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छत्तीसगढ़ – भाजपा की मदद करने वाले जोगी-बसपा गठबंधन का समर्थन नहीं करेगी माकपा

छत्तीसगढ़ – भाजपा की मदद करने वाले जोगी-बसपा गठबंधन का समर्थन नहीं करेगी माकपा

छत्तीसगढ़ – तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी माकपा

लुंड्रा, भटगांव और कटघोरा की सीटों पर लड़ेगी माकपा, प्रत्याशी घोषित

रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी छत्तीसगढ़ विधानसभा की तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी. लुंड्रा (अजजा) विधानसभा क्षेत्र से श्रीमती मीना सिंह, भटगांव से सुरेन्द्र लाल सिंह तथा कटघोरा से सपूरन कुलदीप माकपा के प्रत्याशी होंगे. माकपा के तीनों प्रत्याशी आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं.

आज यहां जारी एक बयान में माकपा राज्य सचिवमंडल ने कहा है कि माकपा का मुख्य लक्ष्य प्रदेश में सांप्रदायिक-फासीवादी-जनविरोधी भाजपा की पराजय को सुनिश्चित करना है. इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसने उन न्यूनतम सीटों पर लड़ना तय किया है, जहां उसके संघर्ष और राजनैतिक प्रभाव है. बाक़ी सीटों पर वह उन प्रत्याशियों का समर्थन करेगी, जो भाजपा और उसके सहयोगियों को हराने में सक्षम हो. माकपा ने कहा है कि पार्टी भाजपाविरोधी वोटों के बंटवारे को रोकने और भाजपा को हरा सकने वाले सक्षम प्रत्याशी के पक्ष में इन वोटों को एकत्रित करने की कोशिश करेगी.

माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने स्पष्ट किया कि माकपा ने भाजपाविरोध के नाम पर जोगी-बसपा गठबंधन का समर्थन न करने का फैसला किया है, क्योंकि पार्टी का मानना है कि यह गठबंधन भाजपा विरोधी वोटों को विभाजित करके भाजपा की ही मदद कर रहा है. इस गठबंधन के पास न कोई नीतियां हैं और न कोई कार्यक्रम, जिससे आम जनता के सामने उपस्थित समस्याओं का समाधान हो सके. जोगी के मुख्यमंत्री रहते ही शिक्षाकर्मियों पर निर्मम लाठीचार्ज हुआ था और राज्य परिवहन निगम को ख़त्म किया गया था, जिसके दुष्परिणाम आम जनता आज तक भुगत रही है. जोगी के इस जनविरोधी रिकॉर्ड को भी आम जनता अभी तक भूली नहीं है.

माकपा ने अपने प्रत्याशियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी भी मीडिया को जारी की है.

सुरेंद्र लाल सिंह (भटगांव) — स्नातकोत्तर तक 40 वर्षीय सुरेंद्र लाल सिंह गोंड आदिवासी है और  पार्टी ने उन्हें सूरजपुर जिले की भटगांव विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है. वे आदिवासी एकता महासभा में काम करते है और पार्टी के राज्य समिति सदस्य भी हैं. वर्तमान में वे कल्याणपुर ग्राम पंचायत के सरपंच भी हैं. इस क्षेत्र में उनकी छवि एक ईमानदार और जुझारू राजनैतिक नेता के रूप में है. ग्रामीण जनता के लिए बनी विभिन्न योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने के लिए पंचायती फण्ड का उन्होंने कुशलतापूर्वक उपयोग किया है. इससे क्षेत्र में उनकी एक अलग पहचान बनी है.

मीनासिंह (लुंड्रा) — प्राइमरी तक शिक्षा प्राप्त 26 वर्षीय मीना सिंह सरगुजा जिले के लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र से पार्टी की प्रत्याशी है. वे जनवादी महिला समिति की राज्य समिति सदस्य भी हैं. वे पिछले चार सालों से पार्टी की सदस्य हैं और पार्टी द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन-अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करती हैं.

सपूरन कुलदीप (कटघोरा) – पनिका आदिवासी समुदाय से जुड़े सपूरन कुलदीप कोरबा जिले के कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी हैं. स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्राप्त कुलदीप मप्र. एस एफ आई के राज्य उपाध्यक्ष और छग एसएफआई के संयोजक व केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके है और वर्त्तमान में पार्टी की कोरबा जिला समिति के सचिव और राज्य समिति के सदस्य हैं. सड़क, पानी, बिजली, रेल सुविधाओं, भू-विस्थापितों की समस्याओं के खिलाफ नवोन्मेषी ढंग से आंदोलन-अभियान चलाकर इस क्षेत्र में पार्टी की राजनैतिक पहचान स्थापित करने में उन्हें सफलता हासिल हुई है. पनिका जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर वे लंबे समय से आंदोलनरत है. राजनैतिक कार्यों के अलावा शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और शराबबंदी जैसे सामाजिक कार्यों से भी वे जुड़े हैं. अपने सामाजिक-राजनैतिक कार्यों और समझौताहीन रूख के कारण उन्हें पुलिस दमन का भी शिकार होना पड़ा और जेल यात्रा भी करनी पड़ी है.

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