरीकी दलित लेखक, …

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हिन्दू राष्ट्रवाद के कैदखाने में बंद कश्मीर : जरूरत राष्ट्रवाद की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक नजरिए की है

Jagadishwar Chaturvedi

संसद ने हिन्दू राष्ट्रवाद के परिप्रेक्ष्य में अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म करके नया संवैधानिक संकट पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर कश्मीर की जनता के सामने अस्तित्व का संकट (The existence crisis in front of the people of Kashmir) पैदा किया है। कश्मीर की 70 लाख आबादी 50 दिनों से घरों में कैद है। उनका धंधा चौपट हो …

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तो एनआरआई के लिए कब्र खोद आए मोदीजी ? Howdy Modi NRI के लिए खतरे की घंटी

Thousands gather at NRG Park to protest Modi-Trump rally

हाउडी मोदी में मोदी जी ने कहा ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ (Abki Bar Trump Sarkar) यह भारतीय मूल के अमेरिकी निवासियों के लिए खतरे की घंटी है. कोई भी सार्वभौमिक देश अपने यहाँ के चुनावों में किसी भी देश की दखल बर्दाश्त नहीं कर सकता. मोदी जी की नीतियों ने देश का हर मोर्चे पर बंटाधार किया है चाहे रोज़गार …

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भारत में चल रहे कानून के वास्तविक चरित्र को परिभाषित करेगा बाबरी मस्जिद-राममंदिर मामला

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

सर्वोच्च न्यायालय में बाबरी मस्जिद विवाद पर अभी लगातार सुनवाई (Continuous hearing on the Babri Masjid dispute in the Supreme Court) चल रही है। इस देश में एनआरसी की जंग को छेड़ने वाले अभी के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई की पांच सदस्यों की संविधान पीठ इसमें लगी हुई है। मुख्य न्यायाधीश नवंबर महीने में सेवा-निवृत्त होने वाले हैं। वे इसके …

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झारखंड लिंचिंग और आदिवासियों का हाशियाकरण

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

तथ्यांवेषण रिपोर्ट : पुलिस की लापरवाही इस मामले में पुलिस की भूमिका अत्यंत निंदनीय रही है। पीड़ितों को लगभग तीन घंटे तक बेरहमी से पीटा जाता रहा परंतु पुलिस उन्हें बचाने घटनास्थल पर नहीं पहुंची। सरोज हैबराम ने दल को बताया कि भीड़ के कुछ सदस्यों ने पुलिस को घटनास्थल पर आकर पीड़ितों को गिरफ्तार करने के लिए कहा था. …

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ह्यूस्टन में मोदी के पाखंड – 50 दिन में कश्मीर जाकर कश्मीरियों से मिलने के लिए समय निकाल नहीं पाए

Trump got 16 percent

पीएम अब तक 50 दिन में कश्मीर जाकर कश्मीरियों से मिलने के लिए समय निकाल नहीं पाए, लेकिन अमेरिका में कश्मीरी पंडितों से मिलने का उनको समय मिल गया ! सवाल यह है कश्मीरी कहां रहते हैं ? कश्मीर में या अमेरिका में ? 370 हटाने के बहाने जुल्म कश्मीर में हो रहा है या अमेरिका में ! पीएम ! …

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बीबीसी : निर्भीक पत्रकारिता का सर्वोच्च स्वर

BBC

इस समय विश्व का अधिकांश भाग हिंसा, संकट, सत्ता संघर्ष, साम्प्रदायिक व जातीय हिंसा तथा तानाशाही आदि के जाल में बुरी तरह उलझा हुआ है। परिणाम स्वरूप अनेक देशों में आम लोगों के जान माल पर घोर संकट आया हुआ है। मानवाधिकारों का घोर हनन (Gross violation of human rights) हो रहा है। लाखों लोग विस्थापित होकर अपने घरों से …

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दक्षिणपंथ के सामने नतमस्तक नाकारा विपक्ष

