Home » हस्तक्षेप » आपकी नज़र » जवाब तो आपको ही देना है मोटा भाई, क्योंकि कश्मीर में पहली गोली चलने के 25 साल पहले, नेहरू मर चुके हैं
Chittorgarh: BJP chief Amit Shah addresses during a public meeting in Chittorgarh, Rajasthan, on Dec 3, 2018

जवाब तो आपको ही देना है मोटा भाई, क्योंकि कश्मीर में पहली गोली चलने के 25 साल पहले, नेहरू मर चुके हैं

कश्मीरी आतंक (Kashmiri terror) की शुरुआत वीपी सिंह के कार्यकाल (VP Singh’s tenure) में, 1989 में हुई, जब आप वीपी सिंह के साथ खड़े थे।। रुबिया कांड में घुटने टेकना वीपी की सरकार में हुआ। पंडितों का पलायन वीपी के दौर में, उन्हीं जगमोहन के नयनों तले हुआ, जो पुरस्कार स्वरूप अटल के मन्त्रिमण्डल में बैठे। कारगिल, संसद पर हमला आपकी सरकार में हुआ। आईसी 814 में घुटने आपने टेके। मसूद अजहर को कश्मीर की जेल से बालाकोट कैम्प तक बाइज़्ज़त पहुँचाने वाले आप ही लोग थे।

सच तो ये है कि कांग्रेस का पराभव (defeat of Congress), और कश्मीर में आतंकवाद (terrorism in Kashmir), और भाजपा ( BJP) का सत्ताधारी बेंचो में संख्या का ग्राफ चढ़ना, एक साथ हुआ है।

कश्मीर ही क्यों, देश के दूसरे हिस्सों में भी चरमपंथ कांग्रेस के पराभव काल और भाजपा के बढ़ाव के युग की ही देन है। क्या ये संयोग मात्र है???

जवाब आपको देना है, क्योकि नेहरू सन 64 में मर चुके है। कश्मीर में पहली गोली चलने के 25 साल पहले, नेहरू मर चुके हैं। विश्वास न हो तो किसी से भी पूछ लीजिये।

अरविन्द शुक्ला

(लेखक पत्रकार हैं)

About हस्तक्षेप

Check Also

Ajit Pawar after oath as Deputy CM

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित किया

जनतंत्र के काल में महलों के षड़यंत्रों वाली दमनकारी राजशाही है फासीवाद, महाराष्ट्र ने साबित …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: