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आपकी नज़र

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित किया

Ajit Pawar after oath as Deputy CM

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित किया महाराष्ट्र के वर्तमान घटना-क्रम के खास सबक  Special lessons of current events of Maharashtra फासीवाद जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है, महाराष्ट्र में यह सत्य फिर एक बार नग्न रूप में सामने आया है। ऐसा साफ लगता है कि …

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तो नाकारा विपक्ष को भूलकर तैयार करना होगा नया नेतृत्व

Amit Shah Narendtra Modi

तो नाकारा विपक्ष को भूलकर तैयार करना होगा नया नेतृत्व नई दिल्ली। कुछ भी हो महाराष्ट्र में जिस तरह से देवेन्द्र फडनवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली (Devendra Fadnavis sworn in as Chief Minister and Ajit Pawar as Deputy Chief Minister in Maharashtra), उससे यह तो स्पष्ट हो गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी …

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मोदी के गुब्बारे में सुई चुभो दी शिव सेना ने – महाराष्ट्र में भारतीय राजनीति का टूटता हुआ गतिरोध 

uddhav thackeray

मोदी के गुब्बारे में सुई चुभो दी शिव सेना ने – महाराष्ट्र में भारतीय राजनीति का टूटता हुआ गतिरोध  महाराष्ट्र में कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेताओं के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रहे बैठक के दौर के बाद शिव सेना के साथ गठबंधन सरकार बनने के आसार बढ गए हैं। आज इस संबंध में घोषणा की …

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तो फिर देश का भी निजीकरण करके बेच दो मोदी जी

Modi in UNGA

तो फिर देश का भी निजीकरण करके बेच दो मोदी जी लोकतंत्र में सरकारें क्यों बनती हैं Why governments are formed in a democracy लोकतंत्र में सरकारें इसलिए बनती हैं कि देश को संविधान के दायरे में रहकर एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ चलाया जा सके। देश को चलाने में सरकारी विभागों के साथ ही सरकारी कंपनियों को सुचारू रूप …

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जिन्होंने कानूनों का मखौल बनाते हुए मस्जिद गिराई, उनकी इच्छा पूरी की उच्चतम न्यायालय ने ?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

जिन्होंने कानूनों का मखौल बनाते हुए मस्जिद गिराई, उनकी इच्छा पूरी की उच्चतम न्यायालय ने ? राज्य की देखरेख में बनेगा रामजन्मभूमि मंदिर छह दिसंबर 1992 की तरह, 9 नवम्बर 2019 भी भारत के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया है. छह दिसंबर को दिन-दहाड़े जो मस्जिद गिरा दी गयी उसकी रक्षा करने का लिखित आश्वासन भाजपा नेता …

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अयोध्या विवाद : सर्वोच्च न्यायालय ने देश को गृह युद्ध की स्थिति से तो बचा लिया लेकिन…

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

अयोध्या विवाद : सर्वोच्च न्यायालय ने देश को गृह युद्ध की स्थिति से तो बचा लिया लेकिन… मुसलमानों में अलग-थलग पड़ जाने का एहसास देश के लिए घातक है The feeling of isolation among Muslims is fatal for the country भारत की राजनीति और समाजी ताने बाने को घुन की तरह चाट रहे अयोध्या के बाबरी मस्जिद राम मंदिर विवाद में …

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मरजाने चाँद के सदके… मेरे कोठे दिया बारियाँ…

Chand Kavita

….कार्तिक पूर्णिमा की शाम से.. वो गंगा के तट पर है… मौजों में परछावे डालता.. सिरते दीप को निहारता.. सुर्ख़ आँखों वाला चाँद.. कच्ची नींद का जागा झींका.. माथे पर ढेर सी रोलियों का टीका… मन्नतों के धागे सँवारे.. आरतियाँ सर से वारे… धुआं-धुआं अगरबत्तियों की ख़ुशबू में गुम.. दौनों में तरते फूलों को चूम… अर्घ्य के छिड़के जल से …

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आज की तारीख में काला दिवस के रूप में मने प्रेस दिवस

national press day राष्ट्रीय प्रेस दिवस

आज की तारीख में काला दिवस के रूप में मने प्रेस दिवस आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस है (Today is national press day)। मेरे कई साथी जो मीडिया समूह में मालिकान और संपादकों की चाटुकारिता करते हुए मीडिया की जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं, उनमें से काफी मुझे नकारात्मक सोच का व्यक्ति बताने लगे हैं। मैं उनसे ही पूछता हूं …

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#AyodhyaVerdict : मायूस होने की जगह चीजों को समझने और आगे बढ़ने की जरूरत है

Babri Masjid. (File Photo: IANS)

#AyodhyaVerdict : मायूस होने की जगह चीजों को समझने और आगे बढ़ने की जरूरत है 9 नवम्बर 2019 को बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सरल लोगों की उम्मीद के विपरीत जो यह समझते थे कि राजनीतिक राम का विवाद समाप्त हुआ, अब आगे बढ़ने की जरूरत है लेकिन केरल जैसे राज्य में सुप्रीम …

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सरदार पटेल बनाम झूठों के संघी सरदार

भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल (First Home Minister of India, Sardar Vallabhbhai Patel)

सरदार पटेल बनाम झूठों के संघी सरदार हमारे देश के किसी भी प्रमुख राजनैतिक नेता द्वारा भारत के प्रथम गृह मंत्री, सरदार वल्लभ भाई झावर भाई पटेल (Sardar Vallabh Bhai Jhawar Bhai Patel) जैसे क़द्दावर नेता के वारिस होने का सपना देखना एक स्वाभाविक बात है। मरते दम तक कांग्रेस से जुड़े रहने वाले सरदार की पूजनीय हैसियत रही है …

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अयोध्या पर अदालत के फैसले पर सवाल उठाना क्यों जरूरी है

Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।

अयोध्या पर अदालत के फैसले पर सवाल उठाना क्यों जरूरी है अयोध्या फैसला : अल्पसंख्यकों से शिकायत करने का अधिकार भी छीन लेने के लिए ही न कोई जीता न कोई हारा का उपदेश अयोध्या समाधान : जबरा मारे, रोने न दे अचरज की बात नहीं है कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले (Supreme Court verdict on Ayodhya …

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जनता के राम, जनता के हवाले : विहिप ने ने मंदिर निर्माण के नाम पर करोड़ों का जो चंदा वसूला है उसे वह तुरंत भारत सरकार के खजाने में जमा कराए

Jagadishwar Chaturvedi at Barabanki

जनता के राम, जनता के हवाले : विहिप ने ने मंदिर निर्माण के नाम पर करोड़ों का जो चंदा वसूला है उसे वह तुरंत भारत सरकार के खजाने में जमा कराए It becomes the responsibility of the central government that no VHP person be placed in the trust अब राममंदिर केन्द्र सरकार निर्मित ट्रस्ट बनाएगा। मंदिर की जगह भी कोर्ट …

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संघ के लोग तो अनपढ़ता के मास्टर हैं, उनके जमाने में शिक्षा का ढांचा टूटना है, जेएनयू उदाहरण है

JNU photo tweeted bu Umar Khalid

संघ के लोग तो अनपढ़ता के मास्टर हैं, उनके जमाने में शिक्षा का ढांचा टूटना है, जेएनयू उदाहरण है RSS’s future agenda of education is nationalism, spiritualism, Indianism, Hinduism and illiteracy. आरएसएस का शिक्षा का भावी एजेण्डा है राष्ट्रवाद, अध्यात्मवाद, भारतीयता, हिन्दुत्व और अनपढ़ता। उसके बाद सारा देश मूल्यभक्ति से सराबोर हो जाएगा!! मीडिया इस मूसलाधार मूल्य वर्षा में जेएनयू …

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महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी की सरकार !

uddhav thackeray

महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी की सरकार ! सिद्धांत और व्यवहार की इस अनोखी गुत्थी पर एक नोट A note on the unique kink of theory and practice अभी जब हम यह लिख रहे हैं, कांग्रेस कार्यसमिति महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी की सरकार को समर्थन देने, न देने के सवाल पर किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचने के लिये मगजपच्ची कर रही है। यह …

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अयोध्या का फैसला और भाजपा : क्या इस फैसले से भाजपा खुश होगी?

BJP Logo

अयोध्या का फैसला और भाजपा : क्या इस फैसले से भाजपा खुश होगी? अयोध्या के रामजन्मभूमि मन्दिर के सम्बन्ध में बहुप्रतीक्षित फैसला (Supreme Court verdict regarding Ayodhya’s Ram Janmabhoomi temple) आ चुका है। राजनीतिक चतुरों ने इस विवाद को ‘रामजन्म भूमि मन्दिर’ विवाद से ‘राम मन्दिर विवाद’ में प्रचारित कर दिया था, और सवाल करते थे कि बताओ अयोध्या में …

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लॉर्डशिप ! असाधारण इतिहास पुरुष हो गए हैं आप। बस एक जजमेंट आपको एक और करना है वह है मि.गोगोई द्वारा जस्टिस गोगोई का निर्णय।

Supreme Court Chief Justice Ranjan Gogoi

लॉर्डशिप ! असाधारण इतिहास पुरुष हो गए हैं आप। बस एक जजमेंट आपको एक और करना है वह है मि.गोगोई द्वारा जस्टिस गोगोई का निर्णय। क्या हुआ तेरा वादा ! कहा था, हम सम्पत्ति के स्वामित्व और आधिपत्य तक सीमित रहेंगे । जज बदलने पर जजमेंट भी बदलते हैं न ! लॉर्डशिप ! असाधारण इतिहास पुरुष हो गए हैं आप। इतिहास …

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#AyodhyaVerdict : राजनीति के सामने कानून का आत्म-समर्पण

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

#AyodhyaVerdict : राजनीति के सामने कानून का आत्म-समर्पण #AyodhyaVerdict : आधुनिक समाज के विवेक को नहीं, कब्जे की वास्तविकता को सर्वोच्च न्यायालय ने तरजीह दी है बाबरी मस्जिद रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें Highlights of Supreme Court’s decision on Babri Masjid Ramjanmabhoomi dispute न्याय, सद्भाव, मानवीय मर्यादा और सभी धार्मिक विश्वासों के प्रति समानता के …

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बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि प्रकरण : फैसले की घड़ी आ पहुंची है, उम्मीद है उन्या. का निर्णय, संविधान और कानून के राज को मजबूत करेगा

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि प्रकरण : फैसले की घड़ी आ पहुंची है, उम्मीद है उन्या. का निर्णय, संविधान और कानून के राज को मजबूत करेगा अठारह नवम्बर को भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति (Chief Justice of India Ranjan Gogoi‘s retirement) के पूर्व बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के फैसले की घोषणा (Supreme Court verdict announced in Babri …

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370 के बाद का कश्मीर – झूठ और दुष्प्रचार की अति

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

370 के बाद का कश्मीर – झूठ और दुष्प्रचार की अति कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद से तीन माह बीत चुके हैं (Three months have passed since the removal of Article 370 of the Constitution from Kashmir.)। इस प्रक्रिया में स्थापित विधि को दरकिनार कर, लोकसभा में अपने बहुमत का लाभ उठाते हुए भाजपा सरकार …

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कांग्रेस का नया कॉरपोरेट अवतार : कांग्रेस को बर्बाद करके छोड़ेंगी जेएनयू की टोली, जिनको कांग्रेस कार्यकर्ता गुलाम लगता है

congress

कांग्रेस का नया कॉरपोरेट अवतार : कांग्रेस को बर्बाद करके छोड़ेंगी जेएनयू की टोली, जिनको कांग्रेस कार्यकर्ता गुलाम लगता है देश की राजनीति में जातियों का प्रभाव रहा है और अभी अगले 100 साल तक रहने बाला है। राजनीतिक दलों का राजनीतिक व धार्मिक जनाधार है यह सच्चाई है जिससे कोई इंकार नहीं कर सकता। सब राजनीतिक दलों ने समय …

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पूरा देश अराजकता से जूझ रहा है, देश के कर्णधारों ने राम भरोसे छोड़ दिया है देश और समाज को

दिल्ली में आईटीओ मुख्यालय पर पुलिसकर्मियों का विरोध प्रदर्शन Protests by policemen at ITO headquarters in Delhi

पूरा देश अराजकता से जूझ रहा है, देश के कर्णधारों ने राम भरोसे छोड़ दिया है देश और समाज को The whole country is battling anarchy : In the dispute that started in Delhi’s Tis Hazari Court, both the police and lawyers have expressed their strength. दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट से शुरू हुए विवाद में पुलिस और वकीलों दोनों की …

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और भी शहर हैं इस मुल्क में दिल्ली के सिवा ?

India news in Hindi

और भी शहर हैं इस मुल्क में दिल्ली के सिवा ? राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फैले ख़तरनाक वायु प्रदूषण की ख़बरें अभी लगभग सभी राष्ट्रीय टीवी चैनल्स पर चलनी कम भी नहीं हुई थीं कि अचानक दिल्ली में  गत 2 नवंबर को तीस हज़ारी से शुरू हुए पुलिस -वकील संघर्ष ने दिल्ली के वायु प्रदूषण के समाचार की जगह ले …

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अधिवक्ताओं के खिलाफ गोदी मीडिया का दुष्प्रचार अभियान

अधिवक्ता और पुलिस संघर्ष, Advocate and police conflict,

अधिवक्ताओं के खिलाफ गोदी मीडिया का दुष्प्रचार अभियान अधिवक्ता और पुलिस संघर्ष (Advocate and police conflict) दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन पुलिस की ज्यादतियों के खिलाफ (Against police brutality) कोई उचित फोरम न होने के कारण आये दिन संघर्ष की स्थिति पैदा हो जाती है। मूल समस्या को देखने के बजाय टुकड़ो-टुकड़ों में समस्या का समाधान करने की कोशिश के कारण आये …

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मोदीजी, यही अगर एकीकरण है तो विभाजन क्या होगा ? पटेल की जयंती पर देश के बंटवारे का दृश्य !

Modi in UNGA

मोदीजी, यही अगर एकीकरण है तो विभाजन क्या होगा ? पटेल की जयंती पर देश के बंटवारे का दृश्य ! सरदार पटेल के नाम पर झूठ बोलने से मोदीजी को कौन रोक सकता है मोदी सरकार ने बहत्तर साल के इतिहास को पलट कर, आखिरकार एक नया इतिहास रच दिया। सरदार पटेल के 144वें जन्म दिन पर, उस जम्मू-कश्मीर के …

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अगला हफ़्ता सुप्रीम कोर्ट के नाम होगा, हमें न्याय और सत्य की  स्वतंत्र भूमिका का इंतज़ार रहेगा

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

अगला हफ़्ता सुप्रीम कोर्ट के नाम होगा, हमें न्याय और सत्य की  स्वतंत्र भूमिका का इंतज़ार रहेगा The next week will be in the name of the Supreme Court, we will wait for the independent role of justice and truth भ्रष्ट मुख्यमंत्री येदीयुरुप्पा जैसे ही दिखाई दे रहे थे वकील हरीश साल्वे सुप्रीम कोर्ट का जज दूध पीता बोध-शून्य बच्चा …

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अर्जुन सिंह भदौरिया : समाजवादी आंदोलन के क्रांतिकारी कमांडर

History of Freedom Struggle: Commander Arjun Singh Bhadauria's contribution to freedom movement in Chambal Valley

अर्जुन सिंह भदौरिया : समाजवादी आंदोलन के क्रांतिकारी कमांडर स्वतंत्रता संग्रामी और समाजवादी नेता अर्जुन सिंह भदौरिया 22 मई को संसार से चले गए। उन्हें डॉ. लोहिया ने कमांडर कहना आरम्भ किया था और तब से सभी लोग श्रद्धा और प्रेम से कमांडर कहकर ही पुकारते थे। कमांडर साहब ने आजादी की जंग पूरी ताकत, जोश, कुर्बानी के जज़्बे से …

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क्या वाकई मजबूरी का नाम महात्मा गांधी है? भाजपा के मुख में गांधीजी व दिल में गोडसे ?

Mahatma Gandhi 1

क्या वाकई मजबूरी का नाम महात्मा गांधी है? भाजपा के मुख में गांधीजी व दिल में गोडसे ? जब भी किसी काम की मजबूरी होती है तो महात्मा गांधी को याद किया जाता है। याद है न ये जुमला – मजबूरी का नाम महात्मा गांधी। यह जुमला कब और किसने फैंका, कैसे ईजाद हुआ, इसका तो पता नहीं, मगर अब …

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1984 सिख क़त्ले-आम को जायज़ ठहराने वाले आरएसएस विचारक अब ‘भारत रत्न’ हैं!

Nana ji Deshmukh article on 1984 Sikh mascare

1984 सिख क़त्ले-आम को जायज़ ठहराने वाले आरएसएस विचारक अब ‘भारत रत्न’ हैं! इंसान अभी तक ज़िंदा है, ज़िंदा होने पर शर्मिंदा है। [सांप्रदायिक हिंसा पर नागरिक समाज की चुप्पी पर शाहीद नदीम की पंक्तियाँ। गीत जिस में यह पंक्तियाँ हैं, को लिखने और गाने के जुर्म में नदीम को पाकिस्तान की कठमुल्लावादी ज़िया सरकार ने चालीस कोड़े लगवाए थे।] …

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.इस छोर… ढूँढता हूँ मैं … गुमशुदा ख़ुशियों का सिरा … उस छोर मेरी तलाश में है … इक गाँव सिरफिरा….