Lucknow: Samajwadi Party (SP) chief Akhilesh Yadav greets Bahujan Samaj Party (BSP) chief Mayawati on her 63rd birthday in Lucknow, on Jan 15, 2019. (Photo: IANS)

देश में तमाम जनविरोधी कानून (Anti-people law) और लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था (Deteriorating law and order) के खिलाफ चुप्पी साधे हुए विपक्ष के आत्मसमर्पण (Opposition surrender) ने यह सिद्ध कर दिया है कि यह सब एजेंट के तौर पर काम करने वाले लोग थे जिनकी राजनीतिक समझ उतनी ही थी जितने टुकड़े उनके हिस्से में आये। सामाजिक न्याय आंदोलन (Social …

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कॉरपोरेट जगत के चौकीदार नाकारा मोदी ने देश को भारी संकट में डाल दिया है

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

चाकर रहसूं, बाग लगासूं नित उठ दर्शन पासूं। श्याम ! मने चाकर राखो जी ! कॉरपोरेट भक्त सरकार की आर्त विनती 19 सितंबर 2019 के दिन को भारतीय पूंजीवाद के इतिहास के ऐसे स्वर्णिम दिन (Golden days of the history of Indian capitalism) के रूप में याद किया जायेगा जब भारत के कॉरपोरेट जगत ने अपनी ताकत का भरपूर परिचय …

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गुजरात के गधे : लेकिन राजा से कहा था बारिश होगी, बारिश होगी, बारिश होगी

सुबोध सरकार (Subodh Sarkar) सभापति, बांग्ला कविता अकादेमी, कोलकाता

गुजरात के गधे  Asses of gujrat                 राजा का मन खराब है, रात को नींद नहीं कोई सुनता नहीं बात, पुलिस को गोली चलाने को कहा है पुलिस चुन-चुनकर गोली मार रही है फिर से घुटने का दर्द बढ़ा है.   ऐसे वक्त में राजा का मन चाहता है शिकार पर चलें.   जंगल …

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दीदी के बोलो – इस देश का कवि न्याय मांगता है आपसे

Didi ke Bolo

दीदी के बोलो – [यह जिंदगीनामा किस्तों में चलेगा, तब तक जब तक मेरे खिलाफ हुई साजिश का अंत और इन्तेहाँ नहीं होता इन मुश्किलों का,,, – अनिल पुष्कर]  Series of Cold Blooded Murder – Part One सुनिए ध्रितिकान्तो! ओनली रिवेंज – हैरिटेज में मुन्नी और सात चौकीदार – एक   सुनिए ध्रितिकान्तो ! यह एम. मित्रा. की  कथा नहीं …

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धर्म में राजनीति की घुसपैठ ने बदल दिया मूर्ति पूजा का उद्देश्य

Virendra Jain वीरेन्द्र जैन, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार व स्तंभकार हैं।

मूर्तियों का आकार : गत दिनों भोपाल में गणेश की एक विशालकाय मूर्ति का विसर्जन करते हुए नाव पलट गयी थी (Bhopal Boat Accident News) और उसमें बारह युवा असमय ही मृत्यु का शिकार हो गये। ऐसे में जैसा कि होता है सत्ता में बैठे नेताओं ने जनभावनाओं के अनुरूप मुआवजे की बड़ी राशि देने की घोषणा करते हुए मृतक के …

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कॉरपोरेट के सामने मोदी जी की सारी हेकड़ी ढीली हो गई, चाबुक सिर्फ गरीब पर

Gautam Adani and Narendra Modi

भारत के कॉरपोरेट (Corporate of india) के सामने मोदी जी की सारी हेकड़ी ढीली हो गई है। पिछले कई दिनों से वित्त मंत्रालय में कॉरपोरेट के लोगों का जो ताँता लगा हुआ था, वह असरदार साबित हुआ है। पिछले बजट तक में कॉरपोरेट को कोई छूट नहीं देने का जो रौब गाँठा गया था, वह अब पानी-पानी हो चुका है। …

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मोदी सरकार में बढ़ गया बीफ का निर्यात, देश के आधे बूचड़खाने योगीराज यूपी में ! भाजपा के लिए गाय मात्र वोट बैंक

PM Modi to launch nationwide animal healthcare campaign from Mathura – vrindavan

देश में भाजपा की सरकार (BJP government) बनने के बाद जमीनी मुद्दे लगभग गौण हो गये हैं। चारों ओर धर्म-जाति के साथ भावनात्मक मुद्दों का बोलबाला है। मोदी शासनकाल (Modi reign) में सबसे ज्यादा जो मुद्दा गर्माया है वह गाय का रहा है। देश में ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया कि गाय हिंदूओं की पूजनीय है और मुस्लिम …

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परिवार न होने का दुख : आखिर हम जीते क्यों हैं ॽ परिवार के लिए या समाज के लिए ॽ

Jagadishwar Chaturvedi

भारत में मध्यवर्ग-निम्न-मध्य वर्ग में परिवार का होना सामान्य बात है। लेकिन आयरनी देखिए मैंने जब से होश संभाला, परिवार एकसिरे से दुर्लभ चीज होकर रह गया। मैं जब बहुत छोटा था। तब ही हमारा संयुक्त परिवार टूट गया। परिवार में ताई के दबाव में बंटवारा हुआ। जिस समय बंटवारे की प्रक्रिया आरंभ हुई उस समय पूर्वमध्यमा प्रथम वर्ष यानी …

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जीतकर भी हार गए अमित शाह, बाबा भारती और डाकू खड़ग सिंह की कहानी भूल गए : मोदी

Chittorgarh: BJP chief Amit Shah addresses during a public meeting in Chittorgarh, Rajasthan, on Dec 3, 2018

संघीय सरकार के लिए राज्यों का भरोसा, 370 से ज्यादा जरूरी है संघीय ढांचे को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि राज्यों का केंद्र की बात और नियत पर भरोसा बना रहे. लेकिन, जिस तरह से मोदी सरकार (Modi government) एक के बाद एक राज्यों के हितों के खिलाफ फैसले (Decisions against the interests of the states) ले रही …

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माणिक वर्मा : दर्जी से सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार बनने तक का संघर्षशील सफर

Famous Hasya Kavi Manik Verma Died

श्रद्धांजलि स्मृति शेष माणिक वर्मा माणिक वर्मा (Manik Verma) मंचों पर उस दौर के व्यंग्यकारों में शामिल हैं जब छन्द मुक्त व्यंग्य विधा को स्वतंत्र स्थान मिलने लगा था। एक ओर हास्य कविता में काका हाथरसी, निर्भय हाथरसी, गोपाल प्रसाद व्यास रमई काका शैल चतुर्वेदी हुल्लड़ मोरादाबादी आदि थे तो दूसरी ओर देवराज दिनेश, माणिक वर्मा, सुरेश उपाध्याय, ओम प्रकाश …

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बढ़ते प्रदूषण का हल नहीं सम-विषम योजना

Arvind Kejriwal

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air pollution in the capital Delhi) से निपटने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal) ने एक बार फिर सम-विषम योजना (Odd-even scheme) शुरू करने की बात कह कर दिल्ली जनता की परेशानियां बढ़ाने का निश्चय किया है। सम-विषम योजना 2016 में दो बार लागू की गई थी। लेकिन उस वक्त भी नतीजों …

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संवेदनात्मक ज्ञान को चरितार्थ करती पुस्तक “जिन्हें जुर्मे इश्क पे नाज था”

Virendra Jain वीरेन्द्र जैन, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार व स्तंभकार हैं।

समीक्षा – जिन्हें जुर्मे इश्क पे नाज था मुक्तिबोध ने कहा था कि साहित्य संवेदनात्मक ज्ञान है। उन्होंने किसी विधा विशेष के बारे में ऐसा नहीं कहा अपितु साहित्य की सभी विधाओं के बारे में टिप्पणी की थी। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि जिस रचना में ज्ञान और संवेदना का संतुलन है वही साहित्य की श्रेणी में आती …

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कारपोरेट राजनीति के बदलाव का गांधीवादी तरीका

