न लें ज्यादा एंटीबायोटिक, हो सकती हैं पेट की गंभीर बीमारियां

Health and Fitness

नई दिल्ली, 2 दिसंबर। रोजाना की दौड़ती-भागती जिंदगी में अक्सर हम लोग सरदर्द, पेटदर्द या बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी एंटीबायोटिक दवा ले लेते हैं और तबीयत ठीक होने पर अक्सर ऐसा करते रहते हैं लेकिन चिकित्सकों ने जरूरत से अधिक एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने पर डायरिया जैसी पेट की गंभीर बीमारियां होने की चेतावनी दी है।

Taking the wrong antibiotic can also be a problem

नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के इंटरनल मेडीसिन सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सतीश कौल ने एजेंसी से कहा,

“जरूरत से अधिक एंटीबायोटिक का सेवन आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे आपको डायरिया जैसी पेट की बीमारियां हो सकती हैं। गलत एंटीबायोटिक लेना भी एक समस्या बन सकता है अगर आपको उस दवा से एलर्जी है तो।”

उन्होंने कहा,

“किसी भी एंटीबायोटिक का गलत या जरूरत से अधिक इस्तेमाल कई परेशानियां खड़ी कर सकता है जैसे कि इंफेक्शन जल्दी ठीक न हो पाना आदि। इससे ऐंटीबायोटिक रेसिस्टेंट ऑर्गेज्मस भी विकसित हो सकते हैं। अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के कोइ ऐन्टीबायोटिक लगातार लेते रहेंगे तो यह खतरा बहुत बढ़ सकता है।”

Antibiotic Resistance Efficiency One of the World’s Largest Health Problems

डॉ. सतीश कौल ने कहा, “वर्तमान में एंटीबायोटिक प्रतिरोधक क्षमता विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गयी है। हमें अधिक से अधिक लोगों को एंटीबायोटिक्स के सही उपयोग और उसके फंक्शन के बारे में बताना चाहिए ताकि इस समस्या का निदान हो सके। हमें इस समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक, एंटीबायोटिक दवाएं, वायरस संक्रमण को रोकने और इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं हैं। एंटीबायोटिक प्रतिरोध तब होता है, जब इन दवाओं के उपयोग के जवाब में बैक्टीरिया अपना स्वरूप बदल लेता है।

डब्लूएचओ) के मुताबिक,

“बिना जरूरत के एंटीबायोटिक दवा लेने से एंटीबायोटिक प्रतिरोध में वृद्धि होती है, जो कि वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है। एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण से मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने, इलाज के लिए अधिक राशि और बीमारी गंभीर होने पर मरीज की मौत भी हो सकती है।”

डब्लूएचओ के मुताबिक, एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण किसी भी देश में किसी भी आयुवर्ग और किसी को भी प्रभावित कर सकता है। साथ ही जब बैक्टीरिया एंटीबायोटिक के प्रतिरोध हो जाता है तो आम से संक्रमण का भी इलाज नहीं किया जा सकता।

क्या होता है एंटीबायोटिक प्रतिरोध क्षमता | What is antibiotic resistance in Hindi

वहीं श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट के इंटरनल मेडीसिन सीनियर कंसलटेंट डॉ. अरविन्द अग्रवाल ने एजेंसी को बताया,

“आजकल सरदर्द, पेटदर्द या बुखार होने पर हम बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी एंटीबायोटिक दवा ले लेते हैं। कई बार तो हम बिना किसी जरूरत के भी एंटीबायोटिक लेते रहते हैं। बिना आवश्यकता के और नियमित रूप से एंटीबायोटिक लेते रहते से आपके शरीर के माइक्रोब्स या बैक्टीरिया खुद को बदल लेते हैं जिससे एंटीबायोटिक्स उन्हें हानि नहीं पहुंचा पाते।”

उन्होंने कहा, “यह एंटीबायोटिक प्रतिरोध क्षमता कहलाती है। एंटीबायोटिक का जरूरत से अधिक इस्तेमाल करने से सबसे प्रभावशाली एंटीबायोटिक दवाइयों का भी कुछ बैक्टीरिया पर असर नहीं पड़ता। ये बैक्टीरिया अपने आप को इस तरह बदल लेते हैं कि दवा, केमिकल्स या इंफेक्शन हटाने वाले किसी भी इलाज का इनपर या तो बिलकुल ही असर नहीं पड़ता या फिर बहुत कम असर पड़ता है।”

Bacteria and diseases occurring from it

डॉ. अरविन्द अग्रवाल ने कहा, “ऐसे बैक्टीरिया न सिर्फ दवाइयों से खुद को बचा लेते हैं बल्कि अपनी संख्या भी बढ़ाते रहते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अधिक खतरनाक साबित होता है। बैक्टीरिया और इससे होने वाली बीमारियों को खत्म करने के लिए ली जाती हैं और यह सर्दी, खांसी, बुखार जैसे वायरल इंफेक्शन को खत्म नहीं कर सकता।”

जितेंद्र गुप्ता

(एजेंसी)

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