Gaon ka kosa

ऊँची रिहायशी बिल्डिंगों की खिड़कियों से झाँकूँ तो शहर बौना लगता है… चींटियों सी रेंगती कारें और खिलौने से मकाँ.. हवाओ के सफ़र से मैं भी मानने लगा हूँ कि क़द बढ़ गया है मेरा… कुछ लोग मेरे मयार के नहीं रहे.. झुक कर मिलूँ तो ओहदों को फ़र्क़ पड़ता है.. बेवजह नहीं मिलता अब मैं किसी से… पुराने दोस्तों …

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कायरता छोड़ो, आगे बढ़ो उद्धव ठाकरे, जनता तो मोदी-शाह को ठुकरा चुकी है

uddhav thackeray

कायरता छोड़ो, आगे बढ़ो उद्धव ठाकरे, जनता तो मोदी-शाह को ठुकरा चुकी है क्या शिव सेना इतिहास की चुनौती को स्वीकार कर आगे बढ़ेगी या बीजेपी के दरवाज़े पर बंधे पालतू जीव की भूमिका अपनायेगी ! महाराष्ट्र के हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों (Maharashtra’s recent assembly election results) पर हमारी पहली प्रतिक्रिया यह थी कि “महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना की जीत …

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संविधान, कोर्ट और विचारधारा : अगर जज बन गए साल्वे तो संविधान तेरा क्या होगा ?

Karan Thapar Harish Salve talk on The Wire

संविधान, कोर्ट और विचारधारा : शुद्ध मिथ्याचारी और हंसी के पात्र प्रतीत हो रहे थे साल्वे Karan Thapar’s conversation on The Wire with well-known constitutional expert Harish Salve about Kashmir, Article 370, the federal structure of the Indian state and fundamental rights of the citizen. आज ही ‘द वायर’ पर कश्मीर, धारा 370, भारतीय राज्य का संघीय ढांचा और नागरिक …

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मोदीजी इंदिरा जी कुर्बानी को छिपा नहीं सकते, श्री मती गांधी की कुर्बानी तो देश की फिक्स्ड डिपोजिट है

Indira Gandhi

मोदीजी इंदिरा जी कुर्बानी को छिपा नहीं सकते, श्री मती गांधी की कुर्बानी तो देश की फिक्स्ड डिपोजिट है Modiji cannot hide Indira ji sacrifice कल्पना कीजिए आज के ही दिन श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या (Assassination of indira gandhi) के बजाय किसी आरएसएस सदस्य पीएम की हत्या हुई होती तो क्या आज मोदी सरकार पटेल पटेल जप रही होती …

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कश्मीर बताता है कि भारत सुरक्षित हाथों में नहीं विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है !

Narendra Modi new look

कश्मीर बताता है कि भारत सुरक्षित हाथों में नहीं विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है ! कश्मीर बताता है कि भारत कैसे विक्षिप्त जुनूनी तत्वों की गिरफ्त में है ! मोदी दिन प्रतिदिन कश्मीर की पूरी बर्बादी की कहानी रच रहे हैं। ओफ ! कश्मीर अब पूरी तरह से एक जुनूनी ताकतवर व्यक्ति की विध्वंसकता का शिकार बन चुका …

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सावरकर को भारत रत्न ! फिर तो जिन्ना को भी मिलेगा !

Will Savarkar get Bharat Ratna only for Gaddari from Quit India Movement

आरएसएस / भाजपा के भारत–रत्न उम्मीदवार सावरकर ने 1942 में मुस्लिम लीग के साथ साझा सरकारों चलाईं विनायक दामोदर सावरकर की अध्यक्षता में हिंदू महासभा ने 1942 में अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन का दमन करने के लिए निर्लज्जता पूर्वक अपने अंग्रेज़ आक़ाओं का साथ दिया था। बरतानिया साम्राज्य के साथ उनका यह ‘उत्तरदायी सहयोग’ महज़ सैद्धांतिक क़ौल तक ही सीमित …

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महाराष्ट्र और हरियाणा : यह मोदी-शाह की साफ हार है, मीडिया भाजपा की चिरौरी छोड़े

Amit Shah Narendtra Modi

महाराष्ट्र और हरियाणा : यह मोदी-शाह की साफ हार है, मीडिया भाजपा की चिरौरी छोड़े The emotional balloon of nationalism has exploded in the assembly elections महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजों की अगर एक वाक्य में व्याख्या (interpretation of results of Maharashtra and Haryana assembly elections) की जाए तो कहा जा सकता है कि इन चुनावों में नरेन्द्र …

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सिख संगठनों का आरोप – आरएसएस की बयानबाजी से देश विभाजित होगा

RSS Half Pants

भारत एक हिन्दू राष्ट्र नहीं है – सिख संगठन आरएसएस के चिंतक और नेता लगातार यह कहते आए हैं कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है। जाहिर है कि इस पर धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर सिक्खों और मुसलमानों, के अतिरिक्त भारतीय संविधान में आस्था रखने वालों को भी गंभीर आपत्ति है। इस साल दशहरे पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने एक …

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जब मोदी-आरएसएस से देश को खतरा नहीं है तो ओवैसी से कैसे खतरा हो सकता है!

Jagadishwar Chaturvedi on Haryana elections

जब मोदी-आरएसएस से देश को खतरा नहीं है तो ओवैसी से कैसे खतरा हो सकता है! नरेंद्र मोदी अकेले पीएम हैं जिन्होंने जनादेश को धनादेश के जरिए बार बार पलटा है। धनादेश और शासकीय आतंक से दो अस्त्र हैं उनके पास, इनके जरिए वे रोज लोकतंत्र की जड़ों में मट्ठा डाल रहे हैं। मोदी शासन में जिस तरह गुलाम भाषा, …

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बाज़ार में पसरा… ये जश्न.. किसका जश्न है…? कोई मामूली बात नहीं… यह राम की घर वापसी का प्रश्न है

Dr. Kavita Arora on Deepawali Diya

बड़ी हसरत से तकते हैं शक्लों को मिट्टी के दिये… बाज़ार के कोनों से… और फिर उदासी ओढ़ कर सोचते हैं अक्सर… क्या उस नदी ने झूठ बोला था… इक उम्र तलक सरयू ने बांची..कथा राम की… बनबास राम का… और राम का लौटना… उसने रोज़ कहा… किस तरह वो जगमगाहटों का आधार बने थे .. इक सीता की पालकी …

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लिंचिंग करने वाली भीड़ न केवल मानवता वरन् हिंदू धर्म की भी कब्र खोद रहीं हैं

Irfan Engineer

मॉब लिंचिंग की वकालत Advocating mob lynching आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने 8 अक्टूबर 2019 को अपने वार्षिक दशहरा संबोधन (Annual Dussehra address by RSS chief Mohan Bhagwat) में कहा कि लिंचिंग की अवधारणा (Lynching concept) भारतीय नहीं है. उन्होंने एक विदेशी शब्द, ‘लिंचिंग’, के प्रयोग पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि जिसे लिंचिंग बताया जा रहा है, दरअसल, …

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किसी शाह-मोदी की जरूरत नहीं, लड़कपन सलाहकार, भ्रष्ट और मैनेज हो जाने वाले कर्ता धर्ता कांग्रेस का बेड़ा गर्क करने के लिये पर्याप्त हैं

bjp vs congress

किसी शाह-मोदी की जरूरत नहीं, लड़कपन सलाहकार, भ्रष्ट और मैनेज हो जाने वाले कर्ता धर्ता कांग्रेस का बेड़ा गर्क करने के लिये पर्याप्त हैं हरियाणा और महाराष्ट्र में सत्ताधारी भाजपा एग्जिट पोल्स के अनुसार फिर सरकार बनाने जा रही है। बावजूद इसके कि महाराष्ट्र में किसान बहुत आक्रोशित थे और वहां से किसानों के आत्म हत्या करने की खबरें आ रही …

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देह-विमर्श के मसालों और सेहतमंद स्त्रीवादी मसालों में फर्क क्या है

अनिल कुमार पुष्कर : कवि और आलोचक

स्त्रीवादी बनाम देहवादी विमर्श पर एक टिप्पणी A commentary on feminist versus sexist discourse हिन्दुस्तान में कई तरह के मसालों को बनाने की तमाम विधियाँ लम्बे समय से ईजाद की जाती रही हैं. जिस तरह मसालों की सूची में संसद से पारित स्पाईस बोर्ड में शामिल कुल 52 मसाले हैं और आइएसओ की सूची में 109 मसाले हैं. यहाँ तक …

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मित्रों ! मार्क्सवाद को जान तो लो ! ध्यान रहे देश में लोकतंत्र संकट में है क्रांति नहीं

Karl Marx

फेसबुक पर युवाओं की सक्रियता खुशी देती है और उनकी तेज प्रतिक्रिया ऊर्जा देती है लेकिन यदि वह प्रतिक्रिया मार्क्सवादी विभ्रमों और विकृतियों की शिकार हो या वामपंथी बचकानेपन की शिकार हो तो मार्क्स-एंगेल्स का पाठ फिर से पढ़ने -पढ़ाने को मजबूर करती है। Excitement of internet Marx lovers हमारे नेट मार्क्स प्रेमियों की उत्तेजना यदि सच में सही है …

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आरएसएस/भाजपा के भारत रत्न प्रत्याशी सावरकर ने भारत छोड़ो आंदोलन कुचलने में अंग्रेज़ों का साथ दिया

Will Savarkar get Bharat Ratna only for Gaddari from Quit India Movement

अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत 7 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने बम्बई में अपनी बैठक में एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पारित किया जिसमें अंग्रेज शासकों से तुरंत भारत छोड़ने की मांग की गयी थी। कांग्रेस का यह मानना था कि अंग्रेज सरकार को भारत की जनता को विश्वास में लिए बिना किसी भी जंग में भारत को …

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सावरकर के लिए भारत रत्न की वकालत ! आरएसएस/भाजपा ने अपनी राष्ट्र-विरोधी विरासत की ही पुष्टि की

Savarkar apologized to the British rulers six times

अँगरेज़ शासकों से सावरकर ने छह बार क्षमा माँगी Savarkar apologized to the British rulers six times आरएसएस के राजनैतिक जेबी संगठन भाजपा ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (अक्तूबर 21, 2019 को मतदान) में जारी अपने संकल्प पत्र में हिंदुत्व विचारधारा के जनक, वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने का वादा किया है। उनके साथ दलित आंदोलन के मूल दिग्गज सिद्धांतकारों …

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पकड़ा गया सरदार पटेल पर संघ-मोदी का झूठ

भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल (First Home Minister of India, Sardar Vallabhbhai Patel)

आखिर, किस मुंह से संघ-मोदी कहते हैं कि सरदार पटेल उनके थे; इस बात का कहीं कोई प्रमाण तो है नहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) और भाजपा-दोनों सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabh Bhai Patel) को अपनी विचारधारा वाला बताने की कोशिश में लगातार लगे रहते हैं। वे यह भी जताने के प्रयास में रहते हैं कि कांग्रेस …

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न्यू इंडिया : बेगैरत बादशाह की गुलाम जनता

कहने को तो देश में लोकतंत्र है (There is democracy in the country), पर जो व्यक्ति सत्ता पर काबिज है वह अपने आप को राजतंत्र के किसी बादशाह से कम नहीं समझा रहा है। जनता से चुने गये जनप्रतिनिधियों द्वारा चुना गया यह बादशाह बेगैरत भी इतना कि देश कितना भी गर्त में चला जाए, जिम्मेदार लोगों द्वारा कितना भी …

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छलावा है आरएसएस का महिला सशक्तिकरण, क्या संघ का चरित्र और प्रकृति बदल रही है?

आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat) ने हाल में विदेशी समाचारपत्रों और मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक प्रेस वार्ता में कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 (Article 370) के हटाये जाने, असम में एनआरसी (NRC in Assam), नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) और राममंदिर सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. भागवत ने इन मुद्दों पर …

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गीता, आरएसएस और नेहरू : क्या संघ परिवार आज किसी संकट से गुजर रहा है ?

Geeta RSS and Nehru Is the Sangh Parivar going through a crisis today

भाजपा-आरएसएस के सत्ता में आने के बाद श्रीमद्भगवद्गीता (Shrimad Bhagavad Gita) को लेकर देश में अचानक बहस हो रही है और इस बहस को पैदा करने में संघ समर्थित संतों-महंतों और-मीडिया की बड़ी भूमिका है। इवेंट बनेगा तो मीडिया हो-हल्ला होगा! इवेंट बनाना मासकल्चर का अंग है जबकि गीता संस्कृति का अंग है। गीता जयन्ती (Geeta Jayanti) के मौके पर …

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क्या भारत अध्यात्म की भूमि है या धार्मिक कट्टरपंथियों का यातना-गृह ?

Has India slid into an irreversible Talibanization of the mind

प्रसिद्ध भाषाशास्त्री जी एन देवी (G.N. Devy) बीती दो अक्तूबर से उपवास पर हैं। वे भारत के, खास तौर पर महाराष्ट्र, बंगाल, तमिलनाडू, केरल, गुजरात और पंजाब के भारतीय नवजागरण के क्षेत्र के नौजवानों से पूछ रहे हैं कि क्या वे शादी के वक्त जाति और धर्म के बंधनों को भूलने के लिये तैयार हैं ? जिस दिन उन्हें कम …

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गृह मंत्री संविधान और अपनी शपथ का ध्यान रखें, देश में डर का माहौल बना रहे हैं अमित शाह

Amit Shah

एक वर्ग को डराना अच्छा नहीं अमित शाहजी गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) यह भूल जाते हैं कि अब वह केवल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President of Bharatiya Janata Party) नहीं बल्कि देश के गृह मंत्री भी हैं, यही नहीं वह शायद यह भी भूल जाते हैं कि सांसद और फिर केंद्रीय मंत्री के …

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मणिपुर में एनआरसी और नागरिकता संशोधन विधेयक का नाम लेने से अमित शाह को डर लगता है ?

Chittorgarh: BJP chief Amit Shah addresses during a public meeting in Chittorgarh, Rajasthan, on Dec 3, 2018

पूर्वोत्तर भारत में एनआरसी और नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध (Opposition to NRC and Citizenship Amendment Bill in Northeast India) हो रहा है। मणिपुर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं। अमित शाह ने मणिपुर में इन विषयों पर ज़बान नहीं खोली। प्रस्तावित नागरिकता संशोधन विधेयक में एनआरसी में अनागरिक घोषित होने वाले हिंदु, सिख, ईसाई और जैन धार्मिक समूहों को …

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कश्मीर के लॉक डाउन को दो साल खींचना चाहते हैं मोदी ! जुनूनी मनोरोगी ग़ुरूर में जीया करता है

Amit Shah Narendtra Modi

कश्मीर किधर ! ऐसा लगता है कि मोदी कश्मीर के लॉक डाउन (Kashmir lock down) को कम से कम दो साल तक चलाना चाहते हैं। उन्हें आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे सख़्त और साहसी प्रशासक का ख़िताब हासिल करना है और वह इंदिरा गाँधी के 19 महीने के आपातकाल को मात दिये बिना कैसे संभव होगा ! साहसी दिखने का …

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गाँधी के देश में गोडसे का महिमामण्डन ?

Godse's glorification in Gandhi's country?

कृतज्ञ राष्ट्र इस वर्ष अपने परम प्रिय राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर गांधीवादी विचारधारा तथा गाँधी दर्शन को लेकर पुनः चर्चा छिड़ गयी है। हिंसा, आक्रामकता, सांप्रदायिकता, ग़रीबी तथा जातिवाद के घोर विरोधी गाँधी को देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इसलिए भी अधिक शिद्दत से याद किया जाता रहा है …

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मोदी ट्रंप का चुनाव प्रचार करने ह्यूस्टन गए? अच्छी हरकत नहीं ये

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

अमेरिका के ह्यूस्टन में पचास हजार भारतीयों के बड़े व ऐतिहासिक जलसे में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी को भले ही मोटे तौर पर दोनों देशों के संबंध मजबूत होने के रूप में देखा गया हो, मगर मोदी के, अगली बार ट्रंप सरकार, के नारे ने यह संदेह उत्पन्न कर दिया है कि मोदी …

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सुनो ‘हाउडी मोदी’ वाले ट्रंप जी केवल गाँधी ही भारत के राष्ट्रपिता हैं

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

अमरीका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम (Howdy Modi event held in Houston, USA) एक से अधिक कारणों से चर्चा का विषय बन गया है. जिस समय मोदी फरमा रहे थे कि “आल इज़ वेल इन इंडिया” (All is well in india), उसी समय हजारों प्रदर्शनकारी, भारत के असली हालात के बारे में बात कर रहे थे. अमरीकी राष्ट्रपति …

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‘गांधी’ को ठेंगा दिखा रहा मॉब लिंचिंग के खिलाफ पीएम को पत्र लिखने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा

Law and Justice

‘गांधी’ को ठेंगा दिखा रहा मॉब लिंचिंग के खिलाफ पीएम को पत्र लिखने वाली शख्सियतों पर देशद्रोह का मुकदमा कटघरे में न्यायपालिका Judiciary in the dock गजब खेल चल रहा है देश में एक ओर देश गांधी जी की 150वीं जयंती (150th birth anniversary of Gandhiji) मनाकर अहिंसा का संदेश () दे रहा है वहीं दूसMessage of non-violenceरी ओर जो …

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साम्प्रदायिकता के स्वरूप – एक वायरल वीडियो का सच

Virendra Jain वीरेन्द्र जैन, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार व स्तंभकार हैं।

साम्प्रदायिकता के स्वरूप – एक वायरल वीडियो का सच Nature of communalism – the truth of a viral video इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें सीआरपीएफ की आरक्षक बतायी गयी एक लड़की खुश्बू चौहान मानव अधिकारों सम्बन्धी किसी वाद विवाद प्रतियोगिता (Khushboo Chauhan Human Rights Debate Contest,) में मानव अधिकारवादियों के विपक्ष में बोल रही है। इस …

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अब चुनाव सिर्फ़ युद्ध है राष्ट्रवाद के नाम पर! विकास का गर्भपात कर राष्ट्रवाद का जुमला

Kanhmun: An elderly woman shows her inked finger after casting her vote for the Mizoram Assembly elections in Kanhmun, Mizoram on Nov 28, 2018. (Photo: IANS)

70 साल विभिन्न सरकारों ने देश का निर्माण किया. आज देश को देश बनाने वाले पस्त हैं. हमेशा से देश को तोड़ने वाले सत्ता पर काबिज़. दरअसल भूमंडलीकरण के पहले मध्यम वर्ग ने अपने पूरे जीवन में इतना पैसा नहीं देखा था, जो उनकी संतानों ने मनमोहन सिंह के दस सालों में देखा. मैनेजमेंट, आईटी सेक्टर में कैंपस में ही …

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गांधी के हत्यारों का स्वांग : गांधी को शैतान की औलाद बताने वाले और गांधी के हत्यारे एक सुर में गीत गा रहे हैं

Mahatma Gandhi murder

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या के बाद अब उनके हत्यारे विचारों की हत्या कर उनका मजाक बना रहे हैं। जनता कुपोषण और भुखमरी का शिकार हो रही है दूसरी तरफ शौचालय निर्माण युद्ध स्तर पर हो रहे हैं, बगैर खाए शौचालय इस्तेमाल योजना चल रही है। भारी संख्या में नौकरी पेशा लोगों की नौकरियां छीनी जा हैं। भारी संख्या …

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क्या जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा गांधी के नाम पर होना चाहिए?