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने पर कई संजीदा साथियों ने गहरी चिंता व्यक्त की कि नरेंद्र मोदी की एक बार फिर जीत संविधान और लोकतंत्र के लिए बहुत बुरा संकेत है. पिछले पांच सालों के दौरान धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील साथियों से यह बात अक्सर सुनने को मिलती है कि हम बहुत बुरे समय से गुजर रहे हैं; संकट बहुत …

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ऋणम कृत्वा घृतम पीवेत : किसके लिए है यह बेल-आउट पैकेज

Modi Air India

पिछले पांच सालों में देश की घरेलू बचत दर (The country’s domestic savings rate in the last five years) में जीडीपी (GDP) के छह प्रतिशत के बराबर गिरावट आई है। वर्ष 2012 में यह तेईस दशमलव छह प्रतिशत थी, जो आज सत्रह प्रतिशत से भी कम रह गई है। घरेलू बचत गिरेगी, तो देश की कुल बचत में भी गिरावट …

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एक पूर्व संघ-कार्यकर्ता कारसेवक की आपबीती है मैं एक कारसेवक था

Main Ek Karsewak Tha book by Bhanwar Meghwanshi

“में कहता हूँ आँखिन देखी” की तर्ज़ पर यह एक पूर्व संघ-कार्यकर्ता कारसेवक की आपबीती है “मैं एक कारसेवक था” (Main Ek Karsewak Tha book by Bhanwar Meghwanshi)। यह किताब उन सब को पढ़नी चाहिए, जो संघ को भीतर से समझना चाहते हैं। ख़ासतौर पर संघ के कार्यकर्ताओं को ! यह क़िताब संगठन निर्माण की उन बारीकियों के बारे में …

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हमारी पत्रकारिता के पतन की पराकाष्ठा, धिक्कारिये इस तरह के नेताओं और पत्रकारों को

Imran Khan with Narendra Modi

कुबूलनामा ? हमारी पत्रकारिता के पतन की पराकाष्ठा देखिये। आज ‘अमर उजाला‘ की हैड लाइन है – ‘इमरान का कुबूलनामा, जंग हुई तो भारत से हार जायेगा पाकिस्तान’ और सब टाइटिल है – ‘पारंपरिक जंग के परमाणु युद्ध में बदलने की गीदड़ भभकी’ । खबर को भीतर पढ़ने पर इमरान को इस तरह कोट किया गया है – ‘मेरा मानना …

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अब उन्हें जिन्दा रहने के लिए खून चाहिए, मुझे लगता है युद्ध होगा !

WASHINGTON, Nov. 20, 2018 (Xinhua) -- U.S. President Donald Trump speaks to reporters before departing from the White House in Washington D.C., the United States, on Nov. 20, 2018. Donald Trump has submitted written answers to questions from Special Couns

मुझे लगता है युद्ध होगा ! पूरी दुनिया में असफल पूंजीवाद ने राष्ट्रवाद की शरण ली हुई है (Unsuccessful capitalism has taken refuge in nationalism)। राष्ट्रवादी विचारों के जरिये वे जितना चूस पा रहे हैं श्रमजीवियों को चूस रहे हैं। अब उन्हें जिन्दा रहने के लिए खून चाहिए। ईरान, उत्तर कोरिया, हांगकांग, काश्मीर नई वेदियां हैं। युद्धों के लिए राष्ट्रीय …

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अनुच्छेद 370 : मोदी सरकार का झूठ बेनकाब

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

अनुच्छेद 370 : प्रचार बनाम सच Article 370: Propaganda vs truth अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के भाजपा सरकार के निर्णय (BJP government’s decision to remove Articles 370 and 35A) को सही ठहराने के लिए एक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, लंबे समय से आरएसएस के एजेंडे (RSS agenda) में रहा है और राम मंदिर व …

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हिंदी अंग्रेजी में तू-तू, मैं-मैं की वार

