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सर मुड़ाकर गले में “गाय चोर” की तख्ती बांधकर घुमाये जाने वाले दलितों को योगी सरकार ने भेजा जेल

दोषी महंत कौशलेन्द्र को आदित्यनाथ का खुला संरक्षण – रिहाई मंच

राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ितों के परिजनों से की मुलाकात

अगर पीड़ित युवकों के ऊपर से मुक़दमा हटाकर रिहा नहीं किया गया तो चलाया जायेगा प्रदेश व्यापी आन्दोलन – मंच

 लखनऊ 12 जनवरी 2018. सर मुड़ाकर गले में “गाय चोर” की तख्ती बांधकर घुमाये जाने वाले दलितों को योगी ने जेल भेजकर साबित कर दिया कि दलित या तो जेल भेजे जायेंगे या फिर हिन्दू युवा वाहिनी और बजरंग दल के गुंडे उनको गली–गली में मारेंगे. मंच ने कहा कि महंत कौशलेन्द्र और हिन्दू युवा वाहिनी के प्रिंस सिंह, सत्या सिंह और अशोक जायसवाल को प्रदेश सरकार बचा रही है. मंच ने कहा कि अगर पीड़ित युवकों के ऊपर से मुक़दमा हटाकर रिहा नहीं  किया गया तो प्रदेश व्यापी अभियान चलाया जायेगा. रिहाई मंच ने कहा कि आज राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधि मंडल पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की जिसमें बलबंत यादव, बृजेश यादव बागी, डॉ असगर हासमी, ओवैस, राघवेन्द्र राम, डॉ प्रेम प्रकाश और अरविन्द यादव शामिल थे.

मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि रसड़ा के नागपुर निवासी उमा और सोनू को जिस तरह से सर मुड़ाकर, नंगा करके,गले में गाय चोर की तख्ती बांधकर घुमाया गया वह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है लेकिन इससे ज्यादा शर्मनाक यह है की योगी सरकार दोषियों को बचाने में लगी हुई है. दलितों को पीटने वालों ने कई लोग शामिल थे जिसमें कौशलेन्द्र समेत 16 लोग नामजद हैं तमाम समाचार माध्यमों में कौशलेन्द्र नाथ की इस मामले में संलिप्तता सामने आई है लेकिन प्रदेश सरकार महंत के खिलाफ कार्यवाही इसलिए नही होने दे रही है क्योंकि खुद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ भी इसी तरह के गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित युवकों के ऊपर से मुक़दमा हटाकर रिहा नहीं किया गया और दोषी महंत कौशलेन्द्र और हिन्दू युवा वाहिनी के प्रिंस सिंह, सत्या सिंह और अशोक जायसवाल समेत अन्य पर कार्यवाही नही हुई तो प्रदेश व्यापी अन्दोलन चलाया जायेगा.

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