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

कल (1 अक्टूबर 2019) ‘हिंद स्वराज : नवसभ्यता विमर्श‘ के लेखक वीरेंद्र कुमार बरनवाल के साथ कार में कुछ देर सफ़र करने का अवसर मिला. हम दोनों को दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर (South Campus of Delhi University) जाना था, जहां उन्हें ‘गांधी और साहित्य‘ (Gandhi and literature) विषय पर बोलना था. कई तरह की बातों के बीच चर्चा जेवर …

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सत्याग्रही संपादक गांधी : मीडिया को फ़िर से पत्रकारिता बनाने की लड़ाई कलम के नाम उधार है

Mahatma Gandhi 1

“यदि यह विचारधारा सच हो, तो दुनिया के कितने समाचारपत्र इस कसौटी पर खरे उतर सकते हैं? लेकिन निकम्मों को बंद कौन करे? कौन किसे निकम्मा समझे? उपयोगी और निकम्मे दोनों साथ-साथ ही चलते रहेंगे। उनमें से मनुष्य को अपना चुनाव करना होगा।” There are many challenges facing journalism in the country today. आज देश में पत्रकारिता के सामने कई …

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प्रकाश भी थे और प्रकाश स्तंभ भी महात्मा गांधी

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

महात्मा गांधी – विराट व्यक्तित्व को समझने की अधूरी कोशिश… The great personality of Mahatma Gandhi महात्मा गांधी के विराट व्यक्तित्व की थाह पाना असंभव है। विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर उनके सहचर मित्र थे तो उपन्यास सम्राट प्रेमचंद उनके अनुयायी। ”युद्ध और शांति” के कालजयी लेखक लेव टॉल्सटाय से उन्होंने प्रेरणा ली तो ”ज्यां क्रिस्तोफ” जैसी महान कृति के उपन्यासकार रोम्यां …

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नया भारत – नए आयकन – नए राष्ट्रपिता? मोदी ने खुद अपने आप को किस तरह हास्यास्पद बनाया है

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस (Amrita Fadnavis, wife of Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis) पिछले दिनों एक अलग किस्म के विवाद में उलझी दिखीं। दरअसल जनाब नरेन्द्र मोदी की सालगिरह (Narendra Modi’s anniversary) पर अपने ट्विटर पर उन्होंने जो बधाई सन्देश में उन्हें जिस तरह ‘फादर आफ अवर कंट्री‘ (Father of our country) अर्थात ‘हमारे देश …

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गांधीजी- राजनीति और समाजसेवा की परस्परता

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

गांधी पिछली सदी के महानतम नेताओं में से एक थे। अपने समय के सबसे सशक्त साम्राज्यवाद के साथ उन्होंने सहज ढंग से उपलब्ध साधनों से ऐसी लड़ाई लड़ी है कि उनके शत्रु भी उनसे खीझते भले रहे हों पर उनकी निन्दा करने का अवसर नहीं पाते थे। एक अति सहनशील और परिवर्तनों के प्रति उदासीन समाज को लड़ाई में साथ …

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गांधी से दूर और गोडसे के करीब आता न्यू इंडिया! : हुक्मरान बदले हैं हालात नहीं।

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

आज जब देश को आजाद हुए मात्र सात दशक पूरे हुए हैं, महात्मा गांधी की प्रासंगिकता (Relevance of Mahatma Gandhi) पुनः महसूस होने लगी है। गांधीजी ने उस साम्राज्य से भारत को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई जिनके बारे में कहावत थी कि उनका कभी सूर्यास्त होता ही नहीं था और क्रूरता, दमन और शोषण जिनकी नीति थी। बन्दूक …

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गाँधीजी अपना मैला साफ़ करते थे, न्यू इंडिया स्वच्छ भारत वाले ‘फादर ऑफ नेशन’ कर सकेंगे ऐसा ?

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

गाँधी का रास्ता? न्यू इंडिया तुमसे ना हो पाएगा। सुनो नए भारत के नए लोगों। तुम बाज़ारवाद में डूबे लोग, तुम क्या लालच को और अपनी उपभोग की इच्छा को नियंत्रित कर सकोगे? तुम्हारे नेता और अफसर जंगलों को काटकर विकास लाने के इच्छुक हैं, तुम इंसानों के साथ बर्ताव तो सही कर ना रहे हो तुम पृथ्वी के बारे …

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सियासत में सब जायज क्यों है ? अभी हमारे पास कोई नायक नहीं है जिसे आगे चलकर लोकनायक बनाया जा सके

Alpesh Thakor

मैंने पिछले दिनों मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव (Madhya Pradesh Assembly by-election) में कांग्रेस के प्रत्याशी चयन को लेकर कहा था की कांग्रेस बंजर हो रही है, आज यही जुमला मै भाजपा के लिए भी इस्तेमाल करने जा रहा हूँ। भाजपा के गढ़ गुजरात में भी भाजपा बंजर नजर आने लगी है, क्योंकि उसके पास अपने प्रत्याशी नहीं हैं इसलिए यहां भी …

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लोकसंघर्ष : मनुष्य की वधशालाओं की पोल खुली

CBI

सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक एन. पी. मिश्रा (CBI Deputy Superintendent of Police N. P. Mishra) ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक ए. के. भटनागर ने झारखंड में 14 निर्दोष लोगों को फर्जी एनकाउंटर करके मार डाला था (CBI joint director A.K. Bhatnagar killed 14 innocent people in Jharkhand by fake encounter) । मरने …

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बेटे से बतरस : डेढ़ सदी के बाद फजीहत/ किससे मांगें आदर बेटा

Modi Gandhi ji

बेटे से बतरस : डेढ़ सदी के बाद फजीहत/ किससे मांगें आदर बेटा ************ वे नेशन के फादर बेटा करके बने अनादर बेटा * उनके पांव बहुत हैं लंबे छोटी निकली चादर बेटा * माफी मांग रहे बापू से हम सब देखो सादर बेटा * बोलें या फिर करें खुदकशी समझे नहीं बिरादर बेटा * चौतरफा थू-थू ,थू थू- थू …

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देश को कश्मीर बनाओ !!

Amit Shah Narendtra Modi

पीएम मोदी और आरएसएस (PM Modi and RSS) को मिलकर देश के सभी विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं को हमेशा के लिए जेल में डाल देना चाहिए!! ये सभी लोग बेहद घटिया, लुटेरे, भ्रष्ट आदि हैं!! भ्रष्ट लोगों की जगह जेल है। देश को इस समय पीएम मोदी और आरएसएस की सख्त जरूरत है। घट-घट से उठी आवाज विपक्ष को मारो हजार …

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कुछ सवाल, हर देशभक्त भारतवासी को हिंदुत्व गिरोह से पूछने चाहिएं

Shamsul Islam was Associate Professor, Department of Political Science, Satyawati College, University of Delhi.

 जब भी मैं लोकतांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष भारत की रक्षा में अल्पसंख्यकों, दलितों, महिलाओं और मजदूर वर्ग के उत्पीड़न के खिलाफ लिखता हूं, मेरे द्वारा उठाए गए मुद्दों और सवालों का जवाब देने के बजाए हिंदुत्व टोली मुझ पर वयक्तिगत हमले करते हैं जिनका एक ही मक़सद होता है कि मुझे अपमानित किया जाए. उनके लिए मेरा नाम और धर्म (जिनके तय करने …

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हाउडी मोदी : भारत की स़मस्याओं से किनारा करने के लिए मोदी की जबर्दस्त नौटंकी

Modi and Trump in Howdy Modi at Houston

नरेन्द्र मोदी ने अमरीका के ह्यूस्टन में डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में जबरदस्त नौटंकी (Howdy modi) की। वहां मौजूद लगभग पचास हजार लोगों ने दोनों नेताओं के जयकारे लगाए। दोनों ने एक-दूसरे की तारीफ की और दोनों ने ‘इस्लामिक आतंकवाद’ (Islamic terrorism) और पाकिस्तान को कोसा। यह सच है कि पश्चिम एवं दक्षिण एशिया में आतंकवाद (Terrorism in West and …

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अगर माफी ‘वीर’ सावरकर प्रधानमंत्री बने होते तो !

Veer Savarkar

यह सोचना मासूमियत की पराकाष्ठा होगी कि चुनावों के ऐन मौके पर शिवसेना सुप्रीमो द्वारा सावरकर का यह महिमामंडन स्वत:स्फूर्त किस्म का था। एक तरफ, उसका मकसद था इस भावनात्मक मुद्दे को उठा कर कुछ वोट और हासिल किए जाएं; दूसरे, इस मराठी आयकन का शिवसेना द्वारा प्रोजेक्शन करके एक तरह से ‘सीनियर सहयोगी’ भाजपा को असुविधाजनक स्थिति में डालने …

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भारत ने युद्ध नहीं बुद्ध दिए, पर मोदी के तो आदर्श ट्रम्प हैं बुद्ध नहीं

Modi in UNGA

ट्रंप का जो व्यक्ति प्रचार करे वह बुद्ध का कभी अनुयायी नहीं हो सकता पीएम मोदी ने अपने साढ़े पांच साल के कार्यकाल में भारतीय उपमहाद्वीप में शांति स्थापना के लिए कोई पहल नहीं की, उलटे पहले के शांतिप्रिय माहौल को पाकिस्तान के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए खराब किया है। यह वे शांति के पक्षधर कभी नहीं रहे, उन्होंने हमेशा …

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कश्मीर : दुर्भाग्य ये नहीं कि गोडसेवादी सत्ता में हैं, दुर्भाग्य ये है कि संविधान का रक्षक उच्चतम न्यायालय मौन है

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

यह कश्मीर में क्या हो रहा है? What is happening in Kashmir? ‘पेशे से वकील होने के नाते आप की विचारधारा कठोर है, क्योंकि आप क्रिमिनल केस लड़ते हैं जो विभिन्न अदालतों में अलगाववादियों के खिलाफ विचाराधीन है। ‘ विषय है…. आप बार एसोसिएशन का दुरुपयोग कर रहे हैं जिससे संवैधानिक प्रणाली में दिए गए दर्जे के मुताबिक सम्मान के …

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सब अच्छा है, सब चंगा है : असली मुजरिम तो तख्तो-ताज पर सवार है

Chinmayanand with Modi Yogi

22 सितंबर, 2019 को भारत के प्रधान मंत्री अमेरिका में आठ भाषाओं में इस वक्तव्य को दुहराते हैं कि ‘भारत में सब अच्छा है, सब चंगा है’। प्रधान मंत्री जिस दिन हाउडी, हाउडी कर रहे थे उसी दिन झारखंड के खूंटी जिले में प्रधान मंत्री के सगोत्र संगठनों के लोगों द्वारा पीट-पीट कर एक विकलांग व्यक्ति की जान ले ली …

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मॉब लिंचिंग : क्या अन्ना आंदोलन से समाज को भीड़तंत्र और अराजकता की तरफ ले जाने की शुरूआत हुई ?

Anna Hazare Arvind Kejriwal

वर्तमान भारतीय समाज का एक बड़ा तबका जो आबादी के आधार पर बहुसंख्यक है।  वह आबादी तेजी से पर-पीड़ा सुखदायी समाज की ओर बढ़ता जा रहा है। हर दिन हमें संचार व समाचार-पत्रों में अल्पसंख्यक के उपर हमलों व उनकी निर्मम हत्या की खबरें आ रही हैं। यह सभी घटनाएं एक उन्मादी भीड़ के जरिये की जा रही हैं, जिस …

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सुभाष राय की चिंताओं, सरोकार और लेखकीय दृष्टि से परिचित कराती एक पुस्तक ‘ जाग मछन्दर जाग’

'जाग मछन्दर जाग' वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि सुभाष राय की दूसरी पुस्तक है।

( ‘जाग मछन्दर जाग‘ वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि सुभाष राय की दूसरी पुस्तक है। इसके पहले बोधि प्रकाशन से प्रकाशित उनका कविता संग्रह ‘सलीब पर सच‘ काफी चर्चित रहा। ‘जाग मछन्दर जाग’ अमन प्रकाशन कानपुर से प्रकाशित है। इस पुस्तक पर हिंदी के जाने- माने आलोचक प्रोफेसर अरुण होता की एक टिप्पणी प्रस्तुत है।) कहा जाता है कि शिवजी पार्वती …

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खंगाली जाए सत्तारूढ़ व विपक्षी दलों के मुख्य नेताओं की राजनीतिक कुंडली

राजनीति में चोर-चोर मौसेरे भाई की कहावत अक्सर सुनने को मिलती है। इसका मतलब है कि लगभग सभी राजनीतिक दलों के मुख्य नेता कहीं न कहीं भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि सरकारी कोषों में भले ही पैसा न हो पर विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने अथाह संपत्ति अर्जित कर रखी है। लोकतंत्र …

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‘मैं एक कारसेवक था’ : आत्मकथा के बहाने मानवता की जरूरी लड़ाई की किताब !!

Main Ek Karsewak Tha book by Bhanwar Meghwanshi

“मेरी कहानियां, मेरे परिवार की कहानियां – वे भारत में कहानियां थी ही नहीं. वो तो ज़िंदगी थी.जब नए मुल्क में मेरे नए दोस्त बने, तब ही यह हुआ कि मेरे परिवार के साथ जो हुआ, जो हमने किया, वो कहानियां बनीं. कहानियां जो लिखी जा सकें, कहानियां जो सुनाई जा सकें.” – सुजाता गिडला ( भारतवंशी अमरीकी दलित लेखक, …

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हिन्दू राष्ट्रवाद के कैदखाने में बंद कश्मीर : जरूरत राष्ट्रवाद की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक नजरिए की है

Jagadishwar Chaturvedi

संसद ने हिन्दू राष्ट्रवाद के परिप्रेक्ष्य में अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म करके नया संवैधानिक संकट पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर कश्मीर की जनता के सामने अस्तित्व का संकट (The existence crisis in front of the people of Kashmir) पैदा किया है। कश्मीर की 70 लाख आबादी 50 दिनों से घरों में कैद है। उनका धंधा चौपट हो …

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तो एनआरआई के लिए कब्र खोद आए मोदीजी ? Howdy Modi NRI के लिए खतरे की घंटी

Thousands gather at NRG Park to protest Modi-Trump rally

हाउडी मोदी में मोदी जी ने कहा ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ (Abki Bar Trump Sarkar) यह भारतीय मूल के अमेरिकी निवासियों के लिए खतरे की घंटी है. कोई भी सार्वभौमिक देश अपने यहाँ के चुनावों में किसी भी देश की दखल बर्दाश्त नहीं कर सकता. मोदी जी की नीतियों ने देश का हर मोर्चे पर बंटाधार किया है चाहे रोज़गार …

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भारत में चल रहे कानून के वास्तविक चरित्र को परिभाषित करेगा बाबरी मस्जिद-राममंदिर मामला

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

सर्वोच्च न्यायालय में बाबरी मस्जिद विवाद पर अभी लगातार सुनवाई (Continuous hearing on the Babri Masjid dispute in the Supreme Court) चल रही है। इस देश में एनआरसी की जंग को छेड़ने वाले अभी के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई की पांच सदस्यों की संविधान पीठ इसमें लगी हुई है। मुख्य न्यायाधीश नवंबर महीने में सेवा-निवृत्त होने वाले हैं। वे इसके …

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झारखंड लिंचिंग और आदिवासियों का हाशियाकरण

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

तथ्यांवेषण रिपोर्ट : पुलिस की लापरवाही इस मामले में पुलिस की भूमिका अत्यंत निंदनीय रही है। पीड़ितों को लगभग तीन घंटे तक बेरहमी से पीटा जाता रहा परंतु पुलिस उन्हें बचाने घटनास्थल पर नहीं पहुंची। सरोज हैबराम ने दल को बताया कि भीड़ के कुछ सदस्यों ने पुलिस को घटनास्थल पर आकर पीड़ितों को गिरफ्तार करने के लिए कहा था. …

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ह्यूस्टन में मोदी के पाखंड – 50 दिन में कश्मीर जाकर कश्मीरियों से मिलने के लिए समय निकाल नहीं पाए

Trump got 16 percent

पीएम अब तक 50 दिन में कश्मीर जाकर कश्मीरियों से मिलने के लिए समय निकाल नहीं पाए, लेकिन अमेरिका में कश्मीरी पंडितों से मिलने का उनको समय मिल गया ! सवाल यह है कश्मीरी कहां रहते हैं ? कश्मीर में या अमेरिका में ? 370 हटाने के बहाने जुल्म कश्मीर में हो रहा है या अमेरिका में ! पीएम ! …

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बीबीसी : निर्भीक पत्रकारिता का सर्वोच्च स्वर