14 सितंबर को हिंदी दिवस (Hindi Diwas on 14 september) के मौके पर कई बुद्धजीवियों ने अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। हिंदी के सम्मान (Honor of hindi) के लिए लंबे चौड़े भाषण का भी प्रयोग हुआ। स्कूल से लेकर सोशल मीडिया तक हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में मंच को दुल्हन की तरह सजाया गया। इन तमाम चीज़ों को देखकर मन …

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हिंदी दिवस पर अपने जीवन की लड़ाई हार गए हिंदी के सिपाही कौशलेंद्र प्रपन्न

Kaushlendra Prapanna

खबर मिली कि कौशलेंद्र प्रपन्न (Kaushlendra Prapanna) अपने जीवन की लड़ाई हार गए। शिक्षा में सुधार के लिए लेख लिखना उन्हें जीवन पर भारी पड़ा। उनका लेख था कि दिल्ली नगर निगम के शिक्षक चाह कर भी क्यों नहीं पढ़ा पाते। यह लेख सिर्फ उस व्यवस्था पर टिप्पणी था जिसके चलते अच्छे शिक्षक कक्षा में पढ़ा नहीं पाते हैं। यह …

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मैं तो हिन्दी के बिना जी नहीं सकता, पर सरकार को जलसे की जरूरत क्यों है ॽ

Jagadishwar Chaturvedi

आज 14 सितम्बर है। सारे देश में केन्द्र सरकार के दफ्तरों में हिन्दी दिवस का दिन है। सरकार की आदत है वह कोई काम जलसे के बिना नहीं करती। सरकार की नजर प्रचार पर होती है वह जितना हिन्दी भाषा में काम करती है, उससे ज्यादा ढोल पीटती है। सरकार को भाषा से कम प्रचार से ज्यादा प्रेम है, हम …

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जन भावनाओं की दुहाई देने वाली मोदी सरकार को कश्मीरियों की भावनाओं से डर लगता है

Amit Shah Narendtra Modi

जन भावनाओं की दुहाई देने वाली मोदी सरकार को कश्मीरियों की भावनाओं से डर लगता है The Modi government, which is voicing public sentiments, is afraid of the feelings of Kashmiris. भूख और अभाव के बीच कश्मीरी जनता का बीतने वाला हर दिन कश्मीर मामले में सरकार की नाकामी में एक पन्ना जोड़ देता है। यह दास्तान कितनी लम्बी होगी और …

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अंतरिक्ष के रहस्यों से भी ज्यादा रहस्यमयी मीडिया का व्यवहार

Mission Chandrayaan 2

जिस तरह से मिशन चंद्रयान 2 (Mission Chandrayaan 2) को एक मीडिया इवेंट (Media Event) में बदला गया वह चिंतित करने वाला है। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का इतिहास (History of India’s Space Program) गौरवशाली रहा है। हमारे वैज्ञानिकों ने उस समय भी दुनिया को चौंकाने वाली सफलताएं हासिल की थीं जब न तो इतना प्रो एक्टिव राजनीतिक नेतृत्व था …

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एनआरसी : भारत में न्याय का प्रहरी ही न्याय के अघटन का कारण साबित हो रहा

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नई दिल्ली के इंडियन सोसाइटी आफ़ इंटरनेशनल लॉ (Indian Society of International Law in New Delhi) में इसी 8 सितंबर को एक ‘जन पंचायत’ बैठी जिसमें असम में नागरिकता के सवाल (citizenship questions in Assam) पर भारत के कई प्रमुख पूर्व न्यायाधीशों और क़ानून जगत के विद्वानों ने हिस्सा लिया। विचार का विषय था नागरिकता को लेकर इस विवाद की …

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अरे भक्तों, मोदी को असफल कह कौन रहा है ?

After losing contact with Chandrayaan 2, Prime Minister Narendra Modi laying his hand on the back of ISRO chief चंद्रयान 2 से संपर्क टूटने के बाद इसरो प्रमुख (ISRO chief) सीवन की पीठ पर हाथ रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) से संपर्क टूटने के बाद इसरो प्रमुख (ISRO chief) सीवन की पीठ पर हाथ रख कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कहना कि विज्ञान में कभी असफलतायें नहीं होती, विज्ञान में सिर्फ प्रयोग और प्रयास किये जाते हैं, बिलकुल सही है। ऐसा करके उन्होंने न केवल इसरो के वैज्ञानिकों (ISRO scientists) को निराश न होने की …

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फैसल, यह तुमने क्या किया हाय …

Shah Faesal.