BBC

इस समय विश्व का अधिकांश भाग हिंसा, संकट, सत्ता संघर्ष, साम्प्रदायिक व जातीय हिंसा तथा तानाशाही आदि के जाल में बुरी तरह उलझा हुआ है। परिणाम स्वरूप अनेक देशों में आम लोगों के जान माल पर घोर संकट आया हुआ है। मानवाधिकारों का घोर हनन (Gross violation of human rights) हो रहा है। लाखों लोग विस्थापित होकर अपने घरों से …

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दक्षिणपंथ के सामने नतमस्तक नाकारा विपक्ष

Lucknow: Samajwadi Party (SP) chief Akhilesh Yadav greets Bahujan Samaj Party (BSP) chief Mayawati on her 63rd birthday in Lucknow, on Jan 15, 2019. (Photo: IANS)

देश में तमाम जनविरोधी कानून (Anti-people law) और लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था (Deteriorating law and order) के खिलाफ चुप्पी साधे हुए विपक्ष के आत्मसमर्पण (Opposition surrender) ने यह सिद्ध कर दिया है कि यह सब एजेंट के तौर पर काम करने वाले लोग थे जिनकी राजनीतिक समझ उतनी ही थी जितने टुकड़े उनके हिस्से में आये। सामाजिक न्याय आंदोलन (Social …

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कॉरपोरेट जगत के चौकीदार नाकारा मोदी ने देश को भारी संकट में डाल दिया है

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

चाकर रहसूं, बाग लगासूं नित उठ दर्शन पासूं। श्याम ! मने चाकर राखो जी ! कॉरपोरेट भक्त सरकार की आर्त विनती 19 सितंबर 2019 के दिन को भारतीय पूंजीवाद के इतिहास के ऐसे स्वर्णिम दिन (Golden days of the history of Indian capitalism) के रूप में याद किया जायेगा जब भारत के कॉरपोरेट जगत ने अपनी ताकत का भरपूर परिचय …

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गुजरात के गधे : लेकिन राजा से कहा था बारिश होगी, बारिश होगी, बारिश होगी

सुबोध सरकार (Subodh Sarkar) सभापति, बांग्ला कविता अकादेमी, कोलकाता

गुजरात के गधे  Asses of gujrat                 राजा का मन खराब है, रात को नींद नहीं कोई सुनता नहीं बात, पुलिस को गोली चलाने को कहा है पुलिस चुन-चुनकर गोली मार रही है फिर से घुटने का दर्द बढ़ा है.   ऐसे वक्त में राजा का मन चाहता है शिकार पर चलें.   जंगल …

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दीदी के बोलो – इस देश का कवि न्याय मांगता है आपसे

Didi ke Bolo

दीदी के बोलो – [यह जिंदगीनामा किस्तों में चलेगा, तब तक जब तक मेरे खिलाफ हुई साजिश का अंत और इन्तेहाँ नहीं होता इन मुश्किलों का,,, – अनिल पुष्कर]  Series of Cold Blooded Murder – Part One सुनिए ध्रितिकान्तो! ओनली रिवेंज – हैरिटेज में मुन्नी और सात चौकीदार – एक   सुनिए ध्रितिकान्तो ! यह एम. मित्रा. की  कथा नहीं …

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धर्म में राजनीति की घुसपैठ ने बदल दिया मूर्ति पूजा का उद्देश्य

Virendra Jain वीरेन्द्र जैन, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार व स्तंभकार हैं।

मूर्तियों का आकार : गत दिनों भोपाल में गणेश की एक विशालकाय मूर्ति का विसर्जन करते हुए नाव पलट गयी थी (Bhopal Boat Accident News) और उसमें बारह युवा असमय ही मृत्यु का शिकार हो गये। ऐसे में जैसा कि होता है सत्ता में बैठे नेताओं ने जनभावनाओं के अनुरूप मुआवजे की बड़ी राशि देने की घोषणा करते हुए मृतक के …

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कॉरपोरेट के सामने मोदी जी की सारी हेकड़ी ढीली हो गई, चाबुक सिर्फ गरीब पर

Gautam Adani and Narendra Modi

भारत के कॉरपोरेट (Corporate of india) के सामने मोदी जी की सारी हेकड़ी ढीली हो गई है। पिछले कई दिनों से वित्त मंत्रालय में कॉरपोरेट के लोगों का जो ताँता लगा हुआ था, वह असरदार साबित हुआ है। पिछले बजट तक में कॉरपोरेट को कोई छूट नहीं देने का जो रौब गाँठा गया था, वह अब पानी-पानी हो चुका है। …

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मोदी सरकार में बढ़ गया बीफ का निर्यात, देश के आधे बूचड़खाने योगीराज यूपी में ! भाजपा के लिए गाय मात्र वोट बैंक

PM Modi to launch nationwide animal healthcare campaign from Mathura – vrindavan

देश में भाजपा की सरकार (BJP government) बनने के बाद जमीनी मुद्दे लगभग गौण हो गये हैं। चारों ओर धर्म-जाति के साथ भावनात्मक मुद्दों का बोलबाला है। मोदी शासनकाल (Modi reign) में सबसे ज्यादा जो मुद्दा गर्माया है वह गाय का रहा है। देश में ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया कि गाय हिंदूओं की पूजनीय है और मुस्लिम …

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परिवार न होने का दुख : आखिर हम जीते क्यों हैं ॽ परिवार के लिए या समाज के लिए ॽ

Jagadishwar Chaturvedi

भारत में मध्यवर्ग-निम्न-मध्य वर्ग में परिवार का होना सामान्य बात है। लेकिन आयरनी देखिए मैंने जब से होश संभाला, परिवार एकसिरे से दुर्लभ चीज होकर रह गया। मैं जब बहुत छोटा था। तब ही हमारा संयुक्त परिवार टूट गया। परिवार में ताई के दबाव में बंटवारा हुआ। जिस समय बंटवारे की प्रक्रिया आरंभ हुई उस समय पूर्वमध्यमा प्रथम वर्ष यानी …

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जीतकर भी हार गए अमित शाह, बाबा भारती और डाकू खड़ग सिंह की कहानी भूल गए : मोदी

Chittorgarh: BJP chief Amit Shah addresses during a public meeting in Chittorgarh, Rajasthan, on Dec 3, 2018

संघीय सरकार के लिए राज्यों का भरोसा, 370 से ज्यादा जरूरी है संघीय ढांचे को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि राज्यों का केंद्र की बात और नियत पर भरोसा बना रहे. लेकिन, जिस तरह से मोदी सरकार (Modi government) एक के बाद एक राज्यों के हितों के खिलाफ फैसले (Decisions against the interests of the states) ले रही …

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माणिक वर्मा : दर्जी से सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार बनने तक का संघर्षशील सफर

Famous Hasya Kavi Manik Verma Died

श्रद्धांजलि स्मृति शेष माणिक वर्मा माणिक वर्मा (Manik Verma) मंचों पर उस दौर के व्यंग्यकारों में शामिल हैं जब छन्द मुक्त व्यंग्य विधा को स्वतंत्र स्थान मिलने लगा था। एक ओर हास्य कविता में काका हाथरसी, निर्भय हाथरसी, गोपाल प्रसाद व्यास रमई काका शैल चतुर्वेदी हुल्लड़ मोरादाबादी आदि थे तो दूसरी ओर देवराज दिनेश, माणिक वर्मा, सुरेश उपाध्याय, ओम प्रकाश …

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बढ़ते प्रदूषण का हल नहीं सम-विषम योजना

Arvind Kejriwal

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air pollution in the capital Delhi) से निपटने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal) ने एक बार फिर सम-विषम योजना (Odd-even scheme) शुरू करने की बात कह कर दिल्ली जनता की परेशानियां बढ़ाने का निश्चय किया है। सम-विषम योजना 2016 में दो बार लागू की गई थी। लेकिन उस वक्त भी नतीजों …

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संवेदनात्मक ज्ञान को चरितार्थ करती पुस्तक “जिन्हें जुर्मे इश्क पे नाज था”

Virendra Jain वीरेन्द्र जैन, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार व स्तंभकार हैं।

समीक्षा – जिन्हें जुर्मे इश्क पे नाज था मुक्तिबोध ने कहा था कि साहित्य संवेदनात्मक ज्ञान है। उन्होंने किसी विधा विशेष के बारे में ऐसा नहीं कहा अपितु साहित्य की सभी विधाओं के बारे में टिप्पणी की थी। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि जिस रचना में ज्ञान और संवेदना का संतुलन है वही साहित्य की श्रेणी में आती …

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कारपोरेट राजनीति के बदलाव का गांधीवादी तरीका

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने पर कई संजीदा साथियों ने गहरी चिंता व्यक्त की कि नरेंद्र मोदी की एक बार फिर जीत संविधान और लोकतंत्र के लिए बहुत बुरा संकेत है. पिछले पांच सालों के दौरान धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील साथियों से यह बात अक्सर सुनने को मिलती है कि हम बहुत बुरे समय से गुजर रहे हैं; संकट बहुत …

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ऋणम कृत्वा घृतम पीवेत : किसके लिए है यह बेल-आउट पैकेज

Modi Air India

पिछले पांच सालों में देश की घरेलू बचत दर (The country’s domestic savings rate in the last five years) में जीडीपी (GDP) के छह प्रतिशत के बराबर गिरावट आई है। वर्ष 2012 में यह तेईस दशमलव छह प्रतिशत थी, जो आज सत्रह प्रतिशत से भी कम रह गई है। घरेलू बचत गिरेगी, तो देश की कुल बचत में भी गिरावट …

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एक पूर्व संघ-कार्यकर्ता कारसेवक की आपबीती है मैं एक कारसेवक था

Main Ek Karsewak Tha book by Bhanwar Meghwanshi

“में कहता हूँ आँखिन देखी” की तर्ज़ पर यह एक पूर्व संघ-कार्यकर्ता कारसेवक की आपबीती है “मैं एक कारसेवक था” (Main Ek Karsewak Tha book by Bhanwar Meghwanshi)। यह किताब उन सब को पढ़नी चाहिए, जो संघ को भीतर से समझना चाहते हैं। ख़ासतौर पर संघ के कार्यकर्ताओं को ! यह क़िताब संगठन निर्माण की उन बारीकियों के बारे में …

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हमारी पत्रकारिता के पतन की पराकाष्ठा, धिक्कारिये इस तरह के नेताओं और पत्रकारों को

Imran Khan with Narendra Modi

कुबूलनामा ? हमारी पत्रकारिता के पतन की पराकाष्ठा देखिये। आज ‘अमर उजाला‘ की हैड लाइन है – ‘इमरान का कुबूलनामा, जंग हुई तो भारत से हार जायेगा पाकिस्तान’ और सब टाइटिल है – ‘पारंपरिक जंग के परमाणु युद्ध में बदलने की गीदड़ भभकी’ । खबर को भीतर पढ़ने पर इमरान को इस तरह कोट किया गया है – ‘मेरा मानना …

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अब उन्हें जिन्दा रहने के लिए खून चाहिए, मुझे लगता है युद्ध होगा !

WASHINGTON, Nov. 20, 2018 (Xinhua) -- U.S. President Donald Trump speaks to reporters before departing from the White House in Washington D.C., the United States, on Nov. 20, 2018. Donald Trump has submitted written answers to questions from Special Couns

मुझे लगता है युद्ध होगा ! पूरी दुनिया में असफल पूंजीवाद ने राष्ट्रवाद की शरण ली हुई है (Unsuccessful capitalism has taken refuge in nationalism)। राष्ट्रवादी विचारों के जरिये वे जितना चूस पा रहे हैं श्रमजीवियों को चूस रहे हैं। अब उन्हें जिन्दा रहने के लिए खून चाहिए। ईरान, उत्तर कोरिया, हांगकांग, काश्मीर नई वेदियां हैं। युद्धों के लिए राष्ट्रीय …

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अनुच्छेद 370 : मोदी सरकार का झूठ बेनकाब

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

अनुच्छेद 370 : प्रचार बनाम सच Article 370: Propaganda vs truth अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के भाजपा सरकार के निर्णय (BJP government’s decision to remove Articles 370 and 35A) को सही ठहराने के लिए एक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, लंबे समय से आरएसएस के एजेंडे (RSS agenda) में रहा है और राम मंदिर व …

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हिंदी अंग्रेजी में तू-तू, मैं-मैं की वार

14 सितंबर को हिंदी दिवस (Hindi Diwas on 14 september) के मौके पर कई बुद्धजीवियों ने अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। हिंदी के सम्मान (Honor of hindi) के लिए लंबे चौड़े भाषण का भी प्रयोग हुआ। स्कूल से लेकर सोशल मीडिया तक हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में मंच को दुल्हन की तरह सजाया गया। इन तमाम चीज़ों को देखकर मन …

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हिंदी दिवस पर अपने जीवन की लड़ाई हार गए हिंदी के सिपाही कौशलेंद्र प्रपन्न

Kaushlendra Prapanna

खबर मिली कि कौशलेंद्र प्रपन्न (Kaushlendra Prapanna) अपने जीवन की लड़ाई हार गए। शिक्षा में सुधार के लिए लेख लिखना उन्हें जीवन पर भारी पड़ा। उनका लेख था कि दिल्ली नगर निगम के शिक्षक चाह कर भी क्यों नहीं पढ़ा पाते। यह लेख सिर्फ उस व्यवस्था पर टिप्पणी था जिसके चलते अच्छे शिक्षक कक्षा में पढ़ा नहीं पाते हैं। यह …

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मैं तो हिन्दी के बिना जी नहीं सकता, पर सरकार को जलसे की जरूरत क्यों है ॽ

Jagadishwar Chaturvedi

आज 14 सितम्बर है। सारे देश में केन्द्र सरकार के दफ्तरों में हिन्दी दिवस का दिन है। सरकार की आदत है वह कोई काम जलसे के बिना नहीं करती। सरकार की नजर प्रचार पर होती है वह जितना हिन्दी भाषा में काम करती है, उससे ज्यादा ढोल पीटती है। सरकार को भाषा से कम प्रचार से ज्यादा प्रेम है, हम …

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जन भावनाओं की दुहाई देने वाली मोदी सरकार को कश्मीरियों की भावनाओं से डर लगता है

Amit Shah Narendtra Modi

जन भावनाओं की दुहाई देने वाली मोदी सरकार को कश्मीरियों की भावनाओं से डर लगता है The Modi government, which is voicing public sentiments, is afraid of the feelings of Kashmiris. भूख और अभाव के बीच कश्मीरी जनता का बीतने वाला हर दिन कश्मीर मामले में सरकार की नाकामी में एक पन्ना जोड़ देता है। यह दास्तान कितनी लम्बी होगी और …

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अंतरिक्ष के रहस्यों से भी ज्यादा रहस्यमयी मीडिया का व्यवहार

Mission Chandrayaan 2

जिस तरह से मिशन चंद्रयान 2 (Mission Chandrayaan 2) को एक मीडिया इवेंट (Media Event) में बदला गया वह चिंतित करने वाला है। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का इतिहास (History of India’s Space Program) गौरवशाली रहा है। हमारे वैज्ञानिकों ने उस समय भी दुनिया को चौंकाने वाली सफलताएं हासिल की थीं जब न तो इतना प्रो एक्टिव राजनीतिक नेतृत्व था …

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एनआरसी : भारत में न्याय का प्रहरी ही न्याय के अघटन का कारण साबित हो रहा

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नई दिल्ली के इंडियन सोसाइटी आफ़ इंटरनेशनल लॉ (Indian Society of International Law in New Delhi) में इसी 8 सितंबर को एक ‘जन पंचायत’ बैठी जिसमें असम में नागरिकता के सवाल (citizenship questions in Assam) पर भारत के कई प्रमुख पूर्व न्यायाधीशों और क़ानून जगत के विद्वानों ने हिस्सा लिया। विचार का विषय था नागरिकता को लेकर इस विवाद की …

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अरे भक्तों, मोदी को असफल कह कौन रहा है ?

After losing contact with Chandrayaan 2, Prime Minister Narendra Modi laying his hand on the back of ISRO chief चंद्रयान 2 से संपर्क टूटने के बाद इसरो प्रमुख (ISRO chief) सीवन की पीठ पर हाथ रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) से संपर्क टूटने के बाद इसरो प्रमुख (ISRO chief) सीवन की पीठ पर हाथ रख कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कहना कि विज्ञान में कभी असफलतायें नहीं होती, विज्ञान में सिर्फ प्रयोग और प्रयास किये जाते हैं, बिलकुल सही है। ऐसा करके उन्होंने न केवल इसरो के वैज्ञानिकों (ISRO scientists) को निराश न होने की …

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फैसल, यह तुमने क्या किया हाय …

Shah Faesal.

विभूति नारायण राय एक बड़ा नाम हैं.. हिंदी लेखन में भी.. एक पुलिस अधिकारी के रूप में भी और वर्धा यूनिवर्सिटी के चांसलर के रूप में भी.. आज इनका लेख -अबूझ नाराजगी का एक नायक- हिंदुस्तान के संपादकीय पृष्ठ पर छपा है.. लेख पूरी तरह लेखकीय सावधानियों, समाचारपत्र के वर्तमान चरित्र के अनुकूल और ‘तुम तो ऐसे न थे’ वाली …

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विडंबना : महान है ये जनता भी, इसे क्रांति चाहिए पर क्रांतिकारी नहीं

CHARAN SINGH RAJPUT चरण सिंह राजपूत, लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुना जाता है कि अन्याय से लड़ने वाले लोग (People fighting injustice) अब नहीं रहे हैं। इन लोगों के अनुसार देश में इतना अन्याय हो रहा है पर इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग बहुत कम हैं। ये सब वे लोग हैं जो यह तो चाहते कि अन्याय के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़ी …

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…तो कश्मीरी किस के हैं? यह कश्मीरियों को बेदखल कर कश्मीर का अपहरण है

Modi sarkar in Kashmir

यह सिर्फ संयोग ही नहीं है कि जिस रोज कश्मीर में सुरक्षा जेलबंदी (Security prison in Kashmir) या कश्मीर में लॉकडाउन ( Lockdown in Kashmir) का एक महीना पूरा हुआ, उसी रोज मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बैंच ने अपनी तरह के एक पहले ही निर्णय में, सीपीआई (एम) के जम्मू-कश्मीर के शीर्ष नेता, यूसुफ तारिगामी को …

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ओछे छद्म देशभक्त इतना भी नहीं जानते कि प्रोफेसर एमिरिटस नौकरी नहीं है

Professor Romila Thapar's books,

जेएनयू प्रशासन (JNU Administration) द्वारा महान इतिहासकार रोमिला थापर (The great historian Romila Thapar) से सीवी मांगने के प्रकरण ने सोशल मीडिया में काफी विवाद पैदा कर दिया है। कई स्वघोषित राष्ट्रवादी ओछेपन की सारी सीमाएं पार कर उनके उम्र और पद के ‘लालच’ का मजाक बनाने में भूल जाते हैं कि सूरज पर थूकने से अपने ही मुंह पर …

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विकास के बदले कश्मीरियों से उनकी आजादी ना मांगो : लालच देकर कश्मीरियों की आजादी खरीदना चाहती है मोदी सरकार

Tum Mujhe Apni Azadi do Main Tumhen Vikas doonga Narendra modi

जब से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने की घोषणा (Declaration to remove Article 370 from Jammu and Kashmir) हुई है तब से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, न्यूज़ चैनल पर आने वाले पार्टी प्रवक्ता और केंद्र सरकार के नुमाइंदे के रूप जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल कश्मीरियों से नौकरी, विकास आदि के वायदे कर रहे हैं. राज्यपाल ने तो वहां शीघ्र ही 50 हजार सरकारी …

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मैं शिक्षक क्यों बना? क्योंकि क्रांति चौराहे पर नहीं थी

Ish Mishra - a Marxist; authentic atheist; practicing feminist; conscientious teacher and honest, ordinary individual, technical illegalities apart.

‘शिक्षक-दिवस‘ की एक फेसबुक पोस्ट (A Facebook post of ‘Teacher’s Day’) पर चर्चाओं का निष्कर्ष यह था कि शिक्षक होना कम लोगों की पहली वरीयता नहीं होती। 20-21 साल में मैंने नौकरी की अपनी प्राथमिकता तय कर लिया था। मैं हमेशा शिक्षक ही बनना चाहता था। दूसरे वरीयता-क्रम कोई नौकरी नहीं थी। शिक्षक की नौकरी की तलाश करते हुए पत्रकारिता …

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भगत सिंह, नेताजी और गांधीजी के विरोध में एक साथ खड़े हैं सावरकर और जिन्ना के अनुयायी

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

समावेशी बहुवाद पर आधारित वह राष्ट्रवाद (Nationalism based on inclusive pluralism), जो भारत के स्वाधीनता संग्राम की आत्मा था, आज खतरे में है. इसका कारण है संघ परिवार की राजनीति का बढ़ता प्रभामंडल. संघ से जुड़े अनेकानेक संगठन, हमारे सामाजिक और राजनैतिक जीवन के सभी क्षेत्रों में घुसपैठ कर अपना वर्चस्व स्थापित कर रहे हैं. इसके साथ ही, यह आख्यान …

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अमेजन जैसे समृद्ध जंगलों के विनाश से निश्चित रूप से बढ़ेगी ग्लोबल वॉर्मिंग की रफ्तार

Tea plantation in forest area

पेड़ व वनस्‍पतियां यानी कुदरती कार्बन सिंक दुनिया में उत्‍पन्‍न होने वाले प्रदूषण( वातावरण से कार्बन डाई ऑक्‍साइड) के एक तिहाई हिस्‍से को सोखते हैं। अगर आज जलवायु परिवर्तन की समस्‍या का हल निकालना इतना मुश्किल लग रहा है, तो सोचिये कि कुदरती तौर पर उपलब्‍ध होने वाले कार्बन सिंक के बगैर इससे निपटना कितना दूभर होगा। ब्राजील का 60 …

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जब तक मोदी की सर्वाधिकारवादी राजनीति को पराजित नहीं किया जाता, डूबती जाएगी अर्थव्यवस्था

Gautam Adani and Narendra Modi

मोदी जी समझते हैं कि वे जितना कहते हैं, लोग उतना ही समझते हैं। कहने वाले और सुनने वाले के बीच दूसरे ऐसे अनेक अनुभव काम करते रहते हैं जो कहे गये शब्द अपने अर्थ को प्राप्त करें, उसके पहले ही उनकी राह को भटका देते हैं। वे नहीं जानते कि कैसे राजनीतिक साजिशों, सरकारी तंत्र के बेजा प्रयोग से …

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विरोध कीजिये आणविक युद्ध के उकसावे की हर हरकत का, चाहे मोदी करें या इमरान

Imran Khan with Narendra Modi

विरोध कीजिये, भारतीय उपमहाद्वीप में आणविक युद्ध के उकसावे की हर हरकत (Every act of provocation of nuclear war in Indian subcontinent ) का, चाहे वो आरएसएस बीजेपी करे, मोदी या इमरान करे, राजनाथ करे या इन मुल्कों के भड़ैत पत्रकार और टीवी चैनल करें। विरोध कीजिये, कश्मीरियों के साथ हो रही ज्यादतियों (Atrocities happening with Kashmiris) और हक़तल्फी का। …

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जब पुष्पा भारती को देख कर लोहिया बोले “चीज तो बहुत अच्छी है” !

23 जून 1962 को डॉ लोहिया का नैनीताल में भाषण, Speech of Dr. Lohia Nainital on 23 June 1962

गत दिनों भारत भवन में इला अरुण, के के रैना द्वारा परिकल्पित और निर्देशित नाटक ‘शब्द लीला’ के मंचन का समाचार पढ़ने को मिला। पिछले कुछ वर्षों में भारत भवन में आमंत्रण (Invitation to Bharat Bhavan Bhopal) भेजे जाने वाली सूची में संशोधन किया गया था और गत दो दशक की परम्परा को तोड़ते हुए मुझ जैसे लोगों को आमंत्रण …

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वर्चुअल हिंदू राष्ट्रवाद : संकटग्रस्त लोकतंत्र नहीं है, यह आमलोगों एवं शिक्षितों की चेतना का संकट है

Jagadishwar Chaturvedi

वर्चुअल हिन्दू राष्ट्रवाद (Virtual Hindu nationalism) फुसलाता कम है लेकिन अनुकरण करने पर ज्यादा जोर देता है। इसकी मूल विशेषता (Basic feature of virtual Hindu nationalism) है बहलाना-फुसलाना-बरगलाना। वर्चुअल हिंदू राष्ट्रवाद की एक चौकी फेसबुक और सोशल मीडिया भी है। यहां पर आपको आसानी से इनके राष्ट्रवादी अंधभक्त मिल जाएंगे। हम सब लोकतंत्र में मगन हैं और इस भ्रम में …

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मोर्चा संभालने में बहुत देर कर दी नेताजी! फिर साबित हुआ अखिलेश का नाकारापन !

Mohd. Azam Khan Mulayam Singh Yadav

जौहर यूनिवर्सिटी (Johar university) मामले में मोहम्मद आजम खान (Mohammad azam khan) पर लगातार कसे जा रहे शिकंजे के विरोध में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) आ गये हैं। उन्होंने आजम खान को मेहनती, साधारण परिवार से आने वाला और नेक इंसान बताते हुए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से उनके साथ खड़ा होने की अपील की है। …

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नंदकिशोर नौटियाल : हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह

नंदकिशोर नौटियाल : हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह | Nandkishore Nautiyal: Bhishma Pitamah of Hindi Journalism

नंदकिशोर नौटियाल : हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह | Nandkishore Nautiyal: Bhishma Pitamah of Hindi Journalism पत्रकारिता को व्यवसाय नहीं, मिशन समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार, हिंदी ब्लिट्ज व नूतन सवेरा के सम्पादक नंदकिशोर नौटियाल (Nandkishore Nautiyal) अब हमारे बीच नहीं है, सुनकर विश्वास नहीं होता, एक गहरी रिक्तता का अहसास हो रहा है। उनके निधन से राष्ट्र की हिंदी पत्रकारिता …

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सावरकर अपनी हिंसा और छल-कपट की नीति की होड़ दरअसल गांधी की अहिंसा और पारदर्शिता की नीति से करते थे

Veer Savarkar

दिल्ली विश्वविद्यालय (University of Delhi) : क्या थमेगा मूर्ति विवाद! अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् – Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (एबीवीपी) की 30 अगस्त 2019 की रैली में हुए भाषणों से यह स्पष्ट लगता है कि 12 सितम्बर को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव (Delhi University Students Union (DUSU) Election) में हाल का मूर्ति-विवाद प्रमुख मुद्दा रहेगा. चुनाव …

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मोदी मेड डिजास्टर, आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया, कैसी मजबूत सरकार, कर्ज लो घी पिओ !

Majboot Sarkar Ghumta huaa aina

Majboot Sarkar Ghumta huaa aina | Majboot Sarkar Arthvyvastha men ha ha kar mast hai modi sarkar Ghumta huaa aina यही है मजबूत सरकार, अर्थव्यवस्था में हाहाकार, मस्त है मोदी सरकार, घूमता हुआ आईना। देशबन्धु के समूह संपादक राजीव रंजन श्रीवास्तव का साप्ताहिक स्तंभ घूमता हुआ आईना। अर्थव्यवस्था गिरी, रुपए की हालत बिगड़ती जा रही है। सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकरा पर …

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अपयश के शिकार पीएम मोदी ! भगवान मोदी से इस कदर नाराज क्यों हैं ?

Narendra Modi An important message to the nation

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभागे नेताओं में से एक हैं। वे जिस लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं, भगवान की कृपा से ठीक उलटा होना शुरू हो जाता है। उन्होंने दावे किए दो करोड़ लोगों को सालाना रोजगार देने के (Claims of providing employment to 20 million people annually), लेकिन उलटा हो गया, दो करोड़ से अधिक लोगों के रोजगार छिन …

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सुनो मोदीजी, यदि कश्मीर मामले में नेहरू दिलचस्पी न लेते तो कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बन जाता

Sardar Patel Baba Saheb Ambedkar Jawahar Lal nehru on Kashmir issue

कश्मीर मुद्दे पर नेहरू-पटेल के बीच बुनियादी मतभेद नहीं थे There were no fundamental differences between Nehru and Patel on the Kashmir issue. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और संघ परिवार कश्मीर समस्या (Kashmir problem) के लिए मुख्य रूप से जवाहरलाल नेहरू को दोषी मानते हैं और बार-बार यह दावा करते हैं कि यदि कश्मीर का मसला सरदार …

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प्रोफेसर रोमिला थापर का जाहिल शासकों द्वारा अपमान ज्ञान के जगत के अपमान से कम नहीं है

Professor Romila Thapar's books,

प्रोफ़ेसर रोमिला थापर (Professor Romila Thapar) से जेएनयू प्रशासन ने उनका सीवी, अर्थात् उनके अकादमिक कामों का लेखा-जोखा माँगा है ताकि वह उनको दिये गये प्रोफ़ेसर एमिरटस के पद पर पुनर्विचार कर सके। Eminent historian and Padma Bhushan awardee Romila Thapar has been reportedly asked by the Centre to submit her CV so that it can consider if she can …

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कांग्रेस 70 साल में न कर पाई मोदीजी ने 5 साल में कर दिया, पर क्या ? अर्थव्यवस्था का सत्यानाश

Narendra Modi An important message to the nation

नोटबंदी के मूर्खतापूर्ण फैसले का बुरा परिणाम अब सामने आ रहा है… अर्थव्यवस्था सब से खराब दौर में 20 साल लगेंगे संभलने में नोट बंदी के मूर्खतापूर्ण फैसले के बाद जीएसटी को जिस अनाड़ीपन के साथ लागू किया गया था उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था का जो हाल होना ही था, वह आज हमारे सामने है। याद होगा कि पूर्व प्रधान …

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सांप्रदायिकता की नींव अंग्रेजों ने डाली और उसे हिंदुस्तानी एजेंट मिल गए

Ish Mishra - a Marxist; authentic atheist; practicing feminist; conscientious teacher and honest, ordinary individual, technical illegalities apart.

जब बहुसंख्यक के ऊपर अल्पसंख्यक के खतरे का हव्वा खड़ा किया जाता है तो वह फासीवाद होता है. मैंने अंग्रेजी में आरएसएस-जमाते इस्लामी पर एक लेख पोस्ट किया है. सांप्रदायिकता अंग्रेजों ने फैलाई. मुस्लिम आक्रांता के रूप में प्रवेश किए लेकिन वह जमाना था जब तलवार से सल्तनतें कायम होती थीं, अशोक-समुद्रगुप्त; गोरी-बाबर; … . क्या आप समुद्र गुप्त के …

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चौकीदारों के राज में हर जगह डर ही डर है, मॉबलिंचिस्तान बनता हिन्दुस्तान

Sambhal Mob lynching

हिन्दुस्तान को विश्व का सबसे बड़ा ‘लोकतांत्रिक देश कहते हैं और कुछ लोग तो कहते हैं कि ’हम विश्व गुरू बनेंगे, दुनिया को रास्ता दिखाने वाले हैं’। इस देश में रोज ऐसी-घटनाएं घट रही हैं जहां लगता है कि हम देश को रिवर्स गियर में डाल कर एक्सीलेटर दबा रहे हैं। और देखते-देखते विक्षिप्त महिला से भी ज्यादा, भीड़ विक्षिप्त …

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यह बैंकों का विलय नहीं सफाया है मोदीजी! अब आपकी पोल खुल गई है

Jagadishwar Chaturvedi

यह बैंकों का विलय नहीं सफाया है मोदीजी! अब आपकी पोल खुल गई है। भारत लुटेरों का देश ! सन् 2018-19में बैंकों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की राशि 52,200 करोड़ रुपये रही है। मोदी सरकार की चौकीदारी फेल- देश में पिछले साल बैंकों द्वारा सूचित धोखाधड़ी के मामलों में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत वृद्धि हुई …

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भारत का प्राइवेट सैक्टर निठल्ला है, क्या 1, 76,000 करोड़ का अभी तक कोई हिसाब आया

Narendra Modi new look

बैंकों का विलय और अर्थशास्त्र! Banks merger and economics! हम शस्त्र और शास्त्र को साथ लेकर चलते हैं। What Chanakya has written in Economics महापंडित चाणक्य ने अर्थशास्त्र में लिखा है कि श्रम का विभाजन और विलय, दोनों समाज में उन्नति और खुशहाली पैदा करता है। पर अर्थ का विभाजन सही है, विलय नहीं। क्योंकि अर्थव्यवस्था के लिये अर्थ का …

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फासिस्टों की क्रूर लूट से कोई नहीं बचेगा, कल नंबर उनका है जो आज कश्मीरियों की आहों पर वाह-वाह कर रहे हैं

Article 370

कश्मीर के सवालों का साम्प्रदायीकरण  (Communalization of Kashmir questions) संघी और महासभाईयों ने शुरू किया था। शुरू के समय कश्मीरियत (Kashmiriyat) हिन्दू मुसलमान की निगाह से खुद को नहीं देख रही थी। इसीलिए नेहरू के धर्मनिरपेक्ष नेतृत्व के प्रति अपने यकीन के चलते कश्मीरियों ने अपनी स्वायत्तता की गारंटी (Guarantee of autonomy) पर भारत का हिस्सा होना खुद चुना था। …

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गांधी जी ने लिखा “करेंगे या मरेंगे”, उसे “करो या मरो” बनाकर गलत भावना फैलाई जा रही

Gandhi ji ka sandesh Karenge ya marenge

गांधी जी ने लिखा “करेंगे या मरेंगे”, उसे “करो या मरो” बनाकर गलत भावना फैलाई जा रही है। करो या मरो दूसरों के लिए है जबकि करेंगे या मरेंगे में स्वयं भी शामिल होते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सर्व सेवा संघ की पत्रिका सर्वोदय जगत के कवर पर भी करो या मरो ही छपा है। दुख है कि गांधी शांति …

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कश्मीर पर भाजपा ने दिया पाकिस्तान को मौका! खट्टर के ‘कश्मीर से लड़कियाँ भगाने’ वाले बयान पर यूएन पहुंचा पाक

Khattar on Kashmir

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार, इतिहासकार और मंगल पांडे सेना के प्रमुख अमरेश मिश्रा ने एक एफबी टिप्पणी में हरियाणा के मुख्य-मंत्री भाजपा नेता मनोहर लाल खट्टर की खबर ली है। उन्होंने लिखा – कश्मीर पर भाजपा ने दिया पाकिस्तान को मौका! अब ये देखिए। भाजपा वाले लहालोट हैं कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र को कश्मीर संबंधित पिटीशन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के …

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अडानी के सामने राष्ट्रवाद को खूंटी पर टांग देते हैं मोदी, सरकारी संसाधनों को दोनों हाथों से लुटवाया जा रहा है

Gautam Adani and Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में ऐसा मायाजाल फैला रखा है कि लोग सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने घूम रहे हैं। देश में रोजी-रोटी का बड़ा संकट पैदा हो गया है। अर्थव्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। बेरोजगारी के मामले में मोदी सरकार ने पिछली सभी सरकारों को पीछे छोड़ दिया है। नौबत यहां तक आ गई …

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अनुच्छेद 370 : अर्धसत्यों की भरमार और भाजपा मंत्रियों की झूठ की पोटली

Dr. Ram Puniyani's article in Hindi on the plight of Kashmiri Pandits

भारत सरकार ने कश्मीर के लोगों की राय (opinion of the people of Kashmir) जानने की प्रजातांत्रिक कवायद किए बगैर अत्यंत जल्दबाजी में संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए (Articles 370 and 35A of the Constitution) के संबंध में निर्णय लिया है। जम्मू-कश्मीर राज्य अब दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बंट गया है। इसके साथ ही, हवा में ढ़ेरों अर्धसत्य …

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राहुल ने कोई यू-टर्न नहीं लिया : जूतों का असली हकदार गोदी मीडिया है जो दुष्प्रचार के संघी अभियान में हिस्सा ले रहा

Rahul Gandhis press conference

जूतों के असली हकदार तो वे निर्लज्ज पक्षपाती पत्रकार हैं जिनके तमाम अखबार और टीवी चैनल राहुल गांधी के काश्मीर स्टैंड में यू-टर्न (U-turn in Rahul Gandhi’s Kashmir stand) बताकर कांग्रेस के विरुद्ध दुष्प्रचार (Propaganda against congress) के संघी अभियान में हिस्सा ले रहे हैं। राहुल गांधी ही नहीं बल्कि देश के सभी लोकतंत्रवादियों, स्वतंत्रता प्रेमियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कश्मीर …

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हिंदू गांधी का धर्म : गांधी की आज दुनिया को जितनी जरूरत है, उतनी कभी नहीं थी शायद

Mahatma Gandhi statue in the Parliament premises. (File Photo: IANS)

धर्म का ऐसा कोलाहल है कि धार्मिकता कहीं मुंह छिपा कर बैठी है. हर किसी का दावा है कि वह है जो अपने धर्म का रक्षक है. जो भी भीड़ जुटा लेता है वह धर्म का अधिष्ठाता बन बैठता है. ऐसे में कौन इस सत्य की याद करे कि जो कहती है कि भीड़ जिसकी रक्षा करने खड़ी हो जाए …

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चौपट अर्थव्यवस्था : देश को अँधेरी गलियों में ले जाने में माहिर हैं मोदी जी !