विभूति नारायण राय एक बड़ा नाम हैं.. हिंदी लेखन में भी.. एक पुलिस अधिकारी के रूप में भी और वर्धा यूनिवर्सिटी के चांसलर के रूप में भी.. आज इनका लेख -अबूझ नाराजगी का एक नायक- हिंदुस्तान के संपादकीय पृष्ठ पर छपा है.. लेख पूरी तरह लेखकीय सावधानियों, समाचारपत्र के वर्तमान चरित्र के अनुकूल और ‘तुम तो ऐसे न थे’ वाली …

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विडंबना : महान है ये जनता भी, इसे क्रांति चाहिए पर क्रांतिकारी नहीं

CHARAN SINGH RAJPUT चरण सिंह राजपूत, लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुना जाता है कि अन्याय से लड़ने वाले लोग (People fighting injustice) अब नहीं रहे हैं। इन लोगों के अनुसार देश में इतना अन्याय हो रहा है पर इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग बहुत कम हैं। ये सब वे लोग हैं जो यह तो चाहते कि अन्याय के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़ी …

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…तो कश्मीरी किस के हैं? यह कश्मीरियों को बेदखल कर कश्मीर का अपहरण है

Modi sarkar in Kashmir

यह सिर्फ संयोग ही नहीं है कि जिस रोज कश्मीर में सुरक्षा जेलबंदी (Security prison in Kashmir) या कश्मीर में लॉकडाउन ( Lockdown in Kashmir) का एक महीना पूरा हुआ, उसी रोज मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बैंच ने अपनी तरह के एक पहले ही निर्णय में, सीपीआई (एम) के जम्मू-कश्मीर के शीर्ष नेता, यूसुफ तारिगामी को …

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ओछे छद्म देशभक्त इतना भी नहीं जानते कि प्रोफेसर एमिरिटस नौकरी नहीं है

Professor Romila Thapar's books,

जेएनयू प्रशासन (JNU Administration) द्वारा महान इतिहासकार रोमिला थापर (The great historian Romila Thapar) से सीवी मांगने के प्रकरण ने सोशल मीडिया में काफी विवाद पैदा कर दिया है। कई स्वघोषित राष्ट्रवादी ओछेपन की सारी सीमाएं पार कर उनके उम्र और पद के ‘लालच’ का मजाक बनाने में भूल जाते हैं कि सूरज पर थूकने से अपने ही मुंह पर …

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विकास के बदले कश्मीरियों से उनकी आजादी ना मांगो : लालच देकर कश्मीरियों की आजादी खरीदना चाहती है मोदी सरकार

Tum Mujhe Apni Azadi do Main Tumhen Vikas doonga Narendra modi

जब से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने की घोषणा (Declaration to remove Article 370 from Jammu and Kashmir) हुई है तब से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, न्यूज़ चैनल पर आने वाले पार्टी प्रवक्ता और केंद्र सरकार के नुमाइंदे के रूप जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल कश्मीरियों से नौकरी, विकास आदि के वायदे कर रहे हैं. राज्यपाल ने तो वहां शीघ्र ही 50 हजार सरकारी …

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मैं शिक्षक क्यों बना? क्योंकि क्रांति चौराहे पर नहीं थी

Ish Mishra - a Marxist; authentic atheist; practicing feminist; conscientious teacher and honest, ordinary individual, technical illegalities apart.

‘शिक्षक-दिवस‘ की एक फेसबुक पोस्ट (A Facebook post of ‘Teacher’s Day’) पर चर्चाओं का निष्कर्ष यह था कि शिक्षक होना कम लोगों की पहली वरीयता नहीं होती। 20-21 साल में मैंने नौकरी की अपनी प्राथमिकता तय क