Modi go back

अँधेरी गलियों में ले जाने में माहिर हैं मोदी जी ! आरबीआई (RBI) से लिए एक लाख सत्तर हजार करोड़ रुपये (one lakh seventy thousand crore rupees) का इस्तेमाल कैसे होगा, यह बात देश की वित्तमंत्री (finance minister of the country) को भी नहीं पता। अलबत्ता चारण गान में जुटा मीडिया और सांप्रदायिक द्वेष की पट्टियां आँखों पर बांधे बीजेपी …

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‘चौकीदार केजरीवाल’, धारा 370 और अंधी गली : ‘‘वह आए, उन्होंने देखा और वह शरणागत हो गए’’

Arvind Kejriwal

सुभाष गाताडे ‘‘वह आए, उन्होंने देखा और वह शरणागत हो गए’’ /He came, he saw and he concurred”/ 90 के दशक की शुरूआत में प्रकाशित आर के लक्ष्मण के एक कार्टून का कैप्शन/शीर्षक धारा 370 पर आम आदमी पार्टी के रूख (Aam Aadmi Party’s stance on Article 370) ने तमाम लोगों को भ्रमित और हताश किया है। संगठन के अपने …

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रिजर्व बैंक के रिजर्व कोष पर पंजा मारकर मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था की कब्र खोद दी

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 73rd Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2019

रिजर्व बैंक के रिजर्व कोष पर सरकार का पंजा (Government’s paw on Reserve Bank’s Reserve Fund) : सरकार ने खुद को ही नि:स्व किया है रिजर्व बैंक से अंतत: एक लाख छियत्तर हज़ार करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने लेकर दिवालिया हो रही निजी कंपनियों के तारणहार की भूमिका अदा करने और चंद दिनों के लिये अपने खुद के वित्त में …

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क्या मोदी सरकार ने कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण कर अलगाववादियों को नई ताकत दे दी ?

Narendra Modi An important message to the nation

कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण (Internationalization of Kashmir issue) हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया भर में अपने किये की सफाई देते हुए घूम रहे हैं। भारतीय मीडिया प्रधानमंत्री के पक्ष की रिपोर्टिंग देश में कर रही है, लेकिन वैश्विक प्रतिक्रियाओं को छिपा रही है। धारा 370 (Article 370) हटते ही अलगाववादियों ने विश्वविरादारी में अपने पक्ष में नई दलील …

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तो ऐतिहासिक नहीं काल्पनिक पात्र है उमराव जान

Abhishek Bachchan-Aishwarya Rai's Umrao Jaan film

वाकया 2008 का है। मैं उन दिनों इंडियन एक्सप्रेस के लखनऊ ब्यूरो (Lucknow Bureau of Indian Express) में काम करता था। एक दिन अचानक एक खबर एक साथ कई हिंदी अखबारों में छपी कि ऐशबाग कब्रिस्तान में उमराव जान की कब्र (Umrao Jaan’s grave in Aishbagh cemetery) तोड़ कर रास्ता बना दिया गया है। ये खबर जल्द ही दिल्ली मीडिया …

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तार्किकता के विरोधी और जन्म-आधारित असमानता के समर्थक हैं मोदी और हिन्दू राष्ट्रवादी

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

भारतीय राजनीति में भाजपा के उत्थान के समानांतर, देश में शिक्षा के पतन की प्रक्रिया (Education collapse process) चल रही है। देश की नई शिक्षा नीति का अंतिम स्वरूप (The final shape of the new education policy) क्या होगा, यह जानना अभी बाकी है। परंतु भाजपा, पाठ्यक्रमों और शोधकार्य को कौन सी दिशा देना चाहती है, यह उसके नेताओं के …

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कश्मीर : मोदी सरकार की एक गलत, भटकी हुई और उन्मादपूर्ण राजनीति

Amit Shah Narendtra Modi

भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (BJP President and Union Home Minister Amit Shah) ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर को अब भारत में मिलाया गया है। अर्थात्, वे भी अब तक पाकिस्तान की तरह कश्मीर को भारत का अविभाज्य हिस्सा नहीं मानते थे ! अभी के समय का उनका यह कथन दुश्मनों के लिये कश्मीर के मुद्दे का …

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परमाणु बम लेकर राजनाथ सिंह किसे हड़का रहे हैं पाकिस्तान को या मोदी-शाह को ?

Jaipur: Union Home Minister Rajnath Singh addresses a press conference in Jaipur on Dec 2, 2018. (Photo: IANS)

भारत के “कड़ी निन्दा मंत्री” माफ कीजिएगा भारत के रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह ने हाल ही में कह दिया कि ‘भारत की परमाणु नीति’ ‘नो फर्स्ट यूज’ (‘India’s nuclear policy’ ‘no first use’) की है। लेकिन भविष्य में इसे लेकर क्या होगा यह तत्कालीन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।’ यूं तो राजनाथ सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं (नरेंद्र मोदी …

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मेरे शहर की/ तरक़्क़ी का यह मंज़र/ किसके हिस्से में आता है

kavita Arora डॉ. कविता अरोरा

काली रात की बस से उतरा रौशनी का छिटका, सहर की चिल्ल पौं, ट्रकों के हॉर्न की आवाज़ में भी बेसुध…बे खटका… वो रोड के डिवाइडर पर औंधे मुँह पड़ा रहेगा… और सैटेलाइट की सड़क कोर वाली झुग्गियों पर सूरज के चमकीले साये चढ़ जायेंगे तो लक दक शहर के बदन पर यह कोढ़ के साये साफ़ नज़र आयेंगे… ईसाइयों …

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श्री कृष्ण ने कर्मकांड पर सीधी चोट की, वेदवादियों को अप्रतिष्ठित किया

Krishna Janmashtami

करमुक्त चारागाह हों और शीघ्र नाशवान खाद्य पदार्थ यथा दूध दही छाछ आदि पर चुंगी न हो, इसके लिए कंस से विरोध था श्री कृष्ण का। कारण और भी हो सकते हैं, जैसा भक्तजन कहते हैं। लेकिन नगर में आपूर्ति ठप्प और अवज्ञा आन्दोलन के रूप में निषेधित क्षेत्र में जबरन गो चारण कराना, वह भी सत्ता के विरुद्ध सेना …

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दंडनीय अपराध ही नहीं, पीड़ादायक भी है दुष्कर्म

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण कानून (Protection of Children from Sexual Offences Act) यानी पॉक्सो में संशोधन संबंधी अध्यादेश को केंद्रीय मंत्रिमंडल और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई। अब बारह साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों को मौत की सजा का प्रावधान (Provision of death penalty for rapists) किया जा सकेगा। प्रश्न है कि अभी …

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शहीद भगत सिंह और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की फिर हत्या : इस बार हिंदुत्ववादी टोली द्वारा!

Veer Savarkar

एक अत्यधिक परेशान करने वाले घटनाक्रम में आरएसएस के जेबी छात्र संगठन, एबीवीपी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में 20 अगस्त 2019 की रात शहीद भगत सिंह और नेताजी की मूर्तियों को वीडी सावरकर की मूर्ति के साथ एक ही पीठिका पर रखकर अनावरण करने का दुस्साहस किया। भगत सिंह और नेताजी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए …

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येदियुरप्पा, रेड्डी बंधुओं, शिवराज, हिमंता, मुकुल राय और ‘निशंक’ से डरती हैं सीबीआई और ईडी ?

CBI

नई दिल्ली। पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद भाजपा और उसके समर्थक ऐसा हल्ला मचा रहे हैं जैसे मोदी सरकार अब सब भ्रष्टाचारियों को जेल में डाल देगी। भाजपा के कई नेताओं के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के बावजूद उनका कोई बाल बांका न होना इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार भी दूसरी सरकारों की तरह अपने …

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वाह मोदीजी वाह, जो स्वायत्तता नागालैंड के लिए दवा, वही कश्मीर के लिए जहर हो गयी?

Amit Shah Narendtra Modi

अचरज नहीं कि मोदी-शाह जोड़ी के संविधान की धारा-370 (Article 370 of the constitution) को व्यावहारिक मायनों में खत्म ही कर देने की धमक, सुदूर उत्तर-पूर्व के राज्यों में और खासतौर पर नागालैंड (Nagaland) में सुनाई दी है। बेशक, शेष भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण (Full integration of Jammu and Kashmir with rest of India) के कथित रूप …

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मोदी की तुगलकी नीतियों की देन है मंदी और डूबती अर्थव्यवस्था

Narendra Modi An important message to the nation

मंदी और राजनीति-शून्य आर्थिक सोच की विमूढ़ता Recession and Politics – Zero Economic Widening अति-उत्पादन पूँजीवाद के साथ जुड़ी एक जन्मजात व्याधि है। इसीलिये उत्पादन की तुलना में माँग हमेशा कम रहती है। यही वजह है कि पूंजीवाद में हर एक चक्र के बाद एक प्रकार की संकटजनक परिस्थिति सामने आती ही है। लेकिन पूँजीवाद के इस चक्रिक संकट की चर्चा …

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मोदीजी की बेहाल अर्थनीति और जनता सांप्रदायिक विद्वेष और ‘राष्ट्रवाद’ का धतूरा पी कर धुत्त !

Narendra Modi new look

आर्थिक तबाही को सुनिश्चित करने वाला जन-मनोविज्ञान ! Public psychology that ensures economic destruction चुनाव में मोदी की भारी जीत लेकिन जनता में उतनी ही ज्यादा ख़ामोशी ! मोदी जीत गये, भले जनता के ही मत से, लेकिन विडंबना देखिये कि वही जनता उनकी जीत पर स्तब्ध है ! 2019 में मोदी की जीत सांप्रदायिक और राष्ट्रवादी उन्माद में होश …

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खेती के लिये जीरो बजट : उन्हें गांधी समझना मुश्किल, जिन्होंने स्वदेशी को तिलांजलि देकर गांधी से मतलब केवल सफाई में देखा

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

‘जीरो बजट खेती’ जिसका नामकरण अब सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती हुआ है, आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनी है। खेती के लिये यह एक अच्छा संकेत है। समाज में खुला विचार मंथन एक जरूरी प्रक्रिया है। खासकर जब खेती और किसानी की समस्या का समाधान करने में कारपोरेट परस्त सरकारें असफल हुई है और उनकी लूट करने के …

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स्वप्निल का संसार और उसमें ब्रह्मराक्षस की ताकाझांकी

Jaisa Maine Jeevan dekha स्वप्निल श्रीवास्तव की कविताओं की समीक्षा

स्वप्निल को कभी स्वप्न में भी ख़याल नहीं रहा होगा कि खूंखार कवि अनिल जनविजय के रहते मुझ सा नौसिखिया उनकी कविताओं की समीक्षा लिख मारेगा और उसकी धज कुछ ऐसी होगी कि आज 40 साल बाद भी किसी पत्रिका में छपी वो समीक्षा उनके पास सुरक्षित है। कुछ दिन पहले रंगकर्मी और हिंदी सिनेमा में अपना तम्बू ताने नन्दलाल …

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मोदी को बधाई हो ! ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बंदी के कगार पर, अर्थव्यवस्था चौपट

Narendra Modi An important message to the nation

पीएम मोदी की कृपा से राम युग में (कारखाने बंद) लौट रहा है भारत ! अभी कारखाने बंद हो रहे हैं! ऑटोमोबाइल बंदी के कगार पर है। मनमोहन सिंह रामयुग में नहीं जाने दिए और 2007-08 में रामयुग में जाते-जाते देश को धकेल दिया, पीएम मोदी को बधाई हो ! इसी तरह काम करें सभी कल कारखाने बंद करा दें! …

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डरना किसी से भी नहीं, गुरू से भी नहीं, मंत्र से भी नहीं, लोक से भी नहीं वेद से भी नहीं – आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

Acharya Hazari Prasad Dwivedi

आज आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी (Acharya Hazari Prasad Dwivedi) का जन्मदिन है- काशी की संस्कृति – विद्वत्ता और कुटिल दबंगई विश्वनाथ त्रिपाठी ने ‘व्योमकेश दरवेश’ में काशी के बारे में लिखा है – “काशी में विद्वत्ता और कुटिल दबंगई का अद्भुत मेल दिखलाई पड़ता है। कुटिलता, कूटनीति, ओछापन, स्वार्थ- आदि का समावेश विद्बता में हो जाता है। काशी में प्रतिभा के …

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वो कई जो सवाल लालकिले से अनसुने, अनकहे रह गए #hastakshep | News of the Day

News of the Day PM Modi Indian Population

वो कई जो सवाल लालकिले से अनसुने, अनकहे रह गए #hastakshep | News of the Day News of the Day | PM Modi अपनी हर योजना को देशभक्ति से क्यों जोड़ते हैं ? Indian Population | #DBLIVE मोदीजी ने लालकिले से छठवींबार भाषण देते हुए राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरण जैसे तमाम मुद्दों पर अपने विचार, अपने सरकार की योजनााएं और …

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कहीं अकेले न पड़ जाएं भूपेश बघेल, आज भी सोया हुआ है ओबीसी समाज

Bhupesh Baghel. (File Photo: IANS)

पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग समाज का आरक्षण (Reservation of Other Backward Classes Society in Chhattisgarh) 14% से बढ़ाकर दोगुना 27% कर दिया गया। भूपेश बघेल मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ (Bhupesh Baghel Chief Minister Chhattisgarh) शासन ने 15 अगस्त 2019 को यह निर्णय लिया यह घोषणा ओबीसी समाज (OBC Society) के बिना मांग बिना प्रतिवेदन बिना ज्ञापन के दी गई। …

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कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना – यह राजनीति है या कूटनीति

Amit Shah Narendtra Modi

रामकथा का कथानक ऐसा कथानक है जिस पर लगभग तीन सौ रचनाएं लिखी गयी हैं जो सभी अनूठी हैं। यही कारण है कि राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त जिन्होंने खड़ी बोली में इस कथानक पर महाकाव्य रचा, कहते हैं – राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है कोई कवि बन जाय, सरल सम्भाव्य है इस कथानक पर रची गयी सभी रचनाओं …

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समाज की ‘फ्रोजन स्टेट’ को तोड़ने के लिए थिएटर ऑफ़ रेलेवंस’

Rajgati Theater of Relevance

समाज की ‘फ्रोजन स्टेट’ को तोड़ने के लिए थिएटर ऑफ़ रेलेवंस’ (Theater of Relevance to break the ‘frozen state’ of society) अपनी कलात्मकता से विवेक की मिटटी में विचार का पौधा लगाने के लिए प्रतिबद्ध! – मंजुल भारद्वाज 27 वर्ष पहले यानी 1992 में भूमंडलीकरण (Globalization) का अजगर प्राकृतिक संसाधनों को लीलने के लिए अपना फन विश्व में फैला चुका …

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2014 की सार्क “हग डिप्लोमेसी” और बिम्सटेक से अक्षय ऊर्जा की उम्मीदें

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यभार संभाला था तब उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह (Prime Minister Narendra Modi’s swearing in ceremony) में “हग डिप्लोमेसी” (Hug Diplomacy) के तहत सार्क देशों के प्रमुखों (Heads of SAARC Countries) को आमंत्रित किया था। लेकिन ये हग डिप्लोमेसी थोड़े ही समय में फेल हो गई और नौबत यहां तक आई कि …

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अनुच्छेद 370 : संसद में हुआ भारत के संविधान का चीर हरण, सर्वोच्च न्यायालय से ही आस

Article 370

कश्मीरी जनता ही नहीं संवैधानिक प्राविधानों पर भी कुठाराघात किया गया है मोदी सरकार के इस क़दम से न केवल राज्य सरकारों बल्कि खुद राज्यों के वजूद पर ही प्रश्न चिन्ह लग सकता है… This step of the Modi government may put a question mark not only on the existence of the state governments but also the states themselves. उस …

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भारतीय राजनीति की बिसात पर गौमाता : हिन्दू और जैनी हैं देश के सबसे बड़े बीफ एक्सपोर्टर

COW

भारतीय राजनीति की बिसात पर गौमाता : हिन्दू और जैनी हैं देश के सबसे बड़े बीफ एक्सपोर्टर, Gaumata on the chessboard of Indian politics : Dr. Ram Puniyani’s article in Hindi भाजपा और उसके सहयात्रियों के हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के एजेंडे (Agenda of establishment of Hindu Rashtra) में गाय का महत्वपूर्ण स्थान है. मॉब लिंचिंग (Mob lynching) इसका एकमात्र परिणाम …

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अमेरिकी आज भी अपनी जेब में चेकबुक रखता है और भारत में डिजिटल भुगतान (क्रिप्टो करेंसी) पर जोर !

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

क्रिप्टो करेंसी और राज्य Crypto currency and state देखते-देखते क्रिप्टो करेंसी (Crypto currency), अर्थात् तमाम राष्ट्रीय सरकारों की जद से मुक्त ऐसी सार्वलौकिक करेंसी के चलन पर विचार और क्रिया का सिलसिला शुरू हो गया है जो मुद्रा को क्रय-विक्रय के लेन-देन में मध्यस्थता (Intermediation in the sale and transaction of currency) की अपने मूलभूत भूमिका के अतिरिक्त उस पर …

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कविता और राजनीति का अपने साहित्य में विलक्षण संबंध स्थापित किया खूब लड़ी मर्दानी वाली सुभद्रा कुमारी चौहान ने

Jagadishwar Chaturvedi

आज है खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी, की सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्मदिन हिन्दी आलोचकों में मुक्तिबोध के अलावा किसी बड़े समीक्षक ने सुभद्राकुमारी चौहान पर कलम चलाने की जहमत नहीं उठायी, जबकि वे स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं और दलितों को संगठित करने में महात्मा गांधी के साथ अग्रणी कतारों में रहीं। प्रसिद्ध हिन्दी कवि गजानन …

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भगत सिंह ने जवाहरलाल नेहरू को अपना नेता क्यों माना? सुभाषचंद्र बोस ने महात्मा गांधी को ”राष्ट्रपिता” का संबोधन क्यों दिया?

happy Independence Day

स्वाधीनता और जनतंत्र का रिश्ता Relation of freedom and democracy आज हम आज़ादी के बहत्तर साल पूरे कर स्वाधीन मुल्क के तिहत्तरवें वर्ष में पहला कदम रख रहे हैं। इस मुबारक मौके पर एक पल रुककर हमें खुद से पूछना चाहिए कि देश की स्वतंत्रता हासिल करना हमारा अंतिम लक्ष्य था या किसी वृहत्तर लक्ष्य की पूर्ति के लिए एक अनिवार्य …

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मोदी-शाह ब्रांड की मार अकेले मुस्लिम नहीं, बहुसंख्यक भी झेल रहे हैं

Amit Shah Narendtra Modi

मोदी-शाह ब्रांड की काट सभी पीड़ितों को एक करने में है युवा, किसान, मजदूर, दलित, आदिवासी, महिलाओं किसी के लिए मोदी-शाह के पास ना तो कोई एजेंडा था और ना है. सिर्फ विवादित मुद्दों के दम पर राजनीति हो रही है. 2019 के लोकसभा चुनाव (2019 Lok Sabha Elections) के बाद इसमें और तेजी आई है. तीन तलाक (Tripple Talaq) …

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स्वतंत्रता दिवस : विभाजन की पीड़ा और कोलकाता

Jagadishwar Chaturvedi

कोलकाता कुछ मामले में असामान्य शहर है। इस शहर ने जितनी राजनीतिक उथल-पुथल झेली है, वैसी अन्य किसी शहर ने नहीं झेली। यह अकेला शहर है जिसने दो बार भारत विभाजन की पीड़ा को महसूस किया है। यह असामान्य पीड़ा थी। मैं अभी तक समझ नहीं पाया हूं कि बंगाली समाज के मनोविज्ञान पर इन दोनों विभाजन की घटनाओं के …

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मोदी जी ने सही कहा वे समस्याएं न टालते हैं, न पालते हैं, बल्कि समस्याओं को देश पर लादते हैं

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 73rd Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2019

मोदी जी ने सही कहा वे समस्याएं न टालते हैं, न पालते हैं, बल्कि समस्याओं को देश पर लादते हैं। समस्याओं से वे देश को जोड़कर नहीं देखते, वे तो बस बहुसंख्यकवाद की विजय देखते हैं। लाल किला और मोदी की भाषण शैली Red Fort and Modi’s speech style लाल क़िले की प्राचीर से आज मोदीजी का भाषण (Modiji’s speech …

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स्वतंत्रता दिवस : हिटलरशाही के प्रतिरोध की राजनीति साधनी होगी

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

आज़ादी की 73वीं सालगिरह (73rd anniversary of independence) पर सभी मित्रों को हार्दिक बधाई । आज का दिन अपने देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराने का दिन है। आज उन सभी देशवासियों को गले लगाने का दिन है जिनके मन वर्तमान शासन की विभाजनकारी नीतियों और अन्यायपूर्ण दमन के कारण दुखी है। आज खास तौर …

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स्वतंत्रता दिवस : आजादी की लड़ाई से प्रेरणा लेने की जरूरत सिर्फ बहुजनों को ही क्यों!

H L Dusadh -एच.एल.दुसाध (लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय आध्यक्ष हैं.)

1947 में आज ही के दिन अर्द्धरात्रि में कांग्रेसी पंडित जवाहर लाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) ने अंग्रेजों से भारत की आजादी (India’s independence from the British) की घोषणा की थी। तबसे हम आज के दिन इस समय आजादी के जश्न में खो जाते हैं। अंग्रेजों से आजादी दिलाने का श्रेय जिस पार्टी को है, अब उसके कृतित्व को लोग …

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भारत की अर्थ-व्यवस्था को डुबाने में मोदी सरकार की विदेश नीति का बड़ा योगदान

Narendra Modi new look

विदेश नीति और हमारा आर्थिक संकट Foreign policy and our economic crisis नोटबंदी की तरह के घनघोर मूर्खतापूर्ण क़दम के अलावा भारत की अर्थ-व्यवस्था को डुबाने में मोदी सरकार की विदेशनीति (Modi government’s foreign policy) का कम बड़ा योगदान नहीं है। आज भारत अपने उन सभी पड़ोसी देशों, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका से कटता जा रहा है जो भारत …

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अंबेडकर के बाद हिंदू साम्राज्यवादी एजेंडा में गौतम बुद्ध

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

Gautam Buddha in the Hindu imperialist agenda after Ambedkar : india will be powerful in asia using buddha diplomacy कल हमने लिखा था, अंबेडकर (Ambedkar) के बाद हिंदू साम्राज्यावदी एजेंडा (Hindu imperial agenda) में गौतम बुद्ध (Gautam buddha) को समाहित करने की बारी है और आज इकोनामिक टाइम्स की खबर (Today’s Economic Times news) हैः ‘बुद्ध डिप्लोमेसी‘ से एशिया में …

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कांग्रेस का परिवारवाद : ऐतराज भी, अनिवार्यता भी

congress

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) में बुरी तरह से पराजित होने के बाद नैतिकता के आधार पर राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के पश्चात काफी दिन बाद भी नया पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं बनने से कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता चिंतित हैं। यह स्वाभाविक भी है, क्यों कि इस मसले के साथ उनका राजनीतिक भविष्य जुड़ा हुआ है। …

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों का साथ दे रहे थे

syama prasad mukherjee in hindi

आजादी के विरोधी (anti-independence) और अंग्रेजी हुकूमत के पैरोकार (advocates of English rule) देशभक्त (patriot) नहीं गद्दार (traitor) हैं नई दिल्ली। आज की तारीख में उन क्रांतकारियों की आत्मा रो रही होगी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले उन समाजवादियों की आत्मा भी आहत होगी, जिन्होंने …

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धारा 370 का गला घोंट कर आरएसएस/भाजपा ने सरदार पटेल को किया शर्मसार : जानिए समकालीन सरकारी दस्तावेज़ों में निहित सच

भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल (First Home Minister of India, Sardar Vallabhbhai Patel)

आरएसएस के बौद्धिक शिविरों (वैचारिक प्रशिक्षण शिविरों) में गढ़े जाने वाले “सत्य” में से एक यह भी है कि भारत पर अनुच्छेद 370 (Article 370) को पं. जवाहरलाल नेहरू (Pt. Jawaharlal Nehru) ने थोपा था, जबकि भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल (First Home Minister of India, Sardar Vallabhbhai Patel) इसके विरोध में थे। मोदी सरकार के …

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दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार ने संसद का उपयोग कर जम्मू व कश्मीर में सेना लगा कर लोकतंत्र खत्म कर दिया

Sandeep Pandey मैगसेसे पुरस्कार विजेता डॉ. संदीप पाण्डेय

जम्मू व कश्मीर की त्रासदी The tragedy of Jammu and Kashmir जम्मू व कश्मीर (Jammu and Kashmir) में जो किया गया है वह अप्रत्याशित है। बिना जम्मू व कश्मीर के एक भी व्यक्ति को विश्वास में लिए हुए उसके बारे में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार (The government of the world’s largest democracy) ने संविधान और संसद का उपयोग …

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कश्मीर पर पैशाचिक अट्टहास : विभाजन की इस अंतहीन प्रक्रिया में खुद को आप जिस छोर पर देखते हैं

Madhuvan Dutt Chaturvedi मधुवन दत्त चतुर्वेदी लेखक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं।

काश्मीर पर ! ठीक नोटबन्दी की तरह, अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक निर्णय है। देश के संघीय स्वरुप पर चोट भी है। ठीक नोटबन्दी की तरह, तानाशाही सनक का नतीजा है यह निर्णय। ठीक नोटबन्दी की तरह, भक्त और मीडिया पगलाये हुए हैं कि यह देशहित में लिया निर्णय है। ठीक नोटबन्दी की तरह, विपक्ष कंगुआया हुआ है और उसे लगता है …

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क्रांति का सेंसेक्स : आजाद की मां दो रोटी को तरसे और मंगल पांडे बनने के लिए आमिर ने आठ करोड़ लिए

Rajeev mittal राजीव मित्तल, लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

क्रांति का सेंसेक्स : जब मुजफ्फरपुर में खुदीराम बोस को याद किया था अपने ही अखबार में बारह नंबर पेज पर जा रही खबरसे पता चला कि अस्सी साल पहले 27 फरवरी को चन्द्रशेखर आजाद इलाहबाद के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस से लड़ते हुए शहीद हुए थे.. और मुजफ्फरपुर में इन्हीं आँखों से कम्पनी बाग़ में वो जगह भी देखी …

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तथ्य : सरदार पटेल 370 का प्रस्ताव लेकर आए, पंडित नेहरू विदेश में थे और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने समर्थन किया

Article 370

सारा खेल पॉलिटिकल परसेप्शन (Political perception,) का है, और देश की बहुसंख्यक आबादी इस वक्त सत्ता के परसेप्शन गेम में पूरे तरीके से उलझी हुई है। इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल (BJP MP from Ladakh Jamyang Tshering Namgyal) ने लोकसभा में जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल (Jammu and Kashmir State Reorganization …

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राष्ट्र के नाम संबोधन : प्रधानमंत्री ने जो नहीं कहा… वो जो सरकार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण और देश के लिए अपशकुन है

Prime Ministers address to the nation

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधे घंटे से कुछ ज्यादा ही समय तक राष्ट्र को संबोधित किया (Prime Minister’s address to the nation) लेकिन देश यह समझने में असफल रहा कि वे किसे और क्यों संबोधित कर रहे थे. यदि उनके संबोधन का सार ही कहना हो तो कहा जा सकता है कि वे कश्मीरियों के बहाने देश को अपने उस …

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टीपू सुल्तान : नायक या खलनायक?

Tipu Sultan

हाल में कर्नाटक में दलबदल और विधायकों की खरीद-फरोख्त (Change of party and purchase of MLAs in Karnataka) का खुला खेल हुआ जिसके फलस्वरूप,  कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिर गई और भाजपा ने राज्य में सत्ता संभाली। सत्ता में आने के बाद, भाजपा सरकार ने जो सबसे पहला निर्णय लिया वह यह था कि राज्य में टीपू सुल्तान की जयंती (Tipu Sultan’s …

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स्वतंत्रता दिवस : तय तो यह (नहीं) हुआ था

Narendra Modi new look

सबसे पहले बायां हाथ कटा फिर दोनों पैर लहूलुहान होते हुए टुकड़ों में कटते चले गए खून दर्द के धक्के खा-खाकर नसों से बाहर निकल आया था।  -शरद बिल्लौरे तय तो यही हुआ था, स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से अपने भाषण में प्रधानमंत्री (Prime Minister’s speech from Red Fort on Independence Day) ने जिस तरह से पाक अधिकृत कश्मीर (Pakistan …

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नेहरू ने कहा था, सबसे जरूरी है लोगों का दिल जीतना, कानून उसके बाद बनाये जा सकते हैं… आईए, समझें धारा 370 को

धार्मिक राष्ट्रवाद (Religious nationalism) के नशे में गाफिल रहने वालों को आमजनों की क्षेत्रीय व नस्लीय आकाँक्षाएँ दिखलाई नहीं देतीं। विभिन्न रंगों के अति राष्ट्रवादी भी इसी दृष्दिोष से पीड़ित रहते हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (BJP-led NDA government) के दिल्ली में सत्ता पर काबिज होने के बाद से संविधान की धारा 370 को हटाने …

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आजादी के आंदोलन का धुर विरोधी रहा है आरएसएस, केंद्र सरकार का 370 पर कदम आतंकवाद को बढ़ायेगा ही : अखिलेंद्र

Akhilendra Pratap Singh अखिलेंद्र प्रताप सिंह राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य स्वराज अभियान

जम्मू कश्मीर राज्य के पुनर्गठन और उसके विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त किए जाने के संदर्भ में दो बातें :Two things in the context of the reorganization of the state of Jammu and Kashmir and the abolition of its special state status राष्ट्रपति ने संसद द्वारा पारित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल (J&K Reorganization Bill passed by Parliament) और उसे मिले …

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भारत छोड़ो आंदोलन का इतिहास : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन को कुचलने के लिए की थी अंग्रेजों की मदद

syama prasad mukherjee in hindi

आरएसएस/भाजपा के नए ‘देश-भक्त‘ डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में 6 सच्चाइयां 6 truths about the new ‘patriot’ of the RSS / BJP Dr. Syama Prasad Mukherjee RSS/BJP ने फ़िलहाल अपने अव्वल नंबर के देशभक्त ‘वीर’ सावरकर की स्तुति काफ़ी हद तक कम कर दी है। इस की सब से बड़ी वजह यह है कि इस ‘वीर’ की असली …

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मोदीजी उन्माद के बल पर राष्ट्र का निर्माण नहीं, सिर्फ विध्वंस ही किया जा सकता है, अरुण माहेश्वरी का पीएम को खत

Narendra Modi An important message to the nation

स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री जी के नाम एक खुला पत्र An open letter to the Prime Minister before Independence Day आदरणीय प्रधानमंत्री जी, कल रात हम काफी देर तक ‘नेटफ्लिक्स‘ पर सीरिया और गाजा के बारे में वृत्त चित्रों (Documentaries about Syria and Gaza on ‘Netflix’) को देख रहे थे। आतंक, हत्या, खून-खराबे और भारी गोला-बारूद के बीच वहां …

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कश्मीरी पंडितों के गुनहगार : महाराजा हरि सिंह, भाजपा, जगमोहन और मुफ्ती

Dr. Ram Puniyani's article in Hindi on the plight of Kashmiri Pandits

राजनीति एक अजब-गजब खेल है। इसके खिलाड़ी वोट कबाड़ने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। इन खेलों से हमें संबंधित खिलाड़ी की राजनैतिक विचारधारा का पता तो चलता ही है, इससे हमें यह भी समझ में आता है कि इस खेल में किस तरह घटनाओं को तोड़ा-मरोड़ा जाता है और एक ही घटना की किस तरह परस्पर …

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खुदा खैर करे… अगर कश्मीर गृह युद्ध की तरफ बढ़ा तो इसके भयंकर परिणाम भारत-पाकिस्तान दोनों की जनता भुगतेगी

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

धारा 370 और 35 A को तोड़ना इंसानियत-जम्हूरियत-कश्मीरियत के खात्मे की तरफ बढ़ना … 5 अगस्त 2019 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन (Black day in the history of Indian democracy) के रूप में दर्ज हो गया। इस दिन विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र का दावा करने वाला भारत, जिसकी चुनी हुई सरकार ने गैर लोकतांत्रिक तरीके से अपने …

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भारत छोड़ो आंदोलन की चेतना : लोहिया का बोध

23 जून 1962 को डॉ लोहिया का नैनीताल में भाषण, Speech of Dr. Lohia Nainital on 23 June 1962

भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं सालगिरह पर विशेष Special on the 77th anniversary of Quit India Movement 9 अगस्त 2019 को अगस्त क्रांति (August Revolution) के नाम से मशहूर और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास (History of India’s independence movement) में मील का पत्थर माने जाने वाले भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं सालगिरह है. भारतीय जनता की स्वतंत्रता की …

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बहुसंख्यकवादी शूरवीरता का कश्मीरी आख्यान :  मोदी महाशूरवीर, अमित शाह उनसे भी बड़े शूरवीर

Amit Shah Narendtra Modi

मैं जब कश्मीर (Kashmir) गया तो वहां एकदम शान्ति थी। इस शान्ति को देखकर ही मैंने जाने का मन बनाया, लेकिन मन में यह समझ काम कर रही थी कि मोदी सरकार कश्मीर को शांत नहीं रहने देगी। मोदी सरकार की आदत है शांति को अशांति में तब्दील करो, सामान्य स्थिति को अ-सामान्य स्थिति में रूपान्तरित करो। इस बुनियादी समझ …

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मर्डर इन द कैथेड्रल और न्यू इंडिया : नाटक जो लिखा इलियट ने वह काल्पनिक नहीं इतिहास है 

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

मर्डर इन द कैथेड्रल (Review of Murder in the Cathedral in Hindi) गीति नाट्य विधा (opera) में लिखी गयी अंग्रेज कवि और आलोचक नोबेल पुरस्कार विजेता टीएस इलियट (play by American English poet T.S. Eliot) की अत्यंत प्रासंगिक कृति है। Brief by outline the historical background of murder in the cathedral. रवीन्द नाथ टैगोर ने भी चंडालिका, श्यामा, रक्तकरबी, शाप …

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क्या शासकों को आईना दिखाना बंद कर दें देश के प्रमुख नागरिक ?

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

क्या प्रमुख नागरिकों को शासकों को आईना नहीं दिखाना चाहिए? Should the prominent citizens not show the mirror to the rulers? देश के 49 प्रमुख नागरिकों, जिनमें फिल्मी हस्तियां, लेखक और इतिहासविद् शामिल हैं, ने कुछ समय पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुला पत्र (Open letter to Prime Minister Narendra Modi) लिखकर, देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार (Atrocities against …

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इस 15 अगस्त पर चिंता व चिंतन का विषय क्या भारत का आर्थिक सत्ता संचालन, भारत के हाथ में है ? 

arun tiwari अरुण तिवारी वरिष्ठ पत्रकार, पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।

हासिल स्वतंत्रता, किसी के लिए भी निस्संदेह एक गर्व करने लायक उपलब्धि होती है और स्वतंत्रता दिवस (Independence day), स्वतंत्रता दिलाने वालों की कुर्बानी (sacrifices of those who get freedom) को याद करने व जश्न मनाने का दिन। आज़ादी कितनी अधूरी, कितनी पूरी एक देश के लिए उसका स्वतंत्रता दिवस, स्वतंत्रता के मायने, सपने, लक्ष्य (The meaning of freedom, dreams, …

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बहुत खतरनाक होता है गूंगा लोकतंत्र… कोई भी सरकार देश नहीं होती !

Kumar Prashant

इस बार के स्वतंत्रता दिवस (Independence day) की धज कुछ अलग ही थी ! वही 15 अगस्त (August 15) था और वही लाल किला था, वैसे ही फौजी भी थे और उनका अनुशासन भी; वैसे ही बच्चे भी थे और वही राष्ट्रगान (National anthem) भी था और वही प्रधानमंत्री भी थे जिन्होंने डोरी खींची और हमारा तिरंगा लहराया ! लेकिन …

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क्या ये पुण्य प्रसून का संघी था, जो बाहर आ गया ?

Punya Prasun Bajpai

पुण्य प्रसून क्यों किसी ‘उद्धारकर्ता‘ के झूठे अहंकार में फंस रहे है ? —अरुण माहेश्वरी कल रात ही धारा 370 को हटाये जाने के बारे में पुण्य प्रसून वाजपेयी की लंबी, लगभग पचास मिनट की वार्ता (Punya Prasoon Bajpai’s long, nearly fifty-minute talk about the removal of Article 370) को सुना। अपनी इस वार्ता में उन्होंने घुमा-फिरा कर, कश्मीर के …

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धारा 370 : घाटी और देश में हिंसा और मौतों का सिलसिला और तेज होगा, लेकिन मोदी सरकार का तो भला होगा !

Jammu and Kashmir On the way to Final Solution.jpg

जम्मू-कश्मीर : ‘फाइनल सोल्यूशन’ के रास्ते पर ! Jammu and Kashmir: On the way to ‘Final Solution’! ‘17 जून के हंगामे के बाद लेखक यूनियन के सचिव ने बंटवाए पर्चे… कि जनता ने सरकार का विश्वास खो दिया है और दोगुने प्रयासों से ही उसे दोबारा जीता जा सकता है। तब क्या यही आसान नहीं होगा कि सरकार जनता को …

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जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र के खात्मे में सरकार के साथ अलगाववादियों की भूमिका पर भी सीधा सवाल करना चाहिए

Socialist thinker Dr. Prem Singh is the National President of the Socialist Party. He is an associate professor at Delhi University समाजवादी चिंतक डॉ. प्रेम सिंह सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं

जम्मू-कश्मीर पर सरकार का फैसला : कुछ तात्कालिक विचार… Government’s decision on Jammu and Kashmir: some immediate thoughts अब जम्मू-कश्मीर का संविधान की धारा 370 के तहत विशेष राज्य का दर्जा समाप्त (Special state status of Jammu and Kashmir under Article 370 of the Constitution ended) हो गया है. साथ ही धारा 370 से जुड़ा आर्टिकल 35ए भी निरस्त हो गया …

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जानिए अगर पं. नेहरू न होते तो कश्मीर कभी भी भारत का न होता

How much of Nehru troubled Modi

वरिष्ठ पत्रकार राजीव मित्तल  का आलेख “नेहरू, कश्मीर और कश्मीरियत को यहाँ से समझें” मूलतः 21 जून 2018 को हस्तक्षेप पर प्रकाशित हुआ था। पं. नेहरू और कश्मीर के संबंध को समझने के लिए यह छोटा सा आलेख आज भी प्रासंगिक है … हस्तक्षेप के पाठकों के लिए पुनर्प्रकाशन कुछ वर्षों से कश्मीर को नेहरू की चाशनी में डाल कर जलेबी …

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जम्मू व कश्मीर के लोगों के साथ विश्वासघात : कश्मीर पर पकड़ा गया मोदी सरकार का झूठ

Sikar: Prime Minister and BJP leader Narendra Modi addresses during a public meeting in Rajasthan's Sikar, on Dec 4, 2018. (Photo: IANS)

भारत सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 व 35ए, (Articles 370 and 35A of the Constitution) जो 1947 में भारत और कश्मीर के महाराजा हरि सिंह (Maharaja Hari Singh of Kashmir) के बीच कश्मीर के भारत के साथ विलय (Kashmir merged with India) के समय हुए समझौते के आधार पर बने था, को कमजोर करने की कोशिश जम्मू व कश्मीर …

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नोटबंदी और जीएसटी तथा कॉरपोरेटी आर्थिक नीतियों के दुष्परिणामों से ध्यान हटाने के लिए धारा 370 का राग

Amit Shah

जम्मू और कश्मीर का भारत में विलय (Jammu and Kashmir merged with India) 15 अगस्त 1947 को नहीं हुआ था, औपनिवेशिक शासनों ने सत्ता के हस्तांतरण में देशी रजवाड़ों को छूट दी थी कि वे चाहे हिंदुस्तान के साथ रहें चाहे पाकिस्तान के और चाहे स्वतंत्र। अंततः नेहरू और शेख अब्दुल्ला से वार्ता के तहत राजा हरि सिंह ने भारत …

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यह कश्मीर को भारत में मिलाने का नहीं, उससे अलग करने का निर्णय है

Narendra Modi new look

यह कश्मीर को भारत में मिलाने का नहीं, उससे अलग करने का निर्णय है कश्मीर संबंधी जो धाराएँ भारतीय जनतंत्र और संघीय ढाँचे का सबसे क़ीमती गहना थी, उन्हें उसके शरीर से नोच कर बीजेपी हमारे जनतंत्र को विपन्न और बदसूरत बना रही है। कश्मीर की जनता के साथ तो यह ऐसी बदसलूकी है कि यदि इसी तरह चलता रहा …

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रवीश को विश्व के क्रूरतम हत्यारे के नाम का करोड़पति सम्मान मिल गया तो आप खुश होइए, मैं नहीं होता !

Ravish Kumar

मैं मीडिया के चमचमाते करोड़पति चेहरे रवीश को नहीं पसंद करता हूँ। इसकी जगह जल जंगल जमीन माफियाराज के खिलाफ़ लड़ाई में फर्जी मुकदमों के कारण जेल में बन्द, बेघर, बरबाद पत्रकारों को पसंद करता हूँ तो आपकी दिक्कत क्या है। हिन्दुस्तान में इंसान कम पाए जाते हैं। चाहे हत्यारे हों या हत्यारों के विरोधी सबके अपने अपने भगवान होते …

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कश्मीर हमारा कश्मीरी तुम्हारा…. लानत है हम पर…

Rajeev mittal राजीव मित्तल, लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

#कश्मीर_हमारा_कश्मीरी_तुम्हारा (तीन साल पहले लिखा था..आज फिर जरूरत है इसकी) आज़ादी के बाद से ही दिल्ली की सरकारों की कमोबेश यही सोच रही है। 1948 में खूंखार कबाइलियों की घुसपैठ और फिर पाक सेना के हमले में भारतीय सेनाओं का खुल कर साथ देने वाले कश्मीरी और कश्मीर हम भारतवासियों के दिलजोई का सामान बन कर रह गए…… और केंद्रीय …

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सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, जब नेहरू का बनाया सब बेच चुकेंगे तब मोदी क्या बेचेंगे ?

Narendra Modi An important message to the nation

एक तथ्य जिसपर मीडिया और इस वजह से लोगों ने भी ध्यान नहीं दिया वह था कि जब नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) गुजरात के मुख्य मंत्री होते हुए 2014 में भारत के प्रधान मंत्री पद की शपथ लेने अहमदाबाद से दिल्ली आए तो उन्होंने अडाणी के हवाई जहाज (Adani’s airplane) का इस्तेमाल किया। इस बात के निहितार्थ अब समझ में …

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सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की दुर्दशा पर गीता गांधी : नीति आलोचना की आड़ में निजी हित !

Dr. Sandeep Pandey on fast

गीता गांधी किंग्डन (Gita Gandhi Kingdon), जो यूनिवर्सिटी कालेज, लंदन में प्रोफेसर और लखनऊ के सिटी मांटेसरी स्कूल की प्रबंधक (Manager of City Montessori School of Lucknow) हैं ने हाल ही में नई शिक्षा नीति की आलोचना (draft National Education Policy (NEP) 2019 ) की है जो 24 जून, 2019 को अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इण्डिया (geeta gandhi kingdon times …

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अफ़सोस किताबों के लिखने वाले भी किताबों के सफ़हों में दफ़्न हैं किसी सूखे गुलाब की तरह

Munshi Premchand

खड़ा हूँ आज भी रोटी के चार हर्फ़ लिए। सवाल यह है कि किताबों ने क्या दिया मुझको ? अफ़सोस किताबों के लिखने वाले भी किताबों के सफ़हों में दफ़्न हैं, किसी सूखे गुलाब की तरह, जब बरक खोलो तो महकने लगती है शख़्सियत उनकी। चमकती जिल्द की सूरत कहाँ बताती है कि किन पथरीली राहों से वो शख़्स गुज़रा …

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मोदीराज में अर्थ-व्यवस्था के विध्वंस के लिये बारूद का व्यापक जाल बिछा दिया गया लगता है

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

वित्त सचिव सुभाष गर्ग (Finance Secretary Subhash Garg) को केंद्र में रख कर शुरू हुए विवादों का जो चारों ओर से भारी शोर सुनाई दे रहा है, वह इतना बताने के लिये काफी है कि भारत की अर्थ-व्यवस्था और वित्त-प्रबंधन के केंद्रों पर अब पूरी तरह से ऐसी राष्ट्र-विरोधी ताक़तों का क़ब्ज़ा हो चुका है, जो इस अर्थ-व्यवस्था के पूरे …

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ऐसे तो हर आंदोलनकारी को देशद्रोही बना देंगे ये लोग

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

लंबे समय से अराजक एजेंडे पर काम कर रहे संघी मानसिकता के लोग लगातार अपने मकसद में कामयाब हो रहे हैं। संघियों के स्थापित होने के पीछे समाजवादियों का परिवारवाद, वंशवाद और पूंजीवाद में ढलना, वामपंथियों से अपनी विचारधारा से भटकना औेर कांग्रेस का नैतिक पतन होना रहा है। वैसे तो कांग्रेस भी अपने करने में कोई कसर नहीं छोड़ती …

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‘वर्ण-संघर्ष’ के सिवा कुछ नहीं था बुद्ध और ब्राह्मण का संघर्ष

Kabir कबीर

नोट – प्रसिद्ध दलित चिंतक  कॅंवल भारती का यह आलेख “कबीर का ब्राह्मण से संवाद” September 4, 2012 को हस्तक्षेप पर प्रकाशित हुआ था ब्राह्मण गुरु जगत का, साधु का गुरु नाहिं। उरझि-पुरझि करि मरि रह्या, चारिउ वेदा माँहि।। (क.ग्र. पृष्ठ 28) कहु पाँडे कैसी सुचि कीजै। सुचि कीजै तौ जनम न लीजै।। (वही, पृष्ठ 129) ब्राह्मण के साथ कबीर …

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सैंया भये कोतवाल, 49-62 , माबलिंचिंग

Virendra Jain वीरेन्द्र जैन, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार व स्तंभकार हैं।

जब बेहूदगियों का नंगा नाच हो रहा हो तो किसी लेख का ऐसा ही शीर्षक सूझता है। जब पूरा देश ऐसे वीडियो देख कर दहशत में जा रहा हो जिसमें किसी अकेले आदमी को पकड़ कर एक समूह इतनी निर्ममता से पीटता दिखता है कि उसकी जान चली जाये, जिसे दर्जनों भयभीत लोग तटस्थ भाव से देखते रहने को मजबूर …

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मियां काव्य : चक्रव्यूह में फंसे  समुदाय की आवाज़

Ram Puniyani राम पुनियानी, लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।)

गत 10 जुलाई 2019 को दस असमिया कवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई (FIR registered against ten Assamese poets)। इनमें से अधिकांश मुसलमान हैं और उस साहित्यिक धारा के अगुआ हैं, जिसे ‘मियां काव्य‘ (miyaan kaavy) का नाम दिया गया है। इस धारा के एक प्रमुख कवि, हफीज अहमद, की कविता की दो पंक्तियां इस प्रकार हैं लिखो, लिख …

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आउषवित्ज़ से दादरी तक : क्या बुद्धिजीवियों को चुन-चुनकर मार डाला जाएगा ?

Ujjwal Bhattacharya लम्बे समय से जर्मनी में रह रहे आधे जर्मन और पूरे भारतीय उज्ज्वल भट्टाचार्य को कविता की दुनिया में आमतौर पर एक शानदार अनुवादक के रूप में जाना जाता है. एरिष फ्रीड, बर्तोल्त ब्रेष्ट, हान्स माग्नुष एन्त्सेबर्गर और गोएठे की कविताओं के उनके द्वारा किये अनुवाद पुस्तक रूप में आ चुके हैं. लेकिन लम्बे समय से उन्होंने लगातार कविताएँ लिखी हैं. उनकी कविताएँ एक बेचैन राजनीतिक कार्यकर्ता की कविताएँ हैं. अपने समय की विडम्बनाओं से जूझते वह अपने पक्ष में मज़बूती से खड़े ही नहीं रहते बल्कि गहन वैचारिकता के साथ इस "पक्ष" के भीतर के अंतर्द्वंद्व से भी लगातार गुज़रते हैं.

„Kulturkritik findet sich der letzten Stufe der Dialektik von Kultur und Barbarei gegenüber: nach Auschwitz ein Gedicht zu schreiben, ist barbarisch, und das frisst auch die Erkenntnis an, die ausspricht, warum es unmöglich ward, heute Gedichte zu schreiben.“ – Theodor Adorno “सांस्कृतिक आलोचना संस्कृति और बर्बरता के द्वंद्व के आख़िरी पायदान पर है : आउषवित्ज़ (ऑश्वित्ज़) के बाद एक कविता …

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अच्छे दिन : बिहार में शुरू हुआ तालिबानी न्याय

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

जब देश में सरकारें और संवैधानिक संस्थाएं (Constitutional institutions) कमजोर पड़ जाती हैं, अपने पथ से भटक जाती हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाती हैं। अपनी जिम्मेदारी न समझते हुए सुख-सुविधाओं और आराम तलबी पर संबंधित लोगों का ध्यान ज्यादा रहता है, तो देश में अराजकता फैलती है। लोग तालिबानी न्याय करने लगते हैं। जब मोदी सरकार के साथ ही …

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मोदी जी के संघी साथियों के दिमाग की उपज से हमारी अर्थ-व्यवस्था का गला घुट रहा है

Arun Maheshwari अरुण माहेश्वरी, लेखक प्रख्यात वाम चिंतक हैं।

सुभाष गर्ग गये, पर अर्थनीति का क्या ? कल ही सरकार के एक और प्रमुख आर्थिक सलाहकार, आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग (Economic Affairs Secretary Subhash Garg) की बेहद अपमानजनक ढंग से विदाई हो गई। कहते हैं कि यह काम आरएसएस (RSS) के कथित स्वदेशीवादियों, ‘स्वदेशी जागरण मंच’ (Swadeshi Jagran Manch) ने कराया है। ये ‘स्वदेशीवादी’ विदेशी मुद्रा में …

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कर्नाटक में एक बार फिर जनता की पराजय, लोकतंत्र की हार हुई

HD Kumaraswamy. (File Photo: IANS)

गांधी या गैर गांधी, अध्यक्ष कोई भी हो, लेकिन अब कांग्रेस को फैसला ले ही लेना चाहिए। कर्नाटक के सियासी प्रहसन (Political tragedy of Karnataka) का पहला भाग 23 जुलाई को खत्म हो गया। जुलाई के पहले सप्ताह से जारी उठापटक में आखिरकार मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (HD Kumar Swamy) को कुर्सी छोड़नी पड़ी। लगभग एक महीने तक देश की जनता …

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अर्थव्यवस्था के लिए संकट बन चुके हैं मोदी, जाने के पहले भारत की सार्वभौमिकता को बेच कर जायेंगे

Narendra Modi An important message to the nation

अर्थ-व्यवस्था के भारी संकट के लिये मोदी निजी तौर पर ज़िम्मेदार है आज भारत की समग्र राजनीतिक परिस्थितियाँ अनपेक्षित न होने पर भी कुछ अजीब सी बन चुकी है। वरिष्ठ मीडिया पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी इधर की अपनी कांग्रेस-केंद्रित निजी वार्ताओं में प्रकारांतर से इसी की चर्चा कर रहे हैं। परिस्थिति यह है कि मोदी तो खुद डूबेंगे ही, पर